बैरेट इसोफैगस में, इसोफ़ेगस (जो कि मुंह से पेट की तरफ बनी अन्ननली है) की सामान्य टिशू लाइनिंग, इंटेस्टाइन में मौजूद टिशू लाइनिंग की तरह बदलने लगती है। इस रोग से पीड़ित लोगों को प्रभावित भाग में कैंसर होने की संभावना अधिक रहती है लेकिन इसकी संभावना बहुत कम रहती है। बैरेट इसोफैगस के कोई खास लक्षण नहीं हैं, लेकिन इस बीमारी से पीड़ित रोगी में गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज(GERD) के सामान लक्षण भी दिखाई देते हैं।
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विशेषज्ञों के अनुसार इस रोग के लक्षणों की जानकारी नहीं है। अधिकतर लोगों में बैरेट इसोफैगस की स्थिति में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। इस रोग में जो लक्षण दिखाई देते हैं वो गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज(GERD) के समान ही होते हैं। यह लक्षण इस प्रकार हैं:
निम्नलिखित स्थितियों में तुरंत डॉक्टर की सलाह लें, अगर आपको :
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निम्नलिखित स्थितियों में बैरेट इसोफैगस का जोखिम बढ़ जाता है:
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बैरेट इसोफैगस के निदान के लिए डॉक्टर सबसे पहले आपसे इस बीमारी के लक्षण जानेंगे। हालांकि इसके लक्षण अन्य रोगों के समान हो सकते हैं, इसलिए आपको कुछ टेस्ट कराने के लिए कहा जा सकता है।
बैरेट इसोफैगस की बीमारी होने पर आमतौर पर एंडोस्कोपी कराई जाती है। इसके लिए कैमरे के साथ वाली एक ट्यूब गले में डाली जाती है, ताकि बदलते हुए इसोफैगस टिश्यू के बारे में पता चले। सामान्य इसोफैगस में टिश्यू पीले और चमकीले होते हैं। लेकिन बैरेट इसोफैगस की स्थिति में यह टिश्यू लाल और वेलवेटी हो जाते हैं। अगर आपके टिश्यू लाल और वेलवेटी हैं, तो डॉक्टर बायोप्सी से इन टिशूओं को आपके गले से निकाल देंगे। बायोप्सी किये हुए टिश्यू कितने बदले हैं यह जानने के लिए उन्हें पहले जांचा जाता है।
डॉक्टर इन टिशूओं की जांच करेंगे क्योंकि इसोफैगस में डिसप्लेसिया का निदान करना मुश्किल हो सकता है। आपके टिश्यू को इस तरह से तीन हिस्सों में बांटा जा सकता है:
जिन लोगों में गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज(GERD) के लक्षण दिखाई दें और जिन्हे प्रोटोन पंप इन्हीबिटर दवाइयों के सेवन से कोई फर्क न पड़े, उन्हें स्क्रीनिंग की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, इन स्थितियों में भी स्क्रीइंग कराई जा सकती है।
इस बीमारी का उपचार इसोफैगस में पेट की कोशिकाओं के विकास की दर और रोगी के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है।
अगर आपकी बायोप्सी यह दर्शाती है कि अपने शरीर में कोई डिस्प्लेसिया नहीं है तो आपको एक साल तक लगातार एंडोस्कोपी करानी चाहिए और उसके बाद हर तीन साल के बाद एंडोस्कोपी कराएं।
अगर आपको बायोप्सी लौ ग्रेड डिस्प्लेसिया दिखाती है तो डॉक्टर आपको हर 6 महीने बाद एंडोस्कोपी के लिए कह सकते हैं। लेकिन इसोफैगस कैंसर का जोखिम होने पर आपको उपचार की सलाह तभी दी जा सकती है जब निदान पूरा हो जाए। इसका उपचार इस प्रकार है:
हाई ग्रेड डिस्प्लेसिया की स्थिति में इन उपचारों का सहारा लिया जाता है:
उपचार के बाद भी बैरेट इसोफैगस की समस्या फिर से हो सकती है। इसके लिए आपको समय-समय पर अपने डॉक्टर से चेकअप कराना चाहिए। अगर आप असामान्य इसोफैगस टिश्यू को निकालने के लिए सर्जरी के अलावा कोई अन्य उपचार चाहते हैं तो डॉक्टर आपको दवाइयां दे सकते हैं। जिससे आपके शरीर में एसिड कम होगा और इसोफैगस को ठीक होने में मदद मिलेगी।
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कुछ घरेलू उपाय और लाइफस्टाइल में परिवर्तन कर के आप बैरेट इसोफैगस से राहत पा सकते हैं, यह उपाय इस प्रकार हैं :
हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है, अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/barretts-esophagus/symptoms-causes/syc-20352841 20 march 2020
https://www.asge.org/home/for-patients/patient-information/understanding-barrett-39-s-esophagus 20 march 2020
https://www.niddk.nih.gov/health-information/digestive-diseases/barretts-esophagus 20 march 2020
https://www.healthline.com/health/barretts-esophagus 20 march 2020
https://medlineplus.gov/ency/article/001143.htm 20 march 2020
https://my.clevelandclinic.org/health/diseases/14432-barretts-esophagus 20 march 2020
Current Version
11/05/2021
Anu sharma द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. प्रणाली पाटील
Updated by: Toshini Rathod