Non Cancerous Skin Tags: जानिए नॉन कैंसरस स्किन टैग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी!

    Non Cancerous Skin Tags: जानिए नॉन कैंसरस स्किन टैग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी!

    स्किन से जुड़ी कई समस्या होती है, जिनमें से कुछ अपने आप ठीक हो जाती हैं तो कुछ स्किन प्रॉब्लेम के लिए डायग्नॉसिस और ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ सकती है। ऐसी ही एक समस्या है स्किन टैग की। स्किन टैग को लेकर प्रायः मन में कई सवाल उठते हैं कि ये कैंसरस स्किन टैग (Cancerous Skin Tags) तो नहीं! इसलिए आज इस आर्टिकल में कैंसरस स्किन टैग हैं या नॉन कैंसरस स्किन टैग इसे समझेंगे, लेकिन सबसे पहले स्किन टैग को समझाना जरूरी है। स्किन टैग को अगर सामान्य शब्दों में समझें, तो इसे त्वचा की चिप्पी और मेडिकल टर्म में एक्रोकोडन भी कहा जाता है। चलिए अब कैंसरस स्किन टैग (Cancerous Skin Tags) से जुड़े सवालों का जवाब जानते हैं।

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    क्या सभी स्किन टैग कैंसरस होते हैं? (Are some skin tags cancerous?)

    कैंसरस स्किन टैग (Cancerous Skin Tags)

    नैशनल सेंटर फॉर बायोटेकोनोलॉजी इन्फॉर्मेशन (National Center for Biotechnology Information) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार स्किन टैग कैंसरस (Skin Tags Cancerous) नहीं होते हैं और यह शरीर के अलग-अलग हिस्सों जैसे कांख (Armpits) के आसपास, ग्रोइन (Groin) के आसपास, जांघ (Thighs) के आसपास, ब्रेस्ट (Breasts) के पास, आंखों की पलकों (Eyelids) पर और गले (Neck) पर नजर आ सकते हैं।

    स्किन टैग को अलग-अलग नामों से भी जाना जाता है। जैसे एक्रोकॉर्डन (Acrochordons), पेपीलोमास (Papillomas) जिसे स्किन ट्यूमर (Skin tumors) कहा जाता है और यह ट्यूमर का शुरुआती स्टेज होता है। वहीं त्वचा के ऊपरी हिस्सों पर उभरी हुई त्वचा की लेयर जो फिब्रोस टिशू (Fibrous tissue) से बने होते हैं उसे फिब्रोएपिथेलियल पॉलीप्स (Fibroepithelial polyps) कहते हैं।

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    नॉन कैंसरस स्किन टैग के कारण हो सकते हैं (Cause of Non Cancerous Skin Tags)-

    स्किन टैग की समस्या कैंसरस नहीं होते हैं, लेकिन इसके कारण निम्नलिखित हो सकते हैं। जैसे:

    • त्वचा का आपस में घिसना (Skin-on-skin rubbing)।
    • शरीर का वजन (Obesity) बढ़ना ।
    • टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 diabetes) की समस्या होना।
    • इंसुलिन रेसिस्टेंस (Insulin resistance) की समस्या होना।
    • एचपीआई (Human Papillomavirus Infections) होना।
    • जेनेटिकल (Genetics) प्रॉब्लेम होना।
    • बर्ट-हॉग-दुबे सिंड्रोम (Birt-Hogg-Dube syndrome) की समस्या होना।
    • प्रेग्नेंसी के दौरान एपिडर्मल ग्रोथ (Epidermal growth factors) ज्यादा होना।
    • हॉर्मोन इम्बैलेंस (Hormone imbalances) की समस्या होना।
    • मेटाबॉलिक सिंड्रोम (Metabolic syndrome) की समस्या होना।
    • कार्डियोवैस्कुलर डिजीज (Cardiovascular disease) होना।
    • उम्र (Aging) बढ़ना।
    • पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (Polycystic Ovary Syndrome) की समस्या होना।

    कैंसरस स्किन टैग (Cancerous Skin Tags) नहीं होते हैं, बल्कि यहां ऊपर बताये गए कारणों की वजह से स्किन टैग की समस्या शुरू हो सकती है। इसलिए जिन हेल्थ कंडिशन की चर्चा ऊपर की गई है और अगर आप इनमें से किसी भी बीमारी से आप पीड़ित हैं, तो डॉक्टर से कंसल्ट करें। डॉक्टर से कंसल्टेशन कर बीमारी को खत्म करने में मदद मिल सकती है और बीमारी के कारण होने वाली अन्य परेशानियों से भी बचने में मदद मिल सकती है।

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    नॉन कैंसरस स्किन टैग के लक्षण क्या हो सकते हैं? (Symptoms of Non Cancerous Skin Tags)

    कैंसरस स्किन टैग नहीं होते हैं, लेकिन नॉन कैंसरस स्किन टैग के लक्षण को जरूर समझना चाहिए। इसलिए स्किन टैग के लक्षण इस प्रकार हैं-

    1. त्वचा पर ब्राउन पैच नजर आना।
    2. स्किन पर लाल टैग या पैच होना।
    3. त्वचा पर उभार आना।

    ऐसे लक्षण स्किन टैग (Skin Tags) की ओर इशारा करते हैं।

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    नॉन कैंसरस स्किन टैग का निदान कैसे किया जाता है? (Diagnosis of Non Cancerous of Skin Tags)

    स्किन टैग के निदान के लिए हेल्थ केयर एक्सपर्ट सबसे पहले त्वचा पर आये पैच या उभार को ध्यान से नोटिस करते हैं और फिर पेशेंट की मेडिकल हिस्ट्री (Medical History) पूछते हैं। इसके बाद आवश्यकता पड़ने पर स्किन टेस्ट (Skin Test) या बायोप्सी (Biopsy) करवाने की सलाह देते हैं। हालांकि कैंसरस स्किन टैग नहीं होने की स्थिति में स्किन टैग रिमूव करने का विकल्प दिया जा सकता है।

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    नॉन कैंसरस स्किन टैग को कैसे रिमूव किया जाता है? (Removal of Non Cancerous Skin Tag)

    स्किन टैग को प्रायः हटवाने की जरूरत नहीं पड़ती है, लेकिन अगर स्किन टैग (Skin Tags) की वजह से आपको कोई परेशानी महसूस हो रही है तो डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए। हेल्थ एक्सपर्ट निम्नलिखित तरह से स्किन टैग रिमूवल तकनीक अपना सकते हैं। जैसे:

    1. क्रायोथेरिपी (Cryotherapy)- स्किन टैग रिमूवल तकनीक के रूप में क्रायोथेरिपी का प्रयोग किया जाता है। इस थेरिपी के दौरान स्किन टैग को लिक्विड नाइट्रोजन की मदद फ्रीज कर हटाया जाता है।
    2. सर्जिकल रिमूवल (Surgical removal)- स्किन टैग रिमूवल (Skin Tags removal) तकनीक में आवश्यक पड़ने पर सर्जरी की मदद ली जा सकती है। सर्जरी के दौरान सीजर (Scissors) या स्काल्पेल (Scalpel) की सहायता ली जा सकती है।
    3. इलेक्ट्रोसर्जरी (Electrosurgery)- इलेक्ट्रोसर्जरी स्किन टैग रिमूवल के लिए इस्तेमाल की जाने वाली प्रक्रिया है। इस दौरान हाई-फ्रीक्वेंसी इलेक्ट्रिकल एनर्जी (High-frequency electrical energy) की मदद से स्किन टैग (Skin Tag) को बर्न किया जाता है।
    4. लाइगेशन (Ligation)- सर्जिकल थ्रेड की सहायता से स्किन टैग (त्वचा की चिप्पी या एक्रोकोडन) को काटा जाता है।

    ये है नॉन कैंसरस स्किन टैग रिमूवल तकनीक यानी स्किन टैग (Skin Tags) को हटाने के लिए मेडिकल कुछ प्रोसेस, लेकिन अगर स्किन टैग रिमूवल (Skin Tags removal) के लिए घरेलू उपाय भी अपनाये जाए तो स्किन टैग यानी त्वचा की चिप्पी को खत्म किया जा सकता है।

    स्किन टैग (एक्रोकोडन) अगर छोटे हों या सिर्फ एक-दो हों तो ऐसे में स्किन टैग रिमूवल के दौरान पेशेंट को एनेस्थेसिया (Anesthesia) नहीं दी जाती है, लेकिन अगर स्किन टैग ज्यादा हो तो ऐसे में स्किन टैग रिमूवल (Skin Tags removal) के दौरान मरीज को एनेस्थेसिया (Anesthesia) देने के बाद ही स्किन टैग रिमूवल की प्रक्रिया शुरू की जाती है।

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    नॉन कैंसरस स्किन टैग को हटाने के लिए घरेलू उपाय क्या हैं? (Home remedies for Non Cancerous Skin Tag Removal)

    नॉन कैंसरस स्किन टैग (Non Cancerous Skin Tag) को हटाने के लिए घरेलू उपाय इस प्रकार हैं-

    • नींबू (Lemon)
    • एप्पल साइडर विनेगर (Apple cider vinegar)
    • टी ट्री ऑयल (Tea tree oil)
    • एलोवेरा (Aloe vera)
    • मेथी (Fenugreek)

    इन घरेलू उपायों से नॉन कैंसरस स्किन टैग (Non Cancerous Skin Tag) को हटाया जा सकता है। नॉन कैंसरस स्किन टैग (एक्रोकोडन) आमतौर पर चिकित्सा चिंता का कारण नहीं होते हैं। डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही स्किन टैग रिमूवल (Skin Tag Removal) की मदद लें।

    इन स्थितियों में स्किन टैग (Skin Tags) का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन अगर पहले से त्वचा (Skin) संबंधी परेशानियों को समझा जाए और इसके लक्षणों को नजरअंदाज ना किये जाने पर इससे बचा जा सकता है।

    आप स्किन टैग को हटाने के लिए उपाय को भी अपना सकते हैं , लेकिन अगर इनमें से किसी भी पदार्थों से आपको एलर्जी है तो इसका इस्तेमाल ना करें। इसके अलावा नींबू के रस (Lemon juice) या एप्पल साइडर विनेगर (Apple cider vinegar) को आंखों में ना जानें दें।

    स्किन (Skin) से जुड़ी किसी भी परेशानी से बचने के लिए और स्किन को हेल्दी बनाये रखने के लिए नीचे दिए इस वीडियो लिंक को क्लिक करें।

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    Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 23/02/2022 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड