सर्वाइकल दूर करने के लिए करें ये योगासन

    सर्वाइकल दूर करने के लिए करें ये योगासन

    आजकल स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। बहुत-से लोग सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या से परेशान हैं और इससे राहत पाना चाहते हैं। जीवनशैली में असंतुलन, लगातार बैठे रहकर कंप्यूटर पर काम करना, तनाव आदि से स्पॉन्डिलाइटिस बहुत बढ़ता जा रहा है। स्पॉन्डिलाइटिस के लक्षण काफी लोगों में पाए जाते हैं। सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस गर्दन में होने वाले दर्द को कहा जाता है। इसका मुख्य कारण उम्र का बढ़ना, खराब लाइफस्टाइल, तनाव आदि हैं।

    आजकल 60 साल की उम्र तक के लगभग 85% लोगों में यह बीमारी बहुत ही सामान्य है। सर्वाइकल (स्पॉन्डिलाइटिस) को ठीक करने के लिए दवाइयां कुछ हद तक असरदार होती हैं। लेकिन, इससे पूरी तरह से मुक्ति पाने में अगर कोई सबसे अच्छा उपाय है, तो वो है योगा। कुछ योगासन करने से आप सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या से जल्दी और आसानी से राहत पा सकते हैं। जानिए कौन-कौन से हैं यह योगासन।

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    सर्वाइकल के लिए योग 1: मत्स्यासन

    मत्स्यासन यानी मछली की तरह किया जाने वाला आसन। यह योगासन हमारी रीढ़ की हड्डी को मजबूती और लचीलापन प्रदान करता है। इसके साथ ही, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या से राहत मिलती है। इस आसन को करने से हमारे कंधे और गर्दन की मांसपेशियों को भी आराम मिलता है

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    कैसे करें मत्स्यासन?

    • जमीन पर सीधे हो कर लेट जाएं।
    • अपने हाथों को अपने हिप्स के नीचे रखें लेकिन, अपनी हथेलियों को जमीन में ऊपर रखें।
    • सांस लेते हुए अपने सिर और छाती को जमीन से ऊपर उठाएं।
    • छाती को ऊपर की ओर खींचते हुए, धीरे-धीरे अपने सिर को पीछे इस तरह से और तब तक झुकाएं जब तक कि वह धीरे-धीरे फर्श को न छू लें।
    • अपनी कोहनी को फर्श पर रखें और अपने पूरे शरीर का वजन अपनी कोहनी पर डालें। ध्यान रहे कि आपका वजन आपके सिर पर नहीं आना चाहिए। वजन पूरा कोहनियों पर आना चाहिए।

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    • अब अपनी टांगों को जमीन से लगाए रखें और अपनी छाती को ऊपर की ओर खींचने का प्रयास करें। इसी अवस्था में लगभग एक मिनट तक गहरी सांस लें।
    • अब इस पुजिशन से बाहर आएं। इसके लिए अपने सिर को ऊपर उठाएं और अपनी छाती को नीचे की तरफ लाएं। इसके साथ ही, अपने सिर को फर्श पर टिकाएं।
    • अपने हाथों को शरीर के पास लाएं और आराम करें। इस आसन को जितनी बार हो सके, दोहराएं।

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    सर्वाइकल के लिए योग 2: मकरासन

    मकरासन में मकर का अर्थ है मगरमच्छ। यह आसन सर्वाइकल, स्पॉन्डिलाइटिस, कंधों और पीठ के दर्द के साथ-साथ तनाव को दूर करने में भी सहायक है। इसके साथ ही, इस आसन के और भी बहुत से फायदे हैं।

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    कैसे करें मकरासन?

    • मकरासन करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं।
    • अपनी कोहनियों को जमीन पर रख दें और हाथों को चिन पर रख दें। साथ ही, सिर और कंधों को ऊपर की और उठा लें।
    • आपके पैरों के बीच उचित दूरी होनी चाहिए।
    • अपने शरीर को पूरी तरह से ढीला छोड़ दें। अपने ध्यान को केंद्रित करें और सांस लेते रहें।
    • थोड़ी देर बाद आंखें खोलें और फिर से इस आसन को दोहराएं।

    सर्वाइकल के लिए योग 3: भुजंगासन

    भुजंग सांप को कहा जाता है। इसलिए, इस आसन को इंग्लिश में कोबरा आसन भी कहा जाता है। इस आसन को रोजाना करने से कंधे, हाथ, कोहनियां, पीठ आदि की अकड़न दूर होती है और यह सब मजबूत होते हैं। सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस के लिए यह बेहतरीन उपाय है।

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    भुजंगासन को कैसे करें?

    • भुजंगासन को करने के लिए किसी खुली जगह पर पेट के बल लेट जाएं।
    • अपनी चिन को जमीन पर लगाएं। दोनों पैरों को एक दूसरे के पास लाएं, जिससे आपके दोनों पैर और एड़ी एक दूसरे को छुएं।
    • अपनी हथेलियों को कंधों की सीध में लाएं और सांस लेते हुए अपने शरीर के अगले भाग को उठाएं और सिर को पीछे की ओर झुकाएं।
    • ध्यान रहे कि आपकी कमर में अधिक खिंचाव न आए।
    • अब धीरे-धीरे सांस लें और छोड़ दें।
    • सांस को छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में आएं।
    • इस प्रक्रिया को दोहराएं।

    सर्वाइकल के लिए योग 4: धनुरासन

    धनुरासन रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है और लचीला बनाता है। इसके साथ ही यह छाती गर्दन और कंधों की अकड़न को भी दूर करता है जिससे स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या दूर होती है।

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    कैसे करें धनुरासन?

    • धनुरासन को करने के लिए पेट बेल जमीन पर लेट जाएं पैरों के बीच कम दूरी रखें और दोनों हाथों को शरीर के दोनों तरफ सीधे रखें।
    • अब अपने घुटनों को मोड़ें और कमर के पास लाएं, इसके साथ ही एड़ियों को अपने हाथों से पकड़ें।
    • सांस लेते हुए छाती को जमीन से ऊपर उठाएं और एड़ियों को खींचने की कोशिश करें।
    • एड़ियों को खींचते हुए सिर को सीधा रखें। इसी तरह से सांस लें और छोड़ें।
    • इस तरह से आपका शरीर एक धनुष के आकार का होगा।
    • ध्यान रहे इस आसन को करते समय अपने शरीर को अधिक न कसें। कुछ देर बाद सांस खींचते हुए अपने पैर और छाती को फिर से सामान्य स्थिति में वापस लाएं।

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    सर्वाइकल के लिए योग 5: सूर्य नमस्कार

    कोई भी व्यक्ति जिसे गर्दन में दर्द, कंधे में दर्द और सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस हो उसके लिए यह आसन बेहद उपयोगी है। हालांकि, इसे करते समय बेहद सावधान रहना चाहिए। अगर आपको यह आसन नहीं आता, तो किसी विशेषज्ञ के निर्देशों का पालन करते हुए ही इस आसन को करें। इससे रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। सूर्य नमस्कार करने के लिए बारह चरणों का पालन करना होता है। यह 12 आसन इस प्रकार हैं:

    सर्वाइकल के लिए योग 1. प्रणाम आसन

    • सूर्य नमस्कार के पहले आसन को करने के लिए प्रणाम की स्थिति में खड़े हो जाएं।
    • ध्यान लगाएं और सूर्य भगवान को याद और नमस्कार करें।

    सर्वाइकल के लिए योग 2. हस्तोत्तानासन

    • दूसरे आसन को करने के लिए अपने हाथों को ऊपर उठाते हुए पीछे की तरफ ले जाएं।
    • अपने शरीर के सभी अंगों को ऊपर की तरफ खींचने का प्रयास करें।

    सर्वाइकल के लिए योग 3. हस्तपाद आसन

    • तीसरे आसन को करने के लिए आगे की तरफ झुकें।
    • घुटनों को सीधा रखें और हाथों को जमीन से लगा दें।

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    सर्वाइकल के लिए योग 4. अश्व संचालन आसन

    • इस आसन को करने के लिए अपने बाएं पैर को पीछे की तरफ ले जाएं
    • छाती को आगे की तरफ खींचे और दाएं घुटने को मोड़ते हुए जमीन पर रखें।
    • हाथ जमीन पर रखें और ऊपर की ओर देखें।

    सर्वाइकल के लिए योग 5. दंडासन

    • दंडासन करने के लिए अपने दांए पैर को पीछे ले जाएं और एड़ियों को मिला लें।
    • अपनी रीढ़ की हड्डी, हाथ और गर्दन को सीधा रखें।
    • अपनी छाती को ऊपर उठाएं और अपने कंधों को थोड़ा-सा खींचें।

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    सर्वाइकल के लिए योग 6. अष्टांग नमस्कार

    • इस आसन को करने के लिए अपने घुटनों को जमीन पर रखें और कूल्हों को ऊपर उठा लें।
    • आपकी छाती और ठोड़ी को जमीन से छूनी चाहिए।

    सर्वाइकल के लिए योग 7. भुजंग आसन

    • अपनी छाती को ऊपर उठाएं।
    • पैरों के पंजों को जमीन के समांतर रखें।
    • गर्दन को पीछे की तरफ करें और ऊपर देखें।

    सर्वाइकल के लिए योग 8. पर्वत आसन

    • इस आसन में अपने कूल्हों को ऊपर उठायें।।
    • छाती को नीचे झुका कर उलटे V की आकृति बनाएं

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    सर्वाइकल के लिए योग 9. अश्वसंचालन आसन

    • अपने बाएं पैर को पीछे ले जाएं।
    • छाती को सामने ला कर गर्दन को पीछे की तरफ झुकाएं।
    • दोनों हाथों को जमीन पर रखें और बाएं घुटने को भी नीचे रखें।
    • आगे देखें और कूल्हों को नीचे की और ले जाएं।

    सर्वाइकल के लिए योग 10. हस्तपाद आसन

    • इस आसन में दोनों पैरों को साथ में जोड़ें और आगे झुके।
    • हाथ जमीन पर और घुटनों को सीधा रखें।
    • आपने माथे को घुटनों से छुए।

    सर्वाइकल के लिए योग 11. हस्तउत्थान आसन

    • इसमें अपनी रीढ़ की हड्डी को ऊपर उठाइए।
    • अपने हाथों को ऊपर उठाइये और पीछे की तरफ ले जाएं।
    • भुजाओं और गर्दन भी पीछे की तरफ झुकाएं।

    सर्वाइकल के लिए योग 12. ताड़ासन

    • सांस को बाहर छोड़ते हुए पहली वाली मुद्रा में आ जाएं।

    सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस का रोग बिना किसी सर्जरी के ठीक हो जाता है, बस रोगी को सही इलाज, नियमित योग और अपनी अच्छी देखभाल की जरूरत होती है। यही नहीं, मार्जरीआसन, सेतुबंधासन, मत्स्यासन और बाल-शयनासन जैसे आसन भी सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या को दूर करने और गर्दन, पीठ व रीढ़ की हड्डी को मजबूत करने में मददगार होते हैं। आपको सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या है, तो आप नियमित रूप से इन आसनों को करें। अगर आप इन आसनों में निपुण नहीं हैं, तो विशेषज्ञ के निर्देशों के अनुसार ही इन्हें करने की सलाह दी जाती है।

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    सर्वाइकल की समस्या के लिए योग करने के दौरान किन-किन बातों का रखें ख्याल?

    किसी भी योग का सही लाभ मिले इसके लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें। जैसे:

    • आप किन कारणों से योग कर रहें हैं या करना चाहते हैं? सिर्फ फिट रहने के लिए या सर्वाइकल जैसे अन्य बीमारियों से निजात पाने के लिए।
    • योग अभ्यास शुरू करने से पहले योगा एक्सपर्ट से मिलें और योग करने का सही तरीका समझें।
    • योगा मैट अच्छी क्वॉलिटी का खरीदें। यह ध्यान रखें की मैट फिसलने वाला न हो।
    • आरामदायक कपड़े पहन कर योग करें और अपने पास पसीना पोंछने के लिए टॉवल अवश्य रखें।
    • अगर आपके बाल बड़ें हैं, तो उन्हें योग के दौरान टाय (बांध) कर रखें।
    • पौष्टिक आहार का सेवन करें।
    • ब्रीदिंग तकनीक सीखें।

    अगर आप सर्वाइकल के लिए योग या किसी अन्य शारीरिक परेशानियों को दूर करने से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं, तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।

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    Shivani Verma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 31/03/2021 को
    डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड