Broken rib: ब्रोकेन रिब क्या है?

By Medically reviewed by Dr. Pranali Patil

ब्रोकेन रिब क्या है?

ब्रोकेन रिब यानी टूटी हुई पसली। यह एक सामान्य चोट होती है। जब पसलियों की किसी हड‌्डी में क्रैक आ जाता है या हड्डी टूट जाती है तो उसे  ब्रोकेन रिब कहते हैं। यह चोट किसी दुर्घटना के चलते हो सकती है, जैसे कि गिरने से,  एक्सीडेंट होने पर या खेलते  समय गिर जाने पर। यह एक दर्दनाक चोट होती है। टूटी हुई पसलियों से कई और नुकसान हो सकते हैं और यह खतरनाक भी होती है। पसलियों के टूटने का  सबसे ज्यादा नुकसान फेफड़ों को पहुंचता है।

ज्यादातर मामलों में देखा गया है कि टूटी हुई पसलियां एक या दो महीनों में अपने आप ठीक हो जाती हैं। पसली की हड्डी टूटने पर ज्यादा दर्द ना हो रहा हो। आप गहरी सांस ले पा रहे हों। फेफड़ों को नुकसान ना हुआ हो तो यह अपने आप ठीक हो सकती है।

ऐसा भी हो सकता है कि एक ही समय पर एक से अधिक पसली की हड्डी टूट गई हों। ऐसे में खतरा बढ़ सकता है। आपको ब्रोकेन रिब के कारण, लक्षण और इलाज के बारे में जानकारी रखनी जरूरी हैं।

ये भी पढ़ें:  नाक में सूजन क्यों होती है, क्या लक्षण देते हैं दिखाई ?

ब्रोकेन रिब के लक्षण क्या हैं?

सांस लेते समय अगर सीने में दर्द होता है तो यह टूटी हुई पसली का सबसे आम लक्षण है। गहरी सांस लेने से और भी अधिक दर्द होता है। हंसना, खांसना या छींकना भी तेज दर्द का कारण बन सकता है। लक्षण के लिए यह भी निर्भर करता है कि ब्रोकेन रिब किस स्थान पर है। इसके अलावा कुछ अन्य लक्षण भी होते हैं। जानें उनके बारे में—

  • झुकने या मुड़ने में अचानक दर्द उठेगा।
  • ब्रोकेन रिब वाली जगह पर गलती से हाथ लग गया तो दर्द हफ्तों तक बना रहेगा।
  • ब्रोकेन रिब के आसपास सूजन और लालिमा रहेगी।

ये भी पढ़ें: Cough Types: खांसी खुद में एक बीमारी नहीं होती, जानें क्यों कहते हैं ऐसा

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

दिल में पसलियों वाला स्थान बहुत ही कोमल होता है। इस स्थान पर चोट लगने पर सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह जरूरी है। इससे सीने में दबाव भी महसूस हो सकता है। यह दर्द कुछ मिनटों के लिए या हमेशा बना रह सकता है। यह दर्द सीने से होते हुए कंधे और हाथ तक फैल जाता है। ऐसे लक्षण दिखने पर डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

ब्रोकेन रिब किन कारणाें से होता है?

ब्रोकेन रिब आमतौर पर कुछ घटनाओं की वजह से होती है। जैसे:

  • वाहन दुर्घटनाएं, गिरने, मार—पीट, बाल शोषण या खेलते समय चोट लगने से ब्रोकेन रिब हो सकता है। गोल्फ और रोइंग जैसे खेलों को खेलने से पसलियों पर बार—बार दबाव पड़ता है जिससे ब्रोकेन रिब हो सकता है। निम्नलिखित कारणों से ब्रोकेन रिब का खतरा बढ़ जाता है:
  • ऑस्टियोपोरोसिस— इस बीमारी के होने पर हड्डियों का घनत्व खत्म होने लगता है। जिससे हड्डी के फ्रैक्चर या ब्रोकेन रिब की संभावना बढ़ जाती है।
  • खेल—कूद में भाग लेना— हॉकी या फुटबॉल जैसे खेलों को खेलने से आपके सीने में चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है।
  • पसली में कैंसर— कैंसर वाले व्यक्ति की हड्डी कमजोर हो जाती है। जिससे ब्रोकेन रिब की संभावना बढ़ जाती है।

ये भी पढ़ें: लंग कैंसर क्या होता है, जानें किन वजहों से हो सकती है ये खतरनाक बीमारी

ब्रोकेन रिब से होने वाली समस्याएं क्या हैं?

ब्रोकेन रिब से रक्त वाहिकाओं और शरीर के आंतरिक अंगों को नुकसान पहुंच सकता है। कभी—कभी एक ब्रोकेन रिब कई हड्डियों के टूटने का कारण बन जाती है। इसके अलावा ये समस्याएं होने पर भी खतरा बढ़ सकता है।

  • महाधमनी में छेद— आपके रिब के उपरी हिस्से पर चोट है तो इससे महाधमनी या कोई अन्य रक्त वाहिका फट सकती है।
  • फेफड़ों में छेद— अगर रिब केज की कोई बीच की पसली में चोट है तो इससे फेफड़ों में छेद होने की संभावना होती है। इसके कारण सांस लेने में भी समस्या हो सकती है।  
  • यकृत या गुर्दे को नुकसान— नीचे की दो पसलियों में फ्रैक्चर होने की संभावना कम होती है। क्योंकि ये पसलियां ऊपरी और मध्य पसलियों की तुलना में अधिक लचीली होती हैं। अगर आपकी निचली पसलियों में फ्रैक्चर हो जाता है तो आपके यकृत या गुर्दे को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

ये भी पढ़ें:  जानें क्या लिवर कैंसर और इसके हाेने के कारण

ब्रोकेन रिब का परीक्षण कैसे किया जाता है?

  • अगर पैर या हाथ की हड्डी टूटी हुई हो तो उसे देखना काफी आसान होता है। लेकिन ब्रोकेन रिब का परीक्षण कठिन होता है।  यदि आपको लगता है कि आपके ब्रोकेन रिब है तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना अच्छा है ताकि वे किसी भी टूटी हुई हड्डियों की जांच के लिए इमेजिंग परीक्षण कर सकें।
  • छाती का एक्स-रे – एक्स रे से कोई बड़ी ब्रोकेन रिब की समस्या पकड़ में आ जाती है। यह छोटे हेयरलाइन फ्रैक्चर को आसानी से नहीं देख सकता है।
  • चेस्ट सीटी स्कैन– छाती का सीटी स्कैन कभी-कभी छोटे फ्रैक्चर की तस्वीरें निकाल सकता है। जो एक्स-रे नहीं दिखाता है।
  • बोन स्कैन– बोन स्कैन करते समय कम मात्रा में रेडियोएक्टिव डाई को एक नस में इंजेक्ट किया जाता है। यह डाई एक ट्रेसर के रूप में काम करता है। फिर स्कैनिंग उपकरण से ब्रोकेन रिब का पता लगाया जा सकता है।
  • आपके लक्षणों के आधार पर, आपका डॉक्टर किसी भी ऊतक या मांसपेशियों की चोटों की जांच के लिए चेस्ट एमआरआई स्कैन का उपयोग कर सकता है।

ये भी पढ़ें: विटामिन-ई की कमी को न करें नजरअंदाज, डायट में शामिल करें ये चीजें

ब्रोकेन रिब का इलाज क्या है?

ब्रोकेन रिब होने के 6 हफ्तों के अंदर अधिकांश टूटी हुई पसलियां अपने आप ठीक हो जाती हैं। ज्यादा शारीरिक काम ना करने से और बर्फ से सिकाई करते रहने से पसलियां अपने आप ठीक हो जाती हैं। साथ ही दर्द से भी राहत मिलती है। इसके अलावा कुछ अन्य तरीकों से भी ब्रोकेन रिब का इलाज किया जा सकता है।

दवाएं

ब्रोकेन रिब होने पर दर्द से राहत मिलना बेहद जरूरी है। अगर गहरी सांस लेने पर अगर पसलियों में दर्द होता है तो आपको निमोनिया हो सकता है। दर्द से बचने के लिए डॉक्टर आपको कुछ दवाएं दे सकता है। अगर दवाएं असर नहीं करती हैं तो डॉक्टर आपको कुछ इंजेक्शन भी दे सकते हैं।

थेरेपी

एक बार जब आपका दर्द ठीक हो जाता है, तो डॉक्टर आपको अधिक गहरी साँस लेने में मदद करने के लिए कुछ श्वास अभ्यास सिखाता है। इसके अलावा ब्रोकेन रिब को ठीक करने के लिए डॉक्टर आपको कुछ पट्टियां दे सकते हैं जिसे आप अपने सीने के चारों ओर लपेट सकते हैं। पट्टियां बांधने से वो क्षेत्र स्थिर रहेगा। हालांकि इसे ज्यादा टाइट नहीं बांधना चाहिए क्योंकि इससे सांस लेने में परेशानी होगी और निमोनिया का खतरा बढ़ सकता है।  दर्द को कम करने के लिए आईस पैक से सिकाई भी कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है। बेहतर जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

Escitalopram Oxalate: ऐसकीटालोप्राम ऑक्सालेट क्या है? जानिए इसके उपयोग, डोज और सावधानियां

प्लास्टिक होती है शरीर के लिए हानिकारक, बेबी बोतल खरीदते समय रखें ध्यान

प्रेंग्नेंसी की दूसरी तिमाही में होने वाले हॉर्मोनल और शारीरिक बदलाव क्या हैं?

अब सिर्फ डॉक्टर ही नहीं नर्स भी दे सकती हैं दवाई! प्रस्ताव पर मांगी गई लोगों की राय

Share now :

रिव्यू की तारीख मार्च 27, 2020 | आखिरी बार संशोधित किया गया मार्च 12, 2020

सूत्र