यह एक पौधा है जो हिमालय के पहाड़ों में पाया जाता है। लोग, विशेष रूप से आयुर्वेदिक चिकित्सक, उपचार के लिए इसकी जड़ और प्रकंद (भूमिगत तने) का उपयोग करते हैं। यह पौधा विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुका है।

कुटकी आयुर्वेदिक जड़ी बूटी के नाम से भी प्रसिद्ध है। कुटकी का उपयोग विभिन्न प्रकार की बीमारियों के इलाज में किया जाता है। कुटकी को हिलालय से प्राप्त किया जाता है, इसलिए इसे हिमालय कुटकी के नाम से भी जानते हैं। कुटकी पाउडर विभिन्न प्रकार की समस्याओं से छुटकारा दिलाता है। कुटकी चूर्ण के रूप में लोग उपयोग करते हैं।
इसका इस्तेमाल निम्नलिखित स्थितियों में होता है:
कुटकी के कार्य करने को लेकर पर्याप्त शोध उपलब्ध नही हैं। इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें। हालांकि, माना जाता है कि कुटकी में ऐसे रसायन होते हैं, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते हैं और कैंसर वाली कोशिकाओं को मारते हैं। यह सूजन में भी राहत देता है।
निम्नलिखित स्थितियों में कुटकी का इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें:
अन्य दवाइयों के मुकाबले आयुर्वेदिक औषधियों के संबंध में रेग्युलेटरी नियम अधिक सख्त नहीं हैं। इनकी सुरक्षा का आंकलन करने के लिए अतिरिक्त अध्ययनों की आवश्यकता है। कुटकी का इस्तेमाल करने से पहले इसके खतरों की तुलना इसके फायदों से जरूर की जानी चाहिए। इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें।
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एक साल तक मौखिक रूप से कुटकी का सेवन करना ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित माना जाता है।
कुटकी से उल्टी, लालिमा पड़ना, अरुची (anorexia), डायरिया और खुजली हो सकती है।
हालांकि, हर व्यक्ति को यह साइड इफेक्ट्स नहीं होते हैं। उपरोक्त दुष्प्रभाव के अलावा भी कुटकी के कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, जिन्हें ऊपर सूचीबद्ध नहीं किया गया है। यदि आप इसके साइड इफेक्ट्स को लेकर चिंतित हैं तो अपने डॉक्टर या हर्बालिस्ट से सलाह लें।
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कुटकी आपकी मौजूदा दवाइयों के साथ रिएक्शन कर सकता है या दवा का कार्य करने का तरीका परिवर्तित हो सकता है। इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर या हर्बालिस्ट से संपर्क करें।
निम्नलिखित दवाइयां या प्रोडक्ट्स कुटकी के साथ रिएक्शन कर सकते हैं:
इम्यून सिस्टम को कम करने वाली दवाइयां (Immunosuppressants), वहीं कुटकी इम्यून सिस्टम को बढ़ा सकती है। इस स्थिति में कुटकी को इन दवाइयों के साथ लेने से उन दवाइयों की प्रभाविकता कम हो सकती है।
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निम्नलिखित दवाइयां इम्यून सिस्टम को कमजोर करती हैं:
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उपरोक्त जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं हो सकती। इसका इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें।
वैज्ञानिक अध्ययनों में निम्नलिखित डोसेज पर शोध किया गया है:
त्वचा की समस्या में कुटकी का सामान्य डोज:
त्वचा की बीमारी विटिलिगो (vitiligo), जिससे स्किन पर सफेद पैचेस पड़ जाते हैं, इसमें कुटकी का 200mg रिजोम पाउडर दिन में दो बार। इसका सेवन मेथोक्सालेन (methoxsalen) के साथ मौखिक रूप से करें और त्वचा पर भी लगाएं।
आमतौर पर वयस्क की खुराक 400 – 1500 मिलीग्राम / दिन होती है, जिसकी खुराक 3.5 ग्राम / दिन तक होती है जो कभी-कभी बुखार के लिए अनुशंसित होती है।
हालांकि, हर मरीज के मामले में कुटकी का डोज अलग हो सकता है। जो डोज आप ले रहे हैं वह आपकी उम्र, हेल्थ और दूसरे अन्य कारकों पर निर्भर करता है। औषधियां हमेशा ही सुरक्षित नहीं होती हैं। कुटकी के उपयुक्त डोज के लिए अपने डॉक्टर या हर्बालिस्ट से सलाह लें।
कुटकी निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध हो सकती है:
हमें उम्मीद है कि कुटकी पर लिखा यह आर्टिकल आपको लिए उपयोगी साबित होगा। यहां हमने इस हर्ब से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी देने की कोशिश की है। अगर आपको यहां बताई गई कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है तो डॉक्टर की सलाह से आप इस हर्ब का यूज कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए हर्बलिस्ट से संपर्क करें।
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
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Current Version
08/07/2020
Sunil Kumar द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. हेमाक्षी जत्तानी
Updated by: Manjari Khare