प्रेग्नेंसी में खाएं कैल्शियम से भरपूर भोजन, होते हैं ये फायदें

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Update Date मई 26, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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जब आप गर्भवती होती हैं तो कैल्शियम आपको और गर्भ में पल रहे शिशु को स्वस्थ और हड्डियों मजबूत बनाने में मदद करता है। साथ ही यह हृदय, नर्वस सिस्टम और मांसपेशियों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक होता है। हर दिन कैल्शियम के प्रॉपर सेवन के लिए स्वादिष्ट आहार के साथ-साथ कुछ बेहतरीन सोर्स पर भी ध्यान देना चाहिए। गर्भावस्था के दौरान, कैल्शियम से भरपूर भोजन का पर्याप्त मात्रा में सेवन करना महत्वपूर्ण है। कैल्शियम मस्कुलोस्केलेटल, तंत्रिका और संचार प्रणालियों का सुचारू रखने के लिए आवश्यक है। जो गर्भवती महिलाएं कैल्शियम का पर्याप्त मात्रा में सेवन नहीं करती हैं, उन्हें बाद में जीवन में ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा रहता है।

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को प्रति दिन 1000 मिलीग्राम कैल्शियम की आवश्यकता होती है।

कैल्शियम से भरपूर भोजन क्या हैं?

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नीचे कुछ कैल्शियम से भरपूर भोजन और खाद्य पदार्थों की सूची दी गई है जिनसे आप प्राकृतिक रूप से कैल्शियम प्राप्त कर सकते हैं:

कैल्शियम से भरपूर भोजन फल और सब्जियां:

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फल:

कैल्शियम से भरपूर भोजन में डेयरी प्रोडक्ट्स:

  • रिकोटा चीज
  • दही
  • दूध
  • पनीर
  • छेना
  • आइसक्रीम

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मछली है कैल्शियम से भरपूर भोजन:

फलियां भी हैं कैल्शियम से भरपूर भोजन:

फोर्टिफाइड फूड्स और कैल्शियम से भरपूर भोजन:

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दही:

गर्भावस्था के दौरान कैल्शियम से भरपूर भोजन (Calcium rich food) के लिए दही खाना बहुत फायदेमंद होता है। एक कप सादा, कम वसा वाला दही डेली जरूरत के लगभग एक तिहाई कैल्शियम की आपूर्ति करता है। कम वसा वाले दही में लगभग 311 मिलीग्राम, शुद्ध दूध के दही में लगभग 206 मिलीग्राम, और कम वसा वाले फलों के स्वाद वाले दही में औसतन 235-287 मिलीग्राम कैल्शियम प्रति कप होता है।

दूध:

दूध का मतलब सिर्फ गाय के दूध से नहीं है। आप प्रेग्नेंसी में कैल्शियम से भरपूर भोजन की आवश्यकता फोर्टिफाइड सोया, बादाम, हेजलनट, नारियल से प्राप्त सकते हैं। इन सभी को दूध के साथ मिलाकर बनाए पेय के एक-कप (आठ-औंस) में कम-से-कम 300 मिलीग्राम कैल्शियम की आपूर्ति होती है। किसी भी वैकल्पिक दूध पेय पदार्थ के लेबल पर पोषण तथ्यों की जांच करें। 

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पनीर:

पनीर कैल्शियम और प्रोटीन का सोर्स है। पनीर को अन्य सब्जियों के साथ मिलाकर बहुत से व्यंजन बनाए जा सकते हैं, जैसे कि पालक पनीर या कढ़ाई पनीर। नाश्ते में पुदीने की चटनी के साथ पनीर का परांठा खाकर आप दिन की शानदार शुरुआत कर सकती हैं।

हरी पत्तेदार सब्जियां:

गहरी हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे कि पालक, चौली, मेथी और बथुआ आदि कैल्शियम, आयरन और फोलेट का अच्छा सोर्स है। इनको भी अपने आहार में शामिल करें।

बादाम:

बादाम भी कैल्शियम, आयरन और प्रोटीन से समृद्ध होते हैं। एक गिलास बादाम दूध आप ले सकती हैं या फिर मुट्ठीभर बादाम स्नैक के तौर पर खा सकती हैं। यदि आप कुछ नमकीन सा खाना चाह रही हों, तो बादाम सूप भी बना सकती हैं।

मछली:

कुछ तैलीय मछलियां जैसे कि सैल्मन और सार्डिन कैल्शियम के बेहतरीन सोर्स होती हैं। ये प्रोटीन और एसेंशियल ओमेगा 3 फैट्टी एसिड से भी भरपूर होती हैं। हालांकि, बेहतर यही है कि एक सप्ताह में तैलीय मछली के दो ही टुकड़े खाएं और एक टुकड़ा करीब 140 ग्राम से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

ऊपर बताई गई चीजों को डायट में शामिल करके कैल्शियम की कमी को पूरा किया जा सकता है। प्रेग्नेंसी के दौरान कैल्शियम से भरपूर भोजन खाना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि मां का कैल्शियम का उपयोग बच्चा भी करता है। ऐसे में मां की बॉडी में कैल्शियम की कमी हो जाती है। 

प्रेग्नेंसी में कैल्शियम से भरपूर भोजन क्यों खाना चाहिए?

थेरेप्यूटिस्के उम्सचौ (Therapeutische Umschau) पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार ”प्रग्नेंट महिला की बॉडी फीटस के डेवलपमेंट के लिए करीब 50 से 330 मिलीग्राम कैल्शियम प्रदान करता है। रिपोर्ट के अनुसार वेस्टर्न डायट को फॉलो करने वाली महिलाएं खाने में 800 मिलीग्राम कैल्शियम लेती हैं, जो प्रेंग्नेसी के समय में कम मात्रा होती है। कैल्शियम सप्लिमेंट की हेल्प से इस कमी को दूर किया जा सकता है। ये प्रीक्लेम्पसिया के जोखिम को भी कम कर देता है।

प्रेग्नेंसी में कैल्शियम का काम क्या है?

प्रेग्नेंसी में कैल्शियम की कमी होने पर क्या लक्षण दिखते हैं?

गर्भवती में कैल्शियम की कमी होने पर ये लक्षण दिख सकते हैं :

गर्भावस्था में कैल्शियम की कमी से ब्रेस्टफीडिंग पर असर

गर्भावस्था में कैल्शियम लेना बहुत जरूरी है क्योंकि वह ना केवल मां के लिए बल्कि बच्चे के लिए भी आगे आने वाले समय में काम आता है। स्तनपान के दौरान एक स्वस्थ आहार महत्वपूर्ण है क्योंकि मां की पोषक तत्वों की जरूरतें उसके द्वारा किए गए भोजन से पूरी होती है। गर्भावस्था में कैल्शियम ठीक तरह से लेने से मां को स्तनपान कराने या दूध के उत्पादन में आसानी होती है। प्रोटीन, कैल्शियम से भरपूर भोजन, आयरन, विटामिन और तरल पदार्थों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। सबसे अच्छी सलाह यह है कि हर दिन प्रमुख फूड ग्रुप्स में से खास तरह के खाद्य पदार्थ खाएं। अतिरिक्त भोजन की मात्रा भूख की जरूरतों और वजन घटाने के अनुसार अलग-अलग होगी। धीरे-धीरे वजन कम करना जब तक आप अपने पूर्व-गर्भवती वजन तक नहीं पहुंच गए।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

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