क्या गुस्से या टेंशन में आप भी अपने बाल खींचते हैं, तो सावधान हो जाइए क्योंकि आप ट्रीकोटिलोमेनिया (Trichotillomania) का शिकार हो सकते हैं। ट्रीकोटिलोमेनिया जिसे हेयर पुलिंग डिसऑर्डर (बाल खींचने की बीमारी) भी कहा जाता है, एक मेंटल डिसऑर्डर है जिसमें व्यक्ति को बार-बार अपने बाल खींचने की इच्छा होती है। ट्रीकोटिलोमेनिया के लक्षण और उपचार क्या है जानने के लिए पढ़ें यह आर्टिकल।
ट्रीकोटिलोमेनिया या हेयर पुलिंग डिसऑर्डर एक मानसिक विकार है जिसमें पीड़ित व्यक्ति बार-बार अपने बाल खींचता हैं, वैसे तो अधिकांश मामलों में वह अपने सिर के ही बाल खींचता है, लेकिन कभी-कभार भौंह, दाढ़ी व शरीर के अन्य हिस्से के भी बाल खींचने लगता है। बार-बार सिर के बाल खींचने का नतीजा यह होता है कि वह जल्द ही उसके ढेर सारे बाल झड़ जाते हैं। ट्रीकोटिलोमेनिया यदि गंभीर नहीं है, तो उसे मैनेज किया जा सकता है। अन्य मामलों में पीड़ित की बाल खींचने की इच्छा कम करने के लिए कुछ उपचार है। जिससे वह बाल खींचना कम कर देता है या बंद कर देता है। ट्रीकोटिलोमेनिया एक इम्पल्सिव कंट्रोल डिसऑर्डर है, इससे पीड़ित व्यक्ति को पता होता है कि वह खुद को नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन अपने आप पर वह कंट्रोल नहीं रख पाते हैं। तनाव में होने पर खुद के बाल खींचकर वह रिलैक्स महसूस करते हैं।

ट्रीकोटिलोमेनिया (हेयर पुलिंग डिसऑर्डर) के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चला है। आमतौर पर ट्रीकोटिलोमेनिया कई चीजों के एकसाथ होने पर होता है जिसमें जेनेटिक और पर्यावरण संबंधी कारक शामिल हैं। इसके अलावा विशेषज्ञों का मानना है कि मस्तिष्क की असामान्य सरंचना और गतिविधियां भी ट्रीकोटिलोमेनिया के लिए जिम्मेदार हो सकती है।
ट्रीकोटिलोमेनिया से पीड़ित व्यक्ति में व्यवहार संबंधी और शारीरिक लक्षण दिखते हैं जैसेः
ट्रीकोटिलोमेनिया से पीड़ित बहुत से लोग अपनी स्थिति छुपाने की कोशिश करते हैं और बाल खींचने के कारण हुए गंजेपन को टोपी पहनकर और नकली आईलैश, आईब्रो लगाकर छुपाने की कोशिश करते हैं।
आपको ट्रीकोटिलोमेनिया है या नहीं इसका निदान करने के लिए डॉक्टर इन बातों की जांच करता हैः
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ट्रीकोटिलोमेनिया के इलाज संबंधी रिसर्च बहुत नहीं की गई है, लेकिन कुछ उपचार हैं जिसकी मदद से बाल खींचने की समस्या को कम या पूरी तरह से खत्म किया जा सकता है।
हालांकि फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने ट्रीकोटिलोमेनिया के उपचार के लिए किसी खास दवा को मान्यता नहीं दी है, फिर भी कुछ दवाएं ट्रीकोटिलोमेनिया के कुछ लक्षणों को कम करने में मददगा है। आपका डॉक्टर एंटीडिप्रेसेंट दवाएं जैसे क्लोमीप्रैमाइन (एनाफ्रानिल) की सलाह दे सकता है। अन्य दवाएं जिसकी सलाह दी जा सकती है में शामिल है- एसिटाइलसिस्टीन एक एमिनो एसिड जो मूड से संबंधित न्यूरोट्रांसमीटर को प्रभावित करती है और ऑलंजापाइन (जिप्रेक्सा), जो एक एटिपिकल एंटीसाइकोटिक है।
कुछ खास तरह की थेरेपी के जरिए ट्रीकोटिलोमेनिया का इलाज किया जाता है जिसमें शामिल हैः
हैबिट रिवर्सल ट्रेनिंग- यह बिहेवियर थेरेपी ट्रीकोटिलोमेनिया का प्राथमिक उपचार है। इसमें व्यक्ति को परिस्थितियों को समझना सिखाया जाता है और उसे कैसे हैंडल करें, जैसे बाल खींचने की इच्छा होने पर मुट्ठी कसकर बंद कर लें ताकि हाथ बालों तक पहुंचे ही नहीं। इस थेरेपी के साथ अन्य थेरेपी भी दी जा सकती है।
कॉग्निटिव थेरेपी- यह थेरेपी आपको बालों के खींचने के संबंध में गलत मान्यताओं की पहचान करने और उसकी जांच करने में मदद कर सकती है।
एक्सेपटेंस और कमिटमेंट थेरेपी- इस थेरेपी के जरिए आपको अपनी स्थिति को स्वीकरना सिखाया जाता है।
इन थेरेपी के जरिए अन्य मेंटल डिसऑर्डर का इलाज में भी मदद मिलती है जैसे डिप्रेशन, एंग्जाइटी आदि।
ट्रीकोटिलोमेनिया से बचाव का कोई तरीका नहीं है, लेकिन हां, लक्षण दिखने पर तुरंत उपचार से इसे रोकने में बहुत मदद मिल सकती है। स्ट्रेस मैनेजमेंट सीखना भी फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि बाल खींचने का एक बहुत बड़ा कारण तनाव है।
उम्मीद करते हैं कि आपको ट्रीकोटिलोमेनिया से संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।