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Sepsis: सेप्सिस क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr. Pooja Bhardwaj


Priyanka Srivastava द्वारा लिखित · अपडेटेड 17/09/2020

Sepsis: सेप्सिस क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

सेप्सिस (Sepsis) क्या है?

सेप्सिस, जिसे सेप्टिकामी या पॉइजनिंग भी कहा जाता है, इंफेक्शन और चोट की ऐसी गंभीर स्थिति है जो जिंदगी को खतरे में डाल सकती है। इसमें सामान्यत: बॉडी ब्लड के अंदर केमिकल रिलीज करती है जो इंफेक्शन से लड़ता है। यह इतना गंभीर है कि शरीर के कुछ अंगों को नुकसान पंहुचा कर उन्हें खराब कर सकता है।

सेप्सिस (Sepsis) कितना सामान्य है ?

सेप्सिस काफी आम है खासकर यह व्यस्कों में ज्यादा होता है जिनकी इम्यूनिटी वीक होती है लेकिन, यह किसी भी उम्र में और किसी को भी हो सकता है। इसके रिस्क फैक्टर्स को कम करके इससे बचा जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें।

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सेप्सिस (Sepsis) के लक्षण क्या हैं?

इसके लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं। जैसे-

  • शरीर का तापमान 38.3 डिग्री ​सेल्सियस से ऊपर या 36 डिग्री ​सेल्सियस से नीचे जाना
  • एक मिनट में दिल की धड़कन 90 से अधिक हो जाती है
  • रेस्पाइरेटरी रेट का बढ़ना , 1 मिनट में 20 (सांस लेने में परेशानी होना)
  • बुखार, कंपकंपी, या अत्यधिक ठंड लगना

गंभीर सेप्सिस के कुछ लक्षण हो सकते हैं जैसे:

  • कम यूरिन का शरीर से बाहर निकलना
  • मानसिक स्थिति में अचानक परिवर्तन होना 
  • प्लेटलेट काउंट में कमी आना
  • सांस लेने मे तकलीफ महसूस होना
  • एब्नार्मल हार्ट पम्पिंग (दिल का ठीक तरह से न धड़कना)
  • पेट में दर्द होना
  • सेप्टिक शॉक
  • दस्त, मतली या उल्टी होने की स्थिति में इसका खतरा बढ़ जाता है।
  • अत्यधिक पसीना आना
  • मांसपेशियों में दर्द के साथ-साथ बेचैनी महसूस होना

ऊपर बताए गए लक्षणों के अतिरिक्त कुछ अन्य लक्षण भी हो सकते हैं। यदि आपको इनमें से कोई लक्षण नजर आता है तो कृपया अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

बुजुर्गों में होने वाली परेशानी क्या है?

बुजुर्गों में सेप्सिस का खतरा अधिक होता है अगर उन्हें निम्नलिखित शारीरिक परेशानी होने पर-

  • कैंसर 
  • डायबिटीज
  • किसी बीमारी की वजह से ज्यादा वक्त तक अस्पताल में या ICU में रहना पड़ा हो
  • इम्यून सिस्टम कमजोर होना

मुझे अपने डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

यदि आपको निम्न में से कोई भी परेशानी है, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए:

  • अगर सर्जरी के बाद आपको इंफेक्शन या सेप्सिस के लक्षण नजर आते हैं तो ,
  • आपको गंभीर सेप्सिस और सेप्टिक शॉक है।

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सेप्सिस (Sepsis) के कारण

इसके निम्नलिखित कारण हो सकते हैं। जैसे-

  • सेप्सिस कुछ कारणों से हो जैसे कि बैक्टीरियल इंफेक्शन, वायरल इंफेक्शन आदि। कुछ सबसे सामान्य कारण निमोनिया , पेट में इंफेक्शन, किडनी इंफेक्शन या ब्लड इंफेक्शन हैं।
  • कुछ बैक्टीरया एंटीबायोटिक को रेसिस्ट करने लगते हैं। यह एंटीबायोटिक वही हैं जो एक टाइम पर इन बैक्टीरिया को खत्म करने में मददगार साबित होते थे। ऐसे बैक्टीरिया भी सेप्सिस का कारण बन सकते हैं। यह वीक इम्यून सिस्टम के कारण भी होता है।

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जोखिम

इन निम्नलिखित चीजों से बढ़ सकता है सेप्सिस (Sepsis) का खतरा

  • आप बहुत छोटे हैं या बहुत बूढ़े हैं 
  • कम्प्रोमाइस्ड इम्यून सिस्टम होना
  • अगर आप पहले से ही बहुत बीमार हैं
  • कोई घाव या चोट, जैसे जलना
  • इनवेसिव कैथेटर और ब्रीथिंग ट्यूब का इस्तेमाल

इन स्थितियों के साथ-साथ अन्य शारीरिक परेशानी में इसका खतरा बढ़ सकता है।

निदान और उपचार

प्रदान की गई जानकारी किसी भी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

कैसे पता लगाएं सेप्सिस (Sepsis) का?

निम्नलिखित तरह से इसकी जानकारी मिल सकती है। जैसे-

  • यह तय करने के लिए कि आपको सेप्सिस है या नहीं और इसकी गंभीरता की पहचान करने के लिए डॉक्टर द्वारा परीक्षण जरूरी है।
  • सबसे पहले आपका ब्लड टेस्ट होगा जिससे इंफेक्शन, क्लॉटिंग और लिवर किडनी के फंक्शन का पता चलता है। साथ ही ऑक्सीजन की मात्रा में कमी, इलेक्ट्रोलाइट इम्बैलेंस भी मालूम होता है जो शरीर में पानी की कमी और ब्लड में एसिड को प्रभावित करता है।
  • आपको ब्लड टेस्ट के साथ कुछ अन्य टेस्ट भी करवाने पड़ते है जैसे यूरिन टेस्ट जिससे यह पता चलता है कि यूरिन में बैक्टीरिया है कि नहीं। घाव के स्त्राव का परीक्षण और म्यूकस की जांच से यह पता चलता है कि आपको किस प्रकार के बैक्टीरिया का संक्रमण है।
  • अगर ऊपर बताए गए टेस्ट से इंफेक्शन का पता नहीं लगता है तो फेफड़ों के इंफेक्शन के लिए एक्स-रे , पेट ,आंत , पैंक्रियाज के इंफेक्शन के लिए सीटी स्कैन और एमआरआई से टिश्यू के इंफेक्शन का पता लगाया जाता है।

कैसे करें ​सेप्सिस (Sepsis) का उपचार?

यदि आपको शुरुआत में ही सेप्सिस का पता चल जाता है जो कि ज्यादा गंभीर नहीं हैं तो आप इसका इलाज आसानी से एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल करके कर सकते हैं। इस स्थिति में रिकवरी भी आसानी से होती है।

अगर आप सेप्सिस का इलाज नहीं करते हैं तो यह काफी गंभीर स्थिति हो सकती है। इससे मृत्यु तक हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर सेप्सिस के इलाज के लिए कई दवाओं का इस्तेमाल करते हैं जैसे कि इंफेक्शन के लिए एंटीबायोटिक, ब्लड प्रेशर के लिए वासोएक्टिव ,ब्लड शुगर को बैलेंस करने के लिए इंसुलिन।

जब सेप्सिस गंभीर होता है तो IV फ्लूइड और सांस लेने के लिए रेस्पिरेटर की जरूरत होती है। किडनी खराब होने पर डायलिसिस की आवश्यकता होती है। डायलिसिस के दौरान एक मशीन किडनी की सफाई करती है जो रक्त से अतिरिक्त साल्ट, वेस्ट और पानी को छानती है।

कुछ मामले इतने गंभीर हो जाते हैं कि उनमें सर्जरी की आवश्यकता होती है जिससे पस, फोड़े और इंफेक्टेड टिश्यूज को बाहर निकाला जाता है।

जीवनशैली में बदलाव और घरेलू उपचार

निम्नलिखित जीवनशैली बदलाव और घरेलू उपचार आपको सेप्सिस से निपटने में मदद कर सकते हैं:

  • इससे बचने के लिए डॉक्टर की सलाह अनुसार फ्लू और निमोनिया के वैक्सीनेशन लिए जा सकते हैं।
  • शरीर पर कोई भी घाव या खरोंच भी होने पर इसका ध्यान रखें और इंफेक्शन से बचाये रखें।
  • अगर आपक बार-बार बीमार पड़ते हैं, तो डॉक्टर को अवश्य बातएं।
  • एक हेल्दी लाइफस्टाइल इंफेक्शन को कम करने में मददगार है जो सेप्सिस का कारण बन सकता है।
  • धूम्रपान और शराब छोड़ देना चाहिए।

अगर आप सेप्सिस से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।

डिस्क्लेमर

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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