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कृष्ण कमल के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Passion Flower

परिचय|उपयोग|सावधानियां और चेतावनी|साइड इफेक्ट्स|रिएक्शन|डोसेज
कृष्ण कमल के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Passion Flower

परिचय

कृष्णा कमल क्या है?

कृष्ण कमल किसी सहारे के आधीन बढ़ने वाली बेल है और साउथ ईस्ट यूएस और साउथ अमेरिका में ज्यादा उगाया जाता है। इसके जमीन के ऊपर उगने वाले हिस्सों में से दवा बनती है। इसका साइंटिफिक नाम Passiflora है।

उपयोग

कृष्ण कमल का इस्तेमाल किस लिए होता है?

कृष्ण कमल का इस्तेमाल निम्नलिखित समस्याओं में होता है:

  • इंसोम्निया में
  • चिंता कम करने के लिए
  • अटेंशन डिफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर के उपचार में
  • सर्जरी के पहले की बेचैनी मिटाने के लिए
  • कृष्ण कमल को सीधा त्वचा पर भी लगाया जाता है। त्वचा पर यदि घाव, खरोंच, सूजन या जलन है तो कृष्ण कमल लगाने से फायदा होता है।
  • खाद्य और पेय पदार्थों में, यह फूल और इसका एक्सट्रैक्ट स्वाद, महक और सुगंध के लिए डाला जाता है।

कृष्ण कमल कैसे कार्य करता है?

यह एक हर्बल सप्लिमेंट है और कैसे काम करता है, इसके संबंध में अभी कोई ज्यादा शोध उपलब्ध नहीं हैं। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए आप किसी हर्बल विशेषज्ञ या फिर किसी डॉक्टर से संपर्क करें। हालांकि, कुछ शोध यह बताते हैं कि कृष्ण कमल में मौजूद केमिकल्स शांतिदायक और मांसपेशियों की ऐंठन को राहत देने जैसी असर करते हैं।

और पढ़ें : दांतों की समस्या को दूर करने के लिए करें ये योग

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सावधानियां और चेतावनी

कृष्ण कमल का इस्तेमाल करने से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए?

निम्नलिखित परिस्थितियों में इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें:

  • यदि आप प्रेग्नेंट या ब्रेस्टफीडिंग करा रही हैं। दोनों ही स्थितियों में सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही दवा खानी चाहिए।
  • यदि आप अन्य दवाइयां ले रही हैं। इसमें डॉक्टर की लिखी हुई और गैर लिखी हुई दवाइयां शामिल हैं, जो मार्केट में बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के खरीद के लिए उपलब्ध हैं।
  • यदि आपको कृष्ण कमल के किसी पदार्थ या अन्य दवा या औषधि से एलर्जी है।
  • यदि आपको कोई बीमारी, डिसऑर्डर या कोई अन्य मेडिकल कंडिशन है।
  • यदि आपको फूड, डाई, प्रिजर्वेटिव्स या जानवरों से अन्य प्रकार की एलर्जी है।

अन्य दवाइयों के मुकाबले औषधियों के संबंध में रेग्युलेटरी नियम अधिक सख्त नहीं हैं। इनकी सुरक्षा का आंकलन करने के लिए अतिरिक्त अध्ययनों की आवश्यकता है। कृष्ण कमल का इस्तेमाल करने से पहले इसके खतरों की तुलना इसके फायदों से जरूर की जानी चाहिए। इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें।

कृष्ण कमल कितना सुरक्षित है?

कृष्ण कमल आमतौर पर सुरक्षित है, अगर खाने में संतुलित मात्रा में डाला जाए। रात को सोने से पहले कृष्ण कमल की चाय सात दिन तक पीना ज्यादातर सभी के लिए सुरक्षित है। इसकी दवा लगातार आठ दिन तक निर्धारित मात्रा में लेना सुरक्षित होता है। इस फूल का एक्सट्रैक्ट उच्च मात्रा में खाया जाए, जैसे कि दो दिन तक लगातार साढ़े तीन ग्राम से ज्यादा, तो यह नुकसान पंहुचा सकता है।

विशेष सावधानियां और चेतावनी

बच्चे:

यह फूल के एक्सट्रैक्ट वाली दवा सभी बच्चों के लिए निर्धारित मात्रा में और कुछ समय तक लेना सुरक्षित है। छह से 13 साल के बच्चों को शुन्य पूर्णांक चार एमजी प्रति शरीर का वजन- इस मात्रा में इस फूल का उत्पाद (दारूक फार्मास्यूटिकल कंपनी द्वारा उत्पादित पसिपाय दवाई) देना हर बच्चे के लिए सुरक्षित साबित हुआ है।

प्रेग्नेंसी और ब्रेस्ट फीडिंग:

कृष्ण कमल का खाने के या दवा के तौर पर प्रेग्नेंसी में उपयोग करना सुरक्षित नहीं है। इसमें मौजूदा केमिकल्स से गर्भाशयसिकुड़ सकता है। इस कारण यदि आप प्रेग्नेंट हैं, तो इसका उपयोग न करें। स्तनपान करवाती महिला के लिए कृष्ण कमल का सेवन सुरक्षित है या नहीं, इस बारे में कोई शोध प्राप्त नहीं है, सुरक्षित रहें और इसका उपयोग ना करें।

और पढ़ें : क्यों होता है रीढ़ की हड्डी में दर्द, सोते समय किन बातों का रखें ख्याल

साइड इफेक्ट्स

कृष्ण कमल (Passive flower) से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

कृष्ण कमल से निम्नलिखित साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं:

  • ज्यादा नींद आना
  • चक्कर आना
  • बेवजह उलझन में रहना
  • यह फूल त्वचा पर लगाने से क्या साइड इफेक्ट हो सकते हैं। इस बारे में ज्यादा खोज उपलब्ध नहीं है।

हालांकि, हर किसी को ये साइड इफेक्ट हो ऐसा जरूरी नहीं है। कुछ ऐसे भी साइड इफेक्ट हो सकते हैं, जो ऊपर बताए नहीं गए हैं। अगर आपको इनमें से कोई भी साइड इफेक्ट महसूस हो या आप इनके बारे में और जानना चाहते हैं तो नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

रिएक्शन

कृष्ण कमल से मुझे क्या रिएक्शन हो सकते हैं?

कृष्ण कमल को इन दवाओं के साथ लेने से प्रभाव में आ सकता है:

सीडेटिव और कृष्ण कमल:

कृष्ण कमल में मौजूदा तत्व, शरीर में ज्यादा नींद आने की समस्या पैदा कर सकते हैं। सीडेटिव की भी शरीर पर यही असर होती है। इसलिए सीडेटिव और कृष्ण कमल का साथ में सेवन करने से ज्यादा ही नींद आने की परिस्थिति हो सकती है। इन दोनों का साथ में प्रयोग उचित नहीं है।सीडेटिव जो कृष्ण कमल के साथ नहीं ले सकते,उसमे पेंटोबार्बिटल (निम्बुतल), फेनोबार्बिटल (लुमिनल), सेकबारबिटल (सकल), क्लोनेपाम (क्लोनोपिन), लोरजेपाम (अतिवान), जोल्पिडेम (एम्बियन) शामिल है।

डोसेज

उपरोक्त जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं हो सकती। इसका इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें।

कृष्ण कमल की सामान्य डोज क्या है?

चिंता :

चिंता के उपचार में कृष्ण कमल के फूल के 400 एमजी एक्सट्रैक्ट वाली कैप्सूल दिन में दो बार 2 से 8 हफ्तों तक लेना चाहिए। इस फूल के प्रवाही का एक्सट्रैक्ट वाली दवा के 45 ड्रॉप्स रोजाना एक महीने तक पिने से फर्क महसूस होगा।

सर्जरी से पहले चिंता :

सर्जरी के निर्धारित दिन से एक दिन पहले 20 बूंद और 20 बूंद सर्जरी के 90 मिनट पहले विशिष्ट प्रकार की कृष्ण कमल की दवा डी जाती है। 500 एमजी कृष्ण कमल एक्सट्रैक्ट वाली टेबलेट भी सर्जरी के 90 मिनट पहले मरीज को दी जाती है।

  • दांत की सर्जरी के 30 मिनट पहले 260 या 1000 एमजी वाली इसके एक्सट्रैक्ट की दवा दी जाती है। 700 एमजी वाला 5 एमएल सिरप सर्जरी के 30 मिनट पहले लिया जाता है।

इस हर्बल सप्लिमेंट की खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और कई चीजों पर निर्भर करती है। हर्बल सप्लिमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। इसलिए सही खुराक की जानकारी के लिए हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें।

कृष्ण कमल किन रूपों में आता है?

कृष्ण कमल निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध हो सकता है:

  • कैप्सूल
  • टेबलेट
  • तेल
  • फूल

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Passionflower https://www.drugs.com/npc/passion-flower.html /Accessed On 17 September, 2020.

Passionflower/https://nccih.nih.gov/health/passionflower / Accessed on 29/11/2019

Passiflora caerulea
(blue passionflower)/https://www.cabi.org/isc/datasheet/116172/ Accessed on 29/11/2019

Effect of a medicinal plant (Passiflora incarnata L) on sleep/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5699852/Accessed On 17 September, 2020.

लेखक की तस्वीर
lipi trivedi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 17/09/2020 को
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड