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No Contact rule : उबरना है ब्रेकअप से तो ये नियम आ सकता है आपके काम

No Contact rule : उबरना है ब्रेकअप से तो ये नियम आ सकता है आपके काम

ब्रेकअप होने के बाद किसी भी काम में मन नहीं लगता है और दिन रात यही सोचने में गुजर जाता है कि अब इस परेशानी से कैसे बाहर निकला जा सकता है। अपने एक्स के साथ ब्रेकअप करने बाद दोस्ती करने का ख्याल ज्यादातर लोगों के मन में आता है लेकिन ये फॉर्मुला अक्सर सक्सेसफुल नहीं होता है। एक्स के साथ दोबार बातें करने से या रिश्ता रखने से कई परेशानियो का सामना भी करना पड़ सकता है। इन परेशानियों से निपटने में ‘नो कॉन्टेक्ट रूल ( No Contact rule)’ काम करता है। नो कॉन्टेक्ट रूल वो समय है जब आप ब्रेकअप के बाद अपने एक्स से कुछ समय के लिए बात करना बिल्कुल बंद कर देते हैं। ऐसा करने से पैचअप होने की संभावना बढ़ जाती है। ये जरूरी नहीं है कि ऐसा सबके साथ हो लेकिन ये फॉर्मुला कभी-कभी काम कर जाता है। नो कॉन्टेक्ट रूल अपनाने से रिश्ते में दोबारा वापसी होगी या फिर नहीं, ये कहना तो मुश्किल है लेकिन आपमें पॉजिटिव चेंज जरूर आ सकते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि ‘नो कॉन्टेक्ट रूल’ में किन बातों का ख्याल रखना पड़ता है, तो आप परेशान बिल्कुल भी न होए क्योंकि हम आपको ‘नो कॉन्टेक्ट रूल ( No Contact rule)’ के बारे में अहम जानकारी देंगे। जानिए किस तरह से ये रूल आपमें सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

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क्या होता है ‘नो कॉन्टेक्ट रूल’ ( No Contact rule)?

नो कॉन्टेक्ट रूल में ब्रेकअप के बाद एक्स को कॉल, टेक्स्ट या मैसेज नहीं किया जाता है। इस रूल के तहत एक्स के फ्रेंड्स या फैमिली से भी ब्रेकअप के बारे में बात करना शामिल नहीं होता है। नो कॉन्टेक्ट रूल ( No Contact rule) ब्रेकअप से बाहर निकलने में मदद करता है। अगर आप नो कॉन्टेक्ट रूल को ईमानदारी के साथ अपनाते हैं, तो ये आपके रिश्ते को आगे बढ़ने में मदद कर सकता है। नो कॉन्टेक्ट रूल में कोई समय-रेखा निर्धारित नहीं होती है। यानी आप कुछ समय के लिए जैसे कि एक महीने या उससे अधिक समय के लिए ये नियम अपना सकते हैं। कुछ लोग ये रूल लंबे समय तक अपनाते हैं और दोबारा रिलेशन कायम करते हैं। सही मायनों में आप अगर इस नियम को लंबे समय तक अपनाएंगे, तो आपको ज्यादा राहत महसूस होगी। अगर आप रिलेशनशिप में कुछ समय देना चाहते हैं, तो भी नो कॉन्टेक्ट रूल अपना असर दिखाता है। नो कॉन्टेक्ट रूल के एक नहीं बल्कि बहुत से फायदे हैं। आइये जानते हैं कि इस नियम को अपनाने से क्या फायदे हो सकते हैं?

ब्रेकअप (Break Up) के दर्द को करता है कम

नो कॉन्टेक्ट रूल (No Contact rule) ब्रेकअप के दर्द को कम करने का काम करता है। ब्रेकअप के बाद लोग एक्स के बारे में दिन-रात सोचकर परेशान होते हैं। ऐसे में एक्स का अचानक से फोन आना या फिर मैसेज परेशानी को बढ़ाने का काम कर सकता है। भले ही ब्रेकअप से बाहर निकलने में आपको समय लगे लेकिन नो कॉन्टेक्ट रूल को अपनाकर आप चैन की सांस जरूर ले सकते हैं। भावनाओं पर नियंत्रण कठिन होता है लेकिन रिश्तों में आगे बढ़ने के लिए ये कदम जरूरी हो जाता है। ऐसे में आपको रिलेशनशिप के दौरान की गई गलतियों या फिर कमियों के बारे में भी एहसास हो सकता है।

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आपके एक्स के लिए हीलिंग प्रोसेस का काम कर सकता है ये रूल

रेडियो साइलेंस ( Radio Silence) आपके एक्स के लिए हीलिंग प्रोसेस का काम कर सकता है। आपको अपने एक्स से अलग होने के लिए एक नहीं बल्कि कई कारणों की जरूरत पड़ी होगी। अक्सर लोग जरा-सी बातों में ब्रेकअप करने से बचते हैं। यानी रिश्ता टूटने के लिए स्ट्रॉन्ग रीजन की जरूरत पड़ती है। अगर आप भी ऐसे लोगों में शामिल हैं, तो आपको अपने सीरियस इमोशंस को अब नई दिशा देने की जरूरत है। आप अपने एक्स से बात न करके उनके दुखों को भी कम कर सकते हैं। आखिरकार आप दोनों ही इस रिलेशन से बाहर निकलना चाहते हैं।

आप कर सकते हैं रिश्तों को रिसेट (Relationship After The Breakup)

जब आपका पुराना रिश्ता खत्म हो जाता है, तो आप पोस्ट ब्रेकअप पीरियड (post break up period) में आ जाते हैं। इस समय आपको बहुत से काम करने होते हैं। अगर आप नो कॉन्टेक्ट रूल को फॉलो करते हैं, तो आपको ब्रेकअप के बाद रिलेशनशिप को आगे बढ़ाने में आपको ज्यादा दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता है। ब्रेकअप होने के बाद आपको रिश्तों को रिसेट करने के लिए विचार करने की जरूरत होती है। अगर आप एक्स से लगातार झगड़े करते रहेंगे या फिर आरोप लगाते रहेंगे, तो आपको विचार करने का समय नहीं मिल पाएगा। रेडियो साइलेंस आपको बेहतर समय उपलब्ध कराता है। आपको एक बार इस बात पर जरूर विचार करना चाहिए।

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सिक्के का कौन सा पहलू चुनना चाहते हैं आप?

जिस तरह से एक सिक्के के दो पहलू होते हैं, ठीक उसी तरह से ब्रेकअप के बाद भी दो पहलू होते हैं। या तो आप सेल्फ केयर पर ध्यान दें और मूव ऑन करें या फिर आप एक्स के साथ दोबारा रिश्ते की शुरुआत करें। आपको ब्रेकअप के बाद हेल्थ, वेल्थ और रिलेशनशिप पर ध्यान देना चाहिए। अगर आप तय कर चुके हैं कि आपको पिछले रिश्ते में दोबारा वापस नहीं जाना है, तो बेहतर होगा कि उस रिश्ते के बारे में अब बिल्कुल भी न सोचें। अगर आप रिश्ते में दोबारा वापस जाना चाहते हैं, तो आप कुछ समय के लिए नो कॉन्टेक्ट रूल फॉलो कर सकते हैं। आप चाहे तो अपने एक्स को इस बारे में जानकारी दे सकते हैं कि आप कुछ समय तक ब्रेक लेना चाहते हैं।

नो कॉन्टेक्ट रूल से बढ़ा सकते हैं अपना कॉन्फिडेंस (Confidence)

बार-बार रिलेशनशिप में धोखा खाने से आपका कॉन्फिडेंस लेवल कम हो सकता है। आपको ऐसे रिलेशन को पूरी तरह से खत्म कर देना चाहिए, जहां आपको धोखा मिले। नो कॉन्टेक्ट रूल की मदद से आप अपने विश्वास को बढ़ाने का काम कर सकते हैं। एक बात का ध्यान रखें कि जब आप किसी रिश्ते को छोड़ देते हैं, तो उस बारे में सोचने से आप खुद को उससे पूरी तरह से अलग नहीं कर पाते हैं। ऐसे में आपको कुछ सख्त नियम बनाने की जरूरत पड़ सकती है। ऐसा करने से आपको नई राहे मिलेंगी और पिछली बातों को भूलने में भी आसानी होगी। आपका एक्स भी अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुका होगा, इसलिए आपको भी पिछली बातों को भूलकर खुद का विश्वास बढ़ाने की जरूरत है।

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वैल्यू बढ़ाने में मदद कर सकता है ये रूल

अगर आपकी गर्लफ्रेंड या ब्वायफ्रेंड को आपसे अधिक अपेक्षाएं हैं लेकिन आप उसका सौ प्रतिशत नहीं दे पा रहे हैं, तो नो कॉन्टेक्ट रूल के दौरान आप उन बातों पर गहराई से सोच सकते हैं। जब कोई प्यार में होता है, तो वो खुद को अपने खास के लिए बदलने की भी कोशिश करता है। कई बार ये संभंव नहीं हो पाता है। ऐसा जरूरी नहीं कि आप भी ठीक वैसा ही करने की कोशिश करें, जैसा आपके एक्स आपसे अपेक्षा रखते हो। आप एक बार सोच के जरूर देखें कि क्या आप उनके सपनों की ड्रीमगर्ल या फिर राजकुमार बन सकते हैं या नहीं।

शायद ये नहीं थी बेहतर च्वाइज

अक्सर लोग ये सोचते हैं कि उनका रिश्ता दोबारा जुड़ सकता है और इसी उम्मीद से वो नो कॉन्टेक्ट रूल की मदद भी लेते हैं। आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि ये नियम अपनाकर एक नई सोच भी डेवलप हो सकती है। पहले मन में ये बात रहती है कि कुछ भी करके रिश्ते में दोबारा वापसी करनी है। नो कॉन्टेक्ट रूल के दौरान ऐसा भी रिलाइज हो सकता है ‘अब मैं ज्यादा सुकून महसूस कर रहा हूं और मुझे दोबारा इस रिश्ते में नहीं जाना है।’ आपकी च्वाइज बेहतर थी या नहीं, आपको इस रूल के माध्यम से ये बात जानने का मौका भी मिलेगा।

आपको रिश्ता बना कर रखना या फिर उससे पूरी तरह से निकलना है, ये बात पूरी तरह से आप पर निर्भर करती है। अगर आपको लगता है कि रिश्तों में थोड़ी दरार आ गई है और आपको कुछ समय की जरूरत है, तो आप नो कॉन्टेक्ट रूल अपनाकर देख सकते हैं। बेहतर होगा कि आप इस बारे में रिलेशनशिप एक्सपर्ट से एक बार जरूर सलाह लें।हम उम्मीद करते हैं कि आपको नो कॉन्टेक्ट रूल के बारे में जानकारी जरूर पसंद आई होगी। आप स्वास्थ्य संबंधि अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है, तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 27/01/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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