रेड वाइन पीना क्या बना सकता है हेल्दी, जानिए इसके हेल्थ बेनीफिट्स

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Update Date जून 7, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें
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पार्टी, शादी या दोस्तों संग लम्हों को इंज्वाय करने के लिए आपने भी कई बार रेड वाइन पीया होगा, लेकिन कभी सोचा है कि इसका सेवन करना कितना फायदेमंद है। अगर नहीं तो यह आर्टिकल आपके लिए ही है, इस आर्टिकल में रेड वाइन से जुड़े तमाम जानकारियों को जानते हैं जो हमें इसके फायदों के बारे में बताता है।

सेहत के लिए अच्छा या बुरा है रेड वाइन

रेड वाइन के फायदे की बात करें तो इसके न जाने कितने ही हेल्थ बेनीफिट्स हैं। कई मानते हैं कि यह हेल्दी डायट का अभिन्न हिस्सा है, जबकि कुछ लोग यह सोचते हैं कि यह भी शराब का एक प्रकार है। शोध से यह पता चला है कि नियमित मात्रा में रेड वाइन का सेवन करने से कई बीमारियों से बचा जा सकता है,जिसमें हार्ट डिजीज भी शामिल है। रेड वाइन के फायदे के बारे में जानने से पहले कई अहम चीजें जो हमें जानना जरूरी होता है।

क्या होता है रेड वाइन, कैसे किया जाता है तैयार

रेड वाइन के फायदे जानने से पहले इसे कैसे तैयार किया जाता है यह जानना भी जरूरी है। डार्क अंगूर को क्रश कर और फर्मेट करने के बाद रेड वाइन तैयार किया जाता है। मौजूदा समय में कई प्रकार के रेड वाइन हैं जो अपने रंग और स्वाद के लिए जाने जाते हैं। रेड वाइन की वैरायटी की बात करें तो शिराज- Shiraz, मेरलॉट- Merlot, केबरनेट साउविगनन (Cabernet sauvigno), पिनट नॉयर- Pinot noir और जिनफेनडेल- Zinfandel जैसी वैरायटी शामिल है। इन तमाम रेड वाइन में 12 से लेकर 15 फीसदी तक ही शराब का इस्तेमाल किया जाता है।

रेड वाइन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट के कारण ही यदि इसका नियमित इस्तेमाल किया जाए तो यह सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं।

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इन बीमारियों से करता है रक्षा

2018 में किए एक शोध के अनुसार वैसे तो इस बात का कोई ऑफिशियल सुझाव नहीं है, लेकिन रेड वाइन के कारण कई प्रकार की बीमारी से बचाव होता है। जैसे

फ्रेंच विरोधाभास से जुड़ाव

रेड वाइन को कुछ लोग फ्रेंच विरोधाभास से जोड़कर देखते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसका सेवन फ्रेंच लोग काफी करते थे। वहीं उनमें देखा गया कि काफी मात्रा में सैचुरेटेड फैट और कोलेस्ट्रोल का सेवन करने के बावजूद भी उनमें दिल संबंधी बीमारी कम होती है।

कुछ एक्सपर्ट का मानना है कि रेड वाइन में मौजूद न्यूट्रीएंट्स के कारण इसको डायट में शामिल करने से फायदा पहुंचा है। वहीं इसमें खास प्रकार का एजेंट होता है जो फ्रेंच लोगों को खतरनाक बीमारियों से बचाता है। वहीं ज्यादा मात्रा में सेवन करें तो गंभीर बीमारी हो सकती है।

वहीं नए शोध यह बताते हैं कि यदि नियमित मात्रा में रेड वाइन का सेवन किया जाए तो सैचुरेटेड फैट और कोलेस्ट्रोल का सेवन करने के बावजूद भी दिल संबंधी बीमारी नहीं होती है। वहीं बीमारी न होने के पीछे यह भी माना जाता है कि फ्रेंच लोग अच्छी लाइफस्टाइल अपनाने के साथ अच्छा खाना खाते हैं। यही कारण है कि दूसरों की तुलना में उन्हें कम बीमारी होती है।

रेड वाइन में मौजूद शूगर की मात्रा

ड्राय वाइन – प्रति लीटर चार ग्राम शूगर

मीडियम ड्राय वाइन- 0.5 से लेकर 2 प्रति ग्लास में 4 ले 12 ग्राम शूगर

स्वीट वाइन- 6 ग्राम प्रति ग्लास में 45 ग्राम शूगर

रेड वाइन के फायदे

हार्ट रेट को बढ़ाता है, कोलेस्ट्रोल लेवल को कम करता है, डायबिटीज से लड़ने में मददगार, कैंसर से बचाता है, मोटापा से बचाता है, हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक से बचाता है, लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं, तनाव कम करता है, हड्डियों की ताकत को बढ़ाता है, मोतियाबिंद की बीमारी होने की संभावना कम होती है, लीवर के स्वास्थ को बढ़ाता है, एल्जाइमर से बचाने के साथ दिमाग की शक्ति को बढ़ाता है, तनाव से लड़ने में मदद करता है, अच्छी नींद दिलाता है, फेफड़ों को अच्छे से काम करने में मददगार है, दांतों को सड़न से बचाता है, ओमेगा 3 फैटी एसिड के लेवल को बढ़ाता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, पार्किंसन डिजीज से लड़ने में है मददगार, स्किन ग्लो करने के साथ जवां बनाए रखने में मदद करता है, एक्ने की बीमारी से लड़ता है, सनबर्न को ठीक करता है और बालों को घना और मजबूती प्रदान करता है।

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रेड वाइन में मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट, रेसवराट्रॉल है फायदेमंद

रेड वाइन के फायदे की बात करें तो इसमें कई प्लांट के अच्छे कंपाउंड के साथ एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं वहीं इसमें रेसवेराट्रॉल होता। माना जाता है कि अंगूर में अच्छी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट, रेसवेराट्रॉल, केटेसिन- catechin, एपीकेटिसिन -epicatechin और प्रोएंथोसाइनिडिन्स -proanthocyanidins पाया जाता है। यह एंटीऑक्सीडेंट खासतौर से रेसवेराट्रॉल और प्रोएंथोसाइनिडिंस जैसे तत्वों को माना जाता है कि इससे स्वास्थ्य लाभ होता है। प्रोएंथोसाइनिडिंस हमारे शरीर में ऑक्सीडेटिव डैमेज को कम करने में मदद करता है। वहीं यह हार्ट संबंधी बीमारी के साथ कैंसर से बचाव में मददगार है। इसके अलावा रेसवेराट्रॉल की बात करें तो यह स्किन डैमेज में काफी मददगार होता है।

इतना ही नहीं यह एंटीऑक्सीडेंट हमारे शरीर में ब्लड क्लोटिंग जैसी समस्या से भी बचाता है। जानवरों पर किए शोध के अनुसार रेसवेरेट्रोल के कारण आयु भी बढ़ती है।

हालांकि रेड वाइन में रेसवेराट्रोल की मात्रा काफी कम होती है। जानवरों पर किए शोध के अनुसार यदि इंसानों को लंबी उम्र पानी हो तो उन्हें इसकी काफी मात्रा लेनी होगी। जो संभव नहीं है। यदि आप रेड वाइन का केसव सिर्फ रेसवेराट्रोल का सेवन कर लंबी उम्र पाने के लिए कर रहे हैं तब आपको दूसरे विकल्पों को तलाशना होगा क्योंकि इसमें इसकी मात्रा काफी कम पाई जाती है।

समय से पहले मौत की संभावनाएं होती है कम

रेड वाइन के फायदे यह भी है कि इससे हार्ट डिजीज के साथ स्ट्रोक और समय से पहले मौत की संभावना कम हो जाती है। लेकिन तभी जब कोई इसका नियमित मात्रा में ही सेवन करे। नहीं तो उसे फायदा नहीं पहुंचेगा।  कुल मिलाकर कहा जाए तो अन्य शराब की तुलना में रेड वाइन काफी फायदेमंद है।

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नियमित रेड वाइन पीना है फायदेमंद

बता दें कि वैसे लोग जो सामान्य तौर पर 150 एमएल रोजाना रेड वाइन का सेवन करते हैं वैसे लोगों को सामान्य शराब पीने वालों की तुलना में 32 फीसदी कम संभावना रहती है कि वो बीमार पड़ें। वहीं यदि सामान्य से ज्यादा रेड वाइन का सेवन करें तो उस स्थिति में यह भी है आपको बहुत जल्द दिल संबंधी बीमारी हो जाए। नियमित मात्रा में रेड वाइन का सेवन करने से दिल संबंधी बीमारी नहीं होती वहीं, ब्लड अच्छे कोलेस्ट्रोल का संचार होता है। शरीर में ऑक्सीडेटिव खत्म नहीं होता इस कारण कोलेस्ट्रोल की मात्रा 50 फीसदी तक घट जाती है। मीडिल एज के लोगों की बात करें तो सप्ताह में तीन से चार दिन एक से तीन ग्लास तक पीने वाले लोगों में हार्ट स्ट्रोक का खतरा भी कम होता है। बियर या स्पीरिट ड्रिंक करने वालों की तुलना में वैसे लोग जो रेड वाइन का सेवन करते हैं उनमें हार्ट डिजीज के कारण मौत की संभावना कम होती है।

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जानें और क्या है रेड वाइन के फायदे

रेड वाइन के फायदे की बात करें तो इससे शरीर को काफी फायदा होता है। ऐसा इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट के कारण होता है।

इन तथ्यों से जुड़ा है रेड वाइन का सेवन

  • कैंसर की बीमारी का रिस्क है कम : शोध से यह पता चला है कि यदि कोई थोड़ा थोड़ा रोजाना रेड वाइन का सेवन करता है तो उस कारण उसको कैंसर की बीमारी होने का रिस्क कम होता है। दूसरों की तुलना में उसे कोलोन, बेसल सेल्स, ओवरी और प्रोस्टेट कैंसर की बीमारी होने की संभावनाएं कम होती है।
  • डिमेनशिया की बीमारी होने का भी रिस्क कम : रोजाना एक से तीन ग्लास रेड वाइन का सेवन से डिमेनशिया और अल्जाइमर की बीमारी होने का रिस्क सामान्य लोगों की तुलना में काफी कम होता है।
  • तनाव की संभावनाएं भी होती है कम : 40 से 60 और उससे ज्यादा उम्र के लोगों पर किए गए शोध के अनुसार पता चला है कि वैसे लोग जो एक सप्ताह में करीब दो से सात ग्लास रेड वाइन का सेवन करते हैं, वैसे लोगों को दूसरों की तुलना में कम तनाव होता है। वो आराम से लाइफ को इंज्वाय करते हैं।
  • इंसुलिन पर निर्भरता को भी करता है कम : डायबिटीज से ग्रसित लोगों के लिए रेड वाइन के फायदे की बात करें तो वैसे लोग जो सप्ताह में करीब दो से सात ग्लास रेड वाइन का सेवन करते हैं, वहीं चार सप्ताह तक ऐसा करते हैं तो उनमें इंसुलिस की निर्भरता भी कम होती है।
  • महिलाओं में टाइप 2 डायबिटीज के रिस्क को करता है कम : नियमित रेड वाइन का सेवन करने से महिलाओं में टाइप 2 डायबिटीज होने की संभावना कम हो जाती है।

तो क्या रेड वाइन का सेवन करना चाहिए, जानें कितनी मात्रा में पीएं

रेड वाइन के फायदों की बात करें तो यदि आप नियमित मात्रा में रेड वाइन का सेवन करते हैं तो उस स्थिति में आपको घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। लेकिन इस बात का ध्यान देना बेहद ही जरूरी है कि कहीं आप अपनी लीमिट को क्रॉस न कर जाएं। यूरोप से लेकर अमेरिका में माना जाता है कि यदि महिला एक दिन में एक से लेकर डेढ़ ग्लास तक रेड वाइन का सेवन करें और पुरुष एक से दो ग्लास का सेवन करें तो उनकी सेहत के लिए ठीक होगा। साथ ही यह भी सलाह दी जाती है। यदि रोजाना आप शराब का सेवन करते हैं तो सप्ताह में कम से कम दो दिन आपको इसका सेवन नहीं करना चाहिए, तभी आप इसके हेल्थ बेनीफिट का लाभ उठा पाएंगे।

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शराब की लत न लगे इसका रखें ख्याल

हमें इस बात को कतई नहीं भूलना चाहिए कि हम शराब के सेवन की बात कर रहे हैं। माना जाता है कि इसका सेवन करने वाले लोगों को इसकी लत लग जाती है। वहीं वो सामान्य की तुलना में अत्यधिक सेवन करने लगते हैं, इस कारण उनके स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर पड़ने लगता है। हमें इस लाइन को हमेशा ध्यान देना चाहिए कि कहीं हम अपनी लिमिट को क्रास तो नहीं कर रहे। वहीं वैसे लोग जो पहले औसत से ज्यादा शराब पीते थे, उन्हें इसकी प्रैक्टिस कतई नहीं करनी चाहिए। क्योंकि यदि एक बार वो रेड वाइन को पीने लगेंगे तो संभावना काफी ज्यादा है कि उन्हें शराब की लत लग जाए। कोशिश करें कि वैसे लोग शराब न ही सेवन करें तो उनकी सेहत के लिए बेहतर होगा।

स्वस्थ रहने शराब के अलावा वैकल्पिक चीजों पर दें ध्यान

जरूरी नहीं कि रेड वाइन पीने के फायदे को जान आप पीना शुरू कर दें, क्योंकि वर्तमान में स्वस्थ रहने के लिए आप चाहे तो एक्सरसाइज के साथ योगा को अपनाकर हेल्दी लाइफस्टाइल अपना सकते हैं। यदि संभव हो तो शराब से दूर ही रहना चाहिए।

इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए डाक्टरी सलाह लें। ।

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