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आखिर क्यों कुछ लोगों को होती है बार-बार नाखून चबाने की आदत?

आखिर क्यों कुछ लोगों को होती है बार-बार नाखून चबाने की आदत?

क्या आप भी हर छोटी-छोटी बात पर अपने नाखून कुतरने (Nail Biting) लगते हैं? या फिर क्या कभी आपने किसी को ऐसा बार-बार करते हुए देख उसे टोका है? कुछ लोगों को लगता है कि यह आदत सिर्फ छोटी उम्र के बच्चों में ही देखी पाई जाती है। जो बड़े होने पर अपने आप ठीक भी हो जाती है, लेकिन ऐसा नहीं हैं। 35 फीसदी लोगों में नाखून चबाने की आदत पाई जाती है।

दरअसल नाखून चाबने (Nail Biting) की आदत वयस्क और बड़े उम्रदराज के लोगों में भी देखी जाती है। चिकित्सक की भाषा में बात करें, तो दांतों से नाखून कुतरने की इस आदत को Onychophagia या Nail Biting कहा जाता है। इस मेंटल डिसार्डर को Impulsive Control Disorder की श्रेणी में रखा जाता है।

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क्या है Impulsive Control Disorder की श्रेणी?

ऐसे डिसॉर्डर होते हैं, जो एक बुरी या खराब आदत के तौर पर किसी की आदत बन जाती है। जिस पर व्यक्ति का कोई नियंत्रण नहीं होता है। वो चाह कर भी अपनी नाखून चबाने की आदत को नहीं सुधार पाते हैं। इसे एक पैथोलॉजिकल ओरल हैबिटेट और ग्रूमिंग डिसऑर्डर माना जाता है। यह नाखूनों के आस-पास के टिश्यू के लिए घातक होता है।

इसे body-focused repetitive behaviors (BFRBs) के साथ ही DSM-5 के “Other Specified Obsessive-Compulsive and Related Disorder” की श्रेणी में भी वर्गीकृत किया गया है।

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क्यों लगती है नाखून चबाने की आदत?

आमतौर पर देखा जाए, तो जब लोग बहुत नवर्स होते हैं, किसी तरह का तनाव लेते हैं या किसी उलझन में रहते हैं, तो अपने नाखून कुतरने लगते हैं। ऐसा वह अपने तनाव और अपनी परेशानी को दूर करने के लिए करते हैं। लेकिन, उनकी यह आदत धीरे-धीरे एक बड़ी समस्या बन जाती है।

आनुवंशिक कारण भी हो सकते हैं जिम्मेदार

कई बार Onychophagia के लिए आनुवंशिक कारण भी जिम्मेदार माने जाते हैं। कुछ लोगों को बीएफआरबी विकसित करने की ओर आनुवंशिकता की वजह से मिला है। साथ ही, परिवार के सदस्यों में मनोदशा और चिंता विकारों की औसत दर से अधिक है। नाखून काटना चिंता से जुड़ा हुआ है, क्योंकि नाखूनों पर चबाने का कार्य कथित तौर पर तनाव से छुटकारा दिलाता है। जो लोग आदतन अपने नाखून काटते हैं, वे अक्सर रिपोर्ट करते हैं कि वे ऐसा तब करते हैं जब वे घबराहट, बोरियत, अकेला या भूख महसूस करते हैं। नाखून काटना भी पहले अंगूठे या उंगली चूसने से स्थानांतरित की जाने वाली आदत हो सकती है।

जबकि नाखून काटना एक अन्य मनोरोग स्थिति के लक्षणों के बिना हो सकता है, यह अटेंशन-डेफिसिट/हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) के साथ जुड़ा हो सकता है, विपक्षी डिफेक्ट डिसऑर्डर, सेपरेशन डिसऑर्डर, एन्यूरिस, टिक डिसऑर्डर और अन्य मानसिक रोग के मुद्दों से जुड़ा हो सकता है।

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नाखून चबाने की आदत के नुकसान क्या हैं?

डॉक्टर्स की मानें, तो नाखूनों को हमेशा छोटे और साफ रखना चाहिए। हफ्ते में दो से तीन बार अपने नाखूनों की देखभाल करनी चाहिए। क्योंकि, हमारे नाखूनों में कई तरह की गंदगी जमा हो सकती है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है, जिसकी वजह से कई तरह के नुकसान भी देखे जाते हैं।

1.हाथ के कीटाणु मुंह को बना लेते हैं अपना घर

तुर्की के वैज्ञानिकों ने साल 2007 में एक अध्ययन किया। जिसमें दावा कि E.Coli जो कि डायरिया का कारण है, नाखुक चाबने की आदात के कारण ही शरीर में प्रवेश करता है। क्योंकि, नाखून चबाने की आदत हमें बीमार कर सकती है। जब भी मुंह से नाखून कुतरते हैं, तो उसमें मौजूद कई तरह के बैक्टीरिया और कीटाणु मुंह में जाते हैं, जो मुंह के रास्ते में सीधे पाचन तंत्र में प्रवेश करते हैं।

2.मुंह से आ सकती है बदबू

नाखून चबाने से उनमें छिपे बैक्टीरिया मुंह में बनने वाले लार को बदबूदार कर देते हैं, जिससे मुंह से बदबू आ सकती है। अगर मुंह से आने वाली दुर्गंध का कारण नाखून के बैक्टीरिया होते हैं, तो इस बदबू से राहत पाने में मुश्किल हो सकती है।

3.दांतों के पहुंचाते हैं नुकसान

नाखून चबाने की आदत से दांत आपस में रगड़ते रहते हैं, जिससे दांतों के इनेमल पर असर देखा जा सकता है।

4.उंगलियों में इंफेक्शन

कई लोग नाखून चबाते-चबाते उंगलियों की त्वचा को भी नुकसान पहुंचा देते हैं, जिसके कारण त्वचा में पस की समस्या हो सकती है, जो इंफेक्शन का कारण भी बन सकती है।

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कैसे छुड़ाएं नाखून चबाने की आदत

नाखून चबाने की आदत कई तरीकों से छुड़ाई जा सकती है। इसके लिए आप डॉक्टर की भी मदद ले सकते हैं। साथ ही, निजी तौर पर भी कुछ बातों का ख्याल रख सकते हैं, जैसेः

  • नाखूनों पर बैंडऐड या प्लास्टिक टेप लगाएं
  • नाखूनों को हमेशा छोटा और साफ रखें
  • नाखूनों पर करेले, नीम या कड़वे स्वाद वाले पदार्थों का रस या तेल लगाएं
  • दस्ताने पहनें
  • नाखून कुतरने की जगह सेब या गाजर खाएं

इसके साथ, जो लोग नेल पॉलिश का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए यह और भी घातक हो सकती है। क्योंकि, नाखून चबाने की आदत के कारण नाखूनों पर लगा नेल पॉलिश शरीर में प्रवेश करता है। नेल पॉलिश में कई तरह के केमिकल्स मौजूद होते हैं। कुछ में फॉर्मेल्डीहाइड का उपयोग किया जाता है, इसका उपयोग शवों को कुछ समय तक सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है।

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Ankita mishra द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 09/07/2020 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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