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नाखूनों को भी जरूरत होती है नरिशमेंट की, ये गलतियां तो नहीं कर रहे आप?

नाखूनों को भी जरूरत होती है नरिशमेंट की, ये गलतियां तो नहीं कर रहे आप?

नाखून या नेल हाथ-पैरों की सेंसिटिविटी को प्रोटेक्ट करने का काम करते हैं। नाखूनों की मदद से हम किसी भी वस्तु को आसानी से उठा सकते हैं या फिर गांठ खोल सकते हैं। हाथों के नाखून पैरों के नाखूनों की अपेक्षा तीन गुना तेजी से बढ़ते हैं। अगर नाखूनों की देखभाल (Nail Care) की जाए, तो हाथों की खूबसूरती चार गुना बढ़ जाती है। नाखूनों की ठीक तरह से देखभाल न की जाए, तो नेल इंफेक्शन (Nail infection) की समस्या हो सकती है। नाखून से जुड़ी समस्याएं सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकती हैं। इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको नाखूनों से संबंधित दिक्कतों और नेल केयर के बारे में जानकारी देंगे। जानिए नेल केयर क्यों है जरूरी।

और पढ़ें:बच्चों के नाखून काटना नहीं है आसान, डिस्ट्रैक्ट करने से बनेगा काम

नेल केयर (Nail Care) क्यों है जरूरी?

नेल केयर

नाखून केराटिन (Keratin) नामक प्रोटीन से मिलकर बने होते हैं। बालों और त्वचा को बनाने में केराटिन मदद करता है। नेल्स सेल्स बढ़ने के साथ ही बढ़ते हैं और इसकी ऊपरी परत कठोर होती है। इसे केराटिनाइजेशन (Keratinization) कहा जाता है। नेल केयर अगर न की जाए, तो नाखूनों के आसपास बैक्टीरिया या जर्म्स अपना घर बना लेते हैं। फिर उंगलियों में सूजन आ जाती है। इस कारण से किसी काम को करने में बहुत दिक्कत होती है। नाखूनों की सफाई कर, उन्हें सूखा रख कर उनकी केयर की जा सकती है और संक्रमण से भी बचा जा सकता है। नेल के स्ट्रक्चर में निम्नलिखित भाग शामिल होते हैं।

नेल मैट्रिक्स (Nail matrix) – इसमें नाखून की वृद्धि होती है।

नेल प्लेट (Nail plate) – ये नेल का विजिबल पार्ट होता है।

नेल बेड (Nail bed)- नेल बेड के ऊपर नेल प्लेट होती हैं। नेल प्लेट गुलाबी दिखती हैं क्योंकि इनमें ब्लड सेल्स होती हैं।

लुनुला (Lunula)- ये नेल प्लेट के बेस में दिखती है।

नेल फोल्ड्स (Nail folds)- ये पतली त्वचा होती है।, जो नेल प्लेट को पकड़ी रहती है।

क्यूटिकल (Cuticle)- नेल प्लेट के बेस में थिन टिशू को क्यूटिकल कहते हैं।

और पढ़ें: इन कारणों से हो सकती हैं आपमें नाखून टूटने की समस्या, जानें यहां

नाखूनों से संबंधित समस्याएं (Nail problems) क्या हो सकती हैं?

फिंगरनेल इंजुरी (Fingernail Injury) की समस्या तब होती है, तब नाखुनों में चोट लग जाती है। चोट क्युटिकल, नेल के नीचे की स्किन या फिर आसपास की त्वचा में चोट लग सकती है। ऐसे में नाखून टूट जाना या फिर नाखून के आसपास इंफेक्शन की समस्या हो सकती है। जानिए नाखून से संबंधित किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन (Bacterial and fungal infections) – जब वातावरण में नमी होती है, तो नाखूनों के संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। कई बार चोट लगने पर बैक्टीरियल इंफेक्शन की संभावना बढ़ जाती है। अगर नाखूनों की सफाई के साथ ही इन्हें सूखा रखा जाए, तो इस समस्या से बचा जा सकता है।

इनग्रोन टोनेल्स (Ingrown nails) – इग्रोन टोनेल्स एक कंडीशन है, जो नाखूनों के किनारे दर्द, सूजन और इंफेक्शन का कारण बनती है। ऐसा नाखूनों को अधिक काटने पर हो सकता है।

ट्यूमर (Tumors) – नेल ट्यूमर नेल प्लेट के नीचे होने वाला घाव है। ये नेल बेड से जुड़ा हो सकता है। इसे सर्जिकली हटाया जा सकता है।

वार्ट्स (Warts) – पेरिअंगुअल वार्ट्स (Periungual warts) नाखूनों या टोनेल्स के चारों ओर हो सकते हैं। ये पहले छोटे होते हैं और बाद में उभर जाते हैं। ये बच्चों और वयस्कों में अधिक होता है। ये मस्से वायरस के संक्रण यानी एचपीवी (Human papillomavirus) के कारण होते हैं। नाखूनों को चबाने से बचे और नेल कटर या अन्य उपकरण को यूज करने से पहले डिसइंफेक्ट जरूर करें।

हाथ और पैरों के नाखून की केयर (Nail care) आपको खुद ही करनी चाहिए। अगर आप नाखूनों को नहीं चबाएंगे या नाखूनों की स्किन को हाथों या मुंह से नहीं हटाएंगे, तो आप नाखूनों के घाव या चोट से काफी हद तक बच सकते हैं। आपको नाखून बढ़ने पर हमेशा नेलकटर का इस्तेमाल करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर आप पेडिक्योर करवा सकते हैं लेकिन किसी एक्सपर्ट से ही पेडिक्योर करवाएं। अगर नाखूनों में इंफेक्शन की समस्या हो जाए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

और पढ़ें:हाथ और पैर के नाखून भी बताते हैं स्वास्थ्य का हाल

नेल केयर टिप्स (Nail Care Tips)

जब बात नेल केयर (Nail Care) की आती है, तो केवल मेनिक्योंर (Manicure) के जरिये ही नाखूनों की देखभाल संभव नहीं है। आपको नाखूनों की देखभाल रोजाना करनी चाहिए। आप सिंपल ट्रिक्स का इस्तेमाल कर नेल केयर कर सकते हैं। जानिए नेल केयर टिप्स के बारे में।

  • नेल के आसपास बैक्टीरिया (Bacteria) या जर्म्स के कारण नेल इंफेक्शन हो सकता है। इससे बचने के लिए आपको नाखूनों की जगह को हमेशा साफ और सूखा रखना चाहिए। सफाई करने से गंदगी जमा नहीं होगी। एक बात का ध्यान रखें कि ज्यादा सफाई के चक्कर में आपके नाखून टूट भी सकते है। टूथब्रश में थोड़ा नमक लेकर आप नाखूनों और उसके आसपास की स्किन साफ कर सकते हैं।
  • अगर नाखून चबाने (Chewing nails) की आदत है, तो इसे छोड़ दें। नाखून चबाने से गंदगी आपके शरीर के अंदर जा सकती है और नाखून के आसपास की स्किन भी घायल हो जाती है। आप नेल पॉलिश लगाएं ताकि अगली बार मुंह के पास नाखून ले जाएं, तो तेज स्मैल आपकी बैड हैबिट पर रोक लगा सके।
  • नाखूनों के साथ ही आपको क्यूटिकल्स (Cuticles) की देखभाल भी करनी चाहिए। आपको क्यूटिकल्स में रोजाना मॉस्चरॉइज (Moisturize) करना चाहिए। आप आलमंड ऑयल से भी क्युटिकल की मसाज कर सकती हैं।
  • आपको नेल्स बढ़ाना अगर अच्छा लगता है, तो नेल की पूरी देखभाल भी करें। नेल्स के जर्म्स फ्री बनाने के लिए आप टी ट्री ऑयल भी यूज कर सकती हैं।
  • जिस तरह से बालों की अच्छी हेल्थ के लिए उन्हें समय-समय पर ट्रिम कराना जरूरी होता है, वैसे ही नेल की ट्रिमिंग जरूरी है। आप हर हफ्ते नेल ट्रिमिंग कर सकती हैं और अपना पसंदीदा शेप दे सकती हैं।

और पढ़ें:Fingernail Injury: उंगली के नाखून में चोट क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

  • हाउसहोल्ड क्लीनिंग (Household Cleaning) के समय ग्लव्स जरूर पहनें। ऐसा करने से आपके नाखून सुरक्षित रहेंगे और उनमें गंदगी भी जमा नहीं होगी।
  • आप नाखूनों में जैल या एक्रेलिक्स न लगाएं बल्कि नाखूनों की प्रोटक्शन के लिए बेस कोट (Base Coat) अप्लाई करें। आप नेल पेंट लगाने से पहले इसे नाखूनों पर लगाएं। ऐसा करने से नाखूनों का रंग नहीं खराब होगा।
  • नेल पॉलिश रिमूवर का सलेक्शन करते समय कम कैमिकल वाले सॉल्युशन का इस्तेमाल करें।
  • नाखूनों की केयर करने के साथ ही आपको हेल्दी डायट भी लेनी चाहिए। आपको हेल्दी नेल के लिए खाने में कैल्शियम युक्त फूड्स, विटामिन ई (Vitamin E), आयरन (Iron), जिंक, मैग्नीशियम, विटामिन डी (Vitamin D) आदि से युक्त आहार को खाने में शामिल करना चाहिए। नट्स, बीटरूट, सोया, बींस, मसूर, व्होल ग्रेन आदि जरूर खाएं।
  • अगर कोई सैलून मेंबर प्यूमिक स्टोन ( pumice stone) का उपयोग करता है, तो वो हमेशा नया ही इस्तेमाल करना चाहिए।

 

नेल केयर करके न सिर्फ आप नाखूनों के स्वास्थ्य को बेहतर कर सकते हैं बल्कि हाथों की सुंदरता भी बढ़ा सकते हैं। नाखूलों का ख्याल आप हेल्दी डायट के साथ ही कुछ सावधानियां रख कर सकते हैं। अगर आपको नाखूनों में कोई दिक्कत हो जाए, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। आप स्वास्थ्य संबंधी अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है, तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं और अन्य लोगों के साथ साझा कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

 

Nail Diseases https://medlineplus.gov/naildiseases.html Accessed on 22/3/2021

Nail health in women    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC7105659/ Accessed on 22/3/2021

Nails – fingernail and toenail problems https://www.betterhealth.vic.gov.au/health/conditionsandtreatments/nails-fingernail-and-toenail-problems Accessed on 22/3/2021

Nail Hygiene  https://www.cdc.gov/healthywater/hygiene/hand/nail_hygiene.html Accessed on 22/3/2021

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 22/03/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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