Oral Sex: ओरल सेक्स के दौरान इन सावधानियों को नजरअंदाज करने से हो सकती है मुश्किल

By Medically reviewed by Dr Sharayu Maknikar

ओरल सेक्स सेक्शुअल एक्टिविटी का एक हिस्सा है, जो तेजी से प्रचलित हुआ है। विदेशी कल्चर से जुड़ी इस सेक्स एक्टविटी के प्रचलित होने में पॉर्न इंडस्ट्री का बहुत बड़ा हाथ है। इससे न सिर्फ लोगों को सेक्स के एक और आयाम को एक्सप्लोर करने का मौका मिला, बल्कि इससे ऑर्गेज्म तक पहुंचने की संभावना भी बढ़ी है। जिससे लोग सेक्स के दौरान ज्यादा आनंद ले पाए हैं। कपल्स सेक्शुअल इंटरकोर्स से पहले फोरप्ले के रूप में या इंटरकोर्स के दौरान या बाद में ओरल सेक्स करते हैं।

ओरल सेक्स को ऐसे समझें

ओरल सेक्स विषमलैंगिक और समलैंगिक जोड़ों में काफी आम हो चला है। जिसमें मुंह, जीभ, होंठ, दांत या गले की मदद से सामने वाले पार्टनर के पेनिस, वजायना या एनस को उत्तेजित किया जाता है। लेकिन, ओरल सेक्स करना जितना मजेदार हो सकता है, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है। इसके लिए आपको उचित साफ-सफाई और सावधानियां बरतने की जरूरत होती है। वरना, इससे कई तरह के संक्रमण या बीमारियों के चपेट में आने की आशंका होती है। इस आर्टिकल में ओरल सेक्स से जुड़ी तमाम तरह की जानकारियों, सावधानियों, फैक्ट्स, मिथ आदि के बारे में विस्तार से जानते हैं।

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ओरल सेक्स कितने तरीके से किया जा सकता है?

हालांकि, किसी भी सेक्शुअल ऑर्गन या संवेदनशील अंगों को मुंह, जीभ, होंठ आदि के द्वारा उत्तेजित करना ओरल सेक्स के अंतर्गत आता है। लेकिन, इसे इन निम्नलिखित वर्गों में विभाजित किया गया है। जैसे-

कनिलिंगस (Cunnilingus) – इसे ओरल वजायनल कॉन्टैक्ट भी कहते हैं, जिसमें पार्टनर की जीभ या होंठ से महिलाओं की वजायना या वल्वा और खासतौर से क्लिटोरिस को ओरल स्टिमुलेशन दिया जाता है।

फेलाशियो (Fellatio) – इसे ओरल पेनाइल कॉन्टैक्ट भी कहा जाता है, जिसमें पार्टनर की जीभ, होंठ या मुंह से पुरुष पार्टनर के पेनिस को स्टिमुलेशन दिया जाता है।

एनलिंगस (Analingus) – इसे ओरल एनल कॉन्टैक्ट भी कहा जाता है, जिसमें एक पार्टनर के मुंह, होंठ या जीभ से दूसरे पार्टनर के एनस को स्टिमुलेशन दिया जाता है।

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ओरल सेक्स को पसंद किए जाने का क्या कारण है?

सेक्शुअली एक्टिव युवाओं और वयस्कों में ओरल सेक्स को काफी पसंद किया जाता है। जिसे किसी भी सेक्शुअल आइडेंटिटी वाले कपल्स ट्राय कर सकते हैं और प्लेजर पा सकते हैं। ओरल सेक्स में प्रेग्नेंसी की संभावना भी नहीं होती है, जिस वजह से टीनएजर्स भी बिना किसी डर के इसका आनंद ले पाते हैं। भारत जैसे देश में जहां, वर्जिनिटी का भावनात्मक रूप से संबंध होता है, वहां ओरल सेक्स एक बहुत अच्छा विकल्प है, जिसमें वर्जिनिटी जाने का भी कोई डर नहीं होता। एक रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 85 प्रतिशत सेक्शुअली वयस्कों ने कभी न कभी ओरल सेक्स किया है, जो कि भारी संख्या है।

ओरल सेक्स के फायदे

ओरल सेक्स करने से वो तमाम फायदे मिलते हैं, जो किसी भी सेक्शुअल एक्टिविटी करने से मिलते हैं। जैसे-

ओरल सेक्स करने से अनचाहे गर्भ का डर भी नहीं होता, जो कि इसका सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला फायदा है। इसके अलावा, इसमें एचआईवी फैलने का खतरा भी कम होता है। हालांकि, इसमें स्पर्म का वजायना से कॉ

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ओरल सेक्स के नुकसान

बेशक ओरल सेक्स से प्रेग्नेंसी की संभावना नहीं होती है, लेकिन ऐसा नहीं है कि यह बिल्कुल सुरक्षित है और आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। ओरल सेक्स से कुछ यौन संचारित रोगों की आशंका हो सकती है, जिसमें एचआईवी की आशंका भी होती है। हालांकि, ओरल सेक्स से एचआईवी की आशंका कम होती है। इसके अलावा, आपको निम्नलिखित यौन संचारित रोगों की आशंका हो सकती है। जैसे-

  • हेपेटाइटिस ए, बी और सी
  • ह्यूमन पैपिलोमा वायरस की वजह से होने वाले जेनिटल वार्ट्स
  • जेनिटल हर्पीस
  • गोनोरिया
  • सिफलिस
  • एचएसवी- और एचएसवी-2
  • क्लैमाइडिया
  • गले में सूजन, आदि

ओरल सेक्स के दौरान खतरे की संभावना क्यों है?

ओरल सेक्स हाल के वर्षों में काफी लोकप्रिय हुआ है, लेकिन इसे अनप्रोटेक्टेड रूप में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जा रहा है। जिससे, इससे होने वाले संक्रमण और बीमारियों की आशंका काफी बढ़ गई है। इसके साथ ही, लोगों को इससे जुड़ी सावधानियों के बारे में कम जानकारी होती है, जो कि इससे फैलने वाले संक्रमण की बड़ी वजह है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि, पिछले कई वर्षों में ओरल सेक्स की वजह से कई यौन संचारित रोगों और संक्रमण के मामले देखे गए हैं। जिसके बाद यह कहा जा सकता है कि, लोगों को ओरल सेक्स ट्राई करने के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।

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ओरल सेक्स के दौरान क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

  1. ओरल सेक्स के लिए सबसे पहले आपको अपने और अपने पार्टनर के जननांगों की स्वच्छता को लेकर सतर्क होना चाहिए। क्योंकि, जननांगों में कुछ खतरनाक बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, जो कि फैलने के बाद संक्रमण का कारण बन सकते हैं।
  2. अगर आप सेक्शुअली एक्टिव हैं, तो कोशिश करें कि आप बहुत सारे लोगों के साथ सेक्शुअली एक्टिव न रहें। क्योंकि, इससे संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने की आशंका बढ़ जाती है।
  3. अपने और अपने पार्टनर की यौन संचारित रोगों से संबंधित जांच नियमित करवाते रहें। इससे, गंभीर स्थिति से बचने में सहायता मिलेगी।
  4. ओरल सेक्स के दौरान भी कॉन्डम, डेंटल डैम आदि सुरक्षा का उपयोग करते रहें।
  5. अगर आप ओरल सेक्स करते हैं, तो अपने और अपने पार्टनर की ओरल स्क्रीनिंग जरूर करवाते रहें। जिससे डेंटिस्ट किसी भी यौन संचारित रोगों के लक्षण दिखने पर आपको जरूरी ट्रीटमेंट उपलब्ध करवा सके।
  6. अगर आपकी पार्टनर को पीरियड्स हो रहे हैं या पार्टनर के एनल व पेनिस में किसी भी तरह का इंफेक्शन है, तो ओरल सेक्स करने से बचें।

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क्या ओरल सेक्स से गले के कैंसर का खतरा होता है?

हालांकि, इस बारे में अभी पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है और अभी और शोध किए जा रहे हैं। लेकिन पाया गया है कि, ओरल सेक्स प्रत्यक्ष रूप से गले के कैंसर का कारण नहीं बनता है। लेकिन, इससे एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) फैल सकता है। एक अनुमान के मुताबिक, कैंसर के 35 प्रतिशत मामले एचपीवी के संक्रमण के कारण होते हैं। एचपीवी कोशिकाओं में खतरनाक बदलाव करता है, जो कि बाद में गले का कैंसर बन सकता है।

गले के कैंसर के लक्षण-

  • तीन हफ्तों से ज्यादा मुंह में सूजन या अल्सर
  • मुंह के नाजुक टिश्यू की रंगत खोना
  • चबाने में दर्द होना
  • दर्द रहित सूजे हुए टॉन्सिल
  • खाना निगलने में दर्द होना, आदि

गले के कैंसर के जोखिम-

निम्नलिखित चीजें गले के कैंसर के खतरे को बढ़ा सकती हैं। जैसे-

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ओरल सेक्स से एचआईवी की कितनी आशंका होती है?

कई सालों की रिसर्च से यह साफ हुआ है कि, वजायनल और एनल सेक्स से एचआईवी फैलने का काफी खतरा होता है। लेकिन, ओरल सेक्स से इसके फैलने के बारे में अभी कम जानकारी उपलब्ध है। दरअसल, एचआईवी एक पार्टनर से दूसरे पार्टनर तक फ्लूड के जरिए फैलता है। इस फ्लूड में ब्लड, सीमन, प्री-कम, ब्रेस्ट मिल्क, रेक्टल फ्लूड, वजायनल फ्लूड आदि शामिल हैं। अब, अगर ओरल सेक्स के दौरान आपके पेनिस, वजायना, एनस, मुंह, जीभ या होंठ आदि में कोई जख्म, कट या अन्य ब्रोकन स्किन है, तो इस फ्लूड के फैलने की आशंका हो जाती है। जिससे एचआईवी की चपेट में आने का खतरा हो जाता है। इसलिए, बेशक ओरल सेक्स से एचआईवी फैलने की आशंका कम होती है, लेकिन यह पूरी तरह एचआई फ्री नहीं है।

टंग कॉन्डम (Tongue Condom) क्या है?

टंग कॉन्डम को ओरल कॉन्डम भी कहा जाता है, जो कि ओरल सेक्स के दौरान इस्तेमाल किया जाता है। इन्हें, एचपीवी, एचआईवी आदि यौन संचारित रोगों से बचाव के लिए उपयोग किया जाता है। टंग कॉन्डम की बनावट पारंपरिक कॉन्डम जैसी ही होती है। बस इसका ओपन एंड थोड़ा बड़ा होता है, जिससे यह आसानी से होंठों पर फिट हो जाए। इसके विकल्प के तौर पर लैटेक्स कॉन्डम, डेंटल डैम और प्लास्टिक रैप आदि इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

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क्या प्रेग्नेंसी में ओरल सेक्स करना सुरक्षित है?

ओरल सेक्स करने से आपको कुछ यौन संचारित रोगों और अन्य संक्रमण होने का खतरा हो सकता है। इसलिए, इसे ट्राई करते हुए आपको काफी सावधानी और सतर्कता बरतनी पड़ती है। यदि, आप प्रेग्नेंसी में ओरल सेक्स की बात करें, तो गर्भावस्था के दौरान किसी भी तरह का सेक्स करना सुरक्षित माना जाता है, यदि आप पर्याप्त सावधानी बरतें। इसके अलावा, डॉक्टर कुछ असामान्य स्थितियों में सेक्स करने से मनाही कर सकते हैं। अब बात करें ओरल सेक्स की, तो प्रेग्नेंसी में गर्भवती महिला की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर हो जाती है, जिससे उसके किसी भी संक्रमण की चपेट में आने की आशंका बढ़ जाती है और गर्भवती महिला के द्वारा शिशु को भी कई जन्मजात जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है।

ओरल सेक्स से जुड़े मिथ क्या हैं?

  1. ओरल सेक्स से जुड़ा एक मिथ यह प्रचलित है कि, इससे वर्जिनिटी खोई जा सकती है। लेकिन, वर्जिनटी एक विवादास्पद विषय है, जो भारत जैसे देश में भावनाओं से जुड़ा हुआ है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि, ओरल सेक्स से दो पार्टनर के सेक्शुअल ऑर्गन का संपर्क नहीं होता, इसलिए इससे किसी भी तरह की वर्जनिटी नहीं खोई जा सकती।
  2. इससे जुड़ा दूसरा मिथ है कि, आप ओरल सेक्स के जरिए ऑर्गेज्म नहीं प्राप्त कर सकते। लेकिन यह पूरी तरह गलत है। क्योंकि, ओरल सेक्स में महिला पार्टनर का क्लिटोरिस और पुरुष पार्टनर के पेनिस को स्टिमुलेट किया जाता है। जिससे ऑर्गेज्म प्राप्त किया जा सकता है।
  3. ओरल सेक्स से जुड़ा तीसरा मिथ है कि, इसमें किसी भी तरह का कॉन्डम इस्तेमाल नहीं किया जाता। जबकि, किसी भी तरह के सेक्स के दौरान यौन संचारित रोगों और संक्रमण से बचाव के लिए कॉन्डम या अन्य सुरक्षात्मक चीजों का उपयोग करना जरूरी होता है। इसलिए, ओरल सेक्स के लिए भी टंग कॉन्डम, डेंटल डैम आदि उपलब्ध हैं, जिससे बचाव किया जा सकता है।

हैलो हेल्थ किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार मुहैया नहीं कराता।

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रिव्यू की तारीख जनवरी 13, 2020 | आखिरी बार संशोधित किया गया जनवरी 13, 2020

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