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कोरोना वायरस के बाद अब देश में स्वाइन फ्लू की दस्तक, जानें क्या हैं H1N1 वायरस के लक्षण

कोरोना वायरस के बाद अब देश में स्वाइन फ्लू की दस्तक, जानें क्या हैं H1N1 वायरस के लक्षण

देश भर में कोरोना वायरस का खौफ थमा नहीं था कि अब H1N1 वायरस यानी स्वाइन फ्लू की बीमारी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। हाल ही में बेंगलुरू, मेरठ के साथ ही राजधानी दिल्ली में H1N1 वायरस से पीड़ितो की संख्या में अचानक इजाफा हुआ है। तेजी से बढ़ रही स्वाइन फ्लू की बीमारी के मामलों के कारण स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि हॉस्पिटल्स में स्वाइन फ्लू की बीमारी से निपटने के लिए मेडिसिन के साथ ही मास्क भी उपलब्ध कराएं जा रहे हैं। H1N1 वायरस के लक्षणों के साथ ही इसके इलाज के बारे में भी लोगों के बीच जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने इस बारे में कहा है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि, इसकी चपेट में सुप्रीम कोर्ट के जज भी आ गए हैं।

Measures taken regarding H1N1 infection of Judges of Hon. Supreme Court.

स्वाइन फ्लू की बीमारी से इन्हें ज्यादा खतरा

जिन लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उन्हें विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। स्वाइन फ्लू की बीमारी उन लोगों में आसानी से फैलती है, जिन्हें डायबिटीज की समस्या, हार्ट की समस्या या फिर सांस लेने में समस्या आदि की बीमारी होती है। स्वाइन फ्लू की बीमारी बच्चों और बुजुर्गों में तेजी से फैलती है। साथ ही कमजोरी इम्यून सिस्टम वाले लोगों को भी विशेष सावधानी की जरूरत है। हाल ही में जस्टिस चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट के छह जजों के H1N1 वायरस से पीड़ित होने की जानकारी दी थी। चीफ जस्टिस ने इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए एससीबीए अध्यक्ष के साथ बैठक भी की।

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मेरठ में स्वाइन फ्लू की बीमारी के 37 टेस्ट पॉजिटिव

Simple hygiene practices can help prevent seasonal H1N1 flu

मेरठ में H1N1 वायरस के 37 टेस्ट पॉजीटिव आए हैं। ऐसा नहीं है कि H1N1 वायरस के मामले हाल ही में सामने आ रहे हैं। जनवरी से H1N1 वायरस से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस बारे में डिस्ट्रिक हेल्थ ऑफिशियल्स ने जानकारी दीं। हेल्थ डिपार्टमेंट ने लोगों को सफाई के साथ ही हाइजीन का ख्याल रखने की बात भी कही है। पिछले शुक्रवार को, जर्मन सॉफ्टवेयर समूह एसएपी की इंडियन ब्रांच ने देश के सभी कार्यालयों को सफाई के लिए बंद कर दिया था। बेंगलुरु कार्यालय के दो कर्मचारी H1N1 वायरस से पीड़ित थे, इसलिए सभी कार्यालय में सफाई का निर्णय लिया गया।

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स्वाइन फ्लू की बीमारी के लक्षण

स्वाइन फ्लू की बीमारी यानी H1N1 वायरस की चपेट में आने के बाद व्यक्ति को आम सर्दी-जुकाम जैसा ही अनुभव होता है। बीमारी के दौरान यह पहचान पाना मुश्किल हो जाता है कि ये नॉर्मल कोल्ड की समस्या है या फिर स्वाइन फ्लू की बीमारी। अगर आपको स्वाइन फ्लू के लक्षण नहीं पता हैं तो वायरस के संक्रमण के बाद दिखाई देने वाले निम्नलिखित लक्षणों को जान लें :-

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स्वाइन फ्लू की बीमारी (H1N1 वायरस ) के कारण

इन्फ्लुएंजा वायरस नाक, गले और फेफड़ों को संक्रमित करता है। साथ ही वायरस शरीर में तब प्रवेश करता है जब आप सांस लेते हैं या फिर आंख, नाक और मुंह के माध्यम से भी शरीर में प्रवेश कर जाता है। यह मनुष्य में होने वाला संक्रमण है।

इस बीमारी का नाम स्वाइन फ्लू इसलिए रखा गया है क्योंकि ये पिग यानी सुअर से इंसानों में फैलती है। ये वायरस मौसम बदलने के साथ ही आसानी से फैलता है। स्वाइन फ्लू की बीमारी दिसंबर से फरवरी के बीच में अधिक फैलती है। अगर समय पर सही इलाज न मिल पाए तो स्वाइन फ्लू की बीमारी से व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। किसी गंभीर या पुरानी बीमारी के कारण भी स्वाइन फ्लू की बीमारी हो सकती है। अगर आपको किसी ऐसी जगह में ट्रेवल करना है, जहां अधिकतर लोग स्वाइन फ्लू की बीमारी से पीड़ित हैं तो अधिक संभावना है कि आपको भी ये बीमारी हो जाए।

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कैसे करें स्वाइन फ्लू की बीमारी से बचाव?

अगर आप बीमार हैं तो बेहतर रहेगा कि घर पर ही रहें। साथ ही जिन लोगों को फ्लू की समस्या है, उनसे दूरी बनना भी बहुत जरूरी है। अगर आपको बीमारी के लक्षणों से राहत मिल रही है तो बेहतर रहेगा कि कुछ दिन घर में ही आराम करें। साथ ही हाथों को अच्छी तरह से धोना न भूलें। घर के सभी सदस्यों को हाइजीन के बारे में जानकारी दें। आप हाथ साफ करने के लिए एल्कोहॉल या एल्कोहॉल बेस्ड सेनेटाइजर का यूज भी कर सकते हैं। अगर खांसी या छींक आ रही है तो हाथ के साफ ही रुमाल का यूज भी करें। अगर घर में बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं हैं तो उनकी विशेष देखभाल करें। बेहतर होगा कि भीड़ वाली जगह में जाने से बचें।

स्वाइन फ्लू की बीमारी

स्वाइन फ्लू की बीमारी से बचने के लिए 6 महीने या फिर अधिक उम्र के लोगों के लिए वैक्सीनेशन की सुविधा उपलब्ध है। 2018-2019 से ही फ्लू के लिए वैक्सीन की व्यवस्था की गई थी। वैक्सीनेशन के बाद स्वाइन फ्लू की बीमारी से बचाव किया जा सकता है। वैक्सीन को इंजेक्शन या फिर नोज स्प्रे की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर आप प्रेग्नेंट नहीं हैं तो नोज स्प्रे का यूज कर सकती हैं। साथ ही कुछ लोगों के लिए नोज स्प्रे की मनाही रहती है। बेहतर रहेगा कि इस बारे में डॉक्टर से परामर्श करें।

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कब दिखाना चाहिए डॉक्टर को?

अगर आपको बुखार, खांसी और शरीर में दर्द जैसे लक्षण नजर आ रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। गर्भवती महिला , क्रोनिक डिजीज से जूझ रहे व्यक्ति, अस्थमा, डायबिटीज, हार्ट प्रॉब्लम आदि समस्या से पीड़ित लोगों को अधिक सतर्कता की जरूरत है। बुखार, खांसी और शरीर में दर्द ज्यादा दिनों से है तो लापरवाही बरतने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

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Bengaluru to Meerut to Delhi, H1N1 virus spreading fast; time to hit the panic button?/https://m.businesstoday.in/story/bengaluru-to-meerut-to-delhi-h1n1-virus-spreading-fast-time-to-hit-the-panic-button/1/396854.html/Accessed on 26/2/2020

Five SC judges catch H1N1, right to religion hearing gets derailed/https://timesofindia.indiatimes.com/india/five-sc-judges-catch-h1n1-right-to-religion-hearing-gets-derailed/articleshow/74309614.cms/Accessed on 26/2/2020

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Swine flu (H1N1 flu)/https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/swine-flu/symptoms-causes/Accessed on 26/2/2020

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 18/08/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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