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Balanitis: बैलेनाइटिस क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

बैलेनाइटिस क्या है ?|जानिए इसके लक्षण|जानिए इसके कारण|जानिए जोखिम के कारक|निदान और उपचार को समझें|जीवनशैली में बदलाव और घरेलू उपचार
Balanitis: बैलेनाइटिस क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

बैलेनाइटिस क्या है ?

बैलेनाइटिस पेनिस के सबसे ऊपरी हिस्से जिसे फोरस्किन कहते हैं। फोरस्किन में सूजन, जलन, लाल और दर्द होने की समस्या को कहते हैं। फोरस्किन में इंफेक्शन की समस्या शुरू हो जाती है।

बैलेनाइटिस कितना सामान्य है ?

बैलेनाइटिस पुरुषों में होने वाली समस्या है, जो किसी भी उम्र में हो सकती है। इससे बचने के लिए शरीर के अन्य हिस्से के साथ-साथ प्राइवेट पार्ट्स (पेनिस) की साफ-सफाई पर भी ध्यान देना अत्यंत जरूरी है। अन्यथा पेनिस में इंफेक्शन और बैलेनाइटिस का खतरा बढ़ जाता है। परेशानी महसूस होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।

और पढ़ें : पेनिस फंगल इंफेक्शन के कारण और उपचार

जानिए इसके लक्षण

बैलेनाइटिस के सामान्य लक्षण क्या हैं ?

बैलेनाइटिस के संकेत और लक्षण निम्नलिखित हैं:

अगर बैलेनाइटिस का इलाज नहीं किया गया तो पेनिस में शाफ्ट (shaft) की समस्या शुरू हो जाएगी। इस वजह से अल्सर और दाने की समस्या हो सकती है।

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डॉक्टर से कब मिलना चाहिए ?

बैलेनाइटिस गंभीर बीमारी नहीं है लेकिन, यह सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन या यीस्ट इंफेक्शन के कारण हो सकता है। अगर आपको बैलेनाइटिस के लक्षण समझ में या नजर आते हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करें।

अगर बच्चों में बैलेनाइटिस की समस्या है, तो ऐसी स्थिति में जल्द से जल्द शिशु रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।

निम्नलिखित परिस्थितियों में जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें:

  • इलाज के बाद भी परेशानी कम न हो।
  • इलाज के बाद 3 से 4 दिनों के बाद भी समस्या बनी रहे।
  • यूरिन के दौरान परेशानी हो या यूरिन से ब्लड आना।
  • परेशानी कम नहीं होने पर सर्कम्सिजन सर्जरी की सलाह दी जाती है।

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जानिए इसके कारण

किन कारणों से होता है बैलेनाइटिस ?

बैलेनाइटिस प्रायः साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखने के कारण या सर्कम्सिजन सर्जरी नहीं होने के कारण होता है।

हालांकि इसके निम्नलिखित कारण भी हो सकते हैं:

फोरस्किन का टाइट होना, यूरिन ठीक से नहीं आना, बैक्टेरिया या माइक्रोऑर्गनिजम के कारण बैलेनाइटिस की समस्या हो सकती है।

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जानिए जोखिम के कारक

किन कारणों से बढ़ सकती है बैलेनाइटिस की समस्या ?

बैलेनाइटिस कई कारणों से बढ़ सकते हैं। उन कारणों में शामिल हैं:

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निदान और उपचार को समझें

दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

बैलेनाइटिस का निदान कैसे किया जाता है?

निम्लिखित जांच से बैलेनाइटिस का इलाज किया जाता है:

  • मेडिकल हिस्ट्री
  • शारीरिक जांच
  • पेनिस से हुए डिस्चार्ज की जांच कर यह पता लगाया जाता है की यीस्ट इंफेक्शन या बैक्टीरिया से जुड़ी समस्या भी है या नहीं।
  • ब्लड टेस्ट जिससे यह पता चल सके की कहीं ये सेक्सशुअलि ट्रांसमिटेड डिजीज (STD) की वजह से तो नहीं हुआ है।

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बैलेनाइटिस का इलाज कैसे किया जाता है ?

इलाज उम्र और कारणों को समझ कर किया जाता है। एक्सपर्ट्स यह भी ध्यान रखते हैं की पेशेंट को सेक्सशुअली ट्रांसमिटेड डिजीज (STD) के कारण बैलेनाइटिस की समस्या शुरू हुई है या कोई अन्य कारण। पेनिस की फोरस्किन को हल्के गर्म पानी से क्लीन किया जाता है। परेशानी कम होने पर एंटी-बायोटिक क्रीम लगा कर इलाज किया जाता है। अगर परेशानी ज्यादा है, तो एंटी-बायोटिक की टेबलेट खाने के लिए दी जाती है। पेनिस में आए सूजन को कम करने के लिए कॉर्टिकोस्टेरॉयड क्रीम लगाने की सलाह दी जाती है।

रिकवरी का समय रोगी के कारण और लक्षणों पर निर्भर करता है। कुछ मामलों में 5 से 10 दिनों में लक्षणों में सुधार आ सकते हैं यह ठीक भी हो सकता है। गंभीर स्थिति में ठीक होने में वक्त लग सकता है।

जीवनशैली में बदलाव और घरेलू उपचार

निम्नलिखित तरह से बदलाव लाकर बैलेनाइटिस की समस्या को कम किया जा सकता है:

  • हाइजीन: हाइजीन का खुद से ख्याल रखें। पेनिस के फोरस्किन की सफाई नियमित रूप से करें।
  • ऐसे क्रीम, मॉश्चराइजर का इस्तेमाल न करें जिससे परेशानी हो।
  • सेक्स के दौरान कंडोम का इस्तेमाल करें।
  • सेक्स करने के बाद लिंग अच्छे से साफ करना चाहिए।
  • योगर्ट एक नैचुरल प्रोबायोटिक है। अपनी डायट में योगर्ट शामिल करें। यह बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकेंगे। प्रोबायोटिक्स का सेवन करने से लैक्टोबेसिलस की मात्रा में इजाफा होता है। जो मूत्र में हाइड्रोजन परॉक्साइड बनाता है, जो खुद में एक एंटीबैक्टीरियल का काम करता है।
  • डॉक्टर द्वारा बताये गए निर्देशों का पालन करें।
  • सोप का इस्तेमाल डॉक्टर से पूछ कर करें।
  • गुप्तांगों में पसीना न हो और हवा मिलती रहे, इसके लिए हमेशा कॉटन के कपड़े पहनें। ऐसे कपड़े या अंडरगार्मेंट्स न पहनें, जिनसे पसीना जमा होता हो।
  • आपको ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पानी पीते रहना चाहिए। आपको हर घंटे में एक गिलास पानी पीना चाहिए। पानी का जितना ज्यादा सेवन करेंगे उससे मूत्रमार्ग में यूटीआई के बैक्टीरिया पेशाब के साथ बाहर निकल जाएंगे। जिससे बैलेनाइटिस जल्दी से जल्दी ठीक हो जाएगा। ज्यादा पानी पीने से आपको पेशाब भी बहुत लगेगी, तो आपको जब भी पेशाब आए तो आप कर लें।

इस आर्टिकल में हमने आपको बैलेनाइटिस से संबंधित जरूरी बातों को बताने की कोशिश की है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस बीमारी से जुड़े किसी अन्य सवाल का जवाब जानना है, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्सर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे। अपना ध्यान रखिए और स्वस्थ रहिए।

अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र
लेखक की तस्वीर
Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 25/09/2020 को
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड