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क्या नींद की कमी से हो सकती है इम्यूनिटी कमजोर?

क्या नींद की कमी से हो सकती है इम्यूनिटी कमजोर?

क्या नींद की कमी कर सकती है आपकी इम्यूनिटी को कमजोर?

हाल ही में हुए एक शोध के आधार पर वैज्ञानिक मानते हैं कि इम्यूनिटी का अच्छी नींद से बहुत गहरा संबंध है। अच्छी नींद हेल्पर टी सेल्स (Helper T Cells) को बूस्ट करने में मदद करती हैं, जिसकी वजह से आपकी इम्यूनिटी अर्थात रोग प्रतिरोधक क्षमता कई गुना बढ़ जाती है।

हेल्थ एक्सपर्ट सुचि बंसल ने हैलो हेल्थ से बातचीत के दौरान बताया कि,

“साउंड स्लीप से हमारा ब्रेन रिलैक्स होता है, साथ ही फोकस भी बढ़ता है जिससे व्यक्ति की प्रोडक्टीविटी बढ़ती है। इसके अलावा लाइफ स्टाइल संबंधी बीमारियां जैसे- हार्ट डिसीज, डायबिटीज, ब्लड प्रैशर, अस्थमा और तनाव जैसी समस्याओं का खतरा कम हो जाता है। “

आइए जानते हैं क्या हो सकते हैं कम नींद लेने के इम्यूनिटी पर प्रभाव।

शरीर में साइटोकाइन की मात्रा में आ जाती है भारी गिरावट

सोते समय आपके इम्यून सिस्टम से साइटोकाइन बाहर आते हैं जिसकी वजह से आपको नींद का एहसास होता है। कई बार संक्रमण होने पर साइटोकाइन की मात्रा बढ़ जाती है। कम सोने पर आपके शरीर में साइटोकाइन की मात्रा कम हो जाती है जिसके कारण संक्रमण होने पर आप जल्दी रिकवर करने की क्षमता खो देते हैं।

और पढ़ें : Strep-throat: स्ट्रेप थ्रोट/गले का संक्रमण क्या है?

नींद की कमी से होने वाली बीमारियां

बहुत ज्यादा दिनों तक सही ढंग से न सो पाने पर आपको बढे़ हुए वजन, मधुमेह, ब्लड वेसल की बीमारी या फिर हृदय की समस्या हो सकती है। जानते हैं नींद की कमी के कारण होने वाली बीमारी कौन-कौन सी हैं?

इम्यून सिस्टम कमजोर होना

इम्यून सिस्टम ये मनुष्य के शरीर की रोग प्रतीक्षा प्रणाली को स्ट्रॉन्ग करने में मदद करता है। इसके कमजोर होने से बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है और आप जल्दी बीमार नहीं पड़ते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार इम्यून सिस्टम कमजोर होने के कारण सर्दी-जुकाम का खतरा भी बढ़ जाता है। जिस कारण कोई भी बीमारी आसानी से हो सकती है। इसलिए नींद की कमी से बचें।

बढ़ सकता है मोटापा

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) के अनुसार भारत में 1.9 बिलयन लोग जरूरत से ज्यादा मोटे हैं तो वहीं 650 मिलियन लोग मोटापे के शिकार हैं। बढ़ते मोटापे के पीछे कई कारण हो सकते हैं लेकिन, नींद की कमी के कारण भी बढ़ सकता है मोटापा। इसलिए सही डायट और एक्सरसाइज के साथ-साथ सात से आठ घंटे की नींद भी उतनी ही जरूरी है शरीर के वजन को संतुलित रखने के लिए

शुगर लेवल बढ़ सकता है

रिसर्च के अनुसार नींद की कमी टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ा सकता है। दरअसल कम सोने की वजह से शरीर में मौजूद ग्लूकोज ठीक तरह से नहीं काम नहीं कर पाता है और अगर रोजाना साथ से आठ घंटे से कम सोने के कारण डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए नींद की कमी से बचें और समय पर सोने की आदत डालें।

हार्ट डिजीज और हाइपरटेंशन

नींद की कमी हार्ट डिजीज और हाइपरटेंशन का कारण बन सकती है। रिसर्च के अनुसार कम सोना या अत्यधिक सोने के कारण महिलाओं में कॉरोनरी हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ा सकती है। पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं को भी सात से नौ घंटे की नींद लेना चाहिए।

मूड डिसऑर्डर

एक रात भी अगर ठीक तरह से न सोया जाये तो ये आपके मूड को खराब करने के लिए काफी है और आप पूरा दिन चिड़चिड़ा महसूस करेंगे। अगर नींद न आने की समस्या लगातार हो रही है, तो डिप्रेशन, एंग्जाइटी और मेंटल डिसऑर्डर जैसे अन्य बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है। एक रिसर्च के अनुसार सिर्फ साढ़े चार घंटे रोजाना सोते हैं वो अत्यधिक तनाव, दुखी, गुस्से और मेंटली एग्झॉस्टेड होते हैं। इसलिए नींद की कमी से बचने के लिए संतुलित आहार के साथ-साथ वर्कआउट भी किया जा सकता है।

ऊपर बताई गई बीमारियों के साथ-साथ अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए निरोग रहने के लिए सही समय पर सोने की आदत डालें और सात से नौ घंटे अवश्य सोएं।

और पढ़ें : ऑफिस मे नींद से बचने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय

कई बार बहुत अधिक सोना भी बन सकता है परेशानी का कारण

मेडिकल साइंस के आधार पर हर उम्र में सोने की समय सीमा तय है। वयस्कों के लिए आठ घंटों की नींद काफी है इससे अधिक सोने पर सेहत से जुड़ी बहुत सी परेशानियां आ सकती हैं जैसे कि सर्केडियन साइकिल का बिगड़ना, मोटापे का बढ़ना या फिर हृदय की समस्या होना।

और पढ़ें : ज्यादा सोने के नुकसान से बचें, जानिए कितने घंटे की नींद है आपके लिए जरूरी

नींद की कमी पर क्या है डॉक्टर्स का कहना ?

डॉक्टर्स कहते हैं कि कम सोने वाले लोगों में कोल्ड और फ्लू का खतरा बाकियों के मुकाबले ज्यादा होता है। कई बार कम सोने पर आपके शरीर में सी रिएक्टिव प्रोटीन की भी कमी हो जाती है। जिसकी वजह से कई बार शरीर की बड़ी -बड़ी बीमारियों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है।
बहुत कम सोने पर हमारे इम्यून सिस्टम की सक्रियता भी कम रहती है जिसकी वजह से इम्यूनाइजेशन होने के बावजूद भी आपको फ्लू जैसे संक्रमण हो सकते हैं।

अच्छी नींद अच्छी सेहत के लिए अतिआवश्यक है। शरीर की इम्यूनिटी वो ढ़ाल है जो हमें सारे संक्रमणों से बचाती है, इसके कमजोर पड़ने पर आप लाखों संक्रमणों के प्रभाव में आ सकते हैं।

आपको कितने घंटे की नींद की जरूरत है? जब आप ठीक तरह से नहीं सोते हैं तो कमजोर इम्यून सिस्टम के साथ कौन-कौन से परेशानी बढ़ सकती है? अपने नींद की कमी को समझें साउंड स्लीप पाने के तरीके अपनाएं।

  • स्लीप डिसऑर्डर से बचें (रात को ठीक से न सोया जाए या नींद नहीं आए तो इस परेशानी को स्लीप डिसऑर्डर माना जाता है)
  • सोने से पहले और पांच से छे घंटे पहले चाय या कॉफी का सेवन न करें
  • नींद की कमी न हो इसलिए रात को हल्का खाना खाना खाएं और तला-भुना और मसालेदार खाना न खाएं
  • रोजाना वर्कआउट, वॉक या स्विमिंग की आदत डालें
  • सांउड स्लीप के लिए सोने से पहले टॉयलेट जरूर जाएं
  • अपने बेडरूम को हमेशा साफ रखें और कॉटन की सॉफ्ट बेडशीट का प्रयोग करें
  • अच्छी नींद के लिए रेड लाइट (नाइट बल्ब) ऑन कर रख सकते हैं
  • सोने का समय रोजाना एक ही रखें और कोशिश करें अर्ली टू बेड एंड अर्ली टू राइज नियम को फॉलो करें
  • बदलते वक्त में हर कोई किसी न किसी तरह की परेशानी के कारण चिंतत या तनाव में रहता है। इसलिए आपभी सोने के दौरान अपनी चिंताओं को भूल जाएं और तनाव मुक्त हो कर सोने की कोशिश करें
  • नींद की कमी से बचने के लिए और अच्छी नींद के लिए स्मोकिंग और एल्कोहॉल का सेवन न करें

अगर आप नींद की कमी की समस्या से परेशान हैं और इससे जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

How Sleep Affects Your Immunity/https://www.sleepfoundation.org/Accessed on 28/12/2019

Lack of sleep: Can it make you sick?/https://www.mayoclinic.org/Accessed on 28/12/2019

Sleep Needs/https://www.helpguide.org/Accessed on 28/12/2019

Sleep and Disease Risk/http://healthysleep.med.harvard.edu/Accessed on 28/12/2019

Prevalence of obesity in India: A systematic review/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/Accessed on 28/12/2019

लेखक की तस्वीर
Suniti Tripathy द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 13/03/2021 को
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
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