Pneumonia: निमोनिया क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण और उपाय

Medically reviewed by | By

Update Date जुलाई 10, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
Share now

परिभाषा

जानिए जरूरी बातें:

निमोनिया एक तरह का इंफेक्शन है, जो फेफड़े का लेफ्ट भाग या राइट भाग या कभी-कभी पूरे फेफड़े को प्रभावित कर सकता है। ऐसे कई तरह के जर्म्स होते हैं, जिनके कारण निमोनिया हो जाता है। ऐसे में संक्रमित फेफड़ों से फ्लूइड और शेड डैड सेल्स लीक होते हैं। ऐसे में फेफड़ों को ब्लड से ऑक्सीजन मिलने में भी कठिनाई होती है। ऑक्सिजन के कमी होने से शरीर ठीक से काम नहीं कर पाता।

निमोनिया कितना सामान्य है?

निमोनिया किसी को भी हो सकता है बच्चे,सीओपीडी और अस्थमा जैसी पुरानी बीमारी वाले लोगों को इसका ज्यादा जोखिम होता है। हालांकि, इसे जोखिम को कम किया जा सकता है। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

और पढ़ें :Pectus Excavatum : पेक्टस एक्सकावाटम क्या है?

जानिए निमोनिया के लक्षण

निमोनिया के लक्षण क्या हैं?

निमोनिया के सामान्य लक्षण हैं :

इसके अलावा भी बहुत कुछ लक्षण हो सकते हैं, जो ऊपर नहीं दिए गए हैं। अगर आपको किसी लक्षण से परेशानी है, तो आप अपने डॉक्टर का सपंर्क करे।

मुझे अपने डॉक्टर को कब दिखना चाहिए?

अगर आपको नीचे दिए गए लक्षण नजर आएं, तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए :

  • कंपकंपी के साथ बुखार होना
  • सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ
  • मरीज की उम्र पांच वर्ष से कम या 65 साल से ज्यादा हो
  • फेफड़ों से ब्लड या म्यूकस के साथ खांसी आना
  • सांस की तकलीफ होना, तेज सांस लेना

अगर आप ऊपर दिए गए लक्षण नजर आए या कोई सवाल हो तो, अपने डॉक्टर से संपर्क करें। हर किसी का शरीर अलग तरह से काम करता है। ऐसे में, अपने डॉक्टर के साथ बात करना आपके लिए ज्यादा अच्छा रहता है।

और पढ़ें : Orthostatic hypotension : ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन क्या है?

जानिए निमोनिया के कारण

निमोनिया होने के क्या कारण हैं?

निमोनिया के तीन मुख्य कारण है जैसे :

  • बैक्टीरियल निमोनिया : बैक्टीरिया के कारण अपने आप या यह एक गंभीर सर्दी या फ्लू के बाद भी हो सकता है।
  • वायरल निमोनिया : बहुत गंभीर नहीं है और आमतौर पर थोड़े समय के लिए रहता है। हालांकि, फ्लू वायरस के कारण वायल निमोनिया हो सकता है, जो गंभीर हो सकता है। प्रेग्नेंट महिलाओं या हृदय या फेफड़ों की बीमारी वाले रोगियों को इस बीमारी से सावधान रहना चाहिए।
  • माइकोप्लाज्मा निमोनिया : यह इंफेक्शन और बैक्टीरिया दोनों के सामान्य लक्षण हैं, जो निमोनिया के हल्के मामलों का कारण बनते हैं।

और पढ़े :Pain: दर्द क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

जानिए निमोनिया के जोखिम फेक्टर

किससे मुझे निमोनिया का जोखिम बढ़ सकता है?

निमोनिया के कई जोखिम फैक्टर हैं, जो हम आपको नीचे बता रहे हैं जैसे:

जानिए निमोनिया के जोखिम फैक्टर

निमोनिया का निदान और उपचार

दी गई जानकारी किसी मेडिकल एडवाइज का विकल्प नही है ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर का संपर्क करे।

निमोनिया का पता कैसे लगाया जाता है?

निमोनिया अक्सर सर्दी या फ्लू से हो सकता है। ऐसे में, आपको सावधानीपूर्वक ध्यान देना चाहिए क्योंकि, आमतौर पर निमोनिया लंबे समय तक रहता है और दूसरी बीमारियों से निमोनिया का लक्षण काफी गंभीर होता है।

आपको निमोनिया है कि नहीं, यह जानने के लिए डॉक्टर आपको सवाल पूछ सकते हैं जैसे:

  • आपके लक्षण क्या हैं और वे कितनी बार होते हैं?
  • क्या आप स्मोकिंग करते हैं?
  • आपका मेडिकल हिस्ट्री क्या है?
  • क्या आप कोई दवा ले रहे हैं?
  • अगर जरूरत हो, तो डॉक्टर कोई भी निदान करने से पहले कुछ सामान्य टेस्ट करेंगे:
  • फिजिकल एग्जाम
  • चेस्ट का एक्स-रे
  • सीटी-स्कैन
  • स्पुटम टेस्ट
  • ब्रोंकोस्कोपी, जिसका उपयोग फेफड़ों के अंदर एयरवेज को देखने के लिए किया जाता है।

निमोनिया का इलाज कैसे किया जाता है?

निमोनिया का इलाज कई तरह से होता है। यह इसकी गंभीरता पर निर्भर करता है। कुछ मामलों में निमोनिया का इलाज घर पर भी किया जा सकता है।

बैक्टीरियल निमोनिया का इलाज: इस बीमारी को ठीक करने के लिए एंटीबायोटिक्स सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है।वायरल निमोनिया का इलाज: कुछ एंटीवायरल दवाएं इस स्थिति का इलाज करने में मदद कर सकती हैं।

निमोनिया से जुड़े फैक्ट्स क्या हैं?

इससे जुड़े फैक्ट्स निम्नलिखित हो सकते हैं। जैसे-

  • इस बीमारी से बचने के लिए फ्लू शॉट हर साल लेना चाहिए। इस बीमारी के होने का सबसे सामान्य कारण फ्लू है। इसलिए इस बीमारी से बचने के लिए समय-समय पर वैक्सीन लेना बेहद जरुरी है।
  • निमोनिया बैक्टेरिया, वायरस और फंगस के कारण भी हो सकता है। इसलिए यह किस कारण से हुआ है यह जानना बेहद जरूरी है।
  • यह बीमारी काफी सीरियस भी हो सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इससे सेप्सिस और लंग्स से जुड़ी परेशानी भी शुरू हो जाती है।
  • इस बीमारी से बचने के लिए पौष्टिक आहार और संतुलित आहार, आराम करें, नियमित एक्सरसाइज करने के साथ-साथ खाना खाने के पहले हाथ जरूर धोएं। एल्कोहॉल और सिगरेट का सेवन न करें।

और पढ़े : Domstal : डोमस्टाल क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

लाइफस्टाइल बदलाव और घरेलू उपचार

लाइफस्टाइल में बदलाव या घरेलू उपचार क्या हैं, जो मुझे निमोनिया से निपटने में मदद कर सकते हैं?

दिए गए लाइफस्टाइल और घरेलू उपचार आपको हेल्थ कंडिशन से निपटने में मदद कर सकते है:

  • खूब आराम करो
  • डिहाइड्रेशन से बचने के लिए  ज्यादा से ज्यादा लिक्विड लें।
  • खांसी से इन्फेक्शन हो सकता है। अगर आपको रात में खांसी सोने में परेशान करती है या सांस लेने में तकलीफ होती है या वॉमिटिंग हो रही है, तो इसके लिए डॉक्टर की सलाह से उचित दवा लें।
  • एसिटामिनोफेन (acetaminophen) (टाइलेनॉल) या एस्पिरिन लेने से आपको फीवर को कम करने में मदद मिलेगी, जिससे आपको राहत महसूस होगी।

इस बीमारी के कारण पूरे देश में बच्चों की जान सबसे ज्यादा जाती है। जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी और हैल्प ग्रुप ‘सेव द चिल्ड्रेन’ के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए रिसर्च के अनुसार, 2030 तक 5 वर्ष से कम उम्र के 11 मिलियन बच्चों की निमोनिया के कारण मौत होने की आशंका हैं। विकसित देशों में बुजुर्गों के निमोनिया से प्रभावित होने की आशंका है। जबकि विकासशील देशों में निमोनिया से बच्चे ज्यादा प्रभावित होंगे। अध्ययन में यह भी सामने आया है कि नाइजीरिया और भारत जैसे देशों में निमोनिया से सबसे ज्यादा लोग प्रभावित होंगे और पुराने आकड़ों का विश्लेषण करने के बाद अनुमान लगाया गया कि 2030 तक 1.7 मिलियन लोगों की मौत होने की आशंका है।

उपरोक्त दी गई जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है।बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी प्रकार की दवा का सेवन न करें। अगर आप निमोनिया से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

संबंधित लेख:

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy"
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

Cold Agglutinin Test : कोल्ड एग्लूटिनिन टेस्ट

जानिए कोल्ड एग्लूटिनिन टेस्ट की जानकारी की मूल बातें और टेस्ट कराने से पहले क्या करना चाहिए, रिजल्ट और परिणामों को समझें, Cold agglutinin Test क्या होता है।

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Shivam Rohatgi
मेडिकल टेस्ट A-Z, स्वास्थ्य ज्ञान A-Z अप्रैल 20, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

बार-बार होने वाले मुंह के छाले की वजह से हो सकता है कैंसर?

मुंह के छाले के लक्षण, मुंह के छाले से बचाव, mouth sores in hindi, mouth sores home remedies in hindi, माउथ सोर के उपचार...

Medically reviewed by Dr. Hemakshi J
Written by Smrit Singh
ओरल हेल्थ, स्वस्थ जीवन अप्रैल 16, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

आखिर कैसा होना चाहिए स्वस्थ जीभ का रंग?

जीभ के रंग में छिपा है सेहत का राज, जीभ का रंग यदि अलग दिखे तो डाक्टरी सलाह लें, क्योंकि शरीर में कमी होने से बदलता है जीभ का रंग।

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Satish Singh
फन फैक्ट्स, स्वस्थ जीवन अप्रैल 15, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

Progressive supranuclear palsy : प्रोग्रेसिव सुपरान्यूक्लियर पाल्सी क्या है?

जानिए प्रोग्रेसिव सुपरान्यूक्लियर पाल्सी क्या है in hindi, प्रोग्रेसिव सुपरान्यूक्लियर पाल्सी के कारण, जोखिम और उपचार क्या है, Progressive supranuclear palsy को ठीक करने के लिए आप इस तरह के घरेलू उपाय अपना सकते हैं।

Medically reviewed by Dr. Pooja Daphal
Written by Anu Sharma
हेल्थ कंडिशन्स, स्वास्थ्य ज्ञान A-Z अप्रैल 14, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

Recommended for you

बीटाडीन क्रीम

Betadine Cream: बीटाडीन क्रीम क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Satish Singh
Published on जून 26, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
बैंडी सिरप

Bandy Syrup: बैंडी सिरप क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Satish Singh
Published on जून 25, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें
Cifran CTH सिफ्रान सीटीएच

Cifran CTH : सिफ्रान सीटीएच क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Shayali Rekha
Published on जून 15, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें
एनवायरमेंटल डिजीज

एनवायरमेंटल डिजीज क्या हैं और यह लोगों को कैसे प्रभावित करती हैं?

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Satish Singh
Published on अप्रैल 21, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें