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बच्चे गुस्से में देते हैं नेगेटिव कमेंट्स, तो इस तरह करें मैनेज

बच्चे गुस्से में देते हैं नेगेटिव कमेंट्स, तो इस तरह करें मैनेज

बच्चे गुस्से में बहुत क्यूट लगते हैं। लेकिन उनके गुस्से को कैसे हैंडल करना है यह भी बहुत जरूरी है। अगर आपका बच्चा गुस्सा करता है और वह गुस्से में आपको कहता है मैं तुमसे नफरत करता हूं तो यह बात आपको अंदर तक परेशान कर सकती है। बच्चे के अंदर इस तरह से नेगेटिव कमेंट करने की आदत बुरी होती है। ऐसा अक्सर होता है कि बच्चे गुस्से में अपने मां-बाप पर चिल्लाते हैं और ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं जो आपको बहुत परेशान कर सकते हैं। ऐसे में जानते हैं जब बच्चे गुस्से में होते हैं तो किस तरह उन्हें डील करना (How to handle angry children) चाहिए।

उदाहरण के लिए अगर आप अपने बच्चे को किसी बात के लिए समझाते हैं और वह गुस्से में रोते हुए वहां से दौड़ता है और वह चिल्लाता है कि मैं तुमसे नफरत करता हूं और अपने कमरे का दरवाजा बंद कर देता है। अपने बच्चे के इन शब्दों को सुनकर आप वहां खड़े रह जाते हैं और ऐसा लगता है मानों आपके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। कुछ ही सेकंड के अंदर, आपका शरीर गुस्से से भर जाता है। आप दरवाजे पर चिल्लाते हैं, “तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई कि तुम मुझसे ऐसे बात करो?” और फिर एक विचार आपको जकड़ लेता है। शायद यह सच हो। हो सकता है कि वह आपसे वास्तव में नफरत करता हो।

आप कैसे जवाब देते हैं? (How to handle angry children)

अगर आपके पास अपने बच्चे को यह कहते हुए सुनने का दुर्भाग्यपूर्ण अनुभव है, “मैं तुमसे नफरत करता हूं”, तो आप इन भावनाओं से परिचित हो सकते हैं। भ्रम, हताशा, गुस्सा, उदासी और चोट।

इन भावनाओं को महसूस करने के बाद आप कुछ ऐसे जवाब देने के लिए मजबूर होते हो: जैसे “आपके कहने का मतलब वो नहीं है।” और, “ठीक है, मैं तुमसे प्यार करता हूँ।” या ये तुम्हारा घर से बहार निकलना बंद!”

दुर्भाग्य से, आपने शायद पाया होगा कि ये प्रतिक्रियाएँ आमतौर पर काम नहीं करती हैं। वास्तव में, कभी-कभी वे चीजों को बदतर बनाते हैं।

काम करने वाली प्रतिक्रिया खोजने के लिए, आपको यह देखना होगा कि आपके बच्चे के कथन के पीछे क्या छिपा है।

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बच्चे गुस्से में क्यों कहते हैं, “मैं तुमसे नफरत करता हूं।”

शब्द “आई हेट यू” अक्सर एक ऑटोमेटिक प्रतिक्रिया होती है। ये शब्द आसानी से कहे जा सकते हैं और अक्सर बिना ज्यादा सोचे लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा यह शब्द इमोशन से भरा होता है। बच्चे गुस्से में अक्सर ऐसा बोल देते हैं।

लेकिन ज्यादातर बच्चों के लिए, यह वाक्यांश बिल्कुल वैसा नहीं है जैसा वे कहना चाहते हैं। ये शब्द मस्तिष्क के भावनात्मक रूप से प्रतिक्रियाशील हिस्से से आते हैं, न कि तार्किक, सोच वाले हिस्से से।

अगर आपका बच्चा शांत था, और उपयोग के लिए किसी और वैकल्पिक शब्द का इस्तेमाल कर अपने विचार व्यक्त करता तो शायद आप ज्यादा सुरक्षित महसूस करते।

आपके बच्चे को आपकी मदद की जरूरत है (Tips for handling an angry Child)

इस बात को सुनने के बाद आप अपने बच्चे में तुरंत सुधार चाहते हैं। आप चाहते हैं कि आपका बच्चा यह कहना बंद कर दे क्योंकि आपने उन्हें यह कहना बंद करने के लिए कहा था। दुर्भाग्यवश, “आई हेट यू,” पर एक अलग प्रतिक्रिया चुनना, ऐसा कुछ है जिसे आपके बच्चे को सीखने और अभ्यास करने की जरुरत है।

कभी भी अपने बच्चे की दूसरे बच्चों के साथ तुलना न करें। इससे भी बच्चा मन ही मन में उग्र हो जाता है। अपने बच्चे पर हमेशा विश्वास बनाकर रखें। यदि आपके बच्चा बहुत आक्रोश में रहता है तो उसके गुस्से पर काबू करने के लिए आप अकेले काफी नहीं हैं। आप उसके शिक्षक, दोस्तों के साथ मिल कर उस पर काम करेंगे तो परिणाम जल्दी मिलेगा।

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बच्चे गुस्से में हो तो इस तरह से जवाब दें: (Angry Child Handling tips)

सहानुभूति के साथ जवाब दें: अपने आप को अपने बच्चे की जगह पर रखें। ऐसा क्या हो रहा था? आपको क्या लगता है कि वे अभी क्या महसूस कर रहे होंगे? “मुझे पता है कि यह तुम्हें सही नहीं लगता है।” या, “मैं अपने खुद के फैसले से असहमत हो सकता हूं।”

दृढ़ सीमाएं निर्धारित करें: अपने बच्चे को बताएं कि किस तरह से वह अपनी भावनाओं को व्यक्त कर सकता है।

गुस्सा शांत होने दें: कभी-कभी आप बातचीत के साथ आगे बढ़ सकते हैं, लेकिन कभी-कभी आपको हर किसी को शांत होने का मौका देना चाहिए। यह किसी को सजा देने या परिणामों के बारे में देने का समय नहीं है।

बच्चे गुस्से में कई गलतियां कर बैठते हैं। इससे बचने के लिए आप अपने बच्चे को बचपन से ही यह बात सिखाएं कि जब भी उसे गुस्सा आए तो उसी समय रिएक्ट न करे। वह कम से कम 5 मिनट रुके फिर बात करे।

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कुछ बातें जो बच्चे के गुस्से को कम करती हैं (Some things that reduce a child’s anger)

  • जिन बच्चों के माता पिता उनकी बात सुनते हैं उन बच्चों को गुस्सा कम आता है।
  • जिन बच्चों की नींद पूरी होती है उन में गुस्सा कम होता है। इसलिए बेहतर होगा आप अपने बच्चे की नींद का विशेष ध्यान रखें।
  • जो बच्चे खेलकूद में भाग लेते हैं वे शांत होते हैं। जितना हो सके बच्चे को खेलकूद में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करें।
  • उन्हें इंडोर गेम्स की जगह आउटडोर गेम्स खेलने के लिए प्रोत्साहित करें। बाहर निकलने से उनका मूड भी चेंज होगा और फिजिकल एक्टिविटीज में हिस्सा लेने से गुस्सा भी शांत हो जाएगा।
  • बच्चे में हो रहे मानसिक और शारीरिक बदलाव को पेरेंट्स समझेंगे तो उन्हें उन पर विश्वास हो सकेगा, वे उग्र नहीं बनेंगे।
  • व्यायाम करने से भी बच्चे को गुस्सा कम आता है।
  • आंसू निकलने से भी गुस्सा कम हो जाता है। इसलिए अगर बच्चा कभी किस चीज को लेकर भावुक हो तो उसके मन में बात रखने से अच्छा होगा कि वह रो ले।

बेशक, “मुझे तुमसे नफरत है” ठीक नहीं है, और यह एक प्रकार का अनादर है। जिस पर आपको ध्यान देने की जरूरत है, लेकिन जब आपका बच्चा बढ़े हुए भावनात्मक स्थिति में होता है, तो वे सीखने के लिए तैयार नहीं होते हैं। वे आपके शिक्षण को दिल से नहीं लेंगे। इससे भविष्य के लिए उनका व्यवहार नहीं बदलेगा। इसलिए अपने बच्चे के गुस्से को शांत होने दें और शांत होने के बाद इस पर बात करें।

हम आशा करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा और गुस्से में बच्चे को डील करना कैसे है? (Angry Child Handling tips) इससे संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गईं होगी। यदि आप इससे जुड़ी अन्य कोई जानकारी चाहते हैं तो आप हमसे कमेंट कर पूछ सकते हैं। आपको यह लेख कैसा लगा यह भी आप हमें कमेंट सेक्शन में बता सकते हैं। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

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लेखक की तस्वीर
Lucky Singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 29/06/2021 को
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड