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मिसकैरिज के बाद कंसीव करते समय क्या बातें पता होनी चाहिए?

मिसकैरिज के बाद कंसीव करते समय क्या बातें पता होनी चाहिए?

एक बार मिसकैरिज के बाद कंसीव करना या दोबारा प्रेग्नेंसी के बारे में सोचना किसी भी महिला के लिए कठिन हो सकता है। मिसकैरिज के बाद कंसीव कब करना है, इस बारे में फैसला लेना पति-पत्नी का निजी मामला है लेकिन आपको बता दें कि महिला का शरीर कुछ समय बाद अपने पहले रूप में आ सकता है। मिसकैरिज के बाद इमोशनल सपोर्ट, सही खानपान, एक्सरसाइज और ट्रीटमेंट की हेल्प से पहले जैसा हुआ जा सकता है। इस बारे में डॉक्टर से जानकारी प्राप्त करने के बाद ही कोई अगला कदम उठाएं।

मिसकैरिज के बाद कंसीव करना है, तो पहले ये जान लें

Pregnancy after Miscarriage

जब हैलो स्वास्थ्य ने फोर्टिस हॉस्पिटल की कंसल्टेंट गायनेकोलॉजिस्‍ट डॉ. सगारिका बसु से बात की उन्होंने कहा कि ‘एक बार अबॉर्शन या मिसकैरिज हो जाने के बाद महिला के यूट्रस को नॉर्मल होने में समय लग सकता है। बॉडी को रिकवर होने के लिए थोड़ा समय देना जरूरी होता है। मिसकैरिज के बाद प्रेग्नेंसी के लिए कम से कम दो से तीन महीने का समय देना बेहतर रहेगा। शरीर को पहले जैसी अवस्था में आने के लिए थोड़ा सा समय लगता है। जब महिला शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत हो जाए तो कंसीव करना बेहतर रहेगा।’

कई बार जानकारी न होने पर महिलाएं मिसकैरिज के तुरंत बाद प्रेग्नेंट हो जाती हैं। इस कारण से दोबारा मिसकैरिज होने के चांस बढ़ जाते हैं। एंडोमेट्रियल लाइनिंग को दोबारा स्ट्रॉन्ग होने में समय लग सकता है। मेडिकली बात की जाए तो दो से तीन पीरियड्स (एमसी) के बाद कंसीव करना महिलाओं के लिए सेफ माना जाता है। जबकि कुछ फिजीशियन करीब छह महीने रुकने की सलाह देते हैं।

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मिसकैरिज के बाद प्रेग्नेंसी करना फिर से खतरनाक हो सकता है

कुछ महिलाएं जिनका मिसकैरिज हो चुका है, उनमें दूसरी बार सफल प्रेग्नेंसी के 85 % चांसेस रहते हैं। मिसकैरिज के बाद कंसीव करना और फिर सक्सेसफुल प्रेग्नेंसी के चांसेस कई हद तक महिला के शरीर में होने वाले परिवर्तन पर निर्भर करते हैं।

मिसकैरिज के बाद प्रेग्नेंसी से संबंधित जरूरी बातें

मिसकैरिज के बाद प्रेग्नेंसी में कुछ रिस्क भी हो सकते हैं। अगर अबॉर्शन के बाद इंफेक्शन होता है तो फैलोपियन ट्यूब और ओवरी में भी ये फैल सकता है। इसे पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID) कहा जाता है। पीआईजी होने से दोबारा प्रेग्नेंसी में खतरा हो सकता है। महिला को एक्टोपिक गर्भावस्था (ectopic pregnancy) का खतरा रहता है। अगर महिला का अबॉर्शन हुआ है तो दोबारा प्रेग्नेंसी की प्लानिंग करने से पहले ही एंटीबायोटिक्स की हेल्प से इसे खत्म करने का प्रयास किया जाता है। अगर दोबारा प्रेग्नेंसी से पहले जांच नहीं कराई जाती है तो खतरा बढ़ सकता है। मिसकैरिज के बार कंसीव करने से पहले जांच करवाएं और डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

मिसकैरिज के बाद प्रेग्नेंसी करना है तो डॉक्टर से लें राय

आपका हेल्थ केयर प्रोवाइडर स्पेशलिस्ट से मिलने के लिए कह सकता है। मिसकैरिज के बाद प्रेग्नेंसी के लिए आपका डॉक्टर रिप्रोडेक्टिव एंड्रोक्राइनोलॉजी से ट्रीटमेंट की सलाह दे सकता है ताकि बिना किसी परेशानी के मिसकैरिज के बाद कंसीव कर सकें।

आपको डॉक्टर से परामर्श करने की जरूरत है अगर,

  • अगर दो से ज्यादा मिसकैरिज हो चुके हैं।
  • उम्र 35 से ज्यादा है।
  • डायबिटीज की बीमारी है जो प्रेग्नेंसी को इफेक्ट कर सकती है।
  • कोई भी फर्टिलिटी संबंधी समस्या रह चुकी हो।

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आपको डायट पर देना होगा ध्यान

मिसकैरिज के बाद महिला को आयरन रिच फूड लेना चाहिए। खाने में पालक, मसूर की दाल, पालक और ब्राउन राइस को शामिल करना चाहिए। सर्जिकल अबॉर्शन या मिसकैरिज के बाद शरीर में आयरन की कमी आ जाती है। शरीर को मेंटेन करने के लिए आयरन रिच फूड लेना जरूरी होता है। आयरन दो तरह के होते हैं। हीम आयरन मुख्य रूप से रेड मीट, सीफूड्स में पाया जाता है। वहीं नॉन हीम आयरन ग्रीन लीफी वेजीटेबल, नट्स, बीन्स, स्प्राउट्स, पंपकिन सीड आदि में पाया जाता है। आयरन के साथ ही खाने में कैल्शियम रिच फूड जैसे डेयरी प्रोडेक्ट, फिश, ड्राई फ्रूट्स फिग्स, डेट्स, और नट्स में पाया जाता है। खाने में फोलेट रिच फूड, प्रोटीन रिच फूड, मूड लिफ्टिंग फूड्स, विटामिन सी फूड्स आदि को शामिल करना चाहिए। मिसकैरिज के बाद कंसीव करना है तो हेल्दी डायट जरूर लें।

मिसकैरिज के बाद कंसीव करना है तो एक्सरसाइज पर दें ध्यान

मिसकैरिज की पहली तिमाही के दौरान शरीर को नॉर्मल होने में थोड़ा समय लगता है। मिसकैरिज के बाद बॉडी को फिट करने के लिए शरीर का सामान्य अवस्था में आना जरूरी है। जिम जाकर या एक्सरसाइज करके शरीर को फिट किया जा सकता है। आप एक्सरसाइज की शुरूआत वॉक से करें। वॉक से शुरुआत करने से आपकी बॉडी को सपोर्ट मिलेगा। इसके बाद स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज जैसे कि योगा के साथ बॉडी की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाई जा सकती है। आप चाहे तो ऐसे समय में सॉफ्ट म्यूजिक भी प्ले कर सकते हैं। बॉडी के प्रेशर को कम करने के लिए आपको वॉटर एरोबिक्स की हेल्प लेनी चाहिए। इन सबके लिए आपको फ्रेंड या फिर ट्रेनर की जरूरत पड़ सकती है। मिसकैरिज के बाद कंसीव करने के लिए बॉडी का हेल्दी होना जरूरी है।

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मिसकैरिज के बाद कंसीव करना है तो खुद को दें समय

अगर सर्जिकल अबॉर्शन नहीं हुआ है तो दी से तीन महीने का इंतजार करना बेहतर रहेगा। इस दौरान खुद को समय देना बहुत जरूरी है। अगर हो सके तो अपनी पसंदीदा हॉबी को भी अपनाया जा सकता है। अगर महिला शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार है तो तीन से चार महीने के भीतर दोबारा कंसीव कर सकती है। कई बार जानकारी न होने पर महिलाएं जल्द ही मिसकैरिज के बाद कंसीव कर लेती हैं। मिसकैरिज के बाद कंसीव कब करना है, इस बारे में डॉक्टर से जानकारी लें।

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वजायनल बर्थ के बारे में अधिक जानकारी के लिए देखें ये वीडियो –

मिसकैरिज के बाद प्रेग्नेंसी : न लें टेंशन

मिसकैरिज के बाद कंसीव करना है तो पहले खुद का ध्यान रखना जरूरी होता है। टेंशन के कारण कुछ गलती भी हो सकती है। मिसकैरिज के बाद कंसीव करने के दौरान खानपान का ध्यान जरूर रखें। डॉक्टर का इस बारे में कहना है कि मिसकैरिज के बाद प्रेग्नेंसी पहले जैसी ही होती है। जो कारण पिछली मिसकैरिज के लिए जिम्मेदार थे, उनको लेकर जरूर सावधान रहें। डॉक्टर की सलाह के बाद महिला साधारण प्रेग्नेंसी की तरह ही खानपान अपना सकती है और एक्सरसाइज भी। साथ ही समय-समय पर डॉक्टर की राय लेने से मन में संतुष्टि बनी रहती है।

मिसकैरिज के बाद कंसीव करना है तो शरीर को दोबारा पहले जैसा बनाने के लिए कुछ समय की जरूरत पड़ती है। मिसकैरिज के बाद कंसीव करने से पहले आपको तीन से चार महीने खुद के लिए सुरक्षित रखने चाहिए। बाकी आपके शरीर के अनुसार डॉक्टर से राय जरूर लें। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी प्रकार की चिकित्सा और उपचार प्रदान नहीं करता है। हम उम्मीद करते हैं कि आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। आप स्वास्थ्य संबंधी अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है, तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं और अन्य लोगों के साथ साझा कर सकते हैं।

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अपने पीरियड सायकल को ट्रैक करना, अपने सबसे फर्टाइल डे के बारे में पता लगाना और कंसीव करने के चांस को बढ़ाना या बर्थ कंट्रोल के लिए अप्लाय करना।

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सूत्र

Miscarriage and pregnency https://www.nidirect.gov.uk/articles/miscarriage-stillbirth-and-ectopic-pregnancyAccessed on 22/11/2019

HERE’S HOW TO TAKE CARE OF YOURSELF AFTER A PREGNANCY LOSS

After a Miscarriage: Getting Pregnant Again https://americanpregnancy.org/pregnancy-loss/after-miscarriage-getting-pregnant-again/Accessed on 22/11/2019

Study: No Need to Delay Pregnancy After Miscarriage https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5709156/ Accessed on 22/11/2019

Pregnancy after miscarriage: What you need to know https://www.mayoclinic.org/healthy-lifestyle/getting-pregnant/in-depth/pregnancy-after-miscarriage/art-20044134/Accessed on 22/11/2019

 

लेखक की तस्वीर
Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 28/04/2021 को
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड