क्या हार्मोन डायट से कम हो सकता है मोटापा?

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Update Date दिसम्बर 2, 2019 . 2 मिनट में पढ़ें
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जब भी वजन कम करने या फिट रहने की बात आती है तो कई तरह के डायट चार्ट्स और फिटनेस प्रोग्राम के विकल्प हमारे सामने आ जाते हैं। कुछ दिनों पहले चर्चा में रही कीटो डायट (कम कार्बोहाइड्रेट, उच्च वसा) और कार्निवोर डायट (carnivore diet) को ज्यादातर लोग जानते ही हैं। लेकिन, एक और डायट जो हाल ही में सुर्खियों में आई है, वह है “हार्मोन डायट” है। कुछ लोग अपने हार्मोन्स के असंतुलन के चलते मोटापा कम नहीं कर पाते हैं। यह डायट ऐसे लोगों के लिए मददगार साबित हो रही है।

क्या हैं हार्मोन डायट (Hormone Diet)?

हार्मोन डायट का पहला फोकस रहता है हार्मोन के उतार-चढ़ाव को कम करना क्योंकि माना जाता है हार्मोन का असंतुलन किसी भी व्यक्ति के वजन को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। हालांकि, यह डायट वजन बढ़ाने और अन्य हेल्थ बेनिफिट्स में भी योगदान करती है।

हार्मोन डायट छह-सप्ताह तक तीन चरणों में चलने वाली प्रक्रिया है। इस डायट प्लान को हार्मोन को सिंक करके आहार, व्यायाम, न्यूट्रिशनल सप्प्लिमेंट और डिटॉक्स के माध्यम से स्वस्थ शरीर को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन किया गया है। डायट आपके द्वारा खाए जाने वाले भोजन को नियंत्रित करने के साथ ही उसका समय भी निर्धारित करती है जिससे आपके हार्मोन को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके।


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फेज-1 

डायट शुरू करने के पहले चरण में दो सप्ताह तक शरीर का “डिटॉक्सिफिकेशन” होता है। इस फेज में ग्लूटेन युक्त अनाज, गाय के दूध से बने डेयरी प्रोडक्ट्स, एल्कोहॉल, कैफीन, मूंगफली, चीनी, अर्टिफिशियल स्वीटनर्स, रेड मीट और खट्टे फल खाने से मना कर दिया जाता है। इसकी बजाय नेचुरल ग्लूटेन युक्त फूड्स, सब्जियां, फल, फलियां, नट्स, पोल्ट्री, मछली, सोया, अंडे जैसे कई खाद्य पदार्थ शामिल करने की सलाह दी जाती है।

फेज-2 

दो सप्ताह के डिटॉक्स के बाद फेज-2 में उन आहारों में से कुछ को अपनी डायट में शामिल करने की सलाह देता है जिससे यह पता चल सके कि आपका शरीर उनके प्रति कैसी प्रतिक्रिया दे रहा है। हालांकि, डायट ऐसे पदार्थों को खाने की मनाही रहती है जिससे हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ सकता है। हार्मोन डायट के दूसरे चरण में उच्च फ्रक्टोज जैसे-कॉर्न सिरप, हाई मरकरी फिश, किशमिश, खजूर, मूंगफली जैसे फूड प्रोडक्ट्स शामिल हैं। 

फेज-3 

हार्मोन डायट के तीसरे चरण में कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज (cardiovascular exercise) और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (strength training) से संपूर्ण शारीरिक और मानसिक हेल्थ ध्यान दिया जाता है। वहीं, दूसरे चरण की आहार योजना तीसरे चरण में भी जारी रहती है।

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क्या कहना है डॉक्टर का?

डॉक्टर श्रुति श्रीधर (कंसल्टिंग होमियोपैथ एंड क्लिनिकल नूट्रिशनिस्ट) का कहना है कि “हार्मोन डायट वजन कम करने में मदद कर सकती है क्योंकि इसमें कैलोरी कम होती है। लेकिन, हार्मोन डायट, ‘हार्मोन को संतुलित करती है या नहीं’ इस बारे में अभी कोई भी वैज्ञानिक परिणाम नहीं मिले हैं। इसलिए, आपको एक स्वस्थ आहार लेना चाहिए, जो प्रिजर्वेटिवस फ्री हो। इसके साथ ही प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन न करें। इसके अलावा हेल्दी लाइफ के लिए पर्याप्त व्यायाम के साथ आवश्यक पोषक तत्वों को लाइफस्टाइल में शामिल करें।”

हालांकि, हार्मोन डायट में यह बताया गया है कि यह कैसे शरीर पर काम करती है लेकिन, हार्मोन डायट से मोटापा कम होता है, इस बारे में अभी कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिले हैं। हो सकता है यह डायट कई लोगों के लिए लंबे समय तक काम न करें।

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