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महिलाओं को इन कारणों से लगता है सेक्स से डर

के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. हेमाक्षी जत्तानी · डेंटिस्ट्री · Consultant Orthodontist


Ankita mishra द्वारा लिखित · अपडेटेड 17/10/2020

महिलाओं को इन कारणों से लगता है सेक्स से डर

सेक्स न सिर्फ व्यक्ति को शारीरिक तौर पर बल्कि मानसिक तौर पर भी एक-दूसरे के अधिक करीब ला सकता है, साथ ही यह स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी होता है। हालांकि, ऐसी बहुत-सी महिलाएं हैं, जिन्हें सेक्स से डर लगता है। इसके पीछे कई तरह के कारण हो सकते हैं। यहां तक कि ऐसी कई महिलाएं है, जिन्होंने यह स्वीकार भी किया है कि इस दौरान वह न सिर्फ सेक्‍स को एंजॉय करती है, बल्कि उन्हें सेक्स से डर भी लगता है। इस आर्टिकल में हम महिलाओं को सेक्स को लेकर होने वाले डर के बारे में विस्तार से जानेंगे।

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क्यों लगता है महिलाओं को सेक्स से डर?

इसके पीछे शारीरिक और मानसिक दोनों ही वजहें हो सकती हैं। इसलिए, कई बार महिलाएं सेक्‍स करने से बचती भी हैं। तो आइए जानते है कि किन-किन बातों की वजह से महिलाओं को सेक्‍स से डर लग सकता है।

1.साथी की संतुष्टी

शारीरिक तौर पर ऐसी महिलाएं, जो खुद को स्वस्थ नहीं मानती हैं, उन्हें सेक्स से डर लगता है क्योंकि, वह अपने साथी को यौन क्रिया में अधिक सुख नहीं दे सकती हैं। उन्हें लगता है कि शारीरिक संबंध बनाने के दौरान अगर उन्होंने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, तो उनके साथी को ज्यादा खुशी नहीं मिलेगी, जिसकी वजह से वह उनसे दूरी बना सकता है।

2.भावनात्मक रूप से अधिक जुड़ना

अधिकतर पुरुष जहां सेक्स के दौरान सिर्फ संतुष्टि के बारे में सोचते हैं वहीं, महिलाएं इसे लेकर बहुत इमोश्नल हो जाती हैं। इसकी वजह से उन्हें संतुष्टी भी नहीं मिल पाती है।

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3.प्रेग्‍नेंसी का डर

सेक्‍स के दौरान अधिकतर महिलाओं के लिए सबसे बड़ा डर प्रेग्‍नेंसी से जुड़ा हो सकता है। सेक्स के दौरान अक्‍सर पुरुष साथी कंडोम का प्रयोग नहीं करना चाहते। कई महिलाएं भी अपने पार्टनर की इस इच्‍छा को मान लेती हैं। इसके अलावा, कई महिलाओं को कंडोम के बिना संबंध बनाना ज्यादा पसंद होता है। ऐसी स्थितियों में प्रेग्‍नेंसी की संभावना बढ़ जाती है। यह भी एक वजह हो सकती है, जिसकी वजह से महिलाएं सेक्स से डरती हैं।

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4.साथी का व्यवहार

कई बार पुरुष शारीरिक संबंध बनाने के दौरान स्वार्थी हो जाते हैं। इस दौरान वो अपनी अजीबो-गरीब ख्वाहिशों को पूरा करने से भी पीछे नहीं रहते। कई बार उनका यह व्यवहार उनकी महिला साथी के लिए डरावना हो सकता है। इससे उन्हें शारीरिक कष्ट तो होता ही है और उन्हें सेक्स से डर भी लगने लग सकता है।

5.यौन जनित रोग

पहली, दूसरी या तीसरी मुलाकात के दौरान अक्सर पुरुष साथी अपनी कमजोरी के बारे में बात नहीं करते हैं। इसके अलावा, बहुत से कपल शारीरिक संबंध बनाने से पहले एसटीआई टेस्ट सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन या सेक्‍शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज से जुड़ी जानकारी भी नहीं जानते हैं। सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन यौन संबंध के कारण महिलाओं व पुरुषों को होने वाली बीमारियां हैं। ये कई तरह की होती हैं। इसमें एचआईवी/एड्स, ह्यूमन पेपिलोमा वायरस संक्रमण, हर्पीस, हेपेटाइटिस जैसे कई रोग शामिल हो सकते हैं। आमतौर पर सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन का खतरा होने का अधिक डर महिलाओं में होता है इसकी वजह से भी महिलाओं को सेक्स से डर लग सकता है।

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6.पीरियड्स में सेक्‍स

सेक्‍स मनोवैज्ञानिक का कहना है कि पीरियड्स के दौरान महिलाओं में सेक्‍स की इच्‍छा बहुत ज्यादा बढ़ जाती है लेकिन, इस दौरान सेक्स करना कई तरह की परेशानियां खड़ी कर सकती है। इसके अलावा, कई महिलाओं को यह भी डर रहता है कि पीरियड में सेक्‍स नहीं करना चाहिए, इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

7.डिस्मॉर्फिया

डिस्मॉर्फिया, यानी एक ऐसी स्थिति जिसमें महिलाओं को अपने ही शरीर के बनावट और आकार से शर्म महसूस हो सकती है। इसके कारण वो सेक्स करने के लिए तैयार तो हो जाती है, लेकिन सेक्स के दौरान उनके मन में यह बात चलती रहती है कि वो बिना कपड़ों के कैसी दिख रही होंगी या निजी अंग कैसे हैं या उनके शरीर के आकार, बनावट या रंग को लेकर उनका साथी उनके बारे में कैसा महसूस कर रहा होगा। डिस्मॉर्फिया की स्थिति होने के कारण कई महिलाएं चिंता और डिप्रेशन में भी जा सकती है। इसके कारण वो न सिर्फ सेक्स से डर महसूस करती हैं, बल्कि जीवन में कभी भी सेक्स का अनुभव भी नहीं महसूस कर पाती हैं। साथ ही, इनमें सेक्स के लिए उत्साह भी नहीं होता है।

8.जेनोफोबिया

जेनोफोबिया (Genophobia) भी महिलाओं में सेक्स से डर लगने का एक बड़ा कारण हो सकता है। यह बिल्कुल ठीक उसी तरह का फोबिया होता है, जैसे किसी को ऊंचाई से डर, तो किसी को पानी से डर का फोबिया। जेनोफोबिया होने के कारण लोगों को यौन संबंधों, संभोग, सेक्स या यौन अंतरंगता का डर हमेशा सताता रहता है। यहां तक की न ही वो किसी के सामने सेक्स से जुड़ी बातें करते हैं और न ही कभी अकेले में भी इसके बारे में कोई विचार करते हैं। इसे कोइटोफोबिया (coitophobia) के रूप में भी जाना जाता है। हालांकि, जेनोफोबिया से पीड़िता महिला या पुरुष सिर्फ सेक्स से डर महसूस कर सकते हैं। इसके अलावा किस करना या हग करने जैसे किसी अन्य स्थिति में यह साधारण ही महसूस करते हैं।

बाल यौन शोषण भी सेक्स से डर का सबसे कारण बन सकता है

बाल यौन शोषण के मामले लड़कों के मुकाबले लड़कियों के साथ दोगुने अधिक देखे जाते हैं। बाल यौन शोषण न सिर्फ लड़कियों को अपना बचपन एक डर में जीने के लिए मजबूर करता है, बल्कि बड़ी होने पर उन्हें उनके साथी के करीब जाने से भी रोक सकता है। साथी के साथ निजी समय बिताते हुए उन्हें बचपन में हुए बाल यौन शोषण का अनुभव दोबारा से हो सकता है। ऐसे में अगर कोई महिला बचपन में बाल यौन शोषण का शिकार हुई हो, तो वह सेक्स से डर महसूस कर सकती है।

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अगर किसी महिला को सेक्स से बहुत ज्यादा डर लगता है, तो उन्हें इसके बारे में सबसे पहले अपने साथी से बात करनी चाहिए। अगर इसके बाद भी वो अपने साथी के साथ सेक्स करने के लिए सहज नहीं होती है, तो आप डॉक्टर की मदद ले सकते हैं। साथ ही, पुरुष साथियों को भी महिला साथी की शारीरिक और मानसिक स्थिति को समझना चाहिए, ताकि दोनों ही सेक्स की क्रिया का आनंद उठाएं।

अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो रही है, तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

डिस्क्लेमर

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।



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