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अच्छी आवाज हासिल करने के लिए जानें जरूरी बातें

अच्छी आवाज हासिल करने के लिए जानें जरूरी बातें

मधुर आवाज के लिए क्या करें ?

रानू मंडल… ये नाम इनदिनों अपनी अच्छी आवाज की वजह से सुर्खियों में हैं। रेलवे स्टेशन पर गाना गा कर जीवन बिता रहीं रानू रातों-रात स्टार बन गईं। ये इनकी अच्छी आवाज का ही जादू है कि हिमेश रेशमिया जैसे म्यूजिक डायरेक्टर ने उन्हें खुद का गाया हुआ बॉलीवुड सॉन्ग गाने का मौका दे दिया। रानू की अच्छी आवाज गॉड गिफ्टेड है, पर इन सिंगर्स की तरह आप भी नेच्युरल तरीकों से अपनी अच्छी आवाज को और सुरीला बना सकते हैं।

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अच्छी आवाज के लिए हमें क्या करना चाहिए ?

अच्छी आवाज के लिए सबसे पहले आपको निम्न बातों को जानना बेहद जरूरी है :

आपकी आवाज कैसी है?

  • वॉल्यूम (Volume): आप कितनी तेजी से बोलते हैं?
  • उच्चारण (Articulation): आपकी आवाज साफ समझ में आती है या नहीं (आप साफ बोलते हैं या नहीं)?
  • वॉइस क्वालिटी: आप नाक से बोलते हैं या आपकी आवाज कर्कश है?
  • आपकी आवाज कैसी है: आप अत्यधिक तेज बोलते हैं या बहुत धीरे बोलते हैं?
  • आवाज में उतार-चढ़ाव: आप कुछ अलग तरह से तो नहीं बोलते हैं?
  • तेजी:आप कितनी तेजी से बोलते हैं?

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अपनी आवाज रिकॉर्ड करें

आप अपनी आवाज अपने फोन में रिकॉर्ड कर सकते हैं और फिर उससे सुन सकते हैं। ऐसा करने से आप अपनी आवाज बेहतर कर सकते हैं। क्योंकि आप खुद अपनी अच्छी आवाज सुनकर समझ सकते हैं कि आपकी आवाज किसी अन्य व्यक्ति तक कैसी पहुंचती है। आप ये भी समझ सकते हैं कि आपने कहां गलती की है, धीरे बोला है या तेजी से बोल दिया है।

खुद से निर्णय लें की आपकी आवाज कैसी हो

रिकॉर्डिंग से आप अपनी आवाज को समझ सकते हैं। फिर आप अपनी आवाज कैसी रखना चाहते हैं इस पर विचार कर सकते हैं। महिलाओं की अच्छी आवाज मधुर पसंद की जाती है वहीं पुरुषों की आवाज थोड़ी तेज पसंद की जाती है।

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अच्छे वॉइस ओवर और गानें को सुनें

अच्छी आवाज और वॉइस ओवर देने वाले एक्टर्स जैसे अमिताभ बच्चन, अनुपम खेर, पीयूष मिश्र, मलाला यूसुफजाई, किरण बेदी और सोनाली बेंद्रे जैसे लोगों की बातों को सुने। एक अच्छा श्रोता बनें तभी आप एक बेहतर वक्ता बन सकते हैं।

पढ़ने की आदत डालें

ये ठीक वैसा ही है जब हम सभी अपने स्कूल में रीडिंग किया करते थे। रोजाना जोर (चिल्लाकर नहीं) से पढ़ने की आदत डालें। इससे आपकी आवाज साफ होगी और आप बेहतर तरीके से बात भी करेंगे।

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इन 5 बातों को आजमा कर देखें

अच्छी आवाज रहे इसलिए इन बातों का ख्याल रखें:

अगर अच्छी आवाज से जुड़ी कोई परेशानी होती है, तो आपको वोकल मेडिसिन स्पेशलिस्ट से संपर्क करना चाहिए।

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अच्छी आवाज के बारे में बातें बहुत हो गईं, अब बात करते हैं अच्छी आवाज के आगे बातचीत की।

बातचीत के बारे में कुछ और मजेदार तथ्य

  • नींद में बात करने को सोमनिलोकी (somniloquy) यानी निद्रालाप कहा जाता है।
  • दुनियाभर में लगभग 25% लोग ग्लोसोफोबिया (glossophobia) से पीड़ित हैं, मतलब इन लोगों को पब्लिक स्पीकिंग (public speaking) से डर लगता है।
  • मनोवैज्ञानिक अल्बर्ट मेहरबियन (Albert Mehrabian) ने बातचीत के बारे में तर्क दिया कि वास्तव में बोलना, संचार (communication) का ही एक छोटा अनुपात है। उन्होंने कहा कि संचार में लगभग 55% बॉडी लैंग्वेज, 38% आवाज (tone of voice) और सात प्रतिशत शब्दों का उपयोग किया जाता है। क्या बातचीत के बारे में यह फैक्ट जानते थे आप?
  • इजरायल के एक अलग शहर में बहरेपन की उच्च दर है। इसके लिए बातचीत करने के लिए वहां के लोगों ने अलग स्वयं की सांकेतिक भाषा (sign language) बनाई है। बातचीत के बारे में यह फैक्ट काफी ही काबिल-ए-तारीफ है।

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  • बच्चा गर्भ में रहकर भाषा भी सीख जाता है। हां ये कह सकते हैं कि आप उससे जिस भाषा में अब तक बात कर रहे थे, वो उसके लिए पहचानी हुई आवाज होती है। एक अध्ययन से पता चलता है कि गर्भ में बच्चे को जो भाषा सुनाई जाती है वो उस भाषा के प्रति अच्छा रिस्पॉन्स देता है, लेकिन भाषा को बदल दिया जाए तो उनका रिस्पॉन्स कुछ खास नहीं होता है। ये इस बात का संकेत देता है कि बच्चा किसी खास लय या धुन को कुछ हद तक सीख लेता है।
  • यदि किसी द्विभाषी यानी दो भाषाओं में बोलने वाले बच्चे को स्पीच या भाषा की समस्या है, तो वह समस्या दोनों भी भाषाओं में दिखाई देगी। स्पीच या भाषा विकार (speech and language disorder) दो भाषाओं को सीखने की वजह नहीं बन सकता है। बोली या भाषा विकार के लिए द्विभाषिकता (bilingualism) का उपयोग नहीं किया जाता है।
  • भाषा सीखने के लिए उम्र का शुरूआती समय ही उचित माना जाता है। इस दौरान बुद्धि का विकास तेजी से होता है। लेकिन, इसका यह मतलब नहीं है कि बड़े बच्चे या वयस्क दूसरी भाषा में फ्लुएंट नहीं हो सकते हैं।
  • दूसरे बच्चों की तरह ही ज्यादातर द्विभाषी (bilingual) बच्चे भी एक साल की उम्र तक (मम्मी, दादा आदि) एक शब्द बोलना शुरू कर देते हैं। दो साल के होते-होते वे दो शब्दों को (जैसे-मेरी बॉल, नो जूस आदि) मिलाकर बोलने लगते हैं। ऐसा ही उन शिशुओं के साथ भी होता है जो एक भाषा बोलते हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि बाइलिंगुअल (bilingual) बच्चा शायद एक भाषा के शब्द को दूसरी लैंग्वेज के साथ मिक्स कर सकता है।

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बातचीत संबंधी बीमारियां भी जान लें

  • कुछ लोगों को फोन पर बात करने में तनाव या चिंता का अनुभव होता है। इसे फोन फोबिया (phone phobia) कहते हैं।
  • चाइल्डहुड एप्रेक्सिया (Childhood apraxia) बचपन में होने वाला स्पीच संबंधी विकार है। इसमें संदेश मस्तिष्क से वोकल मांसपेशियों (vocal muscles) तक सही से प्रसारित नहीं होता है। इस डिसऑर्डर से पीड़ित लोगों को आमतौर पर स्पीच थेरेपी की मदद लेनी चाहिए।
  • बातचीत के बारे में यह तो सुना होगा कि मुझे बोलने में घबराहट होती है। साइंस की भाषा में इसे सलेक्टिव म्यूटिज्म (selective mutism) कहते हैं। यह एक तरह की सोशल एंग्जाइटी डिसऑर्डर (social anxiety disorder) है जो ज्यादातर बच्चों में होता है। इसमें बच्चे विशेष जगहों पर बोलने में घबराते हैं।
  • डिमेंशिया (dementia) से ग्रस्त व्यक्ति कई बार बोलते-बोलते सही शब्द नहीं ढूंढ पाते हैं।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है, अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

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सूत्र

YOUR SPEAKING VOICE http://web.mst.edu/~toast/docs/Your%20Spkg%20Voice.pdf Accessed on 06/12/2019

Taking Care of Your Voice https://www.nidcd.nih.gov/health/taking-care-your-voice Accessed on 06/12/2019

10 Tips for a Healthy Voice https://www.livescience.com/4078-10-tips-healthy-voice.html Accessed on 06/12/2019

5 Secrets To Make Your Voice Sound Better https://caricole.com/5-secrets-to-make-your-voice-sound-better/ Accessed on 06/12/2019

Remedies for a melodious voice https://www.memorymuseum.net/tips-and-remedies-for-sweet-voice.php Accessed on 06/12/2019

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Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 25/08/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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