स्वीट क्लोवर (Sweet Clover) एक औषधि है। जो एक प्रकार के घास का पौधा होता है। इसके फूलों और पत्तियों का इस्तेमाल दवा के तौर पर किया जाता है। हालांकि, आपको स्वीट क्लोवर और रेड क्लोवर के बीच के फर्क को याद रखना चाहिए। दोनों के एक जैसे नाम होने के कारण उलझन में नहीं पड़ना चाहिए। इसे मीठा तिपतिया घास भी कहा जाता है।

स्वीट क्लोवर (Sweet Clover) का इस्तेमाल बहुत ज्यादा पेशाब (मूत्रवर्धक के तौर पर) के जरिए शरीर में कम हुए पानी की मात्रा को बढ़ाने के लिए किया जाता है। यह वैरिकाज नसों के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही, पैर के दर्द और भारीपन, रात में ऐंठन, खुजली, और एडिमा के साथ-साथ खराब ब्लड सर्कुलेशन के लक्षणों के उपचार के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।
कई बार नसों में जमे खून के थक्के के उपचार के लिए स्वीट क्लोवर का इस्तेमाल आप अपनी नियमित दवाओं के साथ भी कर सकते हैं।
इसका इस्तेमाल बवासीर के उपचार (treatment of hemorrhoids)और लसीका प्रणाली (lymphatic system) की रुकावट के उपचार के लिए भी किया जाता है।
इसके अलावा त्वचा के निशान को दूर करने के लिए इसके रस को सीधा त्वचा पर भी लगाया जा सकता है।
स्वीट क्लोवर कैसे काम करता है इस बारे में अधिक अध्ययन नहीं किए गए हैं। इसकी अधिक जानकारी के लिए कृपया अपने डॉक्टर से बात करें। हालांकि, स्वीट क्लोवर में ऐसे तत्व होते हैं तो खून को पतला बनाने में मदद करते हैं और घावों को भरने के लिए भी मददगार होते हैं।
यह भी पढ़ेंः Bergamot : बर्गमोट क्या है?
अपने डॉक्टर या चिकित्सक से संपर्क करें, अगर:
इसके इस्तेमाल करने के नियम अन्य दवाओं से कम सख्त हैं। हालांकि, इसकी सुरक्षा के दावे करने के लिए उचित अध्ययनों की आवश्यकता है। इसका इस्तेमाल करने से पहले इससे होने वाले लाभ और जोखिमों के बारे में जानकारी रखनी जरूरी है। अधिक जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से परामर्श करें।
अगर स्वीट क्लोवर का इस्तेमाल लगातर उचित तरीके से किया जाए तो यह पूरी तरह से सुरक्षित हो सकता है।
प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंगः प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग के दौरान स्वीट क्लोवर का इस्तेमाल करना कितना सुरक्षित हो सकता है, इसके बारे में उचित जानकारी नहीं है। हालांकि, इसके बारे में पता लगाने के लिए छह महीने के लिए एक छोटा अध्ययन किया गया जिसके परिणाम सुरक्षित पाए गए। लेकिन, फिर भी ऐसी स्थितियों में किसी भी जोखिम से बचे रहने के लिए इसका इस्तेमाल न करें।
लिवर की बीमारियों मेंः स्वीट क्लोवर में कुछ ऐसे तत्व हो सकते हैं जो लिवर की स्थिति को और भी जोखिम भरा बना सकते हैं। अगर आपको लिवर से जुड़ी कोई समस्या है, तो स्वीट क्लोवर का इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से इसके बारे में बात करें। साथ ही, लिवर फंक्शन टेस्ट जरूर करवाएं।
सर्जरीः स्वीट क्लोवर खून के थक्के को धीमा कर सकता है। जिसके कारण सर्जरी के दौरान या बाद में खून का बहाव बढ़ सकता है। इसलिए सर्जरी कराने से कम से कम 2 सप्ताह पहले स्वीट क्लोवर का इस्तेमाल करना बंद कर देना चाहिए।
यह भी पढ़ेंः Bitter Gourd : करेला क्या है?
अगर अधिक मात्रा में स्वीट क्लोवर का इस्तेमाल किया जाए, तो यह लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है और खून के बहाव के जोखिम को भी बढ़ा सकता है। हालांकि, हर कोई इन दुष्प्रभावों का अनुभव नहीं करता है। साथ ही, इसके प्रभाव से होने वाले कुछ दुष्प्रभाव ऊपर नहीं बताए गए हैं। अगर आपको इसके इस्तेमाल से होने वाले किसी साइड इफेक्ट के बारे में कोई चिंता है, तो कृपया अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से परामर्श करें।
इसे हमेशा कमरे के तापमान पर ही स्टोर करें। इसे कभी भी सूर्य की रोशनी या नमी वाली जगह में स्टोर न करें। न ही, इसे बाथरूम या फ्रीज में स्टोर न करें। ध्यान रखें कि, इस औषधि का इस्तेमाल तभी तक करना चाहिए, जब तक यह डॉक्टर द्वारा निर्देश किया गया हो। औषधि का इस्तेमाल न होने पर इसका इस्तेमाल न करें। अगर यह एक्सपायर हो गया हो, तो इसका सेवन करना तुंरत बंद कर दें। इसे किसी खुली नाली या टॉयलेट में फ्लश करें। इससे पर्यावरण को नुकसान हो सकता है। इसके सुरक्षित और उचित निपटारे के लिए इसके पैक पर दिए गए दिशा निर्देशों को पढ़ें और अपने डॉक्टर से इस बारे में उचित सलाह लें।
यह भी पढे़ंः Cholesteatoma surgery : कोलेस्टेटोमा सर्जरी क्या है?
वैज्ञानिक अनुसंधान में निम्नलिखित खुराक का अध्ययन किया गया है:
मौखित तौर पर:
खराब सर्कुलेशन होने पर (chronic venous insufficiency): नियमित तौर पर हर दिन 2 से 3 कप स्वीट क्लोवर की चाय पीएं। एक कप चाय बनाने के लिए 5 से 10 एमएल पानी में 1 से 2 मिनट के लिए 1 से 2 चम्मच बारीक कटे हुए स्वीट क्लोवर को डुबाएं और फिर उसे पानी से छान लें। अगर आप स्वीट क्लोवर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो इस बात का ध्यान रखें कि आपके लिवर टेस्ट करवा लिया है। खासकर, तब जब आपको लिवर से जुड़ी कोई बीमारी या समस्या है।
स्वीट क्लोवर की खुराक हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग निर्धारित की जा सकती है। इसकी खुराक मरीज की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और अन्य स्थितियों पर निर्भर कर सकती है। याद रखें कि हर तरह की औषधि हमेशा सुरक्षित नहीं होती है। इसकी अधिक जानकारी के लिए इसे लेकर अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से संपर्क करें।
यह भी पढ़ेंः Birch: बर्च क्या है?
स्वीट क्लोवर निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध हो सकता है:
।
और पढ़ेंः-
पैसिव स्मोकिंग क्यों घातक है ?
बिना दवा के कुछ इस तरह करें डिप्रेशन का इलाज
चिंता VS डिप्रेशन : इन तरीकों से इसके बीच के अंतर को समझें
Alzheimer : अल्जाइमर क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
Sweet clover https://www.webmd.com/vitamins-supplements/ingredientmono-253-sweet%20clover.aspx?activeingredientid=253&activeingredientname=sweet%20clover. Accessed on 8 January, 2020.
Sweet Clover. https://www.emedicinehealth.com/sweet_clover/vitamins-supplements.htm. Accessed on 8 January, 2020.
Polish Yellow Sweet Clover (Melilotus officinalis L.) Honey, Chromatographic Fingerprints, and Chemical Markers. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6155788/. Accessed on 8 January, 2020.
Melilotus officinalis. https://www.sciencedirect.com/topics/agricultural-and-biological-sciences/melilotus-officinalis. Accessed on 8 January, 2020.
sweetclover. https://plants.usda.gov/core/profile?symbol=MEOF. Accessed on 8 January, 2020.
Current Version
09/01/2020
Ankita mishra द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr. Shruthi Shridhar
Updated by: Ankita mishra
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
Dr. Shruthi Shridhar