कोरोना के कहर के बाद अब चीन में हंता वायरस, एक की हुई मौत

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अपडेट डेट August 14, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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कोरोना वायरस के कहर ने पूरी दुनिया में हंगामा मचा दिया है। अब लगता है कि चीन में एक और आफत आ चुकी है। चीन में कोविड-19 डिसीज के बाद हंता वायरस का खौफ देखने को मिल रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो चीन में हंता वायरस के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि व्यक्ति बस में सवार था और साथ ही 32 लोग उस बस में यात्रा कर रहे थे। अब चूंकि व्यक्ति को मौत हो गई तो इस कारण सभी 32 लोगों की तुरंत जांच की गई है। हंता वायरस के बारे में शायद ही लोगों को जानकारी हो लेकिन हम आपको इस बारे में जानकारी देंगे। अगर आपने हंता वायरस के बारें में कभी भी नहीं सुना है तो पढ़ें ये आर्टिकल।

हंता वायरस (Hantavirus) आखिर क्या है ?

हंता वायरस

हंता वायरस के फैलने का कारण चूहे हैं। यानी कि अगर कोई व्यक्ति हंता वायरस से संक्रमित चूहे के मल-मूत्र या फिर लार के संपर्क में आता है तो उसे वायरस का संक्रमण हो सकता है। आप कुछ ऐसे समझें कि अगर कोई व्यक्ति संक्रमित चूहे के मल, मूत्र या लार में हाथ लगाने के बाद अपने फेस या फिर आंखों में हाथ मल लें तो तुरंत हंता वायरस व्यक्ति के अंदर प्रवेश कर जाता है। सीडीसी की रिपोर्ट के मुताबिक हंता वायरस आमतौर पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं जाता है। वायरस का संक्रमण अगर किसी व्यक्ति को हुआ तो उसकी जांच और रिपोर्ट के दौरान एक से आठ हफ्तों का समय लग सकता है। वायरस के साथ ये अच्छी बात है कि आमतौर पर ये एक इंसान से दूसरे इंसान में नहीं फैलता है। इस वायरस के बचने का अभी तक कोई ट्रीटमेंट नहीं है। अब जबकि दुनियाभर के लोग कोरोना वायरस के कारण बेहाल हो चुके हैं, ऐसे में चीन से वायरस के कारण मौत की खबर परेशान करने वाली हो सकती है।

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हंता वायरस (Hantavirus symptoms) के क्या हैं लक्षण ?

वायरस का संक्रमण हो जाने पर व्यक्ति को बुखार, सर्दी, बदन दर्द, उल्टी आदि समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही फेफड़ों में पानी भरने की समस्या और सांस लेने में समस्या भी हो सकती है। हंता वायरस का संक्रमण कुछ दिनों तक समझ में नहीं आता है। संक्रमण हो जाने के 10 दिनों बाद तक कुछ समस्याएं उत्पन्न होती हैं। संक्रमण की पहली स्टेज में हल्का शरीर दर्द या फिर सर्दी का एहसास हो सकता है। वायरस के इंफेक्शन के दस दिन बाद आपको कुछ लक्षण महसूस हो सकते हैं जैसे कि,

इन ऊपर बताई गई शारीरिक परेशानियों के अलावा अन्य परेशानी भी हो सकती है। इसलिए किसी लक्षण को नजरअंदाज न करें और जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।

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क्या है हंता वायरस का कारण?

हंता वायरस का मुख्य कारण चूहा है। चूहों से फैले वायरस लोगों में अलग-अलग बीमारी या सिंड्रोम होने का खतरा बढ़ जाता है।  सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार वायरस चूहे के मूत्र, मल या लार के भी संपर्क में आने से हंता वायरस का खतरा हो सकता है। सीडीसी वेबसाइट की मानें तो इससे रेनोवायरस पल्मोनरी सिंड्रोम (एचपीएस) और रीनल सिंड्रोम के साथ रक्तस्रावी बुखार होने की भी संभावना बनी रहती है।

क्या हंता वायरस संक्रामक होता है ?

हंता वायरस व्यक्ति से व्यक्ति को नहीं फैलता है। वायरस चूहों से इंसान में फैलता है। वैसे इस वायरस को व्यक्तियों के समूह में भी देखा गया है लेकिन एक इंसान से दूसरे इंसान में ये वायरस नहीं फैलता है। 1996 में उत्तरी अमेरिका में और अर्जेंटीना में इस संक्रमण की खबर आई थी। जिन लोगों में ये संक्रमण पाया गया था, उनमे इसके हल्के लक्षण ही दिखाई दिए थे। यूनाइटेड स्टेट में इस वायरस की व्यक्तियों के द्वारा ट्रांसफर की बात को नकारा गया है। टेक्सास में 2015 में एक व्यक्ति को इस वायरस का संक्रमण हो गया था और उनका निदान भी किया गया।

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जानिए इस वायरस के बारे में फैक्ट

  • हंता वायरस आरएनए वायरस होता है जो कि चूहों से इंसानों में फैलता है।
  • वायरस की लेट स्टेज में पेशेंट को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। पेशेंट के लंग्स में पानी भरने लगता है और साथ ही तेजी से सांस भी लेनी पड़ती है।
  • इस वायरस के बारे में पहली बार जानकारी 1993 में यूएस में मिली थी। ये वायरस चूहे के सलाइवा के साथ ही मल और मूत्र से भी फैलती है और साथ ही हवा में भी ये वायरस हो सकता है।
  • इस वायरस को संक्रामक नहीं माना गया है।

हंता वायरस के खतरे से कैसे बचा जा सकता है?

इस वायरस के खतरे से बचने के लिए निम्नलिखित टिप्स अपनाये जा सकते हैं। जैसे:

  • घर में होने वाले छेद (Holes) जैसे फ्लोर या दिवार के छेद को बंद रखें
  • खाद्य पदार्थों या पेय पदार्थ के डब्बों को हमेशा बंद रखें
  • घर, आसपास या गार्डेन एरिया को क्लीन रखें
  • चूहे को मारने वाली दवाओं या नेट (चूहे दानी) का प्रयोग करें
  • बिना ढ़ककर रखे हुए खाद्य पदार्थों का सेवन न करें
  • किसी भी खाने-पीने के पदार्थों को हमेशा ढ़ककर रखें

इन ऊपर बताई गई टिप्स को हमेशा फॉलो करने से हंता वायरस या किसी भी वायरस से आसानी से बचा जा सकता है। रिसर्च के अनुसार पल्मोनरी सिंड्रोम का मुख्य कारण हंता वायरस माना जाता है। क्योंकि लंग्स में एक अलग तरह का फ्लूइड जमा हो जाता है, जिस वजह से सांस लेने में कठिनाई होने लगती है।

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हंता वायरस का खतरा ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा होता है और निम्नलिखित लोगों में इस वायरस का खतरा ज्यादा होता है। जैसे:

  • बिल्डिंग या मकान के निर्माण में कार्य करने वाले लोग
  • घर या दफ्तर इंफेक्टेड होना
  • केम्पिंग, हाइकिंग या शिकार करने वाले लोग भी हंता वायरस के शिकार ज्यादा होते हैं

इन ऊपर बताई गई बातों को ध्यान में रखकर इस खतरनाक वायरस से बचा जा सकता है। अगर आप हंता वायरस से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार हंता वायरस संक्रमितों के लिए कोई खास उपचार, इलाज या वैक्सीन अभी तक नहीं है। लेकिन अगर इंफेक्टेड लोगों  पहचान जल्द की जाती है, तो इस बीमारी को आसानी से मात दी जा सकती है। इसलिए अगर कोई शारीरिक परेशानी समझ आती है, तो जल्द डॉक्टर से मिलें।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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