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Bulimia Nervosa: बुलीमिया नेर्वोसा क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

Bulimia Nervosa: बुलीमिया नेर्वोसा क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

आप देखते हैं कि कोई व्यक्ति कम या एक ही समय पर जरूरत से ज्यादा खाना खा रहा है और फिर एक्स्ट्रा कैलोरी से छुटकारा पाने के लिए उल्टी या दूसरे तरीकों से उसे बाहर निकाल देता है। यह देखकर आपको अजीब लग सकता है लेकिन ऐसा व्यक्ति ईटिंग डिसऑर्डर से ग्रस्त है जिसे बुलीमिया नेर्वोसा (Bulimia Nervosa) कहते हैं। यह एक तरह का मानसिक विकार है, जिसका असर व्यक्ति के स्वास्थ्य पर देखने को मिलता है। बुलीमिया नेर्वोसा (Bulimia Nervosa) के पीछे का सबसे बड़ा कारण व्यक्ति के भीतर स्ट्रेस और डिप्रेशन होता है।

ओवर ईटिंग से बढ़ी हुई कैलोरी से निजात पाने और वजन को बढ़ने से रोकने के लिए बुलीमिया बीमारी से पीड़ित लोग कई अस्वथ्य तरीकों का उपयोग करते हैं उदाहरण के लिए जबरदस्ती उल्टी करना, वजन घटाने की खुराक या एनीमा का ज्यादा उपयोग। कुछ लोग अन्य तरीकों का भी उपयोग करते हैं जैसे उपवास या अत्यधिक व्यायाम।

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बुलीमिया नेर्वोसा (Bulimia Nervosa) के लक्षण

Bulimia Nervosa

बुलीमिया नेर्वोसा विकार होने पर शरीर में बहुत से लक्षण दिख सकते हैं। ये विकार किसी भी व्यक्ति को हो सकता है।

  • बहुत ज्यादा डिहाइड्रेट होना
  • खाते समय नियंत्रण खो देना
  • वजन कम करने के लिए बहुत ज्यादा व्यायाम करना
  • डिप्रेशन या मूड स्विंग्स
  • खाने के तुरंत बाद शौच के लिए जाना
  • गर्दन और चेहरे की ग्रंथियों में सूजन
  • अपच, कमजोरी, थकावट
  • अनियमित पीरियड्स
  • लंबे समय तक वजन बढ़ने का डर लगा रहना
  • खुद को लेकर बेहद नकारात्मक विचार करना
  • जुलाब और पेशाब की दवाओं का अत्यधिक सेवन करना
  • पेट में एसिड के कारण दांतों का पीला पड़ना
  • खाना खाते ही बाथरूम जाना
  • दूसरों के सामने खाना न खाना
  • सामाजिक गतिविधियों से खुद को दूर रखना

इस स्थिति के कारण मरीज को निम्न जटिलताओं का भी सामना करना पड़ सकता है –

  • दांतों में सड़न
  • किडनी खराब होना
  • मसूड़ों की बीमारी
  • हृदय संबंधी समस्याएं
  • पाचन में समस्या या कब्ज
  • पानी की कमी
  • पोषक तत्वों में कमी
  • रासायनिक असंतुलन

महिलाओं में हो सकता है इस स्थिति के कारण मासिक धर्म न हो। इसके अलावा बुलीमिया नेर्वोसा (Bulimia Nervosa) के कारण चिंता, अवसाद और ड्रग या शराब का सेवन सामान्य होता है।

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बुलीमिया नेर्वोसा के कारण (Causes of Bulimia Nervosa)

लड़कों और पुरुषों की तुलना में महिलाओं में बुलीमिया नर्वोसा होने की अधिक आशंका होती है। बुलीमिया नेर्वोसा ईटिंग डिसऑर्डर के पीछे क्या कारण हैं इसके बारे में ठीक-ठीक नहीं कहा जा सकता है। अध्ययन बताते हैं कि मनोवैज्ञानिक, आनुवांशिकता और आस-पास के वातावरण के असर से यह विकार लोगों को हो जाता है। इसके अलावा कुछ और कारण भी हैं –

  • तनावपूर्ण रूप से जीवन में आने वाले बदलाव या जीवन में अनचाहे बदलाव आना
  • अतीत का कोई खराब अनुभव
  • आत्मविश्वास और आत्मसम्मान में कमी होना
  • अवसाद
  • पोस्ट ट्रॉमेटिक इवेंट
  • गुस्सा आना

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बुलीमिया नेर्वोसा का परीक्षण (Bulimia nervosa test)

आपके डॉक्टर बुलीमिया नेर्वोसा (Bulimia Nervosa) के परीक्षण के लिए कई प्रकार के टेस्ट कर सकते हैं। सबसे पहले वह शारीरिक परीक्षण करेंगे। इसके अलावा वह आपको ब्लड या यूरिन टेस्ट करवाने की भी सलाह दे सकते हैं। इनके बाद साइकोलॉजिकल परीक्षण की मदद से आपके शरीर और खाना के रिश्ते के बारे में जानने में मदद मिलेगी।

बुलीमिया नेर्वोसा (Bulimia Nervosa) के निदान के क्राइटेरिया में निम्न बातें शामिल होती हैं –

  • उल्टी के माध्यम से नियमित रूप से पेट को खाली करना
  • लगातार खुद को बेहतर बनाने के लिए अत्यधिक व्यायाम, जुलाब की दवाओं और व्रत का रखना
  • बार-बार अत्यधिक खाना

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बुलीमिया नेर्वोसा (Bulimia Nervosa) की गंभीरता के बारे में पता लगाने के लिए यह नोटिस करना बेहद जरूरी होता है कि आपको लगातार खाने और मल त्याग कितनी बार करने का मन करता है। बुलीमिया नेर्वोसा (Bulimia Nervosa) की गंभीरता को निम्न श्रेणी में विभाजित किया गया है –

  • माइल्ड (हल्के) – प्रतिसप्ताह 1 से 3 एपिसोड
  • मॉडरेट (मध्यम) – प्रतिसप्ताह 4 से 7 एपिसोड
  • सीवियर (गंभीर) – प्रतिसप्ताह 8 से 13 एपिसोड
  • एक्सट्रीम (चरम) – प्रतिसप्ताह 14 या उससे अधिक एपिसोड आना

यदि आपको बुलीमिया नेर्वोसा (Bulimia Nervosa) लंबे समय से है तो आपको अधिक टेस्ट करवाने की जरूरत पड़ सकती है। यह टेस्ट हृदय और अन्य अंगों के साथ उतपन्न होने वाली जटिलताओं के बारे में पता लगाने की कोशिश करते हैं।

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बुलीमिया नेर्वोसा का इलाज (Treatment of bulimia nervosa)

बुलीमिया नेर्वोसा (Bulimia Nervosa) की ट्रीटमेंट न केवल खाने और पोषक तत्वों पर ध्यान देती है बल्कि मेंटल हेल्थ का भी इलाज करने में मदद करती है। इस प्रक्रिया में मरीज की स्वस्थ सोच का होना बेहद जरूरी होता है और उसे अपने खाने के साथ एक अच्छा रिश्ता बनाए रखने की आवश्यकता है।

  • इस तरह के मानसिक विकार को दूर करने के लिए न केवल खाने और उसमें मौजूद पोषक तत्वों के आधार पर उपचार किया जाता है बल्कि इसमें मानसिक रूप से होने वाली अस्वस्थता को भी ठीक करने पर ध्यान दिया जाता है। इसके लिए किए जाने वाले उपचार निम्न हैं
  • एंटी-डिप्रेशन दवाओं के जरिए इस तरह के विकार को दूर किया जाता है। इस तरह की दवाएं सिर्फ डॉक्टर की सलाह से ही लें।
  • साइकोथेरेपी इस मानसिक विकार के लिए सबसे फायदेमंद सिद्ध होती है। इसे टॉक थेरेपी के नाम से भी जाना जाता है। इसके साथ अन्य थेरेपी जैसे कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी और इंटरपर्सलन थेरेपी का भी सहारा लिया जाता है।

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सफलता पूर्वक इलाज आमतौर पर एंटीडिप्रेस्सेंट, साइकोथेरेपी और खुद के सहयोग की मदद से हो पाता है। इसके साथ ही आपके डॉक्टर, मेंटल हेल्थ केयर, परिवार और आपके दोस्तों के साथ की भी जरूरत होती है।

कुछ ईटिंग डिसऑर्डर ट्रीटमेंट के लिए कई ऐसी सुविधाएं उपलब्ध हैं जहां रहकर या एक दिन में भी इलाज करवाया जा सकता है। रहकर इलाज करवाने वाले मरीजों को हमेशा सपोर्ट और केयर मिलती है। मरीज क्लास जा सकता है, थेरेपी ले सकता है और पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन कर सकता है।

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डॉक्टर के द्वारा बताए गए उपचार के अलावा इन टिप्स का पालन करें

  • पूरी ट्रीटमेंट ले – थेरेपी सेशंस को न छोड़ें और अपने संतुलित डाइट प्लान से न भटकें, भले ही वह आपको अच्छा न लग रहा हो।
  • बुलीमिया के बारे में जानें- जितना ज्यादा हो सकता है अपनी स्थिति के बारे में जाने। इससे आपको अपनी उपचार योजना को सख्ती से फॉलो करने का मोटिवेशन मिलेगा।
  • पोषक आहार लें – यदि आप अच्छी तरह से नहीं खा रहे हैं या आप अक्सर खाने के बाद उल्टी करते हैं, तो यह संभावना है कि आपके शरीर को वो सभी पोषक तत्व नहीं मिल पा रहे हैं, जिनकी बॉडी को जरुरत है। इसके लिए अपनी डाइट में उचित और पोषक तत्वों से भरपूर खाने को महत्व दें।
  • लोंगो के संपर्क में रहें- अपने आप को परिवार के सदस्यों और दोस्तों से अलग न करें, खासतौर पर जो आपको स्वस्थ देखना चाहते हैं।
  • व्यायाम को लेकर सतर्क रहें- अपने डॉक्टर से बात करें, उनसे सलाह लें कि किस तरह की शारीरिक गतिविधि आपके लिए उचित होगी।

यदि आप अपने बारे में या किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में चिंतित हैं, जिसे बुलीमिया हो या उसके कुछ लक्षण मौजूद हो, तो आपको डॉक्टर की तुरंत मदद लेनी चाहिए। इस विकार के शारीरिक और मानसिक नतीजे काफी गंभीर हो सकते हैं लेकिन समय पर उपचार से व्यक्ति बेहतर महसूस कर सकता है और खानपान की अच्छी आदतें विकसित कर सकता है।

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बुलीमिया नेर्वोसा को यदि बिना इलाज करवाए छोड़ दिया जाए तो यह एक जानलेवा बीमारी बन सकती है या इसके इलाज की प्रक्रिया की सफलता की संभावना कम हो जाती है। बुलीमिया नेर्वोसा (Bulimia Nervosa) शारीरिक और मानसिक दोनों स्थिति को प्रभावित करती है और साथ ही जीवन भर रह सकती है। हालांकि, बुलीमिया नेर्वोसा को इलाज की मदद से सफलतापूर्वक ठीक किया जा सकता है। इसका इलाज जितनी जल्दी करवाया जाता है सफल होने की संभावना उतनी ज्यादा रहती है।

प्रभावशाली इलाज में खाने, स्वयं पर नियंत्रण रखने, समस्या को सुलझाने और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाता है। इस प्रकार के ट्रीटमेंट की मदद से व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ रहता है। आप स्वास्थ्य संबंधी अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है, तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं और अन्य लोगों के साथ साझा कर सकते हैं।

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Aamir Khan द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 02/05/2021 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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