तो क्या ये दुर्लभ जानवर है कोरोना वायरस के लिए जिम्मेदार?

By Medically reviewed by Dr. Pranali Patil

कोरोना वायरस का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इसकी वजह से कोरोना वायरस के स्त्रोत और इलाज का पता लगाने के लिए पूरी दुनिया के वैज्ञानिक लगे हुए हैं। नोवेल कोरोना वायरस को लेकर एक और दिलचस्प जानकारी सामने आ रही है, जिसमें बताया गया है कि पैंगोलिन से कोरोना वायरस फैलने की संभावना है। यह जानकारी चीनी वैज्ञानिकों की तरफ से आ रही है। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस पर अपनी कोई टिप्पणी नहीं की है। इससे पहले नोवेल कोरोना वायरस के फैलने की संभावना चमगादड़ और सांप से भी देखी गई थी। अगर, नई जानकारी सही साबित होती है, तो नए कोरोना वायरस का इलाज ढूंढने में आसानी होगी। इसके प्रभाव और घातक परिणाम को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दी है। इसके साथ ही, विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ ने इस नए कोरोना वायरस (2019-nCoV) से होने वाली बीमारी को नाम दे दिया है। अब से नोवेल कोरोना वायरस की वजह से हुई बीमारी को COVID-19 के रूप में जाना जाएगा।

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पैंगोलिन से कोरोना वायरस : क्या कहती है रिसर्च?

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Today, WHO announced the name for the new coronavirus disease: C-O-V-I-D hyphen one nine – COVID-19 We will use #COVID19 on our social media channels from here on

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चीन की साउथ चाइना एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक शोध किया है। जिसमें नोवेल कोरोना वायरस के केंद्र को समझने के लिए एक हजार जंगली जानवरों के सैंपल लिए गए। इस अध्ययन में सामने आ रहा है कि, इस कोरोना वायरस का स्त्रोत यह दुर्लभ जानवरी पैंगोलिन हो सकता है। पैंगोलिन से कोरोना वायरस फैलने की संभावना इसलिए जताई जा रही है, क्योंकि कोरोना वायरस के नए प्रकार और पैंगोलिन में मौजूद एक वायरस के जीनोम सिक्वेंस 99 प्रतिशत तक एक जैसे हैं। हालांकि, यह रिपोर्ट अभी अविकसित है और प्रकाशित होना बाकी है। लेकिन, यह जानकारी वैज्ञानिकों की तरफ से लोकल न्यूज एजेंसी ने दी है। अगर, वैज्ञानिकों की यह जानकारी सही साबित होती है कि, पैंगोलिन से कोरोना वायरस फैला है, तो इस बीमारी के इलाज में जल्द ही कामयाबी हासिल हो सकती है।

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पैंगोलिन से कोरोना वायरस फैलने की संभावना, लेकिन पैंगोलिन है क्या?

दरअसल, पैंगोलिन एक स्तनधारी जीव है, जो कि दुर्लभ हो रहा है। यह दिखने में बाकी स्तनधारी जीवों से बिल्कुल अलग है। पैंगोलिन दिखने में छोटे डायनासोर जैसा होता है, जिसके शरीर पर सुरक्षा के लिए स्केल मौजूद होते हैं। यह मुख्य रूप से चींटियों और कीड़े-मकोड़े को भी खाता है, जिस वजह से इसे एंटईटर भी कहा जाता है। अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ के मुताबिक, पैंगोलिन दुनिया का सबसे ज्यादा तस्करी किया जाने वाला जीव है, एशिया और अफ्रीका के जंगलों से चुराकर इसकी तस्करी की जाती है। पैंगोलिन से कोरोना वायरस फैलने की संभावना इसलिए हो सकती है, क्योंकि इसके ऊपरी स्केल से चीनी चिकित्सा पद्धति में आर्थराइटिस, पीरियड्स पेन और चर्मरोग के इलाज के लिए दवाएं तैयार की जाती हैं और इसका मांस खाया जाता है। इसकी तस्करी को रोकने के लिए ऐसा करने वालों पर कम से कम 10 साल की सजा का प्रावधान है।

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पैंगोलिन से कोरोना वायरस की संभावना : COVID-19 की ताजा अपडेट

नए कोरोना वायरस से होने वाली बीमारी COVID-19 की वजह से अबतक दुनियाभर में 43103 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 1018 मौतें हो चुकी हैं। इनमें से कुल 42708 मामले और 1017 मौतें अकेले चीन में दर्ज की गई हैं। जबकि, इसके प्रकोप का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि, पिछले 24 घंटों में दुनियाभर में 2560 मामले और 108 मौतें दर्ज की गई हैं। अभी तक, इस बीमारी का इलाज नहीं मिल पाया है।

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पैंगोलिन से कोरोना वायरस से पहले चमगादड़ और सांप की भी जताई गई थी संभावना

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30 जनवरी को प्रकाशित एक स्टडी में इस बात के भी मजबूत सबूत प्राप्त हुए थे कि यह नया कोरोना वायरस चमगादड़ों से फैला है। हालांकि, अभी भी वैज्ञानिक इसके बारे में शोध कर रहे हैं। इसके साथ ही नोवेल कोरोना वायरस को सांपों के जरिए भी इंसानों में फैलने की संभावना जताई गई थी। लेकिन, चमगादड़ों की तरह इसके बारे में भी प्रामाणिक सबूत नहीं मिल पाए हैं।

कोरोना वायरस पर जामा की रिसर्च

पैंगोलिन से कोरोना वायरस की संभावना मिलने से पहले संक्रमित व्यक्तियों पर कोरोना वायरस के असर को देखने के लिए 138 संक्रमित मरीजों पर अध्ययन किया गया था। यह अध्ययन जर्नल ऑफ अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन यानी जामा (Journal of American Medical Assosication; JAMA) में प्रकाशित किया गया है। इस अध्ययन में देखा गया है कि नोवेल कोरोना वायरस के असर में सबसे आम बुखार, थकान और सूखी खांसी के लक्षण शामिल हैं। इसके बाद कोरोना वायरस के असर में एक तिहाई मरीजों को मसल्स पेन और सांस लेने में दिक्क्त का सामना करना पड़ा है। जबकि करीब 10 प्रतिशत संक्रमित लोगों में डायरिया और जी मिचलाने की समस्या देखी गई है।

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कोरोना वायरस पर भारत सरकार की एडवाइजरी

पैंगोलिन से कोरोना वायरस की संभावना मिलने से पहले भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसके खतरे को बढ़ते देखते हुए एक एडवाइजरी जारी की थी। जिसमें, भारतीय नागरिकों को कुछ स्वास्थ्य संबंधी सलाह भी दी गई हैं। जो कि, खासकर चीन या चीन के वुहान शहर या उसके आसपास या फिर कोरोना वायरस के मामले पाए गए दूसरे देशों में यात्रा करने वाले लोगों के लिए बहुत जरूरी है। इसके अलावा, अन्य भारतीय नागरिकों को भी इन एहतियातों को बरतने के बारे में सुझाव दिया गया है। भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एडवाइजरी कुछ इस प्रकार है-

  1. कोरोना वायरस के असर और खतरे से बचाव के लिए भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से बताया गया है कि आप जब भी घर से बाहर निकलें तो मुंह पर मास्क का प्रयोग करके निकलें।
  2. इसके अलावा, चीन की यात्रा करने वाले लोग अपने स्वास्थ्य के बारे में बारीकी से नजर रखें और उसमें जरा-सा भी बदलाव आने पर डॉक्टर को तुरंत दिखाएं।
  3. अगर चीन या उसके आसपास के देशों की यात्रा करने के दौरान या उसके बाद आपको छींक, खांसी, बुखार या शारीरिक थकान महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर की मदद लें।
  4. यदि चीन जा रहे हैं या उससे आ रहे विमान में किसी भी नागरिक की तबियत खराब हो, तो इसकी सूचना तुरंत एयरहोस्टेस को दें और उससे मास्क लें। इसके बाद एयरपोर्ट हेल्थ अथॉरिटी से संपर्क करें।
  5. घर से बाहर जाने पर अपने साथ ताजा खाना रखें और बाहर का खाना न खाएं।
  6. किसी से भी हाथ मिलाने से बचें और यदि जरूरी भी है तो हाथ मिलाने के बाद हाथों को साबुन से धोएं।
  7. छींक या खांसी आने पर मुंह को ढक लें।
  8. खांसी और छींक से परेशान मरीज से थोड़ी एहतियात के साथ मिलें या जिसकी तबियत ठीक न हो उससे दूरी बनाकर रखें।
  9. जानवरों के संपर्क से दूर रहें और मीट का सेवन भी कम करें।
  10. किसी भी तरह के जानवरों के फार्म, पशुओं के बाजार और बूचड़खाने में जाने से बचें।

हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार मुहैया नहीं कराता।

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