home

आपकी क्या चिंताएं हैं?

close
गलत
समझना मुश्किल है
अन्य

लिंक कॉपी करें

वरिलिरिक्स वैक्सीन : चिकनपॉक्स की इस वैक्सीन से जुड़ी सभी जरूरी बातें क्या जानते हैं आप?

वरिलिरिक्स वैक्सीन : चिकनपॉक्स की इस वैक्सीन से जुड़ी सभी जरूरी बातें क्या जानते हैं आप?

हाल ही में कोरोना वायरस के विश्व भर में फैलने के बाद लोगों को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ा। अंत में कोरोना वायरस जैसी बीमारी का हल वैक्सीन के जरिए निकाला गया। जाहिर है किसी भी गंभीर स्थिति से लड़ने के लिए व्यक्ति को वैक्सीन की जरूरत पड़ती है। यह वैक्सीन व्यक्ति को इन गंभीर बीमारियों से उबरने में मदद करती है। भूतकाल में भी कई ऐसी गंभीर बीमारियों ने हमें घेरा है, जिसके बाद इससे लड़ने के लिए अलग-अलग वैक्सीन तैयार की गई है। आज हम बात करने जा रहे हैं एक ऐसी ही वैक्सीन के बारे में, जो आपको चिकन पॉक्स (Chicken pox) यानी कि चेचक की समस्या से बचाती है। हम बात कर रहे हैं वरिलिरिक्स वैक्सीन की। वरिलिरिक्स वैक्सीन (Varilrix vaccine) हमें उस वायरस से बचाती है, जो चिकन पॉक्स के लिए जिम्मेदार माना जाता है। आइए जानते हैं वरिलिरिक्स वैक्सीन से जुड़ी यह जरूरी बातें।

और पढ़ें : क्या बच्चों के लिए फ्लू और कोविड वैक्सीन एक ही है : जानें इस पर एक्सपर्ट की राय

कैसे काम करती है वरिलिरिक्स वैक्सीन (Varilrix vaccine)?

वरिलिरिक्स वैक्सीन वेरीसैला जॉस्टर (Varicella zoster) नाम के वायरस से लड़ने में मदद करती है। यह वायरस चिकन पॉक्स की समस्या के लिए जिम्मेदार माना जाता है। वरिलिरिक्स वैक्सीन लाइव वायरस से बनाई जाती है, जो अपने कमजोर फॉर्म में होता है। कमजोर फॉर्म में मौजूद वायरस इनफेक्शन पैदा नहीं कर सकता, इसलिए इस वैक्सीन के जरिए यह कमजोर वायरस शरीर में डाले जाते हैं। जिसके बाद शरीर इससे लड़ने के लिए एंटीबॉडीज का निर्माण करता है। इस वैक्सीन को 12 महीने के बच्चे से लेकर व्यस्क भी ले सकते हैं। वरिलिरिक्स वैक्सीन अलग-अलग ब्रैन्ड के नाम से जानी जाती है और इसके अलग अलग फ़ॉर्म्स मौजूद हैं। हालांकि कई ब्रैन्ड की वरिलिरिक्स वैक्सीन हर तरह की कंडिशन के लिए कारगर साबित नहीं होती, इसलिए डॉक्टर की सलाह के बाद आपको वरिलिरिक्स वैक्सीन (Varilrix vaccine) का चुनाव करना चाहिए।

वरिलिरिक्स वैक्सीन लेने से पहले आपको डॉक्टर से सलाह करके अपनी स्थिति के अनुसार इसके डोज लेने चाहिए। यह आपकी सेहत के लिए जरूरी माने जाते हैं। वरिलिरिक्स वैक्सीन 0.5 एमएम के डोज के साथ आती है, जिसमें अमीनो एसिड, लेक्टोस, सॉर्बिटोल और नियोमायसिन (Amino Acids, Lactose, Sorbitol and Neomycin) इत्यादि सब्सटेंस मौजूद होते हैं। लेकिन वरिलिरिक्स वैक्सीन (Varilrix vaccine) के इस्तेमाल के दौरान आपको कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ता है। आइए जानते हैं इससे जुड़ी जानकारी।

और पढ़ें: बच्चों के लिए फ्लू का टीका क्यों होता है जरूरी औ रखनी चाहिए कौन सी सावधानियां?

वरिलिरिक्स वैक्सीन (Varilrix vaccine) किस तरह ली जा सकती है?

वरिलिरिक्स वैक्सीन लेने के लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसे आम तौर पर स्किन की अंदरूनी परत के जरिए दिया जाता है। आमतौर पर इसे हाथ के ऊपरी हिस्से में दिया जाता है। 12 महीने से ज्यादा उम्र के बच्चे और एडल्ट को वरिलिरिक्स वैक्सीन (Varilrix vaccine) की 2 डोज लेने पड़ते हैं, जिसमें 6 सप्ताह का अंतर रखा जाता है। वरिलिरिक्स वैक्सीन लेने से पहले डॉक्टर कई फैक्टर्स पर ध्यान देते हैं, जैसे कि आपका बॉडी वेट, मेडिकल कंडिशन और ली जाने वाली अन्य दवाइयां आदि। जब आप वरिलिरिक्स वैक्सीन लें, तो डॉक्टर द्वारा प्रिसक्राइब किए हुए डोज को ही लिया जाना चाहिए। यह आपकी शारीरिक स्थिति को ध्यान में रखकर दिए जाते हैं और इसे लेने का तरीका भी डॉक्टर द्वारा ही प्रिसक्राइब किया जाना चाहिए।

और पढ़ें: बच्चों के लिए पोलियो वैक्सीन : इस्तेमाल करने से पहले जान लें इससे जुड़ी जानकारी

इस्तेमाल से पहले वरिलिरिक्स वैक्सीन को 2 डिग्री सेल्सियस से 8 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर स्टोर किया जाता है। साथ ही इसे फ्रीजर में स्टोर करना जरूरी है। इसे रूम टेंपरेचर में रखने के 90 मिनट के अंदर-अंदर इस्तेमाल करना जरूरी माना जाता है। साथ ही इसके डोज लेने के बाद इसे वेस्ट वाटर में डिस्पोज नहीं करना चाहिए। इसे डिस्पोज करने का एक खास तरीका होता है, जो फार्मेसिस्ट या डॉक्टर द्वारा किया जाना चाहिए। वरिलिरिक्स वैक्सीन लेने से पहले डॉक्टर आपकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जांच करते हैं, क्योंकि वरिलिरिक्स वैक्सीन (Varilrix vaccine) कुछ मामलों में नहीं ली जानी चाहिए। आइए जानते हैं कौन सी स्थितियों में वरिलिरिक्स वैक्सीन नहीं दी जाती।

और पढ़ें : कौन सी हैं बच्चों के लिए जरूरी वैक्सीन?

वरिलिरिक्स वैक्सीन (Varilrix vaccine) किन लोगों को नहीं लेना चाहिए?

वरिलिरिक्स वैक्सीन से लेने से पहले आपको कई फैक्टर्स पर ध्यान देने की जरूरत पड़ती है ।आमतौर पर वरिलिरिक्स वैक्सीन उन लोगों को नहीं दी जाती, जो किसी खास शारीरिक समस्या से जूझ रहे होते हैं। ये हैं वो समस्याएं, जिसके चलते डॉक्टर आपको वरिलिरिक्स वैक्सीन (Varilrix vaccine) लेने की सलाह नहीं देते –

  • वरिलिरिक्स वैक्सीन से एलर्जी
  • नियोमायसिन से एलर्जी
  • प्रेगनेंसी प्लैनिंग के दौरान
  • प्रेग्नेंसी के दौरान
  • व्यक्ति का इम्यूनोसपरेसिव थेरेपी लेना
  • व्यक्ति में इम्यूनोडिफिशिएंसी होना
  • इम्यून सिस्टम का कमजोर होना
  • फीवर जैसी समस्या होना
  • ट्यूबरक्लोसिस का होना
  • ब्लड अबनॉर्मलिटी का होना

और पढ़ें: प्रिजर्वेटिव फ्री फ्लू वैक्सीन लेना सही है क्या? इसके बारे में आपका जानना बहुत जरूरी है….

ऐसी स्थिति होने पर वरिलिरिक्स वैक्सीन (Varilrix vaccine) व्यक्ति को नहीं दी जाती। इन सब समस्याओं के चलते यदि वरिलिरिक्स वैक्सीन दी जाती है, तो व्यक्ति को कई तरह की कॉम्प्लिकेशन का सामना करना पड़ सकता है। यही वजह है कि डॉक्टर की सलाह के बाद ही व्यक्ति को वरिलिरिक्स वैक्सीन लेनी चाहिए। आइए अब जानते हैं वरिलिरिक्स वैक्सीन के कौन से साइड इफेक्ट आपको दिखाई दे सकते हैं।

वरिलिरिक्स वैक्सीन के हो सकते हैं ये साइड इफेक्ट्स! (Side effect of Varilrix vaccine)

वरिलिरिक्स वैक्सीन (Varilrix vaccine)

अलग-अलग लोगों में वरिलिरिक्स वैक्सीन के अलग-अलग साइड इफेक्ट दिखाई दे सकते हैं। कई बार किसी खास तरह की दवाई के लिए आपका शरीर अनवांटेड रिस्पॉन्स पैदा करता है, जिसे साइड इफेक्ट का नाम दिया जाता है। यह साइड इफेक्ट सामान्य या सीवियर हो सकते हैं। आमतौर पर यह साइड इफेक्ट कुछ समय के लिए दिखाई देते हैं, लेकिन यदि समय के साथ साइड इफेक्ट में आराम ना मिले, तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। वरिलिरिक्स वैक्सीन के साइड इफेक्ट (Side effect of Varilrix vaccine) हर व्यक्ति में दिखाई नहीं देते। कुछ लोगों में इसके सामान्य साइड इफेक्ट दिखाई देते हैं, वहीं कुछ लोगों में यह साइड इफेक्ट सीवियर हो सकते हैं। वरिलिरिक्स वैक्सीन के साइड इफेक्ट से निपटने के लिए आप डॉक्टर से संपर्क करके दवाई ले सकते हैं, जिससे आपको वरिलिरिक्स वैक्सीन (Varilrix vaccine) लेने के बाद आराम महसूस होता है। वरिलिरिक्स वैक्सीन के साइड इफेक्ट के तौर पर आपको यह समस्याएं दिखाई दे सकती हैं –

  • पेट में दर्द
  • ठंड लगना
  • कफ की समस्या
  • कमजोरी
  • बुखार
  • सिर दर्द
  • उल्टी
  • दर्द
  • भूख का कम होना

और पढ़ें: रिसर्च के अनुसार ब्रेस्टफीडिंग करवाने वाली महिलाएं भी ले सकती हैं कोविड 19 वैक्सीन, लेकिन पहले डॉक्टर से जरूर करें कंसल्ट

आमतौर पर कुछ लोगों में इनमें से कुछ साइड इफेक्ट ही दिखाई देते हैं, वहीं कुछ लोगों को वरिलिरिक्स वैक्सीन के साइड इफेक्ट के तौर पर यह सारे सिम्टम्स नजर आते हैं। यदि आपको समय के साथ बेहतर महसूस ना हो, तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। यदि वरिलिरिक्स वैक्सीन के साइड इफेक्ट होते हैं, तो आपको कुछ बातों का खास ध्यान रखने की जरूरत पड़ती है। वरिलिरिक्स वैक्सीन (Varilrix vaccine) के लिए अलग-अलग तरह के प्रिकॉशन लिए जा सकते हैं, जिसके बारे में आप अपने डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं। यदि आप भी वैक्सीन लेना चाहते हैं, तो डॉक्टर से इस बारे में जानकारी लेना ना भूलें।

और पढ़ें: Combe five vaccine: पांच बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करती है ये वैक्सीन!

वरिलिरिक्स वैक्सीन (Varilrix vaccine) लेने से पहले डॉक्टर से लें ये जानकारी

वरिलिरिक्स वैक्सीन लेने से पहले सबसे पहले डॉक्टर से अपना पूरा चेकअप करवाएं और आपको होने वाली एलर्जी और मेडिकल कंडिशन के बारे में पूरी जानकारी दें। यदि आप प्रेग्नेंट है या ब्रेस्टफीड करवा रही हैं, तो आपको वरिलिरिक्स वैक्सीन (Varilrix vaccine) लेना नहीं चाहिए, इसलिए आपको कुछ ज़रूरी बातों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। वरिलिरिक्स वैक्सीन लेने से पहले आपको डॉक्टर से इन सभी विषयों पर जानकारी लेनी चाहिए –

  • वरिलिरिक्स वैक्सीन कब तक कारगर साबित होती है
  • वैक्सीन लेने के बाद किस स्थिति में फीवर आ सकता है
  • यदि इम्यून प्रॉब्लम (Immune problem) है, तो वैक्सीन किस तरह से रिएक्ट कर सकती है
  • आपकी मेडिकल कंडिशन के अनुसार वैक्सीन के क्या साइड इफेक्ट दिखाई दे सकते हैं
  • प्रेगनेंसी में वैक्सीन लेने से क्या दिक्कत हो सकती है
  • ब्रेस्टफीडिंग के दौरान वरिलिरिक्स वैक्सीन (Varilrix vaccine) के क्या साइड इफेक्ट दिखाई देते हैं
  • बच्चों में वरिलिरिक्स वैक्सीन के क्या साइड इफेक्ट हो सकते हैं

और पढ़ें: बच्चों को फ्लू से बचाने में मदद करती है वैक्सीग्रिप वैक्सीन, लेकिन इसके साइड इफेक्ट्स भी जान लें

यह जानकारी लेने के बाद आप वरिलिरिक्स वैक्सीन के लिए खुद को तैयार मान सकते हैं। वरिलिरिक्स वैक्सीन कई तरह की दूसरी मेडिसिन के साथ भी रीऐक्ट कर सकती है, इसलिए यदि आप किसी मेडिकल कंडिशन से गुजर रहे हैं या किसी खास तरह की दवाइयां ले रहे हैं, तो अपने डॉक्टर को इस बारे में जरूर जानकारी दें। वरिलिरिक्स वैक्सीन चिकन पॉक्स से बचाव के लिए जरूरी मानी जाती है, लेकिन आपका शरीर इस वैक्सीन के लिए तैयार है या नहीं यह जानकारी होना बेहद जरूरी है। इसीलिए डॉक्टर से संपर्क करके, पूरी जांच करवाने के बाद ही भी वरिलिरिक्स वैक्सीन (Varilrix vaccine) लेना आपके लिए फायदेमंद साबित होगा।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर badge
Toshini Rathod द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 29/10/2021 को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड