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ले जा रही हैं शिशु को पहली बार बाहर, इन बातों का रखें ध्यान

ले जा रही हैं शिशु को पहली बार बाहर, इन बातों का रखें ध्यान

शिशु को बाहर लेकर कब निकलें? यह सवाल नए पेरेंट्स के दिमाग में आता ही है। नवजात शिशुओं को शुरुआती दिनों में घर से बाहर लेकर जाना हानिकारक हो सकता है। बाह्य वातावरण के संपर्क में आने से शिशु को रेस्पिरेटरी संक्रमण हो सकता है। आज हम इस आर्टिकल में आपको विस्तार से बताएंगे कि शिशु को क्यों जल्दी बाहर नहीं ले जाना चाहिए। अगर आप भी अब अपने शिशु को बाहर लाना चाहते हैं, तो इस आर्टिकल को ध्यान से पढ़ें। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि आप शिशु को बाहर कब ला सकती हैं और साथी ही ये भी जानेंगे कि शिशु को बाहर लाने के लिए आपको क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।

इस पर हैलो स्वास्थ्य ने जबलपुर के अग्रवाल आई एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल की कंसल्टेंट पीडियाट्रीशियन डॉक्टर सोनिका अग्रवाल से खास बातचीत की।

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कितने महीनों बाद शिशु को बाहर लाना चाहिए?

डॉक्टर: एक डेढ़ महीने तक शिशु को बाहर लेकर नहीं जाते हैं। डिलिवरी के बाद महिला की बॉडी में कमजोरी आती है। उसे रिकवर करने के लिए कम से कम एक से डेढ़ महीने का समय लग जाता है। जब मां बाहर नहीं जाएगी तो शिशु कैसे जाएगा? यह पक्ष हमारी संस्कृति से जुड़ा हुआ है। नॉर्मल डिलिवरी के बाद भी महिला की बॉडी को रिकवर करने में इतना समय लगता है। जबकि, सिजेरियन में इससे ज्यादा समय लगता है।

शुरुआती 100 दिन शिशु के लिए काफी महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि, इस अवधि में उसे संक्रमण होने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। यदि किसी कारण से शिशु को बाहर ले जाना पड़ रहा है तो मां को जरूर साथ लेकर जाएं।

शिशु को बाहर लाना है तो किन बातों का ध्यान रखें?

डॉक्टर: शिशु को बाहर ले जाने से पहले उसे अच्छी तरह से कवर कर लें। अगर सर्दियों में डिलिवरी हुई है तो उसका ध्यान रखना और भी जरूरी हो जाता है। सर्दियों में जितनी ठंड हमें लगती है उससे दोगुनी शिशु को लगती है। शिशु को ज्यादा स्वैटर न पहनाएं। उसे सूती कपड़ों से कवर कर लें।

और पढ़ें: पालन-पोषण के दौरान पेरेंट्स से होने वाली 4 सामान्य गलतियां

किन इलाकों में शिशु को बाहर लाना जाना चाहिए?

डॉक्टर: धूल भरे इलाकों में शिशु को लेकर ना जाएं। भीड़-भाड़ वाला इलाका शिशु के लिए खतरनाक हो सकता है क्योकिं, इससे शिशु को सांस से संबंधित बीमारी हो सकती है। किसी अनजान व्यक्ति के हांथ में शिशु को न दें। कड़ी धूप वाले इलाकों में शिशु को न लेकर जाएं। किसी ऐसी जगह जहां मच्छरों को प्रकोप हो या कोई भी इंफेक्शन फैला हुआ हो वहां शिशु को लेकर बिल्कुल नहीं जाना चाहिए।

और पढ़ें: मल्टिपल गर्भावस्था के लिए टिप्स जिससे मां-शिशु दोनों रह सकते हैं स्वस्थ

शिशु को बाहर लाना है तो किन चीजों को अपने साथ रखना चाहिए?

डॉक्टर: शिशु को बाहर ले जाते वक्त अपने साथ हमेशा हैंड सेनेटाइजर या साबुन जरूर रखें। शिशु को बाहर दूध पिलाने से पहले अपने हांथ अच्छे से साफ कर लें। बाहर की चीजों को छूने के बाद सेनेटाइजर या साबुन से हांथ जरूर साफ करें। किसी के छींकने या खांसने पर शिशु को हमेशा दूर रखें। इससे शिशु को संक्रमण हो सकता है।

शिशु को बाहर लाना है तो उसे कितनी देर तक बाहर रहना चाहिए?

डॉक्टर: शिशु को ज्यादा से ज्यादा समय तक घर में ही रखें। जरूरत पड़ने पर ही बाहर लेकर जाएं। कम से कम समय के लिए उसे बाहर लेकर जाएं। प्राइवेट टैक्सी का इस्तेमाल करें। ऑटो से जाते वक्त शिशु के सिर को ढंक कर ही रखें।

और पढ़ें: शिशु को डायपर रैशेज से बचाने के लिए घरेलू उपाय

किस स्थिति में तुरंत घर लौटना चाहिए?

डॉक्टर: कुछ मामलों में वह अचानक दूध पीते वक्त उल्टी कर सकता है। बाहर धूप के संपर्क में आने से शिशु अचानक सुस्त हो सकता है। इसके अलावा, कई बार वह बहुत ज्यादा सोने लगता है या फिर दूध नहीं पीता है साथ ही चिड़चिड़ा हो जाता है। इन सभी स्थितियों में आपको तुरंत घर लौटकर आना चाहिए।

अब तो आप समझ ही गए होंगे कि बच्चे को पहली बार बाहर लाते वक्त किन बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। यहां बताए गए टिप्स को फॉलो कर आप उसे अनचाही परेशानियों से बचा सकते हैं।

शिशु को बाहर ले जाते वक्त ध्यान रखें ये बातें

अगर आपको अपने शिशु को बाहर लाना है, तो मौसम का खास ध्यान रखने की जरूरत है। इस बात का ध्यान रखें कि बाहर ज्यादा सर्दी, ज्यादा गर्मी न हो। चूंकि बच्चों का स्वास्थ्य काफी नाजुक होता है और उनकी इम्यूनिटी भी काफी कम होती है। ऐसे में उन्हें मौसम का बदलाव प्रभावित कर सकता है। इसलिए आप इस बारे में ध्यान रखें कि बाहर का मौसम कैसा है। अगर आपको लगे कि ठंड या गर्मी बहुत ज्यादा है, तो शिशु को बाहर लाना अवॉइड करें।

अगर शिशु बीमार हो तो न ले जाएं उसे बाहर

अगर आपका शिशु पहले से ही बीमार है, तो उसे बाहर ले जाने से बचें। बाहर की भीड़ भाड़ जैसी चीजें और धूल मिट्टी उसके स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए अगर बच्चा बीमार है, तो उसे बाहर ले जाने से बचें। इससे बेहतर है कि बच्चे को घर में ही रखें और उसकी उचित देखभाल करते जाएं।

और पढ़ें: शिशु को ग्राइप वॉटर देते वक्त रहें सतर्क,जितने फायदे उतने नुकसान

एक कंबल हमेशा साथ रखें

मौसम बदलते देर नहीं लगती। खासतौर पर छोटे बच्चों के लिए। इसलिए भले ही गर्मी कितनी भी हो, बच्चे के लिए एक एक्सट्रा कंबल कैरी कर के जरूर चलें। इससे बच्चे को ढकने में मदद मिलेगी और अगर बच्चे को ठंड लगने लगी, तो आप इसे बच्चे को ओढ़ा सकते हैं।

ज्यादा देर के लिए न ले जाएं बाहर

बच्चों का शरीर काफी जल्दी थक जाता है, इसलिए कोशिश करें कि आप बच्चे को ज्यादा देर के लिए बाहर न रखें। बच्चे को समय समय पर फीडिंग और आराम की जरूरत होती है, इसलिए ज्यादा देर के लिए बाहर रखने से बच्चा काफ थक सकता है और चिड़चिड़ा हो सकता है और वो रात भर रोने लग सकता है। ऐसा भी हो सकता है कि वो बच्चा इतना रोए और चिड़चिड़ा हो जाए कि वो रात भर सो ही न पाए। इसलिए कोशिश करें कि अगर आप बच्चे को बाहर ले जाते हैं, तो उसे ज्यादा देर के लिए बाहर न ले जाएं।

शिशु को बाहर ले जाना हो तो एक्सपर्ट की लें सलाह

शिशु को बड़ों की तुलना में सबसे अधिक केयर की आवश्यकता पड़ती है। कहीं बाहर जाना हो, तो ऐसे में आपको काफी खास एहतियात बरतनी होती है। इसके लिए जरूरी है कि आप अपने हेल्थ केयर प्रोवाइडर से बात करें या फिर घर के बड़े बुजुर्गों की सलाह लेकर बताई गए जरूरी बातों को अपनाएं। ताकि किसी प्रकार की परेशानी न हो। संभावना रहती है कि यदि आपने बच्चे का खास ख्याल नहीं रखा, तो उन्हें बीमारी हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि उनकी कुछ ज्यादा ही देखभाल की जाए। ताकि वो असहज बिल्कुल भी महसूस न करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

A Guide for First-Time Parents. https://kidshealth.org/en/parents/guide-parents.html. Accessed on 27 August, 2020.

Baby’s First Steps. https://familydoctor.org/babys-first-steps/. Accessed on 27 August, 2020.

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When Can I Take My Newborn Out in Public?. https://kidshealth.org/en/parents/newborn-out.html. Accessed on 27 August, 2020.

Tips for new parents. https://www.nhs.uk/conditions/pregnancy-and-baby/being-a-parent/. Accessed on 27 August, 2020.

लेखक की तस्वीर
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Sunil Kumar द्वारा लिखित
अपडेटेड 09/09/2019
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