बच्चे को बायीं तरफ गोद में लेने से मजबूत होता है मां और बच्चे का रिश्ता

By Medically reviewed by Dr Sharayu Maknikar

हर मां के पास अपने बच्चे को पकड़ने और उन्हें संभलने के लिए एक स्ट्रांग आर्म यानि की ज्यादा मजबूत हाथ होता है। ऐसा कई बार इस पर निर्भर करता है कि मां किस हाथ का ज्यादा प्रयोग करती है, जिसे आम भाषा में लेफ्टी या राइटी भी कहते हैं। उदाहरण के लिए अगर मां राइटी है, तो बच्चे को भी राइट साइड में ही उठाएगी। हालांकि ज्यादातर लोग इस काम के लिए अपने बाएं हाथ का इस्तेमाल करते हैं। हाल ही में पता चला है कि इसका कारण लेफ्टी या राइटी होने से कहीं ज्यादा है। आखिर मां क्यों बच्चे को अपने बाएं हाथ से ही उठाती है, इसका एक साइंटिफिक कारण भी है।

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बच्चे को बायीं ओर गोद में लेती हैं अधिकतर महिलाएं 

हाल ही में हुआ एक शोध हमें बताता है कि 70 से 85 प्रतिशत मां अपने बच्चे को उनके बायीं ओर रखना पसंद करती हैं, ठीक वैसे ही जैसे ही बचपन में लड़कियां अपनी गुड़िया को अपने बायीं ओर रखती हैं। शोधकर्ता विक्टोरिया जे बॉर्न और ब्रेंडा के टोड के अनुसार ऐसा इसलिए है कि मां को शायद यह लगता है कि उन्हें अपने दाहिने हाथ की जरूरत है, क्योंकि अधिकांश लोग राइटी होते हैं। लेकिन विज्ञान ने उस धारणा को सिरे से नकार दिया है, क्योंकि अध्ययन में अधिकांश लेफ्टी  मां भी अपने बच्चों को बायीं ओर रखती हैं।

अब इसके पीछें क्या साइंटिफिक कारण है इसका जवाब आपको यह आर्टिकल देगा । ब्रेन एंड कॉग्निशन नाम की मैगजीन का एक अध्ययन हमें बताता है कि बायीं ओर बच्चों को लेने की हमारी पसंद का कनेक्शन हमारे दिमाग से भेजे गए सिग्नल से  है। यह सुनने में आपको थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन मानव के दिमाग का दाहिना भाग हमारे शरीर के बाईं ओर से संकेत लेता है, और मस्तिष्क का दाहिना भाग वह हिस्सा है जो हमारे फोकस, सामाजिक संकेतों को समझना और संबंध बनाने की हमारी क्षमता को संभालता है। 

इसलिए अगर हम अपने बच्चों को बाईं ओर रखते हैं, तो हम अपने दाहिने मस्तिष्क को मदर बॉन्ड को समझने का इशारा करते हैं साथ ही दाईं ओर से हम अपने बच्चे को सही से देखने में सक्षम होते है।

बच्चों को भी मां के बायीं ओर रहना पसंद होता है

शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि बच्चे को भी अपनी मां की बायीं ओर पसंद आती हैं और विज्ञान के पास इसके कारण भी हैं। यह बच्चे को आपके दिल के करीब रखता है, जिससे आपके बच्चे के साथ-साथ आपका दिमाग भी शांत रहता है, इसके अलावा इससे उनके दिल की धड़कन को भी नियंत्रित करने में मदद मिलती है। अब आप दो मिनट का समय लें और सोचें कि जब भी आपका बच्चा आता है, तो वो अक्सर आपकी बाईं ओर चिपका रहता है। इसके अलावा अगर आप अपने बच्चे को बाईं ओर पकड़ते हैं, तो उनका दाहिना कान आपके मुंह के पास होता है, और मस्तिष्क के बाईं ओर जो शरीर के दाईं ओर से जानकारी का अनुवाद करता है, वह भाषा को समझने के लिए जिम्मेदार होता है।

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पिता के लिए अलग है इसके मायने

नए पिता भी लेफ्ट-साइड बायस होते हैं, लेकिन तब तक नहीं जब तक उनके अपने बच्चे हों। आदमियों के साथ ये तब तक नहीं होता जब तक वे वास्तव में एक बच्चे की देखभाल करें। आप इस बात को मानें या ना मानें, महिलाओं के अंदर वास्तव में मातृत्व की भावना पहले से ही होती है जो पुरुषों के अंदर तब आती है जब वह खुद पिता बनते हैं।

अगर आपको अपने बच्चे को दाईं ओर रखना पसंद करते हैं, तो इसमें कुछ गलत नहीं है। हालांकि, यह बताने के लिए भी शोध है कि जो लोग बच्चो को पकड़ने के लिए अपने बाएं हाथ को पसंद करते हैं, उनके अपने माता-पिता के साथ बेहतर संबंध हैं, जबकि दाएं तरफ वाले गर्भावस्था और पालन-पोषण के बारे में अधिक चिंतित रहते हैं। 

यह सुनने में थोड़ा अलग और दिलचस्प लग सकता है लेकिन ये बातें बिल्कुल भी इस बात की तरफ इशारा नहीं करती कि आप कैसे पेरेंट हैं । यह जानकर बहुत से राइट हैंडर सोच रहे होंगे कि क्या वह अपने बच्चों से कम जुड़ें हैं तो ऐसा कुछ नहीं है। साइंस इस बात को साबित करने के लिए शोध कर सकता है लेकिन एक सिक्के के दो पहलू होते हैं। यही कारण है कि यह एक बच्चे की देखभाल करने, उसके भावों को पहचानने और बच्चे की जरुरत को समझने में अधिक महत्वपूर्ण है।

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