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बच्चों के लिए पोलियो वैक्सीन : इस्तेमाल करने से पहले जान लें इससे जुड़ी जानकारी

बच्चों के लिए पोलियो वैक्सीन : इस्तेमाल करने से पहले जान लें इससे जुड़ी जानकारी

हमारे देश में पोलियो संक्रमण को दूर करने के लिए सरकार बड़े से बड़े कदम उठाती है, ताकि देश को पोलियो मुक्त किया जा सके। पोलियो से लड़ने के लिए और इससे बचने के लिए पोलियो (Polio) के बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है। साथ ही साथ बच्चों के लिए पोलियो वैक्सीन कौन सी इस्तेमाल की जानी चाहिए, इसके बारे में भी जानकारी होना जरूरी है। बच्चों के लिए पोलियो वैक्सीन (Polio vaccine for kids) की बात करें, तो हमारे देश में अलग-अलग वैक्सीन उपलब्ध है, जिसके बारे में आज हम जानेंगे। लेकिन उससे पहले जानते हैं पोलियो के बारे में कुछ खास जानकारी।

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क्या है पोलियो संक्रमण? (Polio Virus)

पोलियो एक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो बच्चों के नर्वस सिस्टम पर अटैक करती है। इस संक्रमण का नाम पोलियो वायरस (Polio) रखा गया है। यह वायरस एक मरीज से दूसरे मरीज में फैलता है और कुछ गंभीर मामलों में मस्तिष्क के साथ-साथ रीढ़ की हड्डी को भी नुकसान पहुंचा सकता है। इस समस्या में सांस लेने में परेशानी होती है और कभी-कभी पोलियो वायरस (Polio Virus) मौत का कारण भी बन सकता है। यही वजह है कि देश में बच्चों को पोलियो की खुराक देने के लिए सरकार लोगों से समय-समय पर अपील करती रहती है। बच्चों के लिए पोलियो वैक्सीन (Polio vaccine for kids) बेहद जरूरी मानी जाती है। बच्चों के लिए पोलियो वैक्सीन के बारे में आगे जाने से पहले जान लेते हैं इसके लक्षण किस तरह से दिखाई दे सकते हैं।

बच्चों में पोलियो के लक्षण (Symptoms of Polio Virus)

आपको बता दें कि पोलियो (Polio) के भी दो प्रकार होते हैं, जिसका पहला प्रकार नॉन पैरालाइटिक पोलियो (Non paralytic polio) है। नॉन पैरालिटिक पोलियो में बच्चे को लकवे की दिक्कत नहीं होती। इसी के साथ ये लक्षण दस से बारह दिनों तक देखे जा सकते हैं –

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इसका दूसरा प्रकार है पैरालाइटिक पोलियो, जो सबसे गंभीर और दुर्लभ माना जाता है। हालांकि पैरालिटिक पोलियो (Polio) के शुरुआती लक्षण नॉन पैरालिटिक पोलियो की तरह होते हैं, लेकिन यदि इस पर ध्यान ना दिया जाए, तो ये लक्षण गंभीर हो सकते हैं –

  • बॉडी की प्रतिक्रिया कम हो जाना (Loss of reflexes)
  • मांसपेशियों में गंभीर दर्द या कमजोरी
  • अंगों में ढीलापन (फ्लेसिड पैरालिसिस)

इसलिए पोलियो संक्रमण से बचने के लिए पोलियो वैक्सीन दी जाती है। बच्चों के जन्म के शुरुआती सालों में ये वैक्सीन बच्चों को दी जानी चाहिए। आइए अब जानते हैं देश में बच्चों के लिए पोलियो वैक्सीन (Polio vaccine for kids) कौन-कौन सी उपलब्ध हैं।

बच्चों के लिए पोलियो वैक्सीन : इन वैक्सीन की ले सकते हैं मदद (Polio vaccine for kids)

बच्चों के लिए पोलियो वैक्सीन (Polio vaccine for kids)

बच्चों के लिए पोलियो वैक्सीन की बात करें, तो हमारे देश में अलग-अलग फार्मा कंपनी पोलियो की वैक्सीन (Polio) बनाती है। ये वैक्सीन पोलियो संक्रमण से लड़ने में कारगर साबित हो सकती हैं। लेकिन डॉक्टर की सलाह के बाद ही बच्चों के लिए पोलियो वैक्सीन का इस्तेमाल करना चाहिए। आइए जानते हैं इन वैक्सीन के बारे में।

इमोवैक्स पोलियो वैक्सीन (Imovax Polio Vaccine)

बच्चों के लिए पोलियो वैक्सीन (Polio vaccine for kids) में ये वैक्सीन (Imovax Polio Vaccine) सनोफी इंडिया लिमिटेड द्वारा बनाई गई है। ये एक प्रिसक्रिप्शन मेडिसिन है, जो तीन अलग-अलग तरह की वैक्सीन को मिलाकर बनाई गई है। यह पोलियो इंफेक्शन में मददगार साबित हो सकती है। ये शरीर के इम्यून सिस्टम को स्टिम्युलेट करती है, जिससे इम्यून सिस्टम पोलियो वायरस (Polio Virus) के खिलाफ काम कर सके। इसे हेल्थ केयर प्रोफेशनल की निगरानी में ही लिया जाना चाहिए और डॉक्टर के प्रिसक्राइब डोज और ड्यूरेशन को ध्यान में रखते हुए ही बच्चों को यह वैक्सीन दी जानी चाहिए।

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पोलियोवैक पीएफएस वैक्सीन (Poliovac PFS Vaccine)

बच्चों के लिए पोलियो वैक्सीन (Polio vaccine for kids) में अगली वैक्सीन है, पोलियोवैक पीएफएस वैक्सीन। यह सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा बनाई गई है। यह एक प्रिसप्शन मेडिसिन है, जो तीन अलग-अलग प्रकार की वैक्सीन के कॉन्बिनेशन से बनाई गई है। यह हमारे इम्यून सिस्टम को स्टिम्युलेट करती है, जिससे हमारा इम्यून सिस्टम पोलियो वायरस के खिलाफ काम कर सके। पोलियो का इंफेक्शन (Polio infection) किसी भी उम्र में व्यक्ति को अपनी गिरफ्त में ले सकता है, इसलिए समय पर वैक्सीन लगाना बेहद जरूरी माना जाता है। पोलियोवैक पीएफएस वैक्सीन (Poliovac PFS Vaccine) को हेल्थ केयर प्रोफेशनल की निगरानी में ही लिया जाना चाहिए। साथ ही साथ डॉक्टर द्वारा प्रिसक्राइब डोज के अनुसार ही इसके डोज लेने चाहिए। बच्चों के लिए पोलियो वैक्सीन की बात हो, तो साइड इफ़ेक्ट के बारे में भी आपको पता होना चाहिए। कई बार आपको इस वैक्सीन के साइड इफेक्ट दिखाई दे सकते हैं, जिसमें फीवर और इंजेक्शन की जगह पर दर्द, सूजन की समस्या हो सकती है।

पोलियोमाइलाइटिस ओरल वैक्सीन (Poliomyelitis Oral Vaccine)

बच्चों के लिए पोलियो वैक्सीन (Polio vaccine for kids) में पोलियोमाइलाइटिस ओरल वैक्सीन (Poliomyelitis Oral Vaccine) का समावेश भी होता है, जिसे बायोमेड फार्मास्यूटिकल्स ने बनाया है। यह एक ओरल वैक्सीन है, जो पोलियो से बचाव के लिए काम करती है। यह पोलियोमाइलाइटिस के खिलाफ काम करती है, जो पोलियो वायरस का कारण बनता है। पोलियो एक गंभीर समस्या है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है और साथ ही साथ आपके ब्रेन और स्पायनल कॉर्ड को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए पोलियोमाइलाइटिस ओरल वैक्सीन (Poliomyelitis Oral Vaccine) का पहला डोज बच्चे के जन्म के दौरान ही दिया जाना चाहिए। इसके बाद इसके अगले 3 डोजेज 6, 10 और 14 सप्ताह में दिए जाने चाहिए। डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसके डोज और लेने का समय तय किया जाता चाहिए। इसलिए यह ओरल वैक्सीन हमेशा डॉक्टर की निगरानी में ही अपने बच्चों को दें।

बाय ओपीवी ओरल वैक्सीन (Bi-OPV Oral Vaccine)

बच्चों के लिए पोलियो वैक्सीन (Polio vaccine for kids) में अगली वैक्सीन है बाय ओपीवी ओरल वैक्सीन (Bi-OPV Oral Vaccine) जिससे पेनएशिया बायोटेक लिमिटेड ने बनाया है। यह पोलियो से बचाव के लिए कारगर साबित हो सकती है। यह पोलियो वायरस का कारण बनने वाली पोलियोमाइलाइटिस से बचाव करती है। पोलियो एक गंभीर वायरस होने के कारण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है, इसलिए समय रहते बच्चों को इसके डोजेज देने जरूरी माने जाते हैं। इसका पहला डोज जन्म के बाद ही बच्चे को दिया जाना चाहिए। वहीं इसके अगले 3 डोज, 6, 10 और 14 सप्ताह में दिए जाते हैं। इस वैक्सीन को डॉक्टर की निगरानी में ही अपने बच्चों को दिया जाना चाहिए।

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बायोपोलियो b1/3 ओरल वैक्सीन (Biopolio B1/3 Oral Vaccine)

बच्चों के लिए पोलियो वैक्सीन (Polio vaccine for kids) में अगली वैक्सीन है बायोपोलियो b1/3 ओरल वैक्सीन (Biopolio B1/3 Oral Vaccine)। यह भारत बायोटेक द्वारा बनाई गई पोलियो वैक्सीन है। यह पोलियो से आपकी सुरक्षा कर सकती है। ये पोलियो वायरस का कारण बनने वाले पोलियोमाइलाइटिस से लड़ती है और वायरस को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने से बचाती है। इसका पहला डोज बच्चों को जन्म के दौरान ही दिया जाना चाहिए, इसके बाद इसके अगले तीन डोज 6, 10 और 14 सप्ताह में दिए जाते हैं। इस वैक्सीन को डॉक्टर की निगरानी में ही दिया जाना चाहिए।

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हमारे देश में बच्चों के लिए पोलियो वैक्सीन (Polio vaccine for kids) कई तरह की उपलब्ध हैं, जो पोलियो से बच्चों का बचाव करती है। इसलिए अपने डॉक्टर से संपर्क करके समय रहते बच्चों को पोलियो वैक्सीन जरूर दें और उन्हें ताउम्र पोलियो वायरस से बचाव के लिए तैयार करें।

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Toshini Rathod द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 24/06/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड