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क्लाइटोरिस को क्यों कहते हैं फीमेल पेनिस, जानें इसके बारे में

क्लाइटोरिस को क्यों कहते हैं फीमेल पेनिस, जानें इसके बारे में

महिलाओं को ऑर्गेज्म तक पहुंचाने में मददगार है क्लाइटोरिस (Clitoris)

महिलाओं के शरीर में कुछ ऐसे अंग होते हैं जो उन्हें यौन क्रिया के लिए उत्तेजित करते हैं। क्लाइटोरिस को “फीमेल पेनिस” भी कहते हैं, जो महिलाओं के शरीर का सबसे ज्यादा उत्तेजित करने वाला अंग माना गया है। आप इस स्थान पर स्पर्श कर अपनी महिला साथी को उत्तेजित कर सकते हैं और अपने सेक्स को और भी बेहतर बना सकते हैं। इस बारे में लोगों की अलग-अलग राय होती है। कुछ लोगों का मानना है कि महिलाओं को चरम सुख जी स्पॉट के कारण मिलता है। वहीं क्लाइटोरिस को कुछ लोग जी स्पॉट से नहीं जोड़ते हैं। आइए जानते हैं उसके पीछे की साइंस के बारे में।

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यौन सुख में क्लाइटोरिस की क्या भूमिका है?

कुछ महिलाएं मात्र पेनेट्रेशन की क्रिया से पूरी तरह संतुष्ट या चरम यौन सुख का अनुभव नहीं कर पाती हैं। उन महिलाओं के लिए क्लाइटोरिस को स्वस्थ तरीके से छूना उनको पूरा यौन सुख दे सकता है। सेक्स के लिए महिला को उत्तेजित करने के लिए भी इसे छुआ जाना कारगर साबित होता है। अगर पेनेट्रेशन से किसी महिला को ऑर्गेज्म प्राप्त करने में कठिनाई होती है तो इसके द्वारा उत्तेजित करने से उन्हें ऑर्गेज्म मिलने में भी आसानी हो सकती है। कुछ महिलाओं में, यौन गतिविधि के दौरान इसका आकार थोड़ा बढ़ जाता है।

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कहां होता है यह क्लाइटोरिस ?

विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाओं की वजाइनल वॉल ही वास्तव में क्लाइटोरिस है। यदि आप वजाइना की साइड वॉल की त्वचा को उठाते हैं, तो आपको इसके बल्ब मिलते हैं जो इरेक्टाइल टिश्यू के त्रिकोणीय और अर्धचंद्राकार आकार में होता है।

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इसे क्यों कहते हैं ‘फीमेल पेनिस’?

इसे कभी-कभी फीमेल पेनिस भी कहा जाता है। पेनिस और क्लाइटोरिस एक दूसरे से संरचना में संबंधित हैं। वास्तव में, वे एक ही डेवलपमेंट टिश्यू से उत्पन्न होते हैं। भ्रूण (fetus) के विकास के आठ हफ्तों में ही, वाई गुणसूत्र (Y-chromosome ) पुरुष डीएनए पर जेनिटल टिश्यू (genital tissue) का विकास शुरू करता है। यही वो समय है जब एक पुरुष में क्लाइटोरिस की बजाय पीनस के टिश्यू विकसित होते हैं। इसके कई हिस्से पेनिस के समान होते हैं लेकिन, आकार और लंबाई में भिन्न होते हैं और दोनो शरीर में अलग-अलग स्थानों पर स्थित होते हैं।

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क्या क्लाइटोरिस ही है असली जी-स्पॉट?

हम सभी ने जी-स्पॉट के बारे में सुना है। आज भी उसके अस्तित्व पर बहस होती है कि क्या यह मौजूद है या नहीं? क्या सभी महिलाओं के शरीर में जी-स्पॉट होता है? इन सभी सवालों का जवाब हां है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यही असल में जी-स्पॉट है। काफी समय से यह बात प्रचलित है कि यदि आप किसी महिला की वजाइना के अंदर जी-स्पॉट तक पहुंच सकते हैं, तो वह महिला ऑर्गेज्म प्राप्त कर सकती है लेकिन, कई शोध और अध्ययन से यह पता चलता है कि कुछ महिलाएं क्लिटोरल कॉम्प्लेक्स की वजह से इस माध्यम द्वारा उत्तेजित होने से कतराती हैं। इसलिए ज्यादातर महिलाएं को वैजिनल पेनेट्रेशन सेक्स को अधिक पसंद करती हैं।

क्लाइटोरिस को यौन अंग भी कहा जा सकता है। अगर आप क्लाइटोरिस को महिला का लिंग कहते हैं तो बिल्कुल सही है। उत्तेजना के दौरान क्लाइटोरिस में खून का प्रवाह बढ़ जाता है और पुरूष के लिंग की तरह ही टाइट हो जाती है। भले ही ये पुरुष के लिंग की तरह न दिखता हो, लेकिन इसे फीमेल पेनिस कहना गलत नहीं होगा। आपको जानकार हैरानी हो सकती है कि क्लाइटोरिस को छूने से भी कुछ महिलाओं को ऑर्गेज्म की प्रॉप्ति हो जाती है। क्लाइटोरिस को छूने और उसे उत्तेजित करने का तरीका अलग-अलग हो सकता है। कुछ महिलाओं को क्लाइटोरिस से उत्तेजना प्राप्त करने के लिए सेक्स टॉय का उपयोग भी करती हैं। वहीं कुछ महिलाओं को ओरल सेक्स के दौरान ऑर्गेज्म प्राप्त हो जाता है। यानी आपका साथी क्लाइटोरिस से कैसे उत्तेजना प्राप्त करता है, ये पुरुष साथी को पता होना चाहिए।

क्लाइटोरिस इन फीमेल : इन बातों का रखें ध्यान

क्लाइटोरिस भले ही महिलाओं को उत्तेजना का एहसास दिलाता हो, लेकिन आपको क्लाइटोरिस की देखभाल भी करनी बहुत जरूरी है। अगर सेक्स के दौरान कुछ गलतियां होती है तो क्लाइटोरिस में समस्या पैदा हो सकती है। सेक्स के दौरान अगर कुछ बातों पर ध्यान न दिया जाए तो उत्तेजना की जगह दर्द का सामना करना पड़ सकता है। अगर पुरुष साथी यौन संबंध बनाने जा रहे हैं तो उन्हें कुछ बातों पर ध्यान जरूर देना चाहिए।

  • अपनी महिला साथी को उत्तेजित करने के लिए जल्दबाजी न करें। यौन अंगों को कोमलता से छुएं।
  • सेक्स के दौरान जल्दबाजी करने या फिर तेजी से सेक्स करने से योनी में सूजन की समस्या भी हो सकती है। अगर आपके साथी को योनी में दर्द का एहसास हो रहा है तो बेहतर होगा कि उनकी भावनाओं का ख्याल रखें और उन्हें कुछ समय दें।
  • अगर महिला को पेशाब में संक्रमण की समस्या हो गई है तो बेहतर होगा कि ऐसे में ओरल सेक्स से पूरी तरह से बचें।
  • क्लाइटोरिस पर चोट लगने से दर्द की समस्या हो सकती है, अगर चोट गंभीर है तो तुरंत इसका इलाज कराएं।
  • अपने यौन सुख के लिए आप इसकी मदद ले सकते हैं। इसके बारे में और भी जानकारी और महिलाओं की उत्तेजना से जुड़े किसी भी सवाल को आप किसी पेशेवर यौन रोग विशेषज्ञ या अपने फैमिली डॉक्टर से पूछ सकते हैं।

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उपरोक्त दी गई जानकारी एक्सपर्ट की राय नहीं है। अगर आपको क्लाइटोरिस के बारे में अधिक जानकारी चाहिए तो बेहतर होगा कि इस बारे में एक्सपर्ट से जानकारी लें।उम्मीद करते हैं कि आपको इस आर्टिकल की जानकारी पसंद आई होगी और आपको क्लाइटोरिस से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

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सूत्र

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Pawan Upadhyaya द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 28/04/2021 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड