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Idiopathic edema: इडियोपैथिक एडिमा क्या है?

परिचय|कारण|लक्षण|इलाज
Idiopathic edema: इडियोपैथिक एडिमा क्या है?

परिचय

इडियोपैथिक एडिमा क्या है? (Idiopathic edema)

इडियोपैथिक एडिमा एक बीमारी है, जो ज्यादातर महिलाओं को होती है। इसमें शरीर के कई अंगों में सूजन हो जाती है। इडियोपैथिक एडिमा क्यों होता है, इस बारे में रिसर्च जारी है और कोई ठोस कारण नहीं पता चल पाया है। कई मामलों में देखा गया है कि डायबिटीज, मोटापे और इमोशनल समस्याओं के कारण ऐसा होता है। इडियोपैथिक एडिमा के लक्षणों की बात करें तो इसमें चेहरे, हाथ, और पैरों में तेजी से सूजन आने लगती है। साथ ही मरीज अपना वजन बढ़ा हुआ भी महसूस कर सकता है। इसके इलाज के लिए डॉक्टर कम सोडियम और कार्बोहाइड्रेट वाले आहार लेने के लिए कह सकते हैं। साथ ही वजन घटाने के लिए उल्टी करवा सकते हैं या जुलाब दे सकते हैं।

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जब शरीर के कुछ हिस्से एडिमा से प्रभावित होते हैं, तो उन्हें एडेमेटस माना जाता है। इडियोपैथिक एडिमा से होने वाली सूजन त्वचा के नीचे ऊतकों के अंदर अतिरिक्त तरल पदार्थ के जमा होने से हो सकती है। एडिमा ​कई प्रकार के होते हैं। शरीर के जिस अंग में भी द्रव पदार्थ जमा होता है, उस हिसाब से इस एडिमा का नाम रख दिया जाता है। जो इस प्रकार हैं।

  • सेरेब्रल एडिमा- इसमें मस्तिष्क में तरल पदार्थ जमा होता है।
  • एंजियोएडिमा- इसमें त्वचा के नीचे द्रव जमा होता है और सूजन आ जाती है। एंजियोएडेमा त्वचा की गहरी परतों को प्रभावित करता है और अक्सर चेहरे पर भी हो जाता है।
  • हियरडायट्री एंजियोएडिमा- यह एक दुर्लभ आनुवंशिक स्थिति होती है। इसमें कोशिकाएं आसपास के ऊतकों में तरल पदार्थ छोड़ने का कारण बनती हैं।
  • पैपिल एडिमा- इसमें आंख की ऑप्टिक तंत्रिका में सूजन आ जाती है। जिससे मस्तिष्क के अंदर दबाव पैदा होता है।
  • डिपेंडेट एडिमा- यह आमतौर पर पैरों और शरीर के निचले हिस्से में होने वाली एडिमा है। यह एडिमा तब महसूस होता है, जब कोई व्यक्ति खड़ा होता है।

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  • स्क्रॉटल लिंफीडिया- इसमें वृषण के चारों ओर तरल पदार्थ जमा होने के कारण अंडकोश की थैली फैल जाती है।
  • लिपेडिमा- इसमें पैरों और कूल्हों के चारों ओर तरल पदार्थ जम जाता है और सूजन आ जाती है।

कारण

इडियोपैथिक एडिमा का कारण क्या है? (Causes of Idiopathic edema)

  • इडियोपैथिक एडिमा (Idiopathic edema) शरीर की कुछ अन्य बीमारियों के कारण होता है। इसमें दिल, लिवर और गुर्दे की बीमारी शामिल होती है। इन अंगों से जुड़ी बीमारी के कारण हाथ, पैर और चेहरे पर सूजन आने लगती है।
  • इसके अलावा शरीर में ज्यादा नमक हो जाने के कारण भी लोगों को इडियोपैथिक एडिमा (Idiopathic edema) हो जाता है।
  • शरीर में ज्यादा नमक होने से पानी का निर्माण होता है जो हाथ और पैरों में जाकर जमा हो जाता है। इसी द्रव की वजह से सूजन आने लगती है।
  • कुछ दवाएं भी इडियोपैथिक एडिमा (Idiopathic edema) का कारण बन सकती हैं।
  • हाथ—पैरों में सूजन होने का एक कारण नसों में सूजन होना भी हो सकती है।
  • इस स्थिति में नसों में खून के थक्के जम जाते हैं। इसकी वजह से द्रव पैरों और हाथों में जगह-जगह जमा होने लगता है।

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इसके अलावा इडियोपैथिक एडिमा होने के कुछ अन्य कारण इस प्रकार हैं:

  • बहुत देर तक एक ही स्थिति में बैठे रहना।
  • बहुत अधिक नमकीन भोजन खाना
  • मासिक धर्म के पहले ही लक्षण दिखने शुरू हो जाना।
  • गर्भवती होने पर भी ऐसा होता है।

कुछ दवाओं की वजह से भी ये बीमारी होती है। जैसे:

  • उच्च रक्तचाप की दवाएं
  • नॉन स्टेरिओडल एंटी-इंफ्लेमेट्री दवाई
  • स्टेरॉयड दवाएं
  • एस्ट्रोजेन
  • डायबिटीज की कुछ दवाएं

लक्षण

इडियोपैथिक एडिमा के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of Idiopathic edema)

  • ऊतक या त्वचा के नीचे सूजन होने पर इडियोपैथिक एडिमा हो जाता है। यह सूजन विशेष रूप से हाथों और पैरों में होती है। इसके कुछ लक्षण इस प्रकार हैं।
  • सूजन होने के कारण त्वचा तनी हुई और चमकदार हो जाती है।
  • सूजी हुई त्वचा को अगर कुछ सेकंड दबाकर रखा जाए तो वहां गड्ढा हो जाता है। साथ ही गड्ढा कुछ देर तक बना रहता है। फिर धीरे-धीरे अपने आप ठीक हो जाता है।
  • पेट का आकार बढ़ने लगता है।
  • हाथ-पैरों में सूजन होने पर तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

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इसके अलावा कुछ अन्य लक्षण इस प्रकार हैं-

  • सांस लेने में तकलीफ
  • छाती में दर्द
  • अगर लंबे समय से आप पैरों-हाथों में सूजन और दर्द महसूस कर रहे हैं तो डॉक्टर को घर पर ही बुलाएं। चलने-फिरने से आपको ज्यादा तकलीफ हो सकती है। लगातार पैर में दर्द और सूजन से आपकी नस में खून के थक्के जमा हो सकते हैं।

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इलाज

इडियोपैथिक एडिमा का इलाज कैसे होता है? (Treatment of Idiopathic edema)

  • इडियोपैथिक एडिमा (Idiopathic edema) वाले मरीजों में सूजन सबसे आम लक्षण है। इसलिए डॉक्टर सबसे पहले सूजन को कम करने की कोशिश करते हैं। इसके लिए वे मरीज को सोडियम वाले खाद्यपदार्थ लेने के लिए कह सकते हैं।
  • ऐसा भी हो सकता है कि इलाज कराने के बाद भी समस्या ठीक न हो। इसके बाद डॉक्टर डाईयू​रेटिक्स का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
  • इडियोपैथिक एडिमा (Idiopathic edema) वाले मरीजों की केशिकाओं में एक रिसाव होता है। इसमें द्रव रक्त वाहिकाओं से आसपास के बीच की जगह से गुजरता हो। इस प्रकार, इडियोपैथिक एडिमा (Idiopathic edema) वाले रोगी में रक्त की मात्रा कम हो जाती है।
  • ऐसे लोगों को खड़े होने में ज्यादा समस्या होती है क्योंकि वे जब खड़े होते हैं तो द्रव पैरों में जाकर जमा हो जाता है। इसलिए ज्यादातर मरीजों के पैरों में ही सूजन देखी जाती है।
  • कुछ लोगों के आंखों में भी द्रव जमाव देखा जाता है। जब वे सुबह सोकर उठते हैं तो द्रव अपनी आंखों में महसूस कर सकते हैं। सोते समय ये द्रव आंखों में जमा हो जाता है।

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  • साथ ही जो लोग सोते वक्त अपने सिर को ऊंचा रखते हैं, उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। ये लोग दिन के अलग-अलग समय में शरीर के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग मात्रा में द्रव महसूस कर सकते हैं।
  • इसके इलाज के लिए डॉक्टर मरीज को डाईयू​रेटिक्स लेने का सुझाव देते हैं। इससे द्रव निकल जाता है और सूजन चली जाती है। कोई भी डाईयू​रेटिक्स लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
  • इसके अलावा खना-पान का ध्यान रखकर भी सूजन को कम किया जा सकता है। आप अपने खाने में नमक की मात्रा कम कर दें।
  • साथ ही, केला, ऑरेंज जूस, टमाटर और आलू भी अपनी डाइट जोड़ सकते हैं। ये सभी खाद्य पदार्थ इडियोपैथिक एडिमा (Idiopathic edema) को ठीक करने में सहायक हैं।

इस तरह इन उपायों को अपनाकर आप इडियोपैथिक एडिमा (Idiopathic edema) में आराम पा सकते हैं।

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Bhawana Sharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 29/10/2021 को
डॉ. पूजा दाफळ के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड