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Sternum Pain: जानिए स्टर्नम पेन की पूरी एबीसीडी

Sternum Pain: जानिए स्टर्नम पेन की पूरी एबीसीडी

स्टर्नम या ब्रेस्टबोन रिब केज के दोनों साइड को जोड़ने का काम करती है। ये सीने में आगे की ओर स्थित होती है और इसके आसपास कई मुख्य ऑर्गन स्थित होते हैं। कुछ ऑर्गन जैसे कि हार्ट, लंग्स, स्टमक आदि स्टर्नम के आसपास स्थित होते हैं। कुछ कंडीशन के कारण स्टर्नम या फिर ब्रेस्टबोन में पेन की समस्या हो सकती है। कई बार लोग चेस्ट पेन को भी दिल का दौरा समझने की भूल कर देते हैं, जो कि हार्ट से जुड़ा नहीं होता है। हार्ट या फिर डायजेस्टिव सिस्टम आदि की कंडीशन भी स्टर्नम पेन का कारण बन सकते हैं। यानी अगर आपको सीने में दर्द की समस्या हो रही है, तो ये स्टर्नम पेन (Sternum Pain) से जुड़ी हो सकती है। आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको स्टर्नम पेन (Sternum Pain) के कारण बताएंगे, जो शरीर के अन्य ऑर्गन से जुड़े हो सकते हैं।

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स्टर्नम पेन (Sternum Pain) के क्या हैं कारण?

Sternum Pain-स्टर्नम पेन

स्टर्नम पेन (Sternum Pain) के कई कारण हो सकते हैं। सभी कारणों में जो सबसे पहले या आम कारण माना जाता है, वो है कॉस्टोकोनड्राइटिस (Costochondritis) की समस्या। जब कार्टिलेज, जो रिब्स को स्टेर्नम से जोड़ती है, उसमे सूजन आ जाती है तो कॉस्टोकॉन्ड्राइटिस की समस्या पैदा हो जाती है। इस कंडीशन के कारण स्टर्नम के साइड में दर्द की समस्या होती है और साथ ही पसलियों में भी दर्द होता है। कुछ लोगों को सांस लेने में भी समस्या हो सकती है। अगर ऐसे में खांसी आ जाए, तो समस्या अधिक बढ़ भी सकती है। इस कंडीशन का कोई मुख्य कारण नहीं होता है। कई बार इंज्युरी, या फिर शारीरिक गतिविधि के दौरान खिचांव की समस्या के कारण कॉस्टोकोनड्राइटिस (Costochondritis) की कंडीशन पैदा हो सकती है। वैसे कॉस्टोकॉन्ड्राइटिस की कंडीशन को गंभीर नहीं माना जाता है। कुछ समय बाद आपको दर्द की समस्या से राहत मिल सकती है। जानिए स्टर्नम पेन (Sternum Pain) के अन्य कारणों के बारे में।

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स्टर्नोक्लेविक्युलर ज्वाइंट इंज्युरी (Sternoclavicular joint injury)

स्टर्नोक्लेविक्युलर ज्वाइंट स्टर्नम को कॉलरबोन (collarbone) से जोड़ने का काम करता है। अगर इसमें किसी प्रकार की समस्या या फिर इंज्युरी हो जाती है, तो स्टर्नम पेन (Sternum Pain) की समस्या हो सकती है। आपको ऊपरी छाती में दर्द के साथ ही सूजन की समस्या हो सकती है।

स्टर्नम फ्रैक्चर (Sternum fracture)

अपर बॉडी के मूवमेंट के लिए स्टर्नल महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर स्टर्नम फ्रैक्चर की समस्या हो जाती है, तो चेस्ट पेन की समस्या हो सकती है। ऐसा अक्सर चोट लगने के कारण हो सकता है। स्पोर्ट्स खेलने के दौरान, फिजिकल एक्टिविटी के दौरान या फिर सीट बेल्ट पहने के बाद होने वाले एक्सीडेंट स्टर्नम फ्रैक्चर का कारण बन सकते हैं।

हार्निया की समस्या (Hernia)

चेस्ट मसल्स में खिचांव के कारण स्टर्नम में दर्द की समस्या हो सकती है। मसल्स के खिंचने पर उनमें चोट भी लग सकती है। हार्निया की समस्या तब पैदा होती है, जब कोई ऑर्गन अपने स्थान से थोड़ा खिसक जाता है।जब स्टमक आपके डायाफ्राम को आपकी चेस्ट कैविटी में ले जाता है, तो इसे हिटल हर्निया कहते हैं। इस कारण पेट में जलन की समस्या, डकार आना, स्टूल काले रंग का आना आदि समस्या हो जाती हैं। हार्निया की समस्या स्टर्नम पेन (Sternum Pain) का कारण बन सकती है।

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ये गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कंडीशन (Gastrointestinal conditions) बन सकती हैं स्टर्नम पेन का कारण

स्टर्नम के आसपास प्रमुख पाचन अंग उपस्थित होते हैं। कुछ कंडीशन जो ईसोफेगस, स्टमक और डायजेस्टिव ऑर्गन को प्रभावित करती हैं, वो स्टर्नम पेन (Sternum Pain) का कारण बनती हैं। जानिए कौन-सी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कंडीशन (Gastrointestinal condition) ब्रेस्टबोन पेन का कारण बन सकती है।

एसिड रिफ्लेक्स (Acid reflux)

एसिड रिफ्लेक्स की समस्या स्टर्नम पेन (Sternum Pain) का कारण बन सकता है। छाती में यदि जलन की समस्या होती है, तो आपको खांसी के साथ ही गले में खराश, और गले में गांठ का अनुभव, निगलने में कठिनाई भी हो सकता है।

हार्टबर्न (Heartburn)

जब पेट का एसिड ईसोफेगस (Esophagus) में पहुंच जाता है, तो सीने में दर्द की समस्या होने लगती है। खाने के बाद हार्टबर्न (Heartburn) की समस्या आम होती है। अब व्यक्ति आगे की ओर झुकता है, तो स्टर्नम पेन (Sternum Pain) अधिक हो सकता है। अगर ट्रीटमेंट न भी कराया जाए, तो ये समस्या कुछ समय बाद ठीक हो जाती है।

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स्टर्नम पेन का कारण रेस्पायरेटरी कंडीशन (Respiratory conditions)

कुछ ऐसी सांस संबंधी कंडीशन होती हैं, जो स्टर्नम पेन (Sternum Pain) का कारण बन सकती हैं। लंग्स, ट्रैकिया आदि में पैदा हुई कंडीशन स्टर्नम पेन का कारण बन सकती है। जानिए ब्रेस्टबोन पेन से रेस्पायरेटरी कंडीशन का क्या संबंध है।

ब्रोंकाइटिस (Bronchitis)

जब ब्रोंकियल ट्यूब में सूजन की समस्या हो जाती है, तो ब्रोंकाइटिस (Bronchitis) की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसा फ्लू और कोल्ड के कारण हो सकता है। इस कारण से सांस लेने या छोड़ने के दौरान स्टर्नम में भी बुरा असर पड़ता है। स्टर्नम हर्ट होने के कारण दर्द का सामना करना पड़ सकता है।

निमोनिया (Pneumonia)

जब लंग्स बैक्टीरिया या फिर वायरस के इंफेक्शन के कारण संक्रमित हो जाते हैं, तो सांस लेने में दिक्कत (Breathing problem) होती है। निमोनिया (Pneumonia) के कारण भी स्टर्नम पेन (Sternum Pain) हो सकता है। आप इस बारे में अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से परामर्श कर सकते हैं।

ब्रेस्टबोन पेन (Breastbone pain) हो, तो न करें इग्नोर

अब तो आप समझ ही गए होंगे कि स्टर्नम पेन (Sternum Pain) के लिए एक नहीं बल्कि बहुत सी कंडीशन जिम्मेदार हो सकती हैं। स्टमक अल्सर (Stomach ulcer), पैनिक अटैक (Panic attack) भी कई बार ब्रेस्टबोन पेन का कारण बन सकता है। इस कारण से स्टमक क्रैम्प होता है और छाती में दर्द (Chest pain) का एहसास भी हो सकता है। अगर आपको छाती में दर्द का एहसास हो रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। छाती में दर्द कई कारणों से हो सकता है। बेहतर होगा कि आप एक बार डॉक्टर से जांच जरूर कराएं। स्टर्नम या जनरल चेस्ट पेन के लिए कोई तय कारण नहीं होता है। अगर आपको सांस लेने में दिक्कत हो, तो भी इसे हल्के में न लें। ब्रेस्टबोन पेन (Breastbone pain) किन कारणों से हो रहा है, इसकी जांच बहुत जरूरी है। यानी समस्या का कारण पता कर उसका इलाज कराया जा सकता है।

हम उम्मीद करते हैं कि आपको इस आर्टिकल के माध्यम से स्टर्नम पेन (Sternum Pain) के बारे में जानकारी मिल गई होगी। अगर आपको ऐसी समस्या महसूस हो, तो डॉक्टर से जानकारी जरूर लें। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी प्रकार की चिकित्सा और उपचार प्रदान नहीं करता है। हम उम्मीद करते हैं कि आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। आप स्वास्थ्य संबंधी अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है, तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं और अन्य लोगों के साथ साझा कर सकते हैं।

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 27/06/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड