Multiple Sclerosis : मल्टिपल स्क्लेरोसिस क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

By Medically reviewed by Dr. Pooja Bhardwaj

जानें, सामान्य बातें

मल्टिपल स्क्लेरोसिस सेंट्रल नर्वस सिस्टम की एक बीमारी है जो मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी और ऑप्टिक तंत्रिका (optic nerve) को प्रभावित करती है। न्यूरॉन्स, नर्वस सिस्टम की संरचनाएं हैं, जो हमें सोचने, देखने, सुनने, बोलने, महसूस करने आदि की अनुमति देते हैं। प्रत्येक न्यूरॉन एक सेल बॉडी और एक एक्सोन (सेल बॉडी का विस्तार-क्षेत्र, जो संदेशों को आगे ले जाने का काम करता है) से बना होता है।

ज्यादातर एक्सोन केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में माइलिन नामक एक रोधक पदार्थ में रहते हैं। दरअसल, माइलिन नसों के साथ संकेतों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में मदद करता है।

मल्टिपल स्क्लेरोसिस (एमएस) आजीवन चलने वाली एक ऐसी बीमारी है, जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में तंत्रिका कोशिकाओं को प्रभावित करती है। एमएस में, माइलिन को नुकसान पहुंचता है, जिससे तंत्रिका प्रभावित होती है। इससे पीड़ित लोगों में बीमारी का केवल एक लक्षण, कुछ लक्षण या गंभीर विकलांगता जैसे कई लक्षण दिखाई दे सकते हैं। जैसे- क्षतिग्रस्त तंत्रिका (घाव या निशान), जिसको एमआरआई (Magnetic resonance imaging) के द्वारा पता लगाया जा सकता है।

यह भी पढ़ें : जानें ऑटोइम्यून बीमारी क्या है और इससे होने वाली 7 खतरनाक लाइलाज बीमारियां

मल्टिपल स्क्लेरोसिस (Multiple Sclerosis) कितनी सामान्य बीमारी है?

मल्टिपल स्क्लेरोसिस एक आम बीमारी है। आमतौर पर यह पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अधिक प्रभावित करती है। यह 15 से 60 वर्ष की आयु के लोगों में यह बीमारी ज्यादा देखने को मिलती है। इस बीमारी के जोखिम कारकों को कम करके इस समस्या से बचा जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से सलाह लें।

यह भी पढ़ें : Kidney Stones : गुर्दे की पथरी क्या है?जाने इसके कारण लक्षण और उपाय

लक्षणों को जानें

मल्टिपल स्क्लेरोसिस (Multiple Sclerosis) के लक्षण क्या हैं?

इलाज के दौरान बीमारी के लक्षणों में सुधार हो सकता है। मल्टीपल स्क्लेरोसिस के लक्षण ये हो सकते हैं:

हो सकता है ऊपर दिए गए लक्षणों में कुछ लक्षण शामिल न हो। अगर आपको किसी भी लक्षण के बारे में कोई चिंता है, तो कृपया डॉक्टर से परामर्श करें।

यह भी पढ़ें : जानें क्या है हाशिमोटोस थाईरॉइडाईटिस? इसके कारण और उपाय

कब लें डॉक्टर की मदद?

अगर आपको ऊपर बताया गया कोई भी लक्षण दिखे, तो अपने डॉक्टर से परामर्श लें। हर किसी का शरीर अलग तरीके से कार्य करता है इसलिए अपने डॉक्टर से सलाह लेना सबसे अच्छा होता है।

यह भी पढ़ें : Meningitis : मेनिंजाइटिस क्या है?जाने इसके कारण लक्षण और उपाय

कारणों को जानें

मल्टिपल स्क्लेरोसिस (Multiple Sclerosis) के क्या कारण होते हैं?

ज्यादातर संक्रमण या शरीर के किसी अन्य भाग में चोट के कारण स्क्लेरोसिस होता है, जैसे :

पेरिटोनियम के अंदर विकसित होने वाला संक्रमण आम नहीं है और इसके दो कारण हो सकते हैं:

यह भी पढ़ें : जानें क्या है एलोपेसिया एरीटा और इसके हाेने के कारण

मल्टिपल स्क्लेरोसिस (Multiple Sclerosis) का खतरा किन्हें ज्यादा होता है?

मल्टिपल स्क्लेरोसिस की बीमारी के लिए ये कारक ज्यादा जिम्मेदार होते हैं, जैसे:

  • जेनेटिक कारण
  • जो लोग उत्तरी अक्षांश (विशेष रूप से उत्तरी यूरोपीय देशों) में रहते हैं, उनमें मल्टिपल स्क्लेरोसिस की बीमारी ज्यादा देखने को मिलती थी।

यह भी पढ़ें : Down Syndrome : डाउन सिंड्रोम क्या है?जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

मल्टिपल स्क्लेरोसिस का उपचार क्या है?

दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

मल्टिपल स्केलेरोसिस (Multiple Sclerosis) का निदान कैसे किया जाता है?

डॉक्टर एक न्यूरोलॉजिस्ट (तंत्रिका तंत्र रोग विशेषज्ञ) को दिखाने की सलाह देगा। बीमारी का पता लगाने के लिए एमआरआई (MRI), स्पाइनल टैप या इवोक पोटेंशियल परीक्षण किए जाते हैं।

एमआरआई के द्वारा माइलिन में आई सूजन या प्रभावित माइलिन का पता लगाया जाता है। वहीं, स्पाइनल टैप टेस्ट में डॉक्टर बीमारी का पता लगाने के लिए रीढ़ की हड्डी से तरल पदार्थ का एक नमूना लेते हैं।

यह भी पढ़ें : Cellulitis : सेल्युलाइटिस क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

मल्टिपल स्क्लेरोसिस (Multiple Sclerosis) का इलाज कैसे किया जाता है?

एमएस को ठीक नहीं किया जा सकता है लेकिन, लक्षणों को नियंत्रित करके रोग को बढ़ने से रोका जा सकता है। उपचार के अंतर्गत बीमारी और जटिलताओं (जैसे-थकान, दर्द, सोच की समस्या और मूत्राशय की समस्याओं) का इलाज किया जाता है।

बीमारी के लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए कॉर्टिकोस्टेरॉइड दवाएं मुख्य उपचार हैं। इंटरफेरॉन और ग्लैटीरामर जैसी दवाएं बढ़ती बीमारी की रोकथाम के लिए दी जाती हैं।

बीमारी की गंभीर स्थिति के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं में अमैंटाडिन, बैक्लोफेन, गैबापेंटिन, ऑक्सीब्यूटिनिन, प्रोपेंथलाइन, स्टूल सॉफ्टेनर्स, साइलियम, फाइबर, नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लमेटरी ड्रग्स (एनएसआईडी) और एसिटामिनोफेन शामिल हैं।

सामान्य वजन, स्वस्थ जीवनशैली, पर्याप्त आराम और नियमित व्यायाम के द्वारा इस बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है।

यह भी पढ़ें : 

जीवनशैली में बदलाव और घरेलू उपचार

मल्टिपल स्क्लेरोसिस बीमारी से निपटने के लिए जीवनशैली में क्या बदलाव या घरेलू उपचार करने चाहिए?

नीचे बताई गई जीवनशैली और घरेलू उपचार आपको मल्टिपल स्क्लेरोसिस से निपटने में मदद कर सकते हैं :

  • खूब आराम करें।
  • व्यायाम करें- नियमित व्यायाम मांसपेशियों की ताकत, संतुलन बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। स्विमिंग भी इसके लिए एक बेहतर उपाय है। इसके अलावा, पैदल चलना, स्ट्रेचिंग, हल्के एरोबिक्स, योग भी शामिल हैं।
  • शरीर का तापमान ठंडा रखें-  शरीर का तापमान बढ़ने पर मल्टिपल स्क्लेरोसिस के लक्षण अक्सर और उभर जाते हैं। इसलिए, गर्मी के संपर्क में आने से बचना चाहिए।
  • संतुलित आहार खाएं- कुछ स्टडीज के अनुसार,  जिनमें सैच्युरेटेड फैट कम लेकिन, ओमेगा-3 फैटी एसिड ज्यादा होता हैं, ऐसे आहार फायदेमंद हो सकते हैं, जैसे- जैतून और मछली का तेल। शोध यह भी बताते हैं कि विटामिन-डी भी बीमार व्यक्ति को संभावित लाभ पहुंचाता है।
  • तनाव से छुटकारा- तनाव आपकी बीमारी के लक्षणों को खराब कर सकता है। योग, मसाज, ध्यान और डीप ब्रीदिंग से भी मदद मिल सकती है।
  • मेडिएटर्स ऑफ इंफ्लामेशन के मुताबिक मशरूम का सेवन करने से जहां एक तरफ मल्टिपल स्क्लेरोसिस से राहत मिलती है, वहीं दूसरी तरफ कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचाव होता है। क्योंकि मशरूम में एंटीकैंसर गुण होते हैं। 
  • पालक, ब्रॉकली, पत्तागोभी, सरसों का साग, सलाद पत्ता आदि का सेवन करें। हरी पत्तियों का सेवन करने से मल्टिपल स्क्लेरोसिस में आराम मिलता है। हरी पत्तियों में विटामिन और मिनरल पाया जाता है।
  • सब्जियों की जड़ें, जैसे- चुकंदर, शलजम, गाजर, मूली आदि खाने से मल्टिपल स्क्लेरोसिस में राहत मिलती है। क्योंकि, इनमें विटामिन सी, पोटैशियम, मैग्निशीयम, जिंक, आयरन आदि तत्व पाए जाते हैं।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है, अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

और पढ़ें :

शॉग्रेंस सिंड्रोम क्या है और इससे कैसे बच सकते हैं?

क्या कंधे में रहती है जकड़न? कहीं आप पॉलिमायाल्जिया रूमैटिका के शिकार तो नहीं

ऑटोइम्यून प्रोटोकॉल डायट क्या है?

एंटी-इंफ्लमेट्री डायट से ठीक हो सकती है ऑटोइम्यून डिजीज

Share now :

रिव्यू की तारीख अगस्त 27, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया जनवरी 8, 2020

सूत्र
शायद आपको यह भी अच्छा लगे