मानसिक मंदता से ग्रसित बच्चों को हमारे समाज में मंदबुद्धि कहा जाता है। मंदबुद्धि कहना तो आसान है और समाज में ऐसे बच्चों से लोग कतराते भी हैं, लेकिन इस समस्या का समाधान कोई निकालना नहीं चाहता है। मानसिक मंदता होने का कारण है कि मस्तिष्क का ठीक से विकास ना होना। इस कारण से मस्तिष्क भी बौद्धिक और अनुकूल तरह से काम नहीं कर पाता है। आइए जानते हैं कि मानसिक अल्पता या मानसिक मंदता होने का कारण क्या है, इसके लक्षण और इलाज के बारे में।
मानसिक मंदता क्या है? (Mental retardation)
मानसिक मंदता पैदाइशी होती है। बच्चा जैसे-जेसे बड़ा होता है, उसका शारीरिक और मानसिक विकास होने लगता है। बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकासका पता उनकी क्रियाओं या क्रिया करने के तरीकों से चलता है। मानसिक अल्पता से ग्रसित बच्चे सामान्य बच्चों की तरह काम नहीं कर पाते हैं। बच्चों में मानसिक अल्पता को कई लेवल में बांटा गया है :
- बहुत हल्का (mild)
- मध्यम (moderate)
- गंभीर (severe)
- बहुत गंभीर (profound)
बहुत सारे बच्चों में ये तो जन्म से ही पता चलने लगता है, लेकिन बहुत सारे बच्चों में मानसिक अल्पता का पता 18 साल की उम्र तक चला जाता है।
मानसिक मंदता के प्रकार क्या हैं? (Mental retardation Types)
मानसिक मंदता मुख्य रूप से मस्तिष्क के द्वारा की जाने वाली क्रियाओं के आधार पर दो प्रकार की होती है :
बैद्धिक क्रिया में मानसिक अल्पता
मस्तिष्क की बौद्धिक क्रिया को इंटेलिजेंस कोशिएंट (IQ) में मापा जाता है। इंटेलिजेंस कोशिएंट (IQ) किसी भी व्यक्ति के सीखने, समझने, तर्क करने, निर्णय लेने या समस्या का समाधान निकालने की क्षमता होती है। जब कोई भी व्यक्ति इनमें से कोई क्रिया नहीं कर पाता है तो इसे मानसिक अल्पता के रूप में देखा जाता है।
किसी भी व्यक्ति का इंटेलिजेंस कोशिएंट (IQ) आईक्यू टेस्ट के जरिए नापा जाता है। आईक्यू टेस्ट का परिणाम औसतन 100 होता है। ज्यादातर लोगों के आईक्यू टेस्ट का परिणाम 85 से 115 के बीच में आता है। जिन लोगों में मानसिक अल्पता होती है इनका आईक्यू टेस्ट का परिणाम 70 से 75 या इससे भी कम आता है।
अनुकूल क्रिया में मानसिक अल्पता
इसमें रोजाना किए जाने वाले कामों को मस्तिष्क द्वारा किया जाता है। जैसे कि किसी से बात करना, मिलना, अपना ध्यान रखना आदि। अगर कोई व्यक्ति इनमें से कोई भी काम सही तरीके से नहीं कर पाता है तो उसे अनुकूल क्रिया में मानसिक अल्पता माना जाता है।
अनुकूल क्रिया में मानसिक अल्पता को जानने के लिए हम बच्चे के हम उम्र बच्चों के क्रियाओं से तुलना कर के जान सकते हैं कि बच्चे में मानसिक मंदता है। ये चाहें बच्चे का खुद से खाना पकाना हो या कपड़ा पहनने जैसी क्रियाएं हों।
दुनिया की पूरी आबादी के सिर्फ एक प्रतिशत लोग ही मानसिक अल्पता से ग्रसित होते हैं। लेकिन इसमें 85 % लोग बहुत हल्के मानसिक अल्पता के शिकार होते हैं। मानसिक अल्पता का इलाज है, इसके लिए बच्चे को सही तरीके से चीजें सीखानी होती है।
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मानसिक मंदता के लक्षण क्या हैं? (Mental retardation Symptoms)
मानसिक मंदता के लक्षण अलग-अलग बच्चे में अलग-अलग दिख सकते हैं, जो निम्न प्रकार हैं :
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मानसिक मंदता के लेवल के आधार पर भी लक्षणों को बांटा गया है, जो निम्न हैं :
बहुत कम मानसिक अल्पता (Mild intellectual disability)
बहुत कम मानसिक अल्पता के लक्षण निम्न हो सकते हैं :
- बच्चे को बोलने या सीखने में सामान्य बच्चों से ज्यादा समय लेना
- बड़े होने के बाद भी अपनी देखभाल खुद से कर लेना
- लिखने और सीखने में परेशानी होना
- सामाजिक अपरिपक्वता या सोशल इमेच्योरिटी
- वैवाहिक जीवन या पेरेंट बन कर जिम्मेदारी उठाने में परेशानी होना
- आईक्यू टेस्ट का परिणाम 50 से 69 के बीच आना
मध्यम मानसिक अल्पता (Moderate intellectual disability)
अगर आपके बच्चे में निम्न लक्षण दिखाई देते हैं तो वह मध्यम मानसिक अल्पता से ग्रसित हो सकता है :
गंभीर मानसिक अल्पता (Severe intellectual disability)
गंभीर मानसिक अल्पता के लक्षण निम्न हो सकते हैं :
अधिक गंभीर मानसिक अल्पता (Profound intellectual disability)
अधिक गंभीर मानसिक अल्पता के लक्षण निम्न हो सकते हैं :
- किसी की बात को ना समझ पाना या आदेशों को ना समझ पाना
- चलने फिरने में समस्या होना या बिल्कुल भी गमन ना हो पाना
- अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए किसी अन्य पर हमेशा निर्भर रहना
- आईक्यू टेस्ट का परिणाम 20 से कम होना
बच्चे में मानसिक अल्पता होने का कारण क्या हैं? (Mental retardation Causes in children)
बच्चे में मानसिक अल्पता होने के निम्न कारण हो सकते हैं :
बच्चे में मानसिक मंदता का इलाज कैसे करें? (Mental retardation treatments in Children)
बच्चे में मानसिक मंदता का पता आपको उसके व्यवहार से लग सकता है, जिसके बाद आप बच्चे को साइकोलॉजिस्ट के पास ले कर जा सकते हैं। जहां पर डॉक्टर द्वारा बच्चे की काउंसिलिंग कराने से ही मानसिक मंदता कम या दूर होती है।
मानसिक मंदता से ग्रसित बच्चे का इलाज डॉक्टर निम्न तरीके से करते हैं :
इन सभी के साथ बच्चे के प्रति पेरेंट्स की जिम्मेदारी बनती है कि वे बच्चे को कुछ-कुछ सीखाते रहें। वहीं, जब बच्चे की उम्र स्कूल जाने लायक हो जाए तो बच्चे को स्पेशल स्कूल में दाखिल करें। जहां पर स्पेशल चाइल्ड की एजुकेशन होती है।
आप अपने बच्चे को तीन चीजें सिखा कर उसे सामान्य बच्चों की तरह जीवन दे सकते हैं :
- शिक्षा
- सामाजिक ज्ञान
- जीवन जीने का तरीका
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क्या मानसिक मंदता आनुवंशिक है? (Is mental retardation genetic?)
बच्चों में मानसिक मंदता होने का कारण जेनेटिकल या आनुवंशिक हो सकता है। अगर कोई बच्चा मानसिक अल्पता से ग्रसित है तो उसे डाउन सिंड्रोम (Down syndrome) और फ्रैजिल एक्स सिंड्रोम (fragile X syndrome) हो सकता है। जैसी की किसी भी व्यक्ति की सभी कोशिका 46 गुणसूत्रों से बनती है, जिसे 23 गुणसूत्र के जोड़े के रूप में गिना जाता है। कुछ मामलों में भ्रूण में कोशिकाओं के विभाजन के दौरान गुणसूत्रों का एक अतिरिक्त जोड़ा बन जाता है। जिसे जेनेटिकल डिसऑर्डर कहते हैं। 21वें क्रोमोसोम में असामान्य विभाजन के कारण डाउन सिंड्रोम पाया जाता है। इस सिंड्रोम से ग्रसित लोगों में 46 की जगह पर 47 गुणसूत्र पाए जाते हैं। जिससे मानसिक मंदता जैसी समस्या हो सकती है।
फ्रैजिल एक्स सिंड्रोम का जीन्स X गुणसूत्र से जुड़ा होता है, जिसके बाद यह पेरेंट्स के जीन्स से गुणसूत्रों के जरिए होते हुए बच्चे में पहुंचता है और मानसिक मंदता का कारण बनता है। इस तरह से कुछ मामलों में मानसिक मंदता आनुवंशिक होती है।
बच्चे में मानसिक मंदता होने पर घबराएं नहीं, बल्कि उसका पता लगाने की कोशिश करें कि ऐसा क्यों है? इसके साथ ही डॉक्टर से मिल कर बच्चे की इलाज कराएं। मानसिक अल्पता अभिशाप नहीं है, बस बच्चे को आपके सहयोग की जरूरत है। इस विषय में अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।