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एजुकेशन प्लानिंग के लिए इंवेस्टमेंट करते समय रखें इन बातों का ध्यान

एजुकेशन प्लानिंग के लिए इंवेस्टमेंट करते समय रखें इन बातों का ध्यान

सभी मां-बाप की चिंता एक समान ही होती है, खासकर तब जब बात बच्चे की शिक्षा और ब्राइट फ्यूचर की होती है। बच्चों की शिक्षा (Child education) का महत्व ‘ओपरा विनफ्रे’ की इस बात से समझिए, जिसमें वह कहती हैं कि ‘एज्युकेशन दुनिया को अनलॉक करके देखने का जरिया है। बच्चों में शिक्षा उन्हें आजादी से रहने का पासपोर्ट देता है। दि चाइल्ड केयर की पेरेंटिंग काउंसलर आशा गोयल ने हैलो स्वास्थ्य को बताया कि एक माता-पिता की तरह आप भी अपने बच्चे की शिक्षा के लिए अच्छे स्कूल की तलाश में रहते हैं। भारतीय पेरेंट्स के लिए बच्चे की शिक्षा उनके प्राइमरी प्रायॉरिटी में होता है। पेरेंट्स अपनी बजट का एक बड़ा हिस्सा बच्चों की शिक्षा (Child education) के लिए रिजर्व रखते हैं।

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बच्चों की शिक्षा के लिए हर परिवार को बेहतर प्लानिंग करने की जरूरत है। आज के समय में इंजिनियरिंग की पढ़ाई करने में 6 से 20 लाख रुपये खर्च होते हैं। आने वाले समय में यह फीस इससे ज्यादा ही होगी। हर मां बाप अपने बच्चे को अच्छी से अच्छी शिक्षा दिलाना चाहता है। कोई मेडिकल की पढ़ाई कराना चाहता है तो किसी को अपने बच्चे को एमबीए कराना है। ऐसे में किसी भी मा बाप के लिए बच्चों की शिक्षा के लिए पैसों की व्यवस्था करना चिंता वाली बात है।

बच्चों की शिक्षा के लिए किन बातों का रखें ध्यान? (Child Education Planning)

अगर आप भी अपने बच्चों की शिक्षा के लिए प्लानिंग कर रहे हैं, अपने बच्चे की शिक्षा के लिए प्लानिंग करते समय इन पांच बातों का ध्यान रखें, जैसे कि—

  • बच्चों की शिक्षा के प्लानिंग के लिए समय-सीमा तय करें,
  • बच्चे की शिक्षा में आने वाली लागत का अनुमान लगाएं,
  • प्लानिंग के लिए बचाई जाने वाली राशि को फिक्स करें,
  • बच्चों की शिक्षा के लिए अप्रत्याशित खर्चों के लिए तैयार रहें।

समय-सीमा तय करें: (Set a limit)

आपका बच्चे को ग्रेजुएशन या उसके ऊपर की पढ़ाई के लिए कितना समय लगेगा, इस टाइम ड्यूरेशन का अनुमान लगा लें। इस अनुमान से आप सही समय पर सही फैसले ले पाएंगे और फाइनेंशियल प्लानिंग में बहुत हद तक आसानी होगी। आपके पास जितना लंबा समय रहेगा, आपके लिए प्लानिंग पर काम करना उतना ही फायदेमंद होगा। इसलिए जितनी जल्द हो बच्चे की शिक्षा के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग करना शुरू कर दें। ऐसा करके आप बच्चे की एज्युकेशन प्लानिंग के लिए इन्वेस्टमेंट की तरफ पहला कदम बढ़ाएंगे।

लागत का अनुमान लगाएं: (Tips for Child education planning)

समय का अनुमान लगाने के बाद अब आप यह निश्चित करें कि उनकी शिक्षा में लगभग कितना कॉस्ट लग सकता है इस बात का अंदाजा लगाएं। आप बच्चे को कौन सा कोर्स कराना चाहते हैं या वो कौन सा कोर्स करना चाहते हैं। किस कोर्स की कितनी फीस है इसका आइडिया लगाएं। इसके लिए आप परेशान न हों क्योंकि, इसके कई सारे फैक्टर्स हैं जिनसे ये प्रभावित होते हैं, जैसे –

  • बच्चे की शिक्षा को ग्लोबल वैल्यू देना चाहते हैं या देश में ही रहकर वह पढ़ेंगे।
  • क्या उस विषय में (जिसमें बच्चे का इंटरेस्ट हो) आपके शहर में अच्छी इंस्टिट्यूशन हैं या किसी मेट्रो सिटीज में उन्हें जाना पड़ेगा
  • बच्चों की शिक्षा के लिए जब भी प्लानिंग करें तो उनकी पढ़ाई में आनेवाली लागत में स्कूल, कॉलेज आदि के भी खर्चों को शामिल करें।

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प्लानिंग: (Planning)

आज स्कूल-कॉलेज की फीस आसमान पर पहुंच गई है। थोड़ी सी चूक होने पर बच्चे अच्छी शिक्षा से दूर हो सकते हैं। यदि आपकी प्रेजेंट इनकम ज्यादा नहीं है तो अपने मंथली इनकम का अधिकांश हिस्सा बचाने की कोशिश करें। फिजूल-खर्ची से अधिक-से-अधिक बचें। इसलिए आज से ही रेगुलर बेसिस पर सेविंग्स और इंवेस्ट करना शुरू करें। वो कहते हैं न बूंद बूंद से घड़ा भरता है। इसलिए एक अकाउंट बना लें और उसमें हर महीने कुछ न कुछ सेविंग करें। ताकि आपको समय आने पर बैंक से लोन नहीं लेना पड़े या लेना भी पड़े तो बहुत कम लोन की जरूरत पड़े।

अपने आप का पर्याप्त इंश्योरेंस कराएं : (Child Education Planning)

आपको भविष्य में किसी अनहोनी को सोचते हुए ही बच्चे की शिक्षा के लिए प्लानिंग करनी चाहिए। आपने कभी सोचा है कि यदि कोई दुर्घटना हो जाए या असामयिक मृत्यु हो जाए तो बच्चे को बेस्ट एज्युकेशन देने की आपके सपने का क्या होगा? इसलिए आप अपने लाइफ के लिए इंश्योरेंस स्कीम में निवेश करें। भविष्य में किसी दुर्घटना की स्थिति में आपका जीवन-बीमा या हेल्थ इन्स्योरंस की राशि बच्चों की शिक्षा के लिए स्कूल-कॉलेज की फीस चुकाने में हेल्पफुल हो सकेगा।

अप्रत्याशित खर्चों के लिए तैयार रहें: (Child Education Planning tips)

बच्चे की शिक्षा में एक बात का ध्यान रखें कि फीस और उचित खर्च के अलावे भी कुछ एक्स्ट्रा खर्च करने पड़ सकते हैं। बच्चों को स्कूल या कॉलेज जाते समय दी जाने वाली पॉकेट-मनी देखने में छोटी भले लगती हो लेकिन, उन सब को एक साथ जोड़ें तो वह हैवी अमाउंट होता है। ट्यूशन फीस, पॉकेट मनी आदि को ध्यान में रखते हुए हमेशा एक्स्ट्रा सेविंग करने की आदत डालें।

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आप बच्चों की अच्छी भविष्य बनाने के सपने देख रहे हैं तो उसे हकीकत में बदलने का यही समय है। आज से ही बचत करना शुरू करें। इसे आप बच्चों की शिक्षा के लिए भविष्य में खर्च करेंगे। अभी से ही इस ओर सीरियस रहेंगे तो आपको बहुत टाइम मिल जाएगा और बच्चे के एज्युकेशन के लिए अच्छी प्लानिंग कर पाएंगे।

एक्सपर्ट्स के अनुसार बच्चों की एज्युकेशन प्लानिंग के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए: (Education Planning)

आज से शूरू करें सेविंग (Saving is necessary)

बच्चों की शिक्षा के लिए पैसे जुटाने के लिए माता पिता बिना देरी करें आज से ही इन्वेस्टमेंट करना शुरू कर दें। यदि आप देर से पैसे सेविंग करना शुरू करेंगे तो इससे पैसे समय के साथ हो सकता है न सेव हो पाए। जॉब को लेकर कभी भी खतरा हो सकता है। लाइफ में कुछ भी फिक्स नहीं होता है। इसलिए कल का इंतजार न करके आज से ही पैसे जोड़ना शुरू कर दें।

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सही ऑप्शन का चयन करना जरूरी (Choose a right option)

जल्दी शुरुआत करने के बाद आपको पैसे को सही जगह इनवेस्ट करना बहुत जरूरी कदम है। आप सोच रहे होंगे बच्चे के कॉलेज जाने में अभी बहुत समय है। इसके लिए आप इक्विटी फंड में इनवेस्ट कर सकते हैं, लेकिन ऐसा न करें। सारा पैसा रिस्क पर लगाने की बजाय आप इक्विटी फंड में 75% लगा सकता हैं। बाकी के पैसों को गर्वन्मेंट बोंड्स जैसे पीपीएफ, टैक्स फ्री बॉन्ड्स और बैंक डिपॉजिट्स में लगाना बेहतर ऑप्शन है। यदि आपके पास कुछ सेविंग्स हैं तो आप कुछ बेहतरीन रिटर्न वाली संपत्ति में निवेश कर सकते हैं। क्योंकि महंगाई साल दर साल बढ़ती ही जा रही है। आपका बच्चा जितने साल के बाद कोर्स करने जाएगा तब तक उसकी फीस ओर भी ज्यादा हो जाएगी। आप जितनी जल्दी निवेश की शुरुआत करेंगे, आपको बच्चे की पढ़ाई के लिए पैसे जुटाने में उतनी ही सुविधा होगी।

उम्मीद करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। हैलो हेल्थ के इस आर्टिकल में बच्चों की शिक्षा (Child education planning) से जुड़े निवेश को लेकर जानकारी दी गई है। यदि आपका इस लेख से जुड़ा कोई सवाल है, तो आप कमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं। यदि आप इससे जुड़ी अधिक जानकारी पाना चाहते हैं तो इसके लिए आप किसी एक्सपर्ट से संपर्क कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Saving for your children’s education/https://www.moneysmart.gov.au/managing-your-money/saving/saving-for-your-childrens-education/Accessed on 12/12/2019

SAVING FOR EDUCATION – 529 PLANS/https://www.investor.gov/introduction-investing/basics/investment-products/saving-education-529-plans/Accessed on 12/12/2019

THE RIGHT OF CHILDREN TO FREE AND COMPULSORY EDUCATION ACT, 2009. https://www.mhrd.gov.in/sites/upload_files/mhrd/files/upload_document/RTE_Section_wise_rationale_rev_0.pdf. Accessed on 27 August, 2020.

Education. https://www.india.gov.in/topics/education. Accessed on 27 August, 2020.

School Decision-Making Tool for Parents, Caregivers, and Guardians. https://www.cdc.gov/coronavirus/2019-ncov/community/schools-childcare/decision-tool.html. Accessed on 27 August, 2020.

लेखक की तस्वीर
Nikhil Kumar द्वारा लिखित आखिरी अपडेट a week ago को
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