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निगेटिव थॉट्स से कैसे बच सकते हैं?

    निगेटिव थॉट्स से कैसे बच सकते हैं?

    भाग-दौड़ भरी जिंदगी से लोग इतने तनावग्रस्त हो जाते हैं कि निगेटिव थॉट्स आने लगते हैं। ऐसे लोग गलत कदम उठाने से भी नहीं हिचकते हैं। आइए हम इनका समाधान जानते हैं।

    सवाल

    मेरी उम्र 26 साल है और मैं जॉब करती हूं। कई बार जॉब से संबंधित दवाबों या किन्हीं अन्य कारणों से मुझे बहुत ज्यादा निगेटिव थॉट्स आने लगते हैं। इसका प्रभाव मेरे जीवन पर पड़ता है और मेरे काम बाधित होते हैं। निगेटिव थॉट्स से कैसे बच सकते हैं?

    जवाब

    हमारी जिंदगी का नियम ही सुख और दुख है। कभी आप खुश रहेंगे तो कभी दुखी या फिर कभी जीत मिलेगी को कभी हार मिलेगी। इसलिए कभी-कभी नकारात्मक विचार आना सामान्य बात है, लेकिन अगर ज्यादा नकारात्मक ख्याल आ रहे हैं तो ये समस्या वाली बात है। इससे आप और आपके करीबियों को तकलीफ जरूर हो सकती है। आपके निगेटिव थॉट्स का कारण चाहे जो भी हो, अगर आप हर बात को सकारात्मक या पॉजिटिव तरीके से लेंगे तो आप खुद ही अच्छा महसूस करेंगे।

    आप खुद से कुछ आसान से सवाल पूछें :

    1. ऐसा होने से कौन सी चीज है जो अच्छी हुई है?
    2. अगर आज ऐसा हुआ तो इसका मेरे जीवन पर क्या असर पड़ेगा?
    3. क्या मेरे ऐसे सोचने पर मेरी जिंदगी ऐसे ही कटने वाली है?

    अगर आप इन सवालों को सकारात्मक तरीके से लेंगे तो आपको पता चल जाएगा कि आप जो भी सोच रहे हैं वह बहुत छोटी सी चीज है। आप फिर से खड़े होने की कोशिश करें और सोचें कि कड़ी मेहनत से आप हर चीज को हासिल कर सकते हैं। निगेटिव थॉट्स ज्यादा आने पर अपना ध्यान किसी पॉजिटिव चीज में लगाएं। दोस्तों या परिवार के साथ समय बिताएं, कहीं बाहर घूमने जाएं।

    निगेटिव थॉट्स से बचने के लिए टिप्स 1: खुश रहें

    बदलती जीवनशैली में जहां पॉजिटिव बदलाव हो रहें हैं वहीं अच्छा करने की चाह के कारण निगेटिव थॉट्स भी आने लगते हैं। हालांकि, ऐसी स्थिति में भी खुश रहें और अच्छी बातें सोचें। अगर कोई परेशानी होती है, तो अपनी परेशानी को अपने करीबी या अच्छे मित्रों से शेयर करें। हैलो स्वास्थ्य की टीम ने जब निगेटिव थॉट्स से जुड़े सवाल लोगों से किए तो मुंबई में रहने वाले सोनू नायर कहते हैं कि “मैं कुछ वक्त से नकारात्मक विचारों को अपने अंदर जगह देने लगा था। धीरे-धीरे मेरी परेशानी और एंजायटी बढ़ने लगी और मुझे डॉक्टर से मिलना पड़ा। अब मैं अपने आपको किसी भी परेशानी में खुश रखता हूं और मेरे अंदर निगेटिव थॉट्स भी नहीं आते हैं।”

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    निगेटिव थॉट्स से बचने के लिए टिप्स 2: सकारात्मक सोच रखें

    मन में निगेटिव थॉट्स न आएं इसलिए सकारात्मक सोच बनाए रखना चाहिए। यह खुश रहने के जैसा ही है। पॉजिटिव थिंकिंग बनाए रखने के लिए सकारात्मक विचार रखने वाले लोगों के संपर्क में रहना अच्छा विकल्प माना जाता है। ऐसा करने से आप अच्छा महसूस कर सकेंगे।

    निगेटिव थॉट्स से बचने के लिए टिप्स 3: योग करें

    कहते हैं अपने आपको फिट रखने के लिए पौष्टिक आहार के साथ-साथ योग या एक्सरसाइज भी करना आवश्यक है। इसलिए वक्त निकाल कर रोजाना योग करें। योग से जुड़े जानकार मानते हैं कि 15 मिनट से भी योग की शुरुआत की जा सकती है। योग भी आपकी सोच को पॉजिटिव बनाने में मददगार है।

    निगेटिव थॉट्स से बचने के लिए टिप्स 4: गलतियों से डरें नहीं

    हम सभी गलती करने से डरते हैं, लेकिन हम सभी जानकर गलती तो करते नहीं। दरअसल सच तो ये है कि हमें अपनी गलतियों से डरना नहीं चाहिए बल्कि इससे सीखना चाहिए। इसलिए गलती करने पर मन में नेगेटिव थॉट्स न आने दें।

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    निगेटिव थॉट्स से बचने के लिए टिप्स 5: म्यूजिक सुनें

    कुछ रिसर्च के अनुसार म्यूजिक हमारे मस्तिष्क को एक्टिव रखने के साथ-साथ सकारात्मक रखने में भी मददगार होता है। इसलिए अगर आपको म्यूजिक पसंद है या अगर आपको डांस करना पसंद है, तो आप डांस करें। यह आपको फिट रखने के साथ-साथ तनाव और चिंता से भी दूर रखने में काफी लाभकारी है। कुछ रिसर्च में तो ये भी कहा गया है कि प्रेग्नेंसी के दौरान डांस करना बनने वाली मां और शिशु दोनों के लिए लाभकरी होता है।

    निगेटिव थॉट्स से बचने के लिए टिप्स 6: बात करें

    अगर आप अकेले समय ज्यादा बिताएंगे तो शायद आप हमेशा किसी न किसी बात में उलझे रहेंगे। इसका मतलब ये नहीं कि आप मी टाइम (खुद के लिए वक्त) न निकालें। बल्कि लोगों से बातचीत करें। सोशल बने ऐसा करना भी आपको नकारात्मक सोच से दूर रहने में मदद करेगा।

    निगेटिव थॉट्स से बचने के लिए टिप्स 7: मदद करें

    “दूसरों की मदद करनी चाहिए” यह तो हम जानते हैं लेकिन, शायद यह कुछ लोगों का अपना एक्सपीरियंस होगा। मुंबई की रहने वाली रचना तनेजा से जब हमने भी की तो उनका कहना है कि “किसी की हेल्प करना मेरे लिए किसी स्ट्रेस बस्टर से कम नहीं है। इसलिए मैंने अपना प्रोफेशन ही समाज सेवा बना लिया। हम कई ऐसे परिवार से से मिलते हैं जो कई अलग-अलग तरह की परेशानी जैसे बीमारी या आर्थिक तंगी से गुजरते हैं, लेकिन ऐसी स्थिति में भी कोशिश कर इससे लड़ते हैं और सफल भी होते हैं।” यहां यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है की मदद करने के लिए समाज सेवी अगर आप नहीं बनना चाहते हैं, तो भी आप किसी न किसी की मदद अलग-अलग तरह से कर सकते हैं। अगर रस्ते में चलते एक ऐसे इंसान को आपने अगर सड़क पार करवा दी तो वो भी मदद ही है।

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    अगर आपके मन में किसी भी तरह की कोई चिंता है तो उसे मन में न रखें। बल्कि, अपने विश्वसनीय लोगों के साथ शेयर करें। इससे आप खुद को हल्का और सकारात्मक महसूस करेंगे। वहीं, कई बार मन में ये भी ख्याल आता है कि जमाना या दुनिया क्या कहेगी। हमेशा एक बात याद रखें कि कुछ तो लोग कहेंगे लोगों का काम है कहना। हमेशा सोचें कि आज आप जहां भी हैं अपने दम पर हैं। इसके साथ ही आप हमेशा ये भी सोचें कि आपने किसी भी चीज को पाने के लिए कितनी मेहनत की है। आपने अपने काम को कितना समय दिया है। आप जितना पॉजिटिव सोचेंगे आपका काम उतना अच्छा हो जाएगा। इस तरह से आप खुद भी खुश रहेंगे और लोगों को भी खुश रख सकेंगे।

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    अगर आप निगेटिव थॉट्स से बचना चाहते हैं या इससे जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

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    Unhelpful thinking styles/https://healthywa.wa.gov.au/Articles/U_Z/Unhelpful-thinking-styles/Accessed on 12/05/2020

    लेखक की तस्वीर badge
    Shayali Rekha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 23/06/2020 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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