backup og meta
खोज
स्वास्थ्य उपकरण
बचाना

Menactra vaccine: मेनैक्ट्रा वैक्सीन इस बीमारी के खतरे को करती है कम?

के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. हेमाक्षी जत्तानी · डेंटिस्ट्री · Consultant Orthodontist


Bhawana Awasthi द्वारा लिखित · अपडेटेड 13/12/2021

Menactra vaccine:  मेनैक्ट्रा वैक्सीन इस बीमारी के खतरे को करती है कम?

मेनिंगोकोकल डिजीज (Meningococcal disease) निसेरिया मेनिंगिटिडिस (Neisseria meningitidis) नामक बैक्टीरिया के कारण होने वाली संक्रामक बीमारी है। इस बीमारी को मेनिंगोकोकस के नाम से भी जाना जाता है। इंफेक्शन चाहे जो भी हो, शरीर को नुकसान पहुंचाता है। ये बैक्टीरिया ब्रेन लाइनिंग और स्पाइनल कॉर्ड के साथ ही ब्लड स्ट्रीम में भी इंफेक्शन फैलाने का काम करता है। ये बैक्टीरिया एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में स्पीट यानी थूक के माध्यम से फैलता है। इस बीमारी से बचने के लिए वैक्सीन लगवाने की सलाह दी जाती है। मेनैक्ट्रा वैक्सीन (Menactra vaccine) मेनिंगोकोकल (Meningococcal) की बीमारी से बचाने का काम करती है। मेनैक्ट्रा वैक्सीन का इस्तेमाल कैसे किया जाता है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताएंगे।

और पढ़ें: बच्चों को टीकाकरण के बाद दर्द या सूजन की हो समस्या, तो अपनाएं ये उपाय

मेनिंगोकोकल डिजीज (Meningococcal disease) क्या है?

मेनैक्ट्रा वैक्सीन

मेनिंगोकोकल डिजीज (Meningococcal disease) एक जानलेवा बीमारी है। इस बीमारी के लिए जिम्मेदार बैक्टीरिया ब्रेन की थिन लेयर में अटैक करता है। अगर बीमारी का इलाज न काराया जाए, तो मृत्यु की सम्भावना करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं। वहीं समय पर इंफेक्शन की जानकारी और एंटीबायोटिक दवाओं का ट्रीटमेंट लेने के बाद भी बीमारी के कारण 10 से 15 प्रतिशत लोगों में मौत का खतरा बना रहता है। इस इंफेक्शन के कारण ब्रेन डैमेज (Brain damage), सुनने की क्षमता खत्म हो जाना, किडनी फेलियर और नर्वस सिस्टम संबंधी समस्या भी शुरू हो सकती है। मेनिंगोकोकल डिजीज में मेनैक्ट्रा वैक्सीन (Menactra vaccine) के इस्तेमाल की जानकारी से पहले जान लें कि इस बीमारी के होने पर क्या लक्षण दिखाई पड़ते हैं।

और पढ़ें: Revac b vaccine: बचना है खतरनाक संक्रमण से, तो जरूर जानें इस वैक्सीन के बारे में!

मेनिंगोकोकल डिजीज होने पर निम्नलिखित लक्षण नजर आ सकते हैं।

  • तेज बुखार आना (104 डिग्री फारेनहाइट से अधिक)
  • सिरदर्द (Headache)
  • उल्टी (Vomiting)
  • गर्दन में अकड़न (Stiff neck)
  • भ्रम की स्थिति (Confusion)
  • रैशेज (Rashes)
  • लाइट के प्रति संवेदनशीलता (Sensitivity to light)
  • संक्रमण के बाद लक्षण कुछ घंटों में विकसित हो सकते हैं और एक से दो दिन में डेवलप हो जाते हैं। जरूरी नहीं कि शिशुओं में भी उपरोक्त दिए गए लक्षण नजर आएं। अधिक नींद आना, चिड़चिड़े हो जाना, ठीक से न खाना आदि भी लक्षण बच्चों में दिख सकते हैं। बच्चों को हल्का बुखार या फिर सिरदर्द अक्सर पता नहीं चल पाता है और ऐसे में बच्चों में बीमारी के लक्षणों को पहचाना मुश्किल हो जाता है।

    और पढ़ें: जानिए टॉप क्वाड्रोवैक्स वैक्सीन्स के बारे में, जो कर सकती हैं कई हेल्थ कंडिशंस से बचाव!

    मेनैक्ट्रा वैक्सीन (Menactra vaccine) क्या है?

    मेनैक्ट्रा वैक्सीन

    मेनैक्ट्रा वैक्सीन (Menactra vaccine) का इस्तेमाल मेनिंगोकोकल डिजीज (Meningococcal disease) से सुरक्षा प्रदान करता है। ये एक एक्टिव इम्युनाइजिशन ( active immunization) है। निसेरिया मेनिंगिटिडिस ( Neisseria meningitidis serogroups) सेरोग्रुप ए, सी, वाई और डब्ल्यू-135 के कारण होने वाले संक्रमण से बचाने का काम करता है। इस वैक्सीन का इस्तेमाल 9 महीने के शिशु से लेकर 55 साल तक के व्यक्ति में किया जा सकता है। मेनैक्ट्रा वैक्सीन (Menactra vaccine) डॉक्टर से परामर्श के बाद बच्चे को लगवाई जा सकती है और पेशेंवर डॉक्टर इस वैक्सीन को लगाते हैं। 15 से 55 वर्ष तक की आयु के व्यक्ति को मेनैक्ट्रा वैक्सीन का सिंगल बूस्टर दिया जाता है। 9 से 23 महीने की उम्र के बच्चों में, मेनैक्ट्रा वैक्सीन (Menactra vaccine) को 2 डोज सिरीज के रूप में कम से कम तीन महीने के अंतराल पर दिया जाता है। जन्म के बाद बच्चे को मेनैक्ट्रा वैक्सीन की कितनी डोज दिलानी चाहिए, आपको इस बारे में डॉक्टर से जानकारी लेनी चाहिए।

    और पढ़ें: इंफ्लूवैक वैक्सीन: बच्चों को इंफ्लुएंजा से बचाने में करती है मदद, इस उम्र में दी जाती है पहली डोज

    मेनैक्ट्रा वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स (Menactra vaccine side effects)

    किसी भी वैक्सीन को लेने के बाद मामुली साइडइफेट्स दिख सकते हैं। मेनैक्ट्रा वैक्सीन (Menactra vaccine) लेने के बाद भी कुछ साइड इफेक्ट्स दिख सकते हैं। जिस स्थान में वैक्सीन लगाई गई है, वहां दर्द के साथ ही सूजन या लालिमा हो सकती है। साथ ही बच्चे को चिड़चिड़ापन, भूख न लगना (Loss of appetite), नींद न आना, सिरदर्द (Headache), मतली, उल्टी और दस्त आदि समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। बच्चे में ये सभी लक्षण नजर आएं, ये जरूरी नहीं है। अगर बच्चे को वैक्सीन लगावाने के बाद किसी तरह के दुष्प्रभाव नजर आते हैं, तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर आप डॉक्टर को नहीं दिखाते हैं, तो साइडइफेक्ट्स अधिक गंभीर हो सकते हैं। आप वैक्सीन लगवाने से पहले इस बारे में डॉक्टर से भी जानकारी ले सकते हैं कि बच्चे में क्या दुष्रभाव दिख सकते हैं। डॉक्टर आपको कुछ जरूरी मेडिसिंस भी दे सकते हैं ताकि बच्चे को कोई परेशानी होने पर आप उसका इस्तेमाल कर सके।

    प्रेग्नेंसी या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान सुरक्षित है ये वैक्सीन?

    प्रेग्नेंसी या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान मेनैक्ट्रा वैक्सीन (Menactra vaccine) को सुरक्षित नहीं माना जाता है। अगर आप प्रेग्नेंट है या फिर बच्चे को दूध पिला रही हैं, तो डॉक्टर से इस बारे में जानकारी जरूर लें। डॉक्टर पेशेंट की कंडीशन के अनुसार इस वैक्सीन को लेने की सलाह देते हैं। बेहतर होगा कि आप इस बारे में डॉक्टर से जानकारी प्राप्त करें क्योंकि इस संबंध में अभी तक अधिक स्टडी नहीं हुई है। हैलो हेल्थ किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार उपलब्ध नहीं कराता है।

    और पढ़ें: चिकनपॉक्स की समस्या को दूर करने के लिए किया जाता है इस वैक्सीन का इस्तेमाल!

    किडनी या लिवर में वैक्सीन का असर?

    किडनी या लिवर पेशेंट्स में मेनैक्ट्रा वैक्सीन (Menactra vaccine) लेने के बाद सकारात्मक प्रभाव पड़ता है या फिर नकारात्मक, इस संबंध में अभी तक जानकारी उपलब्ध नहीं है। अगर आपको किडनी या फिर लिवर की समस्या (Liver problems) है, तो इस संबंध में अपने डॉक्टर को जरूर बताएं।

    मेनिंगोकोकल डिजीज  का किसको है अधिक खतरा?

    मेनिंगोकोकल डिजीज (Meningococcal disease) का खतरा किसी को भी हो सकता है लेकिन नवजात शिशु और बच्चों में इस बीमारी का खतरा अधिक रहता है। जो स्टूडेंट्स हॉस्टल में रहते हैं, उनके लिए भी खतरा बढ़ जाता है। जिन लोगों को पहले से ही ये इंफेक्शन है, उनके साथ रहने वाले लोगों में भी बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। एचआईवी (HIV) से पीड़ित लोगों में भी इस इंफेक्शन का अधिक खतरा रहता है। आपको डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही मेनैक्ट्रा वैक्सीन (Menactra vaccine) का इस्तेमाल करना चाहिए। सीडीसी (CDC) सभी प्री-टीन्स और किशोरों के लिए मेनिंगोकोकल वैक्सिनेशन की सिफारिश करता है।कुछ स्थितियों में, सीडीसी (CDC) बच्चों और वयस्कों को मेनिंगोकोकल टीके लगाने की भी सलाह देता है। कुछ मेडिकल कंडीशन जैसे कि डैमेज या मिसिंग स्प्लीन या टर्मिनल कॉम्प्लीमेंट डेफिसिएंसी आदि से ग्रसित लोगों को इस वैक्सीन को लेने की सलाह दी जाती है।

    हैलो हेल्थ किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार उपलब्ध नहीं कराता है। इस आर्टिकल में हमने आपको मेनैक्ट्रा वैक्सीन (Menactra vaccine) के बारे में जानकारी दी है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस संबंध में अधिक जानकारी चाहिए, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्स्पर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे।

    डिस्क्लेमर

    हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

    के द्वारा मेडिकली रिव्यूड

    डॉ. हेमाक्षी जत्तानी

    डेंटिस्ट्री · Consultant Orthodontist


    Bhawana Awasthi द्वारा लिखित · अपडेटेड 13/12/2021

    ad iconadvertisement

    Was this article helpful?

    ad iconadvertisement
    ad iconadvertisement