ओसीडी स्क्रीनिंग टेस्ट क्या है?

    ओसीडी स्क्रीनिंग टेस्ट क्या है?

    ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर या ओसीडी, यह एक चिंता विकार है जो आपके दिमाग में उत्पन्न विचारों से होती है। यह वो विचार है जिनके बारे में लगातार सोचते रहने से या तो यह आपकी आदत बन जाती है या फिर आपके डर का रूप ले लेती है। जिसके इलाज के लिए ओसीडी स्क्रीनिंग टेस्ट किया जाता है।

    ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर का असर व्यक्ति के दिमाग पर होता है। जैसे कोई व्यक्ति सोने से पहले अपने घर के दरवाज़े को अच्छे से बंद करके उसमे ताला लगा कर सोता है इस भय से कि कहीं कोई चोर उसके घर में ना आजाए। यह एक आम चिंता है लेकिन यदि वहीं व्यक्ति चोरों के भय से रात भर यह सोचता रहे की कहीं उसने ताला ठीक तरह से लगाया या नहीं और कई बार उठकर चेक करे तो यह एक विकार है जिसे हम ओसीडी बोलते है।

    ओसीडी रोग के लक्षण क्या हैं?

    किसी चीज के लिए जुनून सवार होना इस बीमारी का लक्षण हो सकता है। यह बीमारी किसी दवा या अन्य चीजों के कारण नहीं होती। ये बीमारी आपको तनावग्रस्त कर आपकी दिनचर्या को भी प्रभावित कर सकती है। नीचे हम आपको इसके कुछ लक्षण बता रहे हैं :

    • हिंसक तस्वीरों को देखकर गलत विचार आना।
    • गलत चीजों के लिए खुद को जिम्मेदार महसूस करना।
    • जरूरत से ज्यादा शरीर को साफ रखना।
    • प्रदूषण को लेकर कुछ ज्यादा ही चिंतित हो जाना
    • रात में कई बार जागना और कन्फर्म करना कि दरवाजे और खिड़कियां बंद हैं कि नही।
    • एक ही क्रम में या एक ही दिशा में कपड़े, जूते या बर्तन को रखना।
    • इंफेक्शन के डर से बार-बार हाथ धोते रहना।

    मरीज अक्सर इस तरह की हरकत नहीं करना चाहते हैं, लेकिन वो इसे कंट्रोल नहीं कर पाते। ओसीडी रोग के मरीज दिन के समय ऐसा बर्ताव करते हैं और काम को और मुश्किल बनाते हैं। इसलिए इन लक्षणों के आधार पर समस्या का पता लगाने के लिए ओसीडी स्क्रीनिंग टेस्ट की जाती है।

    ओसीडी स्क्रीनिंग टेस्ट क्या है?

    ओसीडी स्क्रीनिंग टेस्ट इसका एक बहुत सटीक इलाज़ है जो आपको अपने विचारों ओर व्यवहारों के बारे में अंतर्दृष्टि प्रदान करता है। जो आपको खुद को समझने के लिए बहुत जरूरी है। एक बात का खयाल रखें कि ओसीडी स्क्रीनिंग टेस्ट को सफलतापूर्वक करने के लिए आपको एक योग्य साइकैट्रिस्ट चाहिए जो उचित मूल्यांकन कर सके और सटीक निदान कर सके। ओसीडी स्क्रीनिंग टेस्ट में आपको कुछ प्रश्नों के उचित उतार देने होते है जो यह तय करते है कि आप ओसीडी से ग्रस्त है या नहीं। आपके दिए गए उतार आपके डॉक्टर या दिमाग के स्पेशलिस्ट द्वारा चेक किए जाते है और वही इस का निर्णय करते है।

    ओसीडी स्क्रीनिंग टेस्ट में दिए गए प्रश्न आपकी आम जिंदगी ओर आपके कार्यों से जुड़े होते है जो आपकी मानसिक गतिविधि बताते है कि आपका दिमाग किस बात को लेकर कैसे विचार करता है। यदि ओसीडी स्क्रीनिंग टेस्ट के अनुसार आप ओसीडी से ग्रस्त है तो डॉक्टर आपको इसे दूर करने के लिए उचित इला़ज बताते है। इसलिए ओसीडी स्क्रीनिंग टेस्ट बहुत ही कारगर है।

    ओसीडी स्क्रीनिंग टेस्ट कराना क्यों जरूरी है?

    ओसीडी आपके दिमाग को अपने वशीभूत कर लेता है। आप वही करते है जो आपका दिमाग उस वक़्त आपको करने को कहता है। जैसे यदि आपके मन में एक बार इस बात का भय बैठ जाए कि आपके हाथ में छुपे हुए जर्म्स होते है तो आपका दिमाग आपको हर काम के बाद हाथ धोने के लिए मजबूर करता है और आप करते है।

    हर व्यक्ति को चिंता या बुरे खयाल आते है पर ऑब्सेसिव विचार आपके दिमाग को एक जगह रोक देते है मतलब आपका दिमाग उस विचार से आगे नहीं बढ़ पाता। जिस से होती है एंजायटी, स्ट्रेस और फिर वही खयाल आपके दिमाग में बार बार आने लगते है। ऐसे विचारों को आप जितना दबाने की कोशिश करते है यह उतनी ही बलवान होती जाती है और फिर यह आपको और परेशान करती है।

    ओसीडी स्क्रीनिंग टेस्ट के बाद रोग का इलाज कैसे किया जाता है?

    ओसीडी स्क्रीनिंग टेस्ट के बाद रोग का इलाज डॉक्टर और कॉग्निटिव बिहेवियर थेरिपी का उपयोग करके किया जा सकता है।

    दवा: डॉक्टर ओसीडी रोग बिहेवियर को काबू में करने लिए दवाएं लिख सकते हैं। आमतौर पर, एंटी-डिप्रेसेंट का उपयोग पहले किया जाएगा और नीचे बताई दवाएं इसमें शामिल कर सकते हैं:

    • क्लोमीप्रैमाइन (एनाफ्रानिल)
    • फ्लुवोक्सामाइन (लवॉक्स सीआर)
    • फ्लुओक्सेटीन (प्रोजैक)
    • पैरोसेटिन (पैक्सिल, पेक्शेवा)
    • सरट्रालिन (जोलॉफ्ट)

    कॉग्निटिव बिहेवियर थेरिपी: यह सोचना कि आप झूठे और नेगेटिव हैं या लंबे समय में मानसिक रूप से बीमार हैं। कॉग्निटिव इलाज आपको गलत आदत को ढूंढने में मदद करती है, जो नर्वस का कारण बनती है। बाद में, बिहेवियर इलाज और ट्रीटमेंट आपकी और भी आदतों के लिए गाइड करता है। जब आप पहले की तरह नहीं सोचते हैं, तो इसका मतलब है कि समस्या ठीक हो रही है।

    ओसीडी का इलाज करने के लिए आपको इसके लक्षणों को जानना और समझना बहुत जरूरी है। क्यूंकि यह आपका पहला कदम है खुद को इस से मुक्त करने का।यदि आपको कभी भी लगे कि आप ओसीडी के शिकार हो सकते है तो इस टेस्ट को किसी भी ऑनलाइन साइट द्वारा आप दे सकते और फिर उस उत्तर को अपने डॉक्टर से दिखाए।अपने दिमाग और मन दोनों को शांत रखे ओर सिर्फ उतनी ही चिंता करे जितनी आपके लिए ठीक हो

    ओसीडी के लिए घरेलू इलाज क्या हैं?

    नीचे दिए गए लाइफस्टाइल और घरेलू उपचार आपको ओसीडी रोग से निपटने में मदद कर सकते हैं :

    • डॉक्टर को बताएं कि इलाज के बाद इसके लक्षण और ज्यादा सामने आ रहे हैं या नहीं।
    • अगर आपको दवा लेने के बाद ठीक महसूस नहीं होता, तो इस बारे में डॉक्टर को बताएं।
    • नियमित रूप से व्यायाम करें।
    • अगर आप पहले से ही बेहतर महसूस करते हैं, तो भी अपने डॉक्टर के सलाह के अनुसार दवाएं लें। दवा छोड़ने से ओसीडी रोग फिर से हो सकता है।
    • दवा या अन्य खाने की चीज लेने से पहले अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
    • यदि आप ओसीडी रोग से खुद को मुक्त करना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको अपने दिमाग और मन दोनों को यह विश्वास दिलाना होगा कि यह कोई कलंकित बीमारी नहीं है। यह एक आम बीमारी है, जिसके बारे में बात करने से आपकी निंदा नहीं होगी। तभी आप इसके बारे में खुल के बात कर पाएंगे।

    हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

    के द्वारा मेडिकली रिव्यूड

    डॉ. हेमाक्षी जत्तानी

    डेंटिस्ट्री · Consultant Orthodontist


    Smrit Singh द्वारा लिखित · अपडेटेड 18/08/2020

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