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Swaddling: जानिए शिशु को कपड़े में लपेटने का सही तरीका

Swaddling: जानिए शिशु को कपड़े में लपेटने का सही तरीका

आज इस आर्टिकल में हम बात करेंगे शिशु को कपड़े में लपेटने (Baby Swaddling) से जुड़ी कई खास इन्फॉर्मेशन के बारे में। शिशु को कपड़े में लपेटना (Baby Swaddling)) एक बेहद जरूरी चीज होती है। आपने देखा होगा कि जब पहली बार आपका शिशु हॉस्पिटल से घर आता है तो वह कपड़े में लिपटा होता है और केवल उसका सिर बाहर रहता है। दरअसल ऐसा इसलिए होता है क्योंकि नर्स को पता होता है कि शिशु को कपड़े में लपेटना (Swaddling) उसको दुलार करने और शांत रखने में मदद करता है।

कई वर्षों से चले आ रहे इस नुस्खे को अपनाने के ढेर सारे कारण हैं। लेकिन छोटे बच्चे को कपड़े में कैसे लपेटना चाहिए इस बारे में जानकारी न होने पर यह थोड़ा विकट हो सकता है, खासतौर से जब मां स्वयं नींद में हों। आज हम आपको एक-एक सरल स्टेप के जरिए बताएंगे कि कैसे आपको अपने शिशु को सही तरीके से कपड़े में लपेटना चाहिए।

नवजात शिशु को एक पतले कपड़े या चादर में लपेटना बेहद पुराना नुस्खा है जिसे अंग्रेजी में स्वैडलिंग (Swaddling) कहा जाता है। शिशु स्वैडलिंग के बाद बेहद प्यारा और शांत लगता है जिसे देखकर किसी का भी दिल पिघल सकता है। हालांकि, इस पुरानी घरेलू नुस्खे के कई सारे फायदे भी हैं जिनकी मदद से आपके शिशु को अच्छी नींद और आराम मिलता है। तो चलिए जानते हैं नवजात शिशु के स्वैडलिंग के फायदों के बारे में

  • गर्भ से बाहर आने के बाद शिशु को कपड़े में लपेटने (Baby Swaddling) से उसे सुरक्षित महसूस होता है।
  • स्वैडलिंग शिशु को स्टार्टल रिफ्लेक्स (शिशु का झटके से घबरा जाना) होने से बचाता है। शिशु को कपड़े में लपेटने (Baby Swaddling) से वह अपने हाथों या पैरों को घिसट या चलाता नहीं है।
  • स्वैडलिंग शिशु को गर्म और आरामदायक रखती है जब तक उसका अंदरूनी थर्मोस्टेट बाहर के तापमान अनुसार सेटल नहीं हो जाता है।
  • शिशु को कपड़े में लपेटने (Baby Swaddling) से उसे बेहतर नींद आती है।

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शिशु को कपड़े में लपेटने की जरूरत कब पड़ती है? (When Baby Swaddling is required)

शिशु को कपड़े में लपेटने (Baby Swaddling)

शिशु को कपड़े में कब लपेटना चाहिए इसका चयन पेरेंट्स पर निर्भर करता है। कुछ लोग स्वैडलिंग (Baby Swaddling) दिन में किसी भी समय अपनाते हैं या जब भी उन्हें लगता है कि उनका शिशु बहुत ज्यादा हिल या झिलमिला रहा हो। अधिकतर माता-पिता इसका चयन रात के समय शिशु को सुलाने के लिए करते हैं। इससे बच्चे को रात में सोने की आदत हो जाती है और अच्छी नींद आती है।

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शिशु को कपड़े में कैसे लपेटना (Baby Swaddling) चाहिए?

यदि आप अपने बच्चे को आरामदायक महसूस करवाना चाहते हैं तो स्वैडलिंग (Swaddling) अच्छा विकल्प हो सकता है। रिसर्च की मानें तो शिशु को कपड़े में लपेटना उसे मां के गर्भ जैसा एहसास करवाने में मदद करता है। स्वैडलिंग से बच्चे को बेहद सुरक्षित भी महसूस होता है और वह रात के समय कम रोता है।

यदि स्वैडलिंग सही तरीके से न अपनाई जाए तो यह बच्चे के लिए खतरनाक भी साबित हो सकती है। शिशु को सुरक्षित रूप से कपड़े में लपेटने के लिए निम्न स्टेप फॉलो करें :

  • सबसे पहले किसी मुलायम कपड़े का चयन करें जिसमें आपको लगता है कि शिशु आरामदायक महसूस करेगा उसमें शिशु को कपड़े में लपेटे। आप चाहें तो इसके लिए किसी विशेष ब्लैंकेट का इस्तेमाल कर सकते हैं या किसी साधारण चादर का भी।
  • ब्लैंकेट को पूरी तरह से खोल लें और एक कोने को दूसरे कोने की तरफ फोल्ड करें। अब अपने शिशु को कमर के बल ब्लैंकेट पर लिटाएं, ध्यान रहे कि बच्चे का सिर चादर के कोने के ऊपर हो।
  • अब एक कोने को उठाएं और अपने शिशु के ऊपर से लेकर दूसरे कोने तक ले जाएं। ध्यान रहे कि बच्चे का सिर कपड़े के नीचे न ढके।
  • ब्लैंकेट के निचले कोने को शिशु के पैरों पर लपेटें।
  • चादर के दूसरे कोने को उठाएं और बच्चे के ऊपर से ले जाते हुए उसे इसमें लपेट दें।
  • शिशु के पैरों को सख्ती से न खींचे और न ही स्वैडलिंग (Swaddling) बेहद टाइट बांधे। यदि शिशु ब्लैंकेट के अंदर अपने पैरों और कूल्हों को हिला नहीं पाता है तो उसमें हिप डिस्प्लेसिया होने का खतरा बढ़ सकता है। यह एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें बच्चे के कूल्हे सामान्य संरचना के साथ विकसित नहीं हो पाते हैं और आसानी डिस्लोकेट हो सकते हैं।
  • एक बार जब आप अपने बच्चे को सुरक्षित रूप से स्वैडलिंग (Swaddling) करने में सफल हो जाते हैं तो उसे अच्छी नींद की आदत डालने में मदद करें। शिशु को हमेशा उसकी पीठ के बल ही सुलाएं। इसके साथ ही जब बच्चा अपने पेट के बल हिलना-डुलना सीख जाए तो शिशु को कपड़े में लपेटना बंद कर दें।

यदि आपको स्वैडलिंग संबंधी कोई भी सवाल हों तो डॉक्टर से संपर्क करें।

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स्वैडलिंग या शिशु को कपड़े में लपेटने की प्रक्रिया के नुकसान (Side effects of Baby Swaddling)

जिस प्रकार हर चीज के फायदे होते हैं उसी तरह उसके कई नुकसान भी हो सकते हैं। खासतौर से जब बात किसी नवजात शिशु की देखभाल की हो। स्वैडलिंग एक सुरक्षित प्रक्रिया है लेकिन इसके कई दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। यह सभी नुकसान आपके शिशु को कपड़े में लपेटने (Baby Swaddling) के तरीकों पर निर्भर करते हैं। तो आइए जानते हैं कि स्वैडलिंग से आपके बच्चे को क्या-क्या नुकसान पहुंच सकते हैं :

स्वैडलिंग की प्रक्रिया या शिशु को कपड़े में लपेटना बच्चे और माता-पिता के बीच बनने वाले संबंध और लगाव में बाधा बन सकती है। इसके साथ ही शिशु को स्वैडलिंग के कारण कई शारीरिक समस्याएं भी हो सकती हैं। शिशु को कपड़े में लपेटने (Baby Swaddling) के कारण मुख्य रूप से निम्न परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है :

यदि स्वैडलिंग सही तरीके से न की जाए तो सांस लेने में परेशानी होने के कारण शिशु की मृत्यु भी हो सकती है।

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शिशु को कपड़े में कब नहीं लपेटना चाहिए

स्वैडलिंग की प्रक्रिया या शिशु को कपड़े में लपेटना कब रोक देना चाहिए, यह लगभग सभी पेरेंट्स की चिंता का मुख्य कारण होता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक के मुताबिक जब शिशु रोल करना यानि इधर-उधर हिलना सीख जाए तो बच्चे को कपड़े में लपेटने की कोई आवश्यकता नहीं होती है और इसे आप बंद कर सकते हैं। आमतौर पर शिशु 4 से 6 महीने की आयु में रोल करना सीख जाते हैं।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

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Shivam Rohatgi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ हफ्ते पहले को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड