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Cnidium: क्निडियम क्या है?

Cnidium: क्निडियम क्या है?
परिचय|उपयोग|सावधानियां और चेतावनी|साइड इफेक्ट्स|डोसेज|उपलब्ध

परिचय

क्निडियम (Cnidium) क्या है?

क्निडियम एक पौधा है जो चीन में पाया जता है। यह अमेरिका के कई भागों में पाया जाता है। इसके फल, बीज और पौधे का प्रयोग कई दवाओं में किया जाता है। इसका बोटैनिकल नाम Cnidium monnerii है। ये एपिएसी (Apiaceae) कुल का पौधा है। स्किन संबंधित परेशानियों के लिए चाइनीज दवाओं में इसे सालों से इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बीजों से एसेंशियल ऑयल प्राप्त किया जाता है, जो कई रोगों के इलाज में मदद करता है। आमतौर पर इसका इस्तेमाल यौन शक्ति को बढ़ाने, स्तंभन दोष, बांझपन और अन्य स्थितियों के उपचार के लिए इस्तेमाल की जाती है। इसके औषधीय इस्तेमाल के लिए इसके बीजों से इसका तेल निकाला जाता है। हालांकि, अधिक मात्रा में इसका सेवन करना हानिकारक प्रभाव भी दिखा सकता है।

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मुख्य रूप से इसका इस्तेमाल चीन में किया जाता है। वहां पर इसका इस्तेमाल सेक्स की इच्छा बढ़ाने और यौन क्रिया को लंबे समय तक करने के लिए किया जाता रहा है। वहां पर इसके औषधीय गुणों की उल्लेख एक किताब “द डिवाइन फार्मर्स मटेरिया मेडिका” (शेननॉन्ग बेनकॉन्जिंग) में किया गया है जो लगभग 200 और 250 ईस्वी के बीच लिखी गई थी। इसके मुताबिक, क्निडियम के इस्तेमाल से पुरुषों की नपुंसकता का उपचार किया जाता है।

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उपयोग

क्निडियम का उपयोग किस लिए किया जाता है?

प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए

इसका इस्तेमाल इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या को दूर करने के लिए किया जाता है। इसमें Coumarin यौगिक ओस्टहोल की मात्रा होती है, तो प्राकृतिक तौर पर वियाग्रा का प्रभाव करती है। क्निडियम का उपयोग स्तंभन दोष (नपुंसकता) के उपचार के लिए किया जाता है। यह हर्बल पुरुषों और महिलाओं दोनों में ही प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देने के लिए मददगार होता है। हालांकि, मौजूदा समय में इसका अध्ययन सिर्फ जानवरों पर किया गया है। मनुष्यों पर इसका प्रभाव कैसा होगा, इसके बारे में उचित अध्ययन करने की आवश्यकता है। फिर भी, इसका का उपयोग पारंपरिक रूप से हजारों वर्षों से एक कामोद्दीपक के रूप में किया जाता है जो यह संकेत देता है कि यह वास्तव में प्राकृतिक तौर पर सेक्स से जुड़ी स्थिति को बेहतर बनाता है।

ब्लड फ्लो को बढ़ाता है

किए गए अध्ययनों के मुताबिक, यह रक्त प्रवाह को बढ़ाने में भी मदद करता है। यह ओथोल नाइट्रिक ऑक्साइड जारी करता है, जो लिंग के कॉर्पस कैवर्नोसा को शिथिल करने के लिए आवश्यक होता है, जिससे जननांगों में खून की आपूर्ति में वृद्धि होती है, जिसके परिणामस्वरूप पुरुषों में मजबूत इरेक्शन का निर्माण होता है।

स्किन संबंधित परेशानियां दूर करे

क्निडियम के बीजों में एंटीसेप्टिक और कीटाणुनाशक गुण होते हैं, जिस वजह से इसका प्रयोग कई स्किन संबंधित परेशानियों जैसे एग्जिमा, दाद और स्केबीज के उपचार के लिए किया जाता है। आमतौर पर इसका इस्तेमाल लोशन, पाउडर और मलहम के तौर पर किया जाता है।

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यौन अंगों से संबंधित समस्या का उपचार

क्निडियम के बीजों में एंटीसेप्टिक और कीटाणुनाशक गुण यौन अंगों से संबंधित रोगों, जैसे कि योनि की सूजन या योनि स्राव के उपचार में भी मददगार होते हैं। ये जड़ी-बूटी यीस्ट के लिए बेहद प्रभावी मानी जाती है। इसलिए इसे वजायनल यीस्ट इंफेक्शन में इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। कई शोध के अनुसार, इस पौधे का प्रयोग ट्राइकोमोनिएसिस नामक बीमारी के कारण होने वाली वजायनल इंफ्लमेशन के लिए उपयोग किया जाता है। ट्राइकोमोनिएसिस के कारण योनि में सूजन होता है जो कि एक यौन संचारित रोग होता है।

डायबिटीज के उपचार के लिए

इसमें इसमें एंटीडायबिटीक गुण होते हैं, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए वरदान समान है।

बुखार कम करने के लिए

इसमें एंटीवायरल प्रॉपर्टीज होती हैं। फीवर में इसे इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।

  • एरोमाथेरिपी में भी कई रोगों के लिए इसका प्रयोग किया जाता है।

इन परेशानियों में भी मददगार:

और पढ़ेंः फिटनेस कोट जो करेंगी वर्कआउट के लिए प्रोत्साहित

कैसे काम करता है क्निडियम?

कुछ शोध के अनुसार, क्निडियम में नीचे बताए जरूरी कंपाउंड होते हैं, जो हमें कई परेशानियों से राहत दिलाते हैं।

  • ओस्थोल (Osthol)
  • इम्पैरेटोरिन (Imperatorin)
  • इसोपिमपेनलिन (Isopimpinellin)
  • जैनथेथॉक्सिन (Xanthotoxin)
  • बैरगैप्टे (Bergapten)

क्निडियम में एंटीडायबिटीक, एंटीफंगल, एंटीइंफ्लमेटरी, एंटीसेप्टिक, एंटीवायरल, एरोमेटिक और एस्ट्रिंजेंट प्रॉपर्टिज होती हैं। इसमें कुछ ऐसे केमिकल भी होते हैं, जो खुजली की समस्या से निजात दिलाते हैं।

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सावधानियां और चेतावनी

कितना सुरक्षित है क्निडियम का उपयोग?

निम्नलिखित परिस्थितियों में इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें:

  • यदि आप प्रेग्नेंट या ब्रेस्टफीडिंग करा रही हैं। दोनों ही स्थितियों में सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही दवा खानी चाहिए। प्रेग्नेंसी में इसके सेवन से मिसकैरेज होने का खतरा होता है।
  • यदि आप अन्य दवाइयां ले रही हैं। इसमें डॉक्टर की लिखी हुई और गैर लिखी हुई दवाइयां शामिल हैं, जो मार्केट में बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के खरीद के लिए उपलब्ध हैं।
  • यदि आपको क्निडियम या किसी पदार्थ या अन्य दवा या औषधि से एलर्जी है।
  • यदि आपको कोई बीमारी, डिसऑर्डर या कोई अन्य मेडिकल कंडिशन है।
  • यदि आपको फूड, डाई, प्रिजर्वेटिव्स या जानवरों से अन्य प्रकार की एलर्जी है।

अन्य दवाइयों के मुकाबले औषधियों के संबंध में रेग्युलेटरी नियम अधिक सख्त नहीं हैं। इनकी सुरक्षा का आंकलन करने के लिए अतिरिक्त अध्ययनों की आवश्यकता है। क्निडियम का इस्तेमाल करने से पहले इसके खतरों की तुलना इसके फायदों से जरूर की जानी चाहिए। इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें।

साइड इफेक्ट्स

क्निडियम से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

हालांकि, हर किसी को ये साइड इफेक्ट हो ऐसा जरूरी नहीं है, कुछ ऐसे भी साइड इफेक्ट हो सकते हैं, जो ऊपर बताए नहीं गए हैं। अगर आपको इनमें से कोई भी साइड इफेक्ट महसूस हो या आप इनके बारे में और जानना चाहते हैं, तो नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

और पढ़ें: आयोडीन क्या है?

डोसेज

क्निडियम को लेने की सही खुराक क्या है?

यहां दी हुई जानकारियों का इस्तेमाल डॉक्टरी सलाह के विकल्प के रूप में न करें। ट्रेडिश्नल चाइनीज दवाओं में इसके पीसे हुए बीजों की 6 से 15 ग्राम की डोज रिकमेंड की जाती है।

इसकी खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और अन्य कई चीजों पर निर्भर करती है। हर्बल सप्लिमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। इसलिए सही खुराक की जानकारी के लिए हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें।

उपलब्ध

किन रूपों में उपलब्ध है क्निडियम?

क्निडियम निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध है:

  • रॉ क्निडियम
  • क्निडियम कैप्सूल्स

और पढ़ें: जैबोरेंडी क्या है?

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सूत्र

Cnidium. https://www.webmd.com/vitamins-supplements/ingredientmono-1098-cnidium.aspx?activeingredientid=1098&activeingredientname=cnidium. Accessed on 3 January, 2020.

Free radical scavenging activities of Cnidium officinale Makino and Ligusticum chuanxiong Hort. methanolic extracts. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2992148/. Accessed on 3 January, 2020.

Therapeutic effect of Cnidium officinale Makino extract on ovariectomized hind-limb ischemic mice. https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S2213422019300782. Accessed on 3 January, 2020.

CNIDIUM. https://www.rxlist.com/cnidium/supplements.htm. Accessed on 3 January, 2020.

Cnidium monnieri. https://www.researchgate.net/publication/280969306_Cnidium_monnieri. Accessed on 3 January, 2020.

लेखक की तस्वीर
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Mona narang द्वारा लिखित
अपडेटेड 22/11/2019
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