शूटिंग के दौरान फरहान को हुआ हेयरलाइन फ्रेक्चर, जानें इसकी वजह और कैसे करें बचाव

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट अगस्त 17, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

बीते दिनों रिलीज हुई फिल्म दि स्काई इज पिंक के बाद फरहान अख्तर अपने आने वाली फिल्म तूफान की शूटिंग में व्यस्त है। ”भाग मिल्खा भाग” के बाद फरहान अख्तर की ये दूसरी स्पोर्ट्स फिल्म होगी। इस फिल्म में एक बॉक्सर की भूमिका निभाने के लिए फरहान जम कर तैयारी कर रहे हैं। लेकिन फिल्म की शूटिंग के दौरान फरहान को हाथ में इंजरी हो गई जिसकी बारे में उन्होंने इंस्टाग्राम और ट्विटर के माध्यम से लोगों को बताया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है कि यह मेरे बॉक्सिंग की पहली चोट है। फरहान ने पोस्ट के साथ अपनी एक्स-रे रिर्पोट भी शेयर की है जिससे साफ दिख रहा है कि उनको हेयरलाइन फ्रेक्चर है।

अलग-अलग फिल्मों की शूटिंग के दौरान आए दिन बॉलीवुड स्टार चोटिल होते रहते हैं। तो आइए हम आपको बताते हैं कि स्पोर्ट्स इंजरी क्या होती है और आप कैसे इससे बचाव कर सकते हैं।

क्या है स्पोर्ट इंजरी?

अलग-अलग खेल के दौरान लगने वाली चोट स्पोर्ट्स इंजरी कहलाती है। यह चोट दर्दनाक होती है और अच्छे से अच्छे खिलाड़ी को मैदान से दूर कर सकती है। इस बात से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता कि आप कौन सा स्पोर्ट खेल रहे और आपको कितनी चोट लगी है, इंजरी को ठीक होने में लगभग एक जैसा इलाज और समय लगता है। एक्यूट मसल इंजरी तब होती है जब आप किसी मसल को उसकी इलास्टिसिटी से ज्यादा स्ट्रैच करते हैं यानी की खिंचते हैं। एक्यूट मसल इंजरी इतनी सामान्य है कि कई बार यह खेल के मैदान में और कई बार किसी काम को करने के दौरान भी हो सकता है। अगर बात किसी माइनर या हल्की इंजरी की है तो इसके लिए आपको किसी डॉक्टर की जरुरत नहीं पड़ती है बल्कि यह आप घर में ही इसका इलाज कर सकते हैं।

और पढ़ेंः बच्चों की स्ट्रॉन्ग हड्डियों के लिए अपनाएं ये 7 टिप्स

अलग-अलग तरह की इंजरीः

स्पोर्ट्स इंजरी :  मोच

 ओवर स्ट्रेचिंग और लिगामेंट्स टियरिंग से मोच आ जाती है। लिगामेंट्स दो हड्डियों को एक दूसरे से जोड़ने का काम करते हैं। 

स्पोर्ट्स इंजरी :  स्प्रेन

 ओवरस्ट्रेचिंग या टियरिंग से मांसपेशियों में मोच आ जाती है। टेंडन्स मोटे, रेशेदार कॉर्डस होते हैं जो हड्डी को मांसपेशियों से जोड़ते हैं। आमतौर पर लोग स्ट्रेन और स्प्रेन को एक मानते हैं लेकिन यह दोनों अलग होते हैं।

स्पोर्ट्स इंजरी :  घुटने में चोट

कोई भी चोट जो घुटने में लगती है  जिससे घुटने के मूवमेंट में दिक्कत होती है वह स्पोर्ट्स इंजरी हो सकती है। इससे घुटने में दर्द, सूजन और चलने में तकलीफ हो सकती है।

सूजी हुई मांसपेशियां

चोट लगने के बाद सूजन होना सामान्य बात है। सूजन वाली मांसपेशियां दर्दनाक और  चलने-फिरने से और कमजोर हो सकती हैं।

स्पोर्ट्स इंजरी : टेंडन रप्चर

 टेंडन रप्चर हाथ या पैर में हो सकता है। खेल के दौरान, टेंडन रप्चर हो सकता है या टूट सकता है। जब यह होता है, तो आप अचानक, गंभीर दर्द और हाथ हिलाने में कठिनाई का अनुभव कर सकते हैं।

और पढ़ेंः कार्डियो एक्सरसाइज से रखें अपने हार्ट को हेल्दी, और भी हैं कई फायदे

इसके अलावा बहुत सारी इंजरी है जो खेल के दौरान किसी को भी हो सकती है।

डॉक्टर कैसे करेगा निदान ?

स्पोर्ट्स इंजरी के बाद आपको चोट में तुरंत दर्द या फिर असुविधा महसूस हो सकती है। कुछ लोगों को चोट लगने के कई दिनों बाद तक भी किसी प्रकार की समस्या का एहसास नहीं होता है। लॉन्ग टर्म डैमेज के बाद लोगों को स्पोर्ट्स इंजरी का अहसास हो सकता है। कई बार तो रूटीन चेकअप के दौरान इंजरी की जानकारी मिलती है। अगर आपको लगता है कि आपको स्पोर्ट्स इंजरी है तो डॉक्टर के पास जाएं। डॉक्टर जांच के दौरान कुछ स्टेप फॉलो करेगा। जानते हैं उनके बारे में:

फिजिकिल एक्जामिनेशन (Physical examination)

फिजिकिल एक्जामिनेशन के दौरान डॉक्टर ज्वाइंट को हिलाकर देख सकता है। इस प्रोसेस के दौरान डॉक्टर को ये पता चल जाता है कि पेशेंट का वो हिस्सा मूवमेंट कर रहा है या फिर नहीं। हो सकता है इससे ज्वाइंट में अचानक से दर्द शुरू हो जाए।

मेडिकल हिस्ट्री (Medical history)

इस दौरान डॉक्टर आपसे प्रश्न कर सकता है कि कैसे आपको चोट लग गई और आपको क्या एहसास हो रहा है। साथ ही डॉक्टर आपसे ये जानकारी भी ले सकता है कि क्या आपको पहले से किसी भी प्रकार की बीमारी है या फिर कोई मेडिकल हिस्ट्री है। आपको डॉक्टर को स्पष्ट रूप से सभी बातों का जवाब देना चाहिए।

और पढ़ेंः कैशलेस एयर एंबुलेंस सेवा भारत में हुई लॉन्च, कोई भी कर सकता है यूज

इमेंजिंग टेस्ट (Imaging tests)

एक्स-रे, एमआरआई, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड की हेल्प से डॉक्टर आपकी जांच करेगा। ऐसा करने से स्पोर्ट्स इंजरी को डायग्नोज किया जा सकता है। अगर आपको स्ट्रेन का प्रॉब्लम होगा तो डॉक्टर आपको कुछ स्टेप फॉलो करने की सलाह दे सकता है। डॉक्टर ने जो भी सलाह दी हो, उसे फॉलो करें। साथ ही समय-समय पर डॉक्टर से जांच कराते रहें।

इंजरी के तुरंत बाद ये करेंः चोट लगने के कुछ ही देर में आपको कुछ चीजें महसूस होने लगेंगी दर्द होने के साथ-साथ चोट वाली जगह पर सूजन और घाव होने की संभावना है। कई बार चोट लगने वाली जगह इस तरह दर्द होता है कि आप उसको हिलाने और छूने में भी डरते हैं। 

हैलो स्वास्थ्य का न्यूजलेटर प्राप्त करें

मधुमेह, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, कैंसर और भी बहुत कुछ...
सब्सक्राइब' पर क्लिक करके मैं सभी नियमों व शर्तों तथा गोपनीयता नीति को स्वीकार करता/करती हूं। मैं हैलो स्वास्थ्य से भविष्य में मिलने वाले ईमेल को भी स्वीकार करता/करती हूं और जानता/जानती हूं कि मैं हैलो स्वास्थ्य के सब्सक्रिप्शन को किसी भी समय बंद कर सकता/सकती हूं।

आराम करेंः

किसी भी इंजरी को ठीक करने के लिए आराम करना जरूरी है। इंजरी के बाद मांसपेशियां कमजोर और दोबारा लगने वाली चोट के लिए सेंसिटिव हो जाती है इसलिए कुछ घंटों का आराम इंजरी को ठीक करने के लिए सबसे असरदार तरीका है। कुछ घंटो के लिए आराम करनें और चलने फिरने से परहेज करने से कोई भी चोट जल्दी ठीक होती है।

बर्फ से सिकाईः

चोट लगने वाली जगह पर बर्फ से सिकाई करें। इंजरी होने के कुछ घंटों के अंदर चोट पर आईस पैक लगाएं, यह खून के प्रवाह को कम करगेा जिससे चोट में होने वाली सूजन कम होगी और दर्द से आराम मिलेगा। कभी भी अपनी त्वचा पर सीधे बर्फ ना लगाएं इसे किसी पतले कपड़े या तौलिये में रखकर ही चोट पर लगाए वरना फ्रॉस्टबाईट होने के खतरा होता है। एक बार में 15-20 मिनट तक आइस लगाएं और फिर त्वचा का तापमान सामान्य होने तक इंतजार करें।

और पढ़ेंः फिट रहने के लिए जानिए क्रिकेटर विराट कोहली की डायट और वर्कआउट के राज

कंप्रेसः

आपकी चोट के चारों ओर मजबूती से बंधा हुआ एक इलास्टिक बैंड (क्रैप बैंडेज) चोट वाली जगह के आसपास के फ्लूइड के बहाव को रोककर सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। यह चोट वाली जगह को कुछ हद तक स्थिर रखकर दर्द को कम करने में भी मदद कर सकता है। पट्टी पूरी तरह से इंजरी एरिया कवर करने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकती, लेकिन इसको लगाकर रखने से आपको यह याद रहेगा कि आपको चोट वाली जगह को हिलाना नही है। अगर पट्टी लगाने से झुनझुनी या सुन्नता होती है, तो इसे हटा दें और इसे थोड़ा ढ़ीला करके बांधे। यह इतना ढ़ीला होना चाहिए कि यह आपकी असुविधा का कारण ना बने या आपके खून के फ्लो को ना रोके। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से परामर्श करें।

और पढ़ेंः मानव शरीर की 300 हड्डियों से जुड़े रोचक तथ्य

इसके अलावा बहुत सारी इंजरी है जो खेल के दौरान किसी को भी हो सकती है। जब कभी भी स्पोर्ट्स इंजरी हो तो ठीक से आराम करने के अलावा चोट पर ध्यान दें अगर सूजन और दर्द 4-5 दिन के बाद और बढ़ता है तो तुरंत अपने ऑर्थोपैडिक से संपर्क करें।

उपरोक्त जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। मांसपेशियों में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर हड्डियों के डॉक्टर से तुरंत जांच कराएं। आशा करते हैं कि आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। आर्टिकल में स्पोर्ट्स इंजरी के बारे में जानकारी दी है। अगर आपको हड्डियों से संबंधित अन्य आर्टिकल के बारे में पढ़ना है तो आप हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट से जानकारी ले सकते हैं। आप हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज को लाइक कर स्वास्थ्य संबंधी खबरों से अपडेट रह सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

Knee Pain : घुटनों में दर्द क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

जानिए घुटनों में दर्द का कारण, क्या इस दर्द का निदान और उपचार है?, नी पेन के लक्षण, उसका घरेलू उपचार, Knee Pain के लिए ट्रीटमेंट, Knee Pain की सर्जरी।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Ankita mishra
हेल्थ कंडिशन्स, स्वास्थ्य ज्ञान A-Z जून 11, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

Enzomac: एंजोमैक क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

जानिए एंजोमैक (Enzomac) की जानकारी in hindi, फायदे, लाभ, उपयोग, इस्तेमाल कैसे करें, कब लें, कैसे लें, कितनी खुराक लें, एंजोमैक डोज, ओवरडोज, साइड इफेक्ट्स, नुकसान, दुष्प्रभाव और सावधानियां

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Bhawana Awasthi
दवाइयां A-Z, ड्रग्स और हर्बल जून 11, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

Swelling (Edema) : सूजन (एडिमा) क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

जानिए सूजन की जानकारी, सूजन के निदान और उपचार, एडिमा के कारण, एडिमा के लक्षण और घरेलू उपचार, swelling के जोखिम फैक्टर, edema का खतरा।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Ankita mishra
हेल्थ कंडिशन्स, स्वास्थ्य ज्ञान A-Z जून 9, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

Intestinal Ischemia: जानें इंटेस्टाइनल इस्किमिया क्या है?

इंटेस्टाइनल इस्किमिया क्या है? intestinal-ischemia के लक्षण, कारण और इंटेस्टाइनल इस्किमिया को ठीक करने के उपाय क्या हैं।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pooja Daphal
के द्वारा लिखा गया Poonam
हेल्थ कंडिशन्स, स्वास्थ्य ज्ञान A-Z अप्रैल 20, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

Recommended for you

Omnacortil Syrup ऑम्नाकॉर्टिल सिरप

Omnacortil Syrup : ऑम्नाकॉर्टिल सिरप क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shayali Rekha
प्रकाशित हुआ जुलाई 14, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
Acenext P, एसनेक्स्ट पी

Acenext P: एसनेक्स्ट पी क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Bhawana Awasthi
प्रकाशित हुआ जून 23, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें
एनाफोर्टन

Anafortan: एनाफोर्टन क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Satish singh
प्रकाशित हुआ जून 22, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें
बेनोसाइड फोर्ट

Banocide Forte: बेनोसाइड फोर्ट क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Hemakshi J
के द्वारा लिखा गया Satish singh
प्रकाशित हुआ जून 17, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें