home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

कहीं बच्चे को सोशल फोबिया तो नहीं !

कहीं बच्चे को सोशल फोबिया तो नहीं !

क्या आपके बच्चे को सोशल फोबिया (Social phobia in kids)? अगर आपके घर कोई मेहमान आ जाए तो क्या वह शर्माता और घबराता है। नए लोगों से मिलने में डरता है, तो इसे आम समस्या न समझें। ये लक्षण बच्चे में ‘सोशल फोबिया’ (Social Phobia) को दर्शाते हैं। सोशल फोबिया एक प्रकार की मानसिक समस्या है, जिसे सोशल एंग्जायटी (Social Anxiety), सामाजिक चिंता या सामाजिक तनाव भी कहते हैं। ऐसे बच्चे इस बात पर ज्यादा ध्यान देते हैं कि लोग उनके बारे में क्या सोचेंगे? सोशल फोबिया बच्चों के मानसिक विकास के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इस समस्या के लिए हैलो स्वास्थ्य ने बात की चिल्ड्रेन फर्स्ट की हेड और मनोवैज्ञानिक अंकिता खन्ना से, जिन्होंने बताया कि सोशल फोबिया क्या होता है और बच्चे को इससे कैसे बाहर निकाल सकते हैं।

और पढ़ें : जानें पेरेंट्स टीनएजर्स के वीयर्ड सवालों को कैसे करें हैंडल

बच्चे को सोशल फोबिया (Social Phobia in kids)

बच्चे को सोशल फोबिया एक तरह का डर है जो किसी व्यक्ति को लोगों से बात करते समय लगता है। खासकर तब जब वो आपके लिए अजनबी होते हैं। यह बच्चे को काफी हद तक प्रभावित कर सकता है। सोशल फोबिया (Social phobia) को कभी भी शर्माने का नाम नहीं दिया जा सकता है, क्योंकि यह इससे कहीं ज्यादा होता है। जो लोग इस समस्या से पीड़ित होते हैं वे अक्सर यह सोचते रहते हैं कि लोग उनके बारे में क्या सोचेंगे।

बच्चे को सोशल फोबिया का कारण क्या है? (Cause of Social Phobia in kids)

बच्चे को सोशल फोबिया में ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम (Autonomic Nervous System) में सिंपेथेटिक नर्वस सिस्टम (Sympathetic Nervous System) की बढ़ोत्तरी हो जाती है। इस दौरान शरीर में कैटेकोलामाइन अमीब्स हार्मोन (Catecholamine Amibs Hormones) बढ़ जाता है, जो घबराहट होने के लिए जिम्मेदार होता है। धीरे-धीरे यह फोबिया में बदल जाता है।

और पढ़ें: नए माता-पिता के अच्छे मानसिक स्वास्थ्य के लिए 5 टिप्स

बच्चे को सोशल फोबिया के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of Social Phobia in kids)

  • बच्चे का छोटी-छोटी बात पर घबरा जाना
  • बच्चा लोगों के बीच जाने पर डरता है या किसी से बात करने पर दिल की धड़कन (Heart beat) बढ़ जाती है।
  • स्टेज पर या लोगों के सामने खड़े होने पर पसीना (Sweat) आने लगता है।
  • घबराहट के कारण दिमाग काम नहीं करता है।
  • बोलते हुए घबराहट होती है और जुबान भी लड़खड़ाती है।
  • पेट में हलचल सी महसूस होती है।
  • हाथ-पैरों का कांपना
  • बच्चे का ज्यादा से ज्यादा वक्त अकेले (Alone) बिताना
  • नय फ्रेंड्स (New friends) बनाने में हिचकिचाना या डरना
  • नए लोगों से मिलना नहीं चाहना
  • स्कूल (School) नहीं जाना
  • हमेशा घबराहट या डरा हुआ महसूस करना

अगर आपके बच्चे में भी ऐसे लक्षण नजर आ रहें हैं, तो इसे इग्नोर नहीं करें। बच्चे से बात करें, उन्हें समझाएं और आवश्यकता पड़ने पर डॉक्टर से कंसल्ट करें।

बच्चे को सोशल फोबिया है तो कैसे करें इलाज? (Treatment for Social Phobia in kids)

सोशल फोबिया (Social phobia) की वजह खुद इंसानी दिमाग है। इसलिए इसका इलाज मनोवैज्ञानिक के ही पास है। मनोवैज्ञानिक अंकिता खन्ना ने बताया कि “सोशल फोबिया का इलाज मनोचिकित्सक थेरेपी से ही संभव है। इसके दौरान बच्चे से बात करके उसके मन के विचारों को जानने की कोशिश की जाती है। इसके बाद साइकोलॉजिस्ट (Phycologist) बच्चे की सोच के आधार पर उसके सोचने की दिशा को बदलता है और नया नजरिया देता है। धीरे-धीरे उस बच्चे के मन से डर निकल जाता है और वह मन से हल्का महसूस करता है।”

और पढ़ें: जानें पॉजिटिव पेरेंटिंग के कुछ खास टिप्स

बच्चे को सोशल फोबिया (Social Phobia in kids) से कैसे बचाएं?

  • नए लोगों से घुलने-मिलने में बच्चा जब सहज महसूस करे तो उसकी मदद करें। थोड़ा रुके और उसे सहज होने दें।
  • सोशल फोबिया से ग्रसित बच्चों से बात करते समय हमेशा आंख मिलाकर बात करें। इससे उनमें आत्मविश्वास आएगा।
  • बच्चे को समझाएं कि वो किसी से कम नहीं है। वह जैसा भी है खुद में अनोखा है।
  • नए लोगों और नए दोस्तों से मिलने के लिए बच्चे को प्रोत्साहित करें।
  • बच्चे को प्रेरक कहानियां सुनाएं और मोटिवेशनल फिल्म भी दिखाएं।

इन उपायों के अपनाने के साथ ही आप निम्न बातों को भी अमल में ले कर आएं तो बच्चे को सोशल फोबिया से निकाल सकते हैं :

बच्चे को सोशल फोबिया से दूर करने के लिए घर से करें शुरुआत (Tips to avoid Social Phobia in kids)

बच्चों के अंदर आत्मविश्वास बचपन से ही भरना जरूरी है। आपका बच्चा डरे या शर्माए नहीं इसके लिए आपको शुरू से ही बच्चे के साथ समय बिताना चाहिए। साथ ही उन्हें पारिवारिक कामों में भी शामिल करना चाहिए। इसके अलावा बच्चे को स्कूल और पार्क में उसके हमउम्र बच्चों से मिलवाएं। ऐसा करने से बच्चे के मन से अजनबियों से मिलने वाला डर निकल जाएगा।

बच्चे को ग्रुप के साथ कहीं पर ले जाएं

बच्चे को अपने साथ ग्रुप गैदरिंग पर ले जाएं। इससे आपका बच्चा बार-बार एक ही व्यक्ति से मिलेगा तो उसका शर्मीलापन दूर होगा। साथ ही अजनबियों से मिलने पर होने वाला डर भी दूर होगा।

खेल-खेल में बच्चे को सोशल फोबिया से दूर करें

बच्चे को सोशल फोबिया है या अजनबियों से डरता है तो उसके डर को दूर करने के लिए खेल खेलें। आप एक अजनबी बन जाएं और बच्चे को दोस्ती करने की एक्टिंग करने को कहें। इससे बच्चे को समझ में आएगा कि आत्मविश्वास के साथ दूसरे लोगों से कैसे मिलते है।

सबके सामने न कहें कि ‘बच्चा शर्मीला है’

अक्सर पैरेंट्स दूसरे लोगों के सामने कहते हैं कि “हमारा बच्चा बहुत शर्मीला है।” पैरेंट्स को भले लगता हो कि वे अपने बच्चे का बखान कर रहे हो। लेकिन, इसका बाल मन पर बहुत बड़ा दुष्प्रभाव पड़ता है। बच्चे को लगने लगता है कि वह अजनबियों से बात नहीं कर सकता है। इसके अलावा बच्चे को सोशल फोबिया (Social Phobia in kids) मानते हुए हमेशा वह दबने की कोशिश करेगा।

और पढ़ें: पिता के लिए ब्रेस्टफीडिंग की जानकारी है जरूरी, पेरेंटिंग में मां को मिलेगी राहत

आखिरी विकल्प है मनोचिकित्सक

कुछ बच्चे सोशल फोबिया या सोशल एग्जायटी (Social anxiety) से पीड़ित होते हैं। ऐसे बच्चे आपके कोशिशों के बावजूद भी सामान्य रूप से लोगों से घुल मिल नहीं पाते हैं। ऐसे मामलों में किसी मनोचिकित्सक की सलाह जरूर लें। साइकियाट्रिस्ट बिहेवरियल थेरेपी (Behavioural therapy) की मदद से बच्चे का इलाज करता है। जिससे बच्चे के अंदर से सोशल फोबिया (Social phobia) का डर दूर हो जाता है।

डर सबको लगता है, लेकिन बच्चों के मामले में आप आसानी से नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। बालमन बहुत नाजुक होता है। इसलिए अपने बच्चे का साथ दें और उसे सोशल फोबिया से जल्द से जल्द उबरने में मदद करें।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Recent Findings in Social Phobia among Children and Adolescents/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2925835/Accessed on 05/07/2021

Social Anxiety Disorder/https://www.helpguide.org/articles/anxiety/social-anxiety-disorder.htm/Accessed on 05/07/2021

Social phobia in children – risk and resilience factors/https://www.amsj.org/archives/3362/Accessed on 05/07/2021

Social anxiety disorder (social phobia) https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/social-anxiety-disorder/symptoms-causes/syc-20353561 Accessed on 24/12/2019

Social Anxiety Disorder: Symptoms, Causes, and Treatments https://www.psycom.net/social-anxiety-disorder-overview Accessed on 24/12/2019

Social Anxiety Disorder helpguide.org/articles/anxiety/social-anxiety-disorder.htm Accessed on 24/12/2019

लेखक की तस्वीर badge
Shayali Rekha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 3 weeks ago को
और Admin Writer द्वारा फैक्ट चेक्ड
x