home

What are your concerns?

close
Inaccurate
Hard to understand
Other

लिंक कॉपी करें

बच्चे को बायीं तरफ गोद में लेने से मजबूत होता है मां और बच्चे का रिश्ता

बच्चे को बायीं तरफ गोद में लेने से मजबूत होता है मां और बच्चे का रिश्ता

हर मां के पास अपने बच्चे को पकड़ने और उन्हें संभालने के लिए एक स्ट्रांग आर्म यानि की ज्यादा मजबूत हाथ होता है। ऐसा कई बार इस पर निर्भर करता है कि मां किस हाथ का ज्यादा प्रयोग करती है, जिसे आम भाषा में लेफ्टी या राइटी भी कहते हैं। उदाहरण के लिए अगर मां राइटी है, तो बच्चे को भी राइट साइड में ही उठाएगी। हालांकि ज्यादातर लोग इस काम के लिए अपने बाएं हाथ का इस्तेमाल करते हैं। हाल ही में पता चला है कि इसका कारण लेफ्टी या राइटी होने से कहीं ज्यादा है। आखिर मां क्यों बच्चे को गोद लेना (Holding a child) बाई ओर पसंद करती हैं या फिर बाया हाथ से ही उठाती है, इसका एक साइंटिफिक कारण भी है।

और पढ़ें: पेरेंट्स बनने के लिए आईयूआई तकनीक है बेस्ट!

बच्चे को गोद लेना: जानिए क्या हैं इससे जुड़े तथ्य

कुछ रिसर्चर्स का कहना है कि ज्यादातर महिलाएं इसलिए बच्चे को गोद (Holding a child) में बायीं ओर लेना पसंद करती हैं क्योंकि आमतौर पर सभी राइट हैंडेड होती हैं और वो अपना दाया हाथ खाली चाहती हैं। हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार, मां द्वारा बच्चे को गोद में बायीं तरफ लेने का एक कारण इमोशन भी है। इमोशन मुख्य रूप से मस्तिष्क के दाएं हेमिस्फीयर से संसाधित होते हैं, जो शरीर के बाईं ओर से जुड़ा होता है। अंतर्राष्ट्रीय शोधकर्ताओं ने 1960 से जांच की है कि क्या और क्यों एक बच्चे को गोद में बायीं तरफ लेना हर मां को पसंद है। अध्ययन में यह भी सामने आया कि 66% से 72% लोग बच्चे को बायी और लेना पसंद करते हैं।

रिसर्चर्स ने यह भी पाया कि बच्चा भी हमेशा मां की बायीं ओर रहना पसंद करता है। साइंस के अनुसार, ऐसा इसलिए क्योंकि इस अवस्था में बच्चा मां के दिल के करीब होता है जो बच्चे को अच्छा महसूस कराता है और हार्टबीट को मेंटेन रखने में भी मदद करता है। आपने कई बार इस बात पर गौर किया होगा कि आपका बेबी बायीं तरफ लेने पर शांत हो जाता है। जब आप बेबी को बायी तरफ लेते हैं तो उसका सीधा कान आपके मुंह के पास होता है और मस्तिष्क का लेफ्ट साइड शरीर के राइट साइड से जानकारी के लिए भाषा का निर्माण करता है।

और पढ़ें- पेरेंटिंग के बारे में क्या जानते हैं आप? जानिए अपने बच्चों की परवरिश का सही तरीका

अधिकतर महिलाओं को बायीं ओर पसंद है बच्चे को गोद लेना

हाल ही में हुआ एक शोध हमें बताता है कि 70 से 85 प्रतिशत मां बायीं ओर बच्चे को गोद लेना पसंद करती हैं, ठीक वैसे ही जैसे ही बचपन में लड़कियां अपनी गुड़िया को अपने बायीं ओर रखती हैं। शोधकर्ता विक्टोरिया जे बॉर्न और ब्रेंडा के टोड के अनुसार ऐसा इसलिए है कि मां को शायद यह लगता है कि उन्हें अपने दाहिने हाथ की जरूरत है, क्योंकि अधिकांश लोग राइटी होते हैं। लेकिन विज्ञान ने उस धारणा को सिरे से नकार दिया है, क्योंकि अध्ययन में अधिकांश लेफ्टी मां भी अपने बच्चों को गोद में बायीं ओर रखती हैं।

अब इसके पीछें क्या साइंटिफिक कारण है इसका जवाब आपको यह आर्टिकल देगा । ब्रेन एंड कॉग्निशन नाम की मैगजीन का एक अध्ययन हमें बताता है कि बच्चे को गोद में बायीं ओर बच्चों को लेने की हमारी पसंद का कनेक्शन हमारे दिमाग से भेजे गए सिग्नल से है। यह सुनने में आपको थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन मानव के दिमाग का दाहिना भाग हमारे शरीर के बाईं ओर से संकेत लेता है, और मस्तिष्क का दाहिना भाग वह हिस्सा है जो हमारे फोकस, सामाजिक संकेतों को समझना और संबंध बनाने की हमारी क्षमता को संभालता है।

इसलिए अगर हम अपने बच्चों को गोद में बाईं ओर रखते हैं, तो हम अपने दाहिने मस्तिष्क को मदर बॉन्ड को समझने का इशारा करते हैं साथ ही दाईं ओर से हम अपने बच्चे को सही से देखने में सक्षम होते है। बच्चे को गोद लेना क्या आपको भी इतना ही तकनीकी पॉइंट लगता है?

बच्चों को भी मां के बायीं ओर रहना पसंद होता है

शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि बच्चे को भी अपनी मां की बायीं ओर पसंद आती हैं और विज्ञान के पास इसके कारण भी हैं। यह बच्चे को आपके दिल के करीब रखता है, जिससे आपके बच्चे के साथ-साथ आपका दिमाग भी शांत रहता है, इसके अलावा इससे उनके दिल की धड़कन को भी नियंत्रित करने में मदद मिलती है। अब आप दो मिनट का समय लें और सोचें कि जब भी आपका बच्चा आता है, तो वो अक्सर आपकी बाईं ओर चिपका रहता है। इसके अलावा अगर आप अपने बच्चे को बाईं ओर पकड़ते हैं, तो उनका दाहिना कान आपके मुंह के पास होता है, और मस्तिष्क के बाईं ओर जो शरीर के दाईं ओर से जानकारी का अनुवाद करता है, वह भाषा को समझने के लिए जिम्मेदार होता है।

और पढ़ें- इन तरीकों से संवारे अपने और सौतेले बच्चे के बीच के संबंध को

पिता के लिए अलग है इसके मायने

नए पिता भी लेफ्ट-साइड बायस होते हैं, लेकिन तब तक नहीं जब तक उनके अपने बच्चे हों। आदमियों के साथ ये तब तक नहीं होता जब तक वे वास्तव में एक बच्चे की देखभाल करें। आप इस बात को मानें या ना मानें, महिलाओं के अंदर वास्तव में मातृत्व की भावना पहले से ही होती है जो पुरुषों के अंदर तब आती है जब वह खुद पिता बनते हैं।

अगर आपको अपने बच्चे को गोद में दाईं ओर रखना पसंद करते हैं, तो इसमें कुछ गलत नहीं है। हालांकि, यह बताने के लिए भी शोध है कि जो लोग बच्चो को पकड़ने के लिए अपने बाएं हाथ को पसंद करते हैं, उनके अपने माता-पिता के साथ बेहतर संबंध हैं, जबकि बच्चे को गोद में दाएं तरफ वाले गर्भावस्था और पालन-पोषण के बारे में अधिक चिंतित रहते हैं।

यह सुनने में थोड़ा अलग और दिलचस्प लग सकता है लेकिन ये बातें बिल्कुल भी इस बात की तरफ इशारा नहीं करती कि आप कैसे पेरेंट हैं । यह जानकर बहुत से राइट हैंडर सोच रहे होंगे कि क्या वह अपने बच्चों से कम जुड़ें हैं तो ऐसा कुछ नहीं है। साइंस इस बात को साबित करने के लिए शोध कर सकता है लेकिन एक सिक्के के दो पहलू होते हैं। यही कारण है कि यह एक बच्चे की देखभाल करने, उसके भावों को पहचानने और बच्चे की जरुरत को समझने में अधिक महत्वपूर्ण है।

बच्चे को गोद लेना : रखें ये सावधानी

आपने ये बात तो जान ली बच्चे को गोद किस तरह रहना पसंद है लेकिन आपको इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए बच्चे को देर तक गोद में रखने से आपको कमर या पीठ दर्द की समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है। अगर आप बच्चे को देर तक गलत तरीके से बच्चे को पकड़ती हैं, तो ये बच्चे के साथ ही आपके लिए भी असुविधाजनक हो सकता है। अगर आपको कई दिनों से पीठ दर्द या फिर कमर दर्द का एहसास (Back pain feeling) हो रहा हो, तो डॉक्टर को इस बारे में जरूर बताएं।

हम आशा करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। हैलो हेल्थ के इस आर्टिकल में मां द्वारा बच्चे को गोद में लेने से जुड़ी जानकारी दी गई है। यदि आप इससे जुड़ी अन्य कोई जानकारी चाहते हैं तो आप हमसे कमेंट सेक्शन में अपना सवाल पूछ सकते हैं। आपको यह लेख कैसा लगा यह भी आप कमेंट कर बता सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर
Lucky Singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 28/06/2021 को
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड