Fennel Seed: सौंफ क्या है?

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Update Date जनवरी 7, 2020
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मूल बातें जानिए (Uses of Fennel Seed In Hindi)

सौंफ का इस्तेमाल किस लिए किया जाता है?

सौंफ पाचन संबंधी समस्याओं जैसे पेट में जलन, गैस, पेट का फूलना और बच्चों के पेट में होने वाले दर्द के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा इसका इस्तेमाल सांस संबंधी समस्याओं, खांसी सर्दी, पीठ के दर्द और बिस्तर पर पेशाब करने जैसी समस्याओं में भी किया जाता है। सौंफ की तासीर ठंडी होती है।इसमें कैल्शियम, सोडियम, आयरन और पोटैशियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है। इसके अलावा इसकी सुगंध के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।

कुछ महिलाएं सौंफ का इस्तेमाल स्तनों में दूध के प्रवाह को बढाने, मासिक धर्म को ठीक से होने, जन्म देने की प्रक्रिया को आसान करने और सम्भोग क्षमता को बढाने के लिए भी करती हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुछ मामलों में इसके पाउडर का इस्तेमाल सांप काटने के इलाज में पुल्टिस के रूप में भी किया जाता है।

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सौंफ कैसे काम करता है?

यह एक औषधि के रूप में काम करता है इसके लिए अभी ज्यादा अध्ययन मौजूद नहीं है। इससे जुड़ी अधिक जानकारी के लिए आप किसी अच्छे आयुर्वेदिक डॉक्टर से सम्पर्क कर सकते हैं। हालांकि, कुछ अध्ययन में यह स्पष्ट है कि सौंफ कई सारे खतरनाक बैक्टीरिया को मारने का काम करता है जैसे ऐरोबैक्टर ऐरोजेन्स, बैसिलस सबटिलीस, ई.कोली, प्रोटियास वुल्गार्ली, स्यूडोमोनास ऐरूजिनोसा, स्टैफ्लोकोकस एलबियास और स्टैफ्लोकोकस औरियास आदि। इसके अलावा सौंफ में एंटीमाइक्रोबियल गुण होता है और यह यह महिलाओं में एस्ट्रोजन हॉर्मोन को भी बढाता है।

त्वचा का रखे ख्यालः

सौंफ में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीमाइक्रोबियल और एंटीएलर्जिक गुण त्वचा का ख्याल रखने में मदद करते हैं। सौंफ की भाप लेने से चेहरे के स्किन का टैक्सचर बना रहता है।

मॉर्निंग सिकनेस करे दूरः

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को होने वाली मॉर्निंग सिकनेस सौंफ से दूर की जा सकती है। इसके अलावा यह उल्टी और जी-मिचलाने जैसे लक्षणों को भी कंट्रोल करता है। हालांकि, प्रेग्रेंसी के दौरान इसका सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

डायबिटीज से करे बचावः

किए गए अध्ययनों के अनुसार सौंफ में पाया जाने वाला तेल डायबिटीज के इलाज के लिए काफी कारगर होता है। यह खून में शुगर की मात्र को कम करके उसे नियंत्रित बनाए रखने में मदद करता है। साथ ही, सौंफ में पाया जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट गुण कोलेस्ट्रॉल के लेवल को भी कम करता है।

हर्निया के इलाज में मददगारः

सौंफ का उपयोग हर्निया के उपचार में भी किया जाता है। हालांकि, इस दिशा में अभी भी उचित अध्ययन करने की आवश्यकता है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया अपने डॉक्टर से बात करें।

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सावधानियां और चेतावनी (Precautions And Warnings Using Fennel Seed In Hindi)

सौंफ इस्तेमाल करने से पहले मुझे क्या जानकारी होनी चाहिए?

सौंफ को बंद कंटेनर में रखना चाहिए। नमी और गर्मी से इसे दूर रखना चाहिए।

अगर किसी को अति-संवेदनशीलता यानी हाइपर-सेंस्टिविटी की समस्या है, तो तुरंत सौंफ का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए और एंटी-हिस्टामिन लेना चाहिए या फिर इसका इलाज करवाना चाहिए।

हर्बल सप्लीमेंट के उपयोग से जुड़े नियम, दवाओं के नियमों जितने सख्त नहीं होते हैं। इनकी उपयोगिता और सुरक्षा से जुड़े नियमों के लिए अभी और शोध की जरूरत है। इस हर्बल सप्लीमेंट के इस्तेमाल से पहले इसके फायदे और नुकसान की तुलना करना जरूरी है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए किसी हर्बल विशेषज्ञ या आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क करें।

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सौंफ का इस्तेमाल करना कितना सुरक्षित है?

गर्भवती महिलाओं के लिए यह कितना फायदेमंद है इसके बारे अभी ज्यादा जानकारी मौजूद नहीं है, इसलिए गर्भवती महिलाओं को इसके सेवन से परहेज करना चाहिए।

स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए इसका इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है। अगर कोई स्तनपान कराने वाली महिला कोई ऐसा हर्बल पेय पदार्थ इस्तेमाल करती है, जिसमे सौंफ मौजूद हो, तो उसके बच्चे के नर्वस सिस्टम में समस्या हो सकती है।

इससे बने तेल का भी इस्तेमाल नवजात शिशु या फिर छोटे बच्चे पर नहीं करना चाहिए। अगर किसी को सौंफ से एलर्जी है, तो उसे इसका सेवन नहीं करना चाहिए और कुछ समय के लिए इसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।

अगर किसी को नीचे बताई गई समस्याएं हैं, तो उसे सौंफ का सेवन नहीं करना चाहिए।

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सौंफ के साइड इफ़ेक्ट (Side effect of Using Fennel Seed In Hindi)

सौंफ का सेवन करने से मुझे क्या साइड इफेक्ट हो सकते हैं?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इसके सेवन से कई सारे साइड इफेक्ट्स भी होते हैं, उनमे से कुछ जानलेवा भी हो सकते हैं जैसे,

हालांकि हर किसी को ये साइड इफेक्ट हों ऐसा जरूरी नहीं है। कुछ ऐसे भी साइड इफेक्ट हो सकते हैं, जो ऊपर बताए नहीं गए हैं। अगर आपको इनमें से कोई भी साइड इफेक्ट महसूस हो या आप इनके बारे में और जानना चाहते हैं, तो नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

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सौंफ से पड़ने वाले प्रभाव

सौंफ के सेवन से अन्य किन-किन चीजों पर प्रभाव पड़ सकता है?

यह आपके द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली दवा के प्रभाव को कम कर सकता है इसलिए इसके सेवन से पहले आप किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

यह निम्नलिखित दवाओं के असर को प्रभावित कर सकता है

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सौंफ की खुराक (Fennel Seed Doses In Hindi)

यहां पर दी गई जानकारी को डॉक्टर की सलाह का विकल्प ना मानें। किसी भी हर्बल सप्लीमेंट का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

आमतौर पर सौंफ की कितनी मात्रा खानी चाहिए?

आमतौर पर इसे पांच से सात ग्राम लेना चाहिए और सौंफ से बने तेल को 0. 1 से 0. 6 एमएल ही इस्तेमाल करना चाहिए।

इसकी खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और कई चीजों पर निर्भर करती है। हर्बल सप्लीमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। इसलिए सही खुराक की जानकारी के लिए हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें।

सौंफ किन रूपों में उपलब्ध है?

यह हर्बल सप्लीमेंट कई रूपों में उपलब्ध है: ड्राई फ्रूट्स, इसेंसियल ऑयल, एक्सट्रेक्ट, टैबलेट, टिंचर और काढ़ा। डॉक्टर की सलाह पर आप इसे किसी भी रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ किसी भी प्रकार की मेडिकल सलाह, निदान या सारवार नहीं देता है न ही इसके लिए जिम्मेदार है।

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