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मैट पिलाटे और रिफॉर्मर पिलाटे, आपके लिए क्या है बेस्ट?

मैट पिलाटे और रिफॉर्मर पिलाटे, आपके लिए क्या है बेस्ट?

फिट रहने के लिए एक्सरसाइज बहुत जरूरी है, लेकिन यह आप पर निर्भर करता है कि अपनी फिटनेस के लिए आप एक्सरसाइज का कौन सा रूप चुनते हैं। योग, कार्डियो, जुम्बा या फिर पिलाटे। पिलाटे एक्सरसाइज की ही एक तकनीक है, जिसकी शुरुआत जोसेफ पिलाटे ने की थी। यदि आप भी पिलाटे करना चाहते हैं तो पहले आपको इसकी विभिन्न तकनीकों के बारे में पता होना चाहिए। पिलाटे कई प्रकार के होते हैं, जैसे मैट पिलाटे, रिफॉर्मर पिलाटे। मैट पिलाटे में बिना किसी उपकरण के एक्सराइज की जाती है, जबकि दूसरे प्रकार में एक्सरसाइज के लिए उपकरणों की जरूरत पड़ती है। चलिए आपको दोनों में अंतर समझाते हैं।

मैट पिलाटे और रिफॉर्मर पिलाटे में क्या अंतर है?

मैट ट्रेनिंग

मैट पिलाटे, रिफॉर्मर पिलाटे में काफी अंतर है। यदि आप बिगिनर हैं तो आपको मैट ट्रेनिंग से पिलाटे की शुरुआत करनी चाहिए। मैट ट्रेनिंग में मांसपेशियों को कंट्रोल करना सिखाया जाता है, जो स्ट्रेंथ, फ्लेक्सिब्लिटी और पॉश्चर के लिए जरूरी है। यह कोर मसल्स को बनाने में मदद करता है जो आपको स्वस्थ रखने और किसी तरह की चोट से बचाने के लिए आवश्यक है। अध्ययन के मुताबिक, पीठ दर्द से परेशान लोगों के लिए मैट पिलाटे फायदेमंद है। इसे नियमित रूप से करने से आपकी बॉडी का बैलेंस और लचीलापन बढ़ता है। मैट पिलाटे में किसी तरह के उपकरण की मदद के बिना सिर्फ बैठकर शरीर को अलग-अलग दिशा में घुमाना होता है।

और पढ़ें : हेल्दी लंग्स पाने के लिए करें ये लंग्स एक्सरसाइज

रिफॉर्मर ट्रेनिंग

reformer pilate

मैट पिलाटे, रिफॉर्मर पिलाटे में मुख्य अंतर यही है कि मैट पिलाटे में किसी तरह का उपकरण नहीं होता है, जबकि रिफॉर्मर पिलाटे में कई तरह के उपकरण की मदद से वर्कआउट किया जाता है जैसे स्प्रिंग्स, स्ट्रैप्स, केबल और बार आदि। बिगिनर्स को शुरू में यह चुनौतीपूर्ण लग सकता है, लेकिन मसल्स को जल्दी टोन करने के लिए यह वर्कआउट बेस्ट है। साथ ही यह आपके ऐब्स को फ्लैट, मसल्स को मजबूत और हिप्स को भी टोन्ड बनाता है, पॉश्चर सही करने के साथ ही यह बॉडी पेन से भी छुटकारा दिलाता है जो शारीरिक असंतुलन के कारण होता है।

और पढ़ें : फ्लैट एब्स पाना चाहते हैं? ट्राई करें ये 10 पिलाटे व्यायाम

क्या है बेहतर मैट पिलाटे या रिफॉर्मर पिलाटे?

इस बात में कोई दो राय नहीं है कि मैट पिलाटे की तुलना में रिफॉर्मर पिलाटे कम समय में मसल्स को टोन्ड और मजबूत बनाता है, लेकिन पिलाटे की दोनों तकनीक की तुलना करना गलत होगा, क्योंकि मैट पिलाटे को आप बेसिक कह सकते हैं और कोई भी चीज सीखने के लिए बेसिक आना तो जरूरी होता है। मैट पिलाटे में मसल्स को नियंत्रित करना सिखाया जाता है जो बहुत जरूरी है, जबकि रिफॉर्मर पिलाटे में स्ट्रेंथ विकसित करने की ट्रेनिंग दी जाती है। अधिकांश पिलाटे ट्रेनर मैट और रिफॉर्मर ट्रेनिंग का कॉम्बिनेशन प्रदान करते हैं। अब यह आप पर निर्भर करता है कि आप कौन-सी तकनीक अपनाएंगे, लेकिन ये बात याद रखिएगा कि मैट ट्रेनिंग पिलाटे का आधार या शुरुआत है। इसे करने के बाद आप और बेहतर ढंग से वर्कआउट कर पाएंगे।

पिलाटे करने के फायदे

पिलाटे धीमे और कंट्रोल करने वाली कोर एक्सरसाइज की तरह होता है, जो एब्स पर बेहतर काम करता है। पिलेट्स एक बॉडी बिल्डिंग विधि है जो बॉडी के स्ट्रेंथ ट्रेनिंग खासकर पेट के हिस्‍से और गर्भवती में सांस लेने की प्रक्रिया को स्‍ट्रांग बनाती है। महिलाएं अपने लिंगमेंट्स और टेंडन्स में पुरुषों की तुलना में आमतौर पर 7 प्रतिशत अधिक लचीली होती हैं। और पिलाटे फ्लेक्सिबिलिटी के लिए कमाल की एक्सरसाइज है। पिलाटे बढ़ते वेट को कंट्रोल करने में बहुत अच्‍छी है। आइए जानें पिलाटे के और फायदे-

बैली फैट होता है कम

कई बार महिलाओं के पेट का आकार बॉडी के अन्‍य अंगों की तुलना में ज्‍यादा होता है जिससे आपकी बॉडी बेडौल लगने लगती है। यदि आप भी बेली फैट कम करना चाहती हैं तो मैट पिलाटे एक्‍सरसाइज से बेहतर आपके लिए कोई और एक्‍सरसाइज हो ही नहीं सकती है। जी हां फ्लैट टमी पाने के लिए महिलाएं कई तरह की एक्सरसाइज करती हैं तो पिलाटे एक्सरसाइज से आप फ्लैट टमी पा सकती हैं।

और पढ़ें: एक्सट्रा एक्टीविटीज किस तरह मेंटल स्ट्रेंथ में मदद करती हैं

कमर दर्द से छुटकारा

कमद दर्द की समस्‍या के कारण आपकी लाइफ मुश्किल भरी हो सकती है। लेकिन परेशान ना हो क्‍योंकि कमर दर्द से छुटकारा पाने के लिए आप मैट पिलाटे एक्‍सरसाइज कर सकती हैं। इससे आपकी कमर और हिप्‍स की मसल्‍स भी मजबूत होती है।

पैरों में ऐंठन और सूजन कम करें

पैरों में ऐंठन और सूजन दूर करने में मैट पिलाटे असरदार है। मैट पिलाटे के दौरान पैरों में मूवमेंट होने से बॉडी में ब्‍लड सर्कुलेशन बढ़ता है। मैट पिलाटे एक्‍सरसाइज मसल्‍स को बढ़ाती है। इससे ब्‍लड का बेहतरीन सर्कुलेशन होता है, और पैर की सूजन तथा ऐंठन ठीक होती है। तो आपको मैट पिलाटे करने का एक ओर बहाना मिल गया।

और पढ़ें : स्टाइल के साथ-साथ पैरों का भी रखें ख्याल, फ्लिप-फ्लॉप फुटवेयर खरीदने में बरतें सावधानी!

हिप्‍स की सही शेप

आपके हिप्‍स की शेप कैसी है, इसका असर आपकी सुंदरता पर पड़ता है। Pilates की हेल्‍प से आप अविकसित हिप्‍स की शेप में बदलाव कर सकती है। जी हां रेगुलर मैट पिलाटे करने से आप कुछ हफ्तों में अपने हिप्‍स की शेप में परिवर्तन महसूस कर सकती हैं।

मजबूत मसल्‍स

अगर आप भी अपनी मसल्‍स को मजबूत और अट्रैक्टिव बनाना चाहती हैं तो इसके लिए पिलाटे एक्सरसाइज अच्‍छा विकल्‍प है। पिलाटे एक्सरसाइज करने से आपकी मसल्‍स पतली बनी रहती हैं, सा‍थ ही आप लंबी और आकर्षक लगती हैं।

और पढ़ें : एड़ी में मोच और दर्द को दूर करने के लिए करें ये आसान एक्सरसाइज

लचीली बनती है बॉडी

पिलाटे, लिम्‍ब को एक्टिव करता है। बॉडी में एनर्जी का संचार करता है। पिलाटे बॉडी को बैलेंस करने में हेल्‍प करता है, इससे पेट की मसल्‍स सही रहती है, उन पर पड़ने वाले खिचांव से आराम मिलता है और गर्भावस्‍था में भी बॉडी फिट रहती है। इसके अलावा मसल्‍स में खिंचाव आने से बॉडी ज्‍यादा लचीली बनती है। ऐसा करने से बॉडी के जोड़ भी मजबूत होते हैं। रीढ़ की हड्डी में परेशानी होने पर पिलाटे लाभकारी रहती है।

थकान दूर करें

थकान दूर भगाने में पिलाटे कमाल की एक्सरसाइज है। यह बॉडी की सहनशक्ति को बनाए रखती है। यदि कामकाजी महिलाओं की बॉडी में सहनशक्ति अधिक होगी तो उसे थकान भी कम ही महसूस होगी और ऑफिस के बाद भी आप एक्टिव रह पाएगी।

अब मैट पिलाटे, रिफॉर्मर पिलाटे में अंतर समझ आ गया होगा। इन दोनों का ही अपना खास महत्व है और दोनों के ही अपने-अपने फायदे हैं। तो आप एक सही विशेषज्ञ की निगरानी में रहकर इन्हें कर सकते हैं।

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बीएमआई कैलक्युलेटर

अपने बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की जांच करने के लिए इस कैलक्युलेटर का उपयोग करें और पता करें कि क्या आपका वजन हेल्दी है। आप इस उपकरण का उपयोग अपने बच्चे के बीएमआई की जांच के लिए भी कर सकते हैं।

पुरुष

महिला

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

How to do mat pilate. https://www.mayoclinic.org/healthy-lifestyle/fitness/in-depth/pilates-for-beginners/art-20047673/ Accessed on 19/08/2020

Mat pilate and its benefits/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3666467/ Accessed on 19/08/2020

Effectiveness of Mat Pilates Exercises in Individuals With Chronic Nonspecific Low Back Pain/https://clinicaltrials.gov/ct2/show/NCT02922322/ Accessed on 19/08/2020

Private Yoga, MAT Pilates And Reformer Pilates/https://www.claytonmo.gov/government/parks-recreation/center-of-clayton/personal-training/private-pilates-and-yoga/ Accessed on 19/08/2020

 

 

लेखक की तस्वीर
Kanchan Singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 19/08/2020 को
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
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