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Heart Infections:  दिल को संक्रमण से बचाने के लिए इन लक्षणों को न करें इग्नोर

 Heart Infections:  दिल को संक्रमण से बचाने के लिए इन लक्षणों को न करें इग्नोर

हार्ट इंफेक्शन सीरियस इंफेक्शन होता है, जो हार्ट डैमेज का कारण बन सकता है। हार्ट इंफेक्शन किसी भी व्यक्ति को हो सकता है। हार्ट इंफेक्शन मुख्य रूप में बैक्टीरिया, वायरस और कवक के कारण फैल सकता है। हार्ट इंफेक्शन को कार्डियक इंफेक्शन और हार्ट वाल्व इंफेक्शन के नाम से भी जाना जाता है। हार्ट में तीन मुख्य लेयर्स होती हैं, जिनमें हार्ट इंफेक्शन की संभावना होती है। जानिए हार्ट इंफेक्शन कितने प्रकार का हो सकता है और कैसे हार्ट के संक्रमण से बचा जा सकता है।

और पढ़ें: जान लीजिए इस गंभीर हार्ट इंफेक्शन के कारण, ताकि समय रहते कर सकें बचाव

हार्ट इंफेक्शन (Heart infection) क्यों होता है?

Heart infection

हार्ट इंफेक्शन वायरस, बैक्टीरिया और फंगस के कारण फैलने वाला संक्रमण है। ये संक्रमण मुंह, ब्लडस्ट्रीम आदि में वायरस या फिर बैक्टीरिया पहुंचने का कारण हो सकता है। संक्रमण हार्ट के डैमेज पार्ट को आसानी से संक्रमित करता है। हार्ट इंफेक्शन तीन प्रकार का हो सकता है। एंडोकार्डाइटिस हार्ट से संबंधित संक्रमण है। हार्ट के अंदर की लेयर को एंडोकार्डियम कहते हैं। जब ये वायरस, कवक या फिर बैक्टीरिया से संक्रमित हो जाता है, तो इस कंडीशन को एंडोकार्डाइटिस कहते हैं। जिन लोगों को पहले से हार्ट संबंधित समस्याएं होती हैं, उन्हें एंडोकार्डाइटिस (Endocarditis) का अधिक खतरा रहता है। इस कंडीशन में डॉक्टर पेशेंट को भर्ती करते हैं और ट्रीटमेंट करते हैं।

मायोकार्डाइटिस मायोकार्डियम का संक्रमण या सूजन है। मायोकार्डियम (Myocardium) हार्ट की मिडिल लेयर होती है। वायरल संक्रमण के कारण मायोकार्डाइटिस की स्थिति पैदा होती है। इस प्रकार का दिल का संक्रमण आमतौर पर कम ही देखने को मिलता है।

” इस बारे में डॉ बिपीनचंद्र भामरे, फोर्टिस अस्पताल, का कहना है कि तनाव के दौरान दिमाग में आने वाली नकारात्मक सोच कई हेल्थ रिस्क को बढ़ा सकती है। नकारात्मक प्रभाव सकट के रूप में जाना जाता है। सकारात्मक या नकारात्मक स्थिति, तनाव की धारणा पर निर्भर करती है, साथ ही उनके नियंत्रण की भावना और सामना करने की क्षमता पर निर्भर करती है। लंबे समय तक तनाव बने रहना संकट की ओर ले जाता है।जो बदले में हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। शारीरिक स्वास्थ्य और स्ट्रेस के बीच एक मजबूत संबंध पाया है। जो हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली यानि कि इम्यूनिटी को भी प्रभावित करता है। बढ़ता तनाव, कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम, तंत्रिका तंत्र और न्यूरो-एंडोक्राइन को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। यह ग्लूकोज को चयापचय करने के लिए शरीर की क्षमता को कम करता है। कई बार बढ़ते तनाव के कारण भी शरीर में इंसुलिन का निमार्ण नहीं हो पाता है।”

पेरिकार्डाइटिस इंफेक्शन पेरिकार्डियम की सूजन है। पेरिकार्डियम हार्ट को ढकने वाली बाहरी पर्त होती है। ये वायरल संक्रमण सबसे आम कारण है। 20 से 50 साल की उम्र के पुरुषों में पेरिकार्डाइटिस इंफेक्शन (Pericarditis infection) की संभावना अधिक होती है। रेस्ट और ट्रीटमेंट के बाद आमतौर पर लोग ठीक हो जाते हैं। हार्ट इंफेक्शन के कारण चेस्ट में दर्द के साथ ही सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। अगर हार्ट के संक्रमण का सही समय पर इलाज न कराया जाए, तो ये जानलेवा भी हो सकता है।

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हार्ट इंफेक्शन (Heart Infections) कैसे होता है?

बैक्टीरिया हार्ट इंफेक्शन (Heart infection) का प्रमुख कारण है। वैसे तो हार्ट इंफेक्शन (Heart infection) वायरस और कवक के कारण भी हो सकता है लेकिन बैक्टीरिया के कारण दिल का संक्रमण अधिक फैलता है। एंडोकार्टाइटिस (Endocarditis) का प्रमुख कारण बैक्टीरिया है। वायरल एंडोकार्टाइटिस (Viral endocarditis) और फंगल एंडोकार्टाइटिस (Fungal endocarditis) कॉमन नहीं हैं। जब खून के माध्यम से बैक्टीरिया शरीर के अंदर पहुंच जाता है, तो ये हार्ट के साथ ही वॉल्व और अन्य सर्फिस को भी संक्रमित करता है।

स्किन इंफेक्शन, माउथ, लंग्स, गट और यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन के कारण भी हार्ट इंफेक्शन (Heart infection) हो सकता है। मसूड़ों की बीमारी, डेंटल प्रोसीजर आदि के दौरान भी हार्ट इंफेक्शन (Heart infection) की संभावना बढ़ जाती है। जब कोई व्यक्ति टैटू बनवाता है या फिर बॉडी पियर्सिंग कराते समय सुरक्षा का ध्यान नहीं रखता है, तो भी बैक्टीरिया शरीर के अंदर प्रवेश कर सकता है और दिल के संक्रमण का कारण बन सकता है। हार्ट वाल्व इंफेक्शन की चपेट में जल्दी आती हैं क्योंकि उनमें डायरेक्ट ब्लड सप्लाई नहीं होती है। ये स्थिति इम्यून सिस्टम के लिए कठिन हो जाती है। अगर एक बार वॉल्व में संक्रमण हो जाता है, तो वाइट ब्लड सेल्स के लिए संक्रमण से लड़ना मुश्किल हो जाता है।

हार्ट इंफेक्शन (Heart infection) को कैसे पहचान सकते हैं?

जिस प्रकार से हार्ट संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या होने पर लक्षण नजर आने लगते हैं, वैसे ही हार्ट इंफेक्शन (Heart infection) होने पर भी शरीर में कुछ बदलाव महसूस हो सकते हैं। जानिए हार्ट इंफेक्शन (Heart infection) होने पर क्या लक्षण नजर आते हैं?

  • छाती में दर्द (Chest pain)
  • सांस लेने में समस्या (Shortness of breath)
  • खांसी (Cough)
  • फीवर
  • ठंड लगना और पसीना निकलना
  • मांसपेशियों में खिचांव होना (Muscle aches)
  • अचानक से कमजोरी का एहसास
  • अचानक से विजन में बदलाव होना (Sudden vision changes)
  • बॉडी या शरीर का आधा भाग सुन्न हो जाना

और पढ़ें : सीने में दर्द, पैरों में सूजन और थकावट कहीं आपको दिल से बीमार न बना दे!

अगर आपको उपरोक्त दिए गए लक्षण नजर आते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर सही समय पर इलाज नहीं कराया जाता है, तो पेशेंट को सीरियस हार्ट डिजीज भी हो सकती है। हार्ट इंफेक्शन (Heart infection) की जांच के लिए डॉक्टर निम्निखित तरीके अपना सकते हैं।

हार्ट इंफेक्शन डायग्नोज (Heart infection diagnosis) करने के लिए किए जा सकते हैं ये टेस्ट्स

ब्लड टेस्ट (Blood test) – ब्लड टेस्ट की हेल्प से खून में बैक्टीरिया की जांच की जाती है। ब्लड टेस्ट की सहायता से एनीमिया का भी पता लगाया जा सकता है।

इकोकार्डियोग्राम या इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (Echocardiogram or an electrocardiogram)- इस टेस्ट की हेल्प से हार्ट के काम की जानकारी ली जाती है। इकोकार्डियोग्राम अल्ट्रासाउंड डिवाइस होती है, जो हार्ट की ईमेज प्रोड्यूस करती है। वहीं इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम की हेल्प से हार्टबीट की टाइमिंग देखी जाती है।

एक्स-रे (X-ray) – एक्स-रे की सहायता से संक्रमण के कारण प्रभावित हुए हुए हार्ट और लंग की जानकारी मिलती है।

सीटी स्कैन (CT scan) – ब्रेन या फिर चेस्ट में संक्रमण यदि फैल गया है, तो जांच के लिए डॉक्टर सीटी स्कैन (CT scan) या फिर एमआरआई कर सकते हैं।

हार्ट इंफेक्शन के साथ ही हो सकती हैं ये समस्याएं

इंफेक्शन जैसे कि निमोनिया और यूरीनरी ट्रेक्ट इंफेक्शन के कारण कोरोनरी डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। इस कारण से हार्ट अटैक या फिर स्ट्रोक की संभावना भी बढ़ जाती है। हार्ट इंफेक्शन (Heart infection) के कारण हार्ट डैमेज ( Heart damage) होने का खतरा अधिक बड़ जाता है। इंफेक्शन के कारण विजन में बदलाव, हार्ट वॉल्व में खराबी की समस्या हो सकती है। अगर समय पर ट्रीटमेंट न काराया जाए, तो हार्ट वॉल्व रिप्लेस कराने की जरूरत भी पड़ सकती है।

हार्ट इंफेक्शन के लिए रिस्क फैक्टर्स क्या हैं?

एंडोकार्डाइटिस की संभावना कुछ कंडीशन में बढ़ जाती है। जानिए क्या है वो कंडीशंस, जो संक्रमण की संभावना को बढ़ाने का काम करती हैं।

  • अधिक उम्र होने पर हार्ट इंफेक्शन (Heart infection) की संभावना बढ़ जाती है।
  • जिन लोगों के आर्टिफिशियल हार्ट वॉल्व लगी होती है, उनमें हार्ट इंफेक्शन (Heart infection) होने की अधिक संभावना रहती है।
  • जिन लोगों के हार्ट वॉल्व डैमेज हो जाती है, उन्हें भी संक्रमण का अधिक खतरा रहता है।
  • जन्मजात हार्ट डिफेक्ट के साथ पैदा हुए लोगों में भी हार्ट इंफेक्शन का अधिक खतरा रहता है।
  • अगर किसी व्यक्ति के पेसमेकर (Pacemaker) लगाया गया है, तो उसे हार्ट इंफेक्शन (Heart infection) का खतरा रहता है।
  • आपको जानकर हैरानी हो सकती है लेकिन जिन लोगों को डेंटल प्रॉब्लम रहती है, उन्हें भी हार्ट इंफेक्शन (Heart infection) का अधिक खतरा रहता है। बैक्टीरिया मुंह से आसानी से खून में प्रवेश कर जाते हैं और हार्ट को संक्रमित कर देते हैं।
  • लॉन्ग टर्म कैथेटर के इस्तेमाल करने से भी हार्ट इंफेक्शन (Heart infection) की संभावना बढ़ जाती है।

और पढ़ें :हार्ट अटैक से हुआ सुषमा स्वराज का निधन, दिल का दौरा पड़ने से पहले दिखाई देते हैं ये लक्षण

हार्ट के संक्रमण से बचने के उपाय (Ways to avoid heart infection)

हार्ट के संक्रमण से बचने के लिए आपको शरीर में होने वाले किसी भी इंफेक्शन को इग्नोर नहीं करना चाहिए। आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि दांतों में होने वाला इंफेक्शन भी आपके हार्ट को संक्रमित कर सकता है। जानिए हार्ट इंफेक्शन से बचने के लिए क्या उपाय अपनाने चाहिए।

  • हार्ट इंफेक्शन (Heart infection) से बचने के लिए कुछ उपाय अपनाएं जा सकते हैं। अगर आपको बीमारी के लक्षण नजर आएं, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। अगर आपको स्किन इंफेक्शन है, तो उसे हल्के में न लें।
  • दांतों की समस्या (Dental problems) के कारण भी इंफेक्शन हो सकता है, इसलिए आपको रोजाना दांतों की अच्छे से सफाई करनी चाहिए। अगर आपको अक्सर दांतों की समस्या रहती है, तो एक निश्चित समय के बाद डेंटल चेकअप जरूर कराएं। डेंटल हाइजीन हार्ट को स्वस्थ्य रखने में मदद करती है।
  • आप ऐसे किसी भी ड्रग्स का इस्तेमाल न करें, तो वैध न हो।
  • टैटू बनवाते समय नई निडिल का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • पियर्सिंग के समय भी नई निडिल का इस्तेमाल करना चाहिए।

हार्ट इंफेक्शन का कैसे किया जाता है ट्रीटमेंट (Heart infection treatment)?

एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) की सहायता से हार्ट इंफेक्शन (Heart infection) का ट्रीटमेंट किया जाता है। इंफेक्शन के कारण शरीर का कौन-सा अंग प्रभावित हुआ है, उसी के अनुसार डॉक्टर आपको दवाएं देंगे। डॉक्टर जांच के बाद पेशेंट को करीब एक हफ्ते के लिए हॉस्पिटलाइज भी कर सकते हैं। डॉक्टर दवाएं देने के साथ ये भी जांच करते हैं रहते हैं कि दवाओं का असर हो रहा है या फिर नहीं। ठीक से हो रहा है या फिर नहीं। संक्रमण को खत्म करने के लिए डॉक्टर करीब आठ हफ्तों तक दवाओं का सेवन करने की सलाह दे सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति को हार्ट का अधिक संक्रमण हो चुका है, तो ऐसे मामलों में डॉक्टर सर्जरी की सलाह भी दे सकते हैं। आप इस बारे में अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से राय ले सकते हैं।

हार्ट हेल्थ को दुरस्त रखने के लिए डायट का रखें ख्याल

हार्ट इंफेक्शन से बचने के लिए आपको अपने खानपान पर भी ध्यान रखना होगा। खाने में पौष्टिक आहार के सेवन के साथ ही आपको फैटी फूड्स से दूरी बनानी होगी। अगर अभी तक आप खानपान पर ध्यान नहीं दे रहे थे, अब सावधान हो जाएं और खाने में हेल्दी फूड्स को शामिल करें।

खाने में शामिल करें ये चीजें

हार्ट हेल्थ को दुरस्त बनाने के लिए आपको खाने में फाइबर युक्त खाने के साथ ही विटामिन और मिनिरल्स युक्त भोजन लेना चाहिए। आपको खाने में अनाज के साथ ही हरी सब्जियां जैसे कि ब्रोकली, पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना चाहिए। साथ ही आप खाने में बेरीज, बींस, चिकपीज, मसूर की दाल, डार्क चॉकलेट (Dark chocolate) , फिश आदि का सेवन कर सकते हैं।

इन चीजों से बनाएं दूरी

शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर हार्ट से संबंधित समस्याएं शुरू हो जाती हैं। आपको खाने में अधिक नमक और अधिक शुगर वाली डायट को इग्नोर करना चाहिए। आप खाने में नैचुरल शुगर जैसे कि फ्रूट्स या ड्राई फ्रूट्स की शुगर को एंजॉय कर सकते हैं। आपको हेल्दी हार्ट के लिए स्मोकिंग को छोड़ देना चाहिए। साथ ही एल्कोहॉल (Alcohol) भी आपकी सेहत को नुकसान पहुंचाने का काम कर सकती है। अगर आप कुछ बातों का ध्यान रखेंगे, तो हार्ट को दुरस्त रखा जा सकता है।

और पढ़ें : हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट में क्या अंतर है?

हार्ट इंफेक्शन से बचने के लिए एक्सरसाइज (Exercise to avoid heart infection)

हार्ट हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। आपको अगर हार्ट को हेल्दी बनाना है और सात ही इससे जुड़ी समस्याओं से बचना है, तो रोजाना एक्सरसाइज बहुत जरूरी है। आप रोजाना 150 एरोबिक एक्सरसाइज या कार्डियो एक्सरसाइज (Cardio exercise) जैसे कि जंप लंजेस(Jump Lunges), बर्पीस (Burpees), स्क्वाट जंपस (Squat Jumps), वॉकिंग, रनिंग आदि कर सकते हैं। साथ ही स्ट्रेंथ सेशन भी आपके लिए बहुत जरूरी हैं। आप हफ्ते में एक से दो बार इसे जरूर करें। अगर आपके पास समय की कमी रहती हैं, तो आप हफ्ते में पांच दिन भी करीब 30 मिनट रोजाना एक्सरसाइज कर सकते हैं। बीमार व्यक्ति को ज्यादा एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए। अगर बीमार व्यक्ति को एक्सरसाइज करनी भी है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

हेल्दी हार्ट के लिए लाइफस्टाइल में जरूर करें बदलाव

अगर आप हार्ट इंफेक्शन से बचना चाहते हैं, तो आपको शरीर में होने वाले किसी भी इंफेक्शन से सावधान रहने की जरूरत है। आपको अपने दांतों को रोजाना साफ करना चाहिए। साथ ही चोट लगने पर उसे खुला नहीं छोड़ना चाहिए। खाने में इम्यूनिटी बढ़ाने वाले फूड्स को शामिल करना चाहिए। पौष्टिक आहार (Nutritious food) का सेवन, रोजाना पर्याप्त नींद, एक्सरसाइज और स्ट्रेस से दूर रहकर आप हार्ट को हेल्दी रख सकते हैं।

अगर आप ओवरऑल हेल्थ का ख्याल रखेंगे, तो आपको हेल्थ की बीमारियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। हार्ट हेल्थ को दुरस्त रखने के लिए आपको हेल्दी डायट के साथ ही हेल्दी लाइफस्टाइल भी अपनानी पड़ेगी। आप स्वास्थ्य संबंधी अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है, तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं और अन्य लोगों के साथ साझा कर सकते हैं।

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बीएमआई कैलक्युलेटर

अपने बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की जांच करने के लिए इस कैलक्युलेटर का उपयोग करें और पता करें कि क्या आपका वजन हेल्दी है। आप इस उपकरण का उपयोग अपने बच्चे के बीएमआई की जांच के लिए भी कर सकते हैं।

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 5 days ago को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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