डिस्फेजिया और गर्ड : जो बन सकते हैं परेशानी का सबब!

    डिस्फेजिया और गर्ड : जो बन सकते हैं परेशानी का सबब!

    क्या अक्सर आपको खाना खाते वक्त खाना निगलने में परेशानी होती है? क्या आपको ऐसा महसूस होता है कि खाना आपके गले में बार-बार अटक रहा है? तो आपको डिस्फेजिया की समस्या हो सकती है। डिस्फेजिया के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन एक खास कारण जिसके बारे में आज हम बात करने जा रहे हैं, वह है गर्ड। गेस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज और डिस्फेजिया दोनों एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। आज हम जानेंगे की डिस्फेजिया और गर्ड (Dysphagia and GERD) एक दूसरे से कैसे जुड़े हुए हैं और इसकी वजह से आपको किस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आइए उससे पहले डिस्फेजिया के बारे में हम कुछ बातें जान लें।

    और पढ़ें: Hyperacidity : हायपर एसिडिटी या पेट में जलन​ क्या है?

    क्या हैं डिस्फेजिया के प्रकार? (Types of dysphagia)

    खाना निगलने के यानी की स्वॉलोईंग के चार फेज होते हैं, ओरल प्रिपरेटरी, ओरल, फेरेंजियल और इसोफेगस (oral preparatory, oral, pharyngeal, and esophageal)। वहीं खाना निगलने की समस्याओं को दो भागों में विभाजित किया गया है, ऑरोफेरेंजियल और इसोफेगल। इन दोनों समस्याओं में आपको किन तकलीफों का सामना करना पड़ता है, आइए जानते हैं

    ऑरोफेरेंजियल डिस्फेजिया (Oropharyngeal)

    ऑरोफेरेंजियल डिस्फेजिया गले की नस और मांसपेशियों में आए डिसऑर्डर की वजह से हो सकता है। इस डिसऑर्डर में गले की मांसपेशियां कमजोर हो जाती है और इसी वजह से व्यक्ति को खाना निगलने में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके चलते आपको चोकिंग (Choking) की समस्या हो सकती है। आपको ऑरोफेरेंजियल डिस्फेजिया कई कारणों के चलते हो सकता है, जिसमें –

    ये कारण हो सकते हैं। ऑरोफेरेंजियल डिस्फेजिया आपको गले और गर्दन के कैंसर के चलते भी हो सकता है। इसके कारण आपके अपर थ्रोट में रुकावट पैदा होती है और आप खाना नहीं निगल पाते। अब बात करते हैं इसोफेगल डिस्फेजिया की

    और पढ़ें: एक्यूट गैस्ट्राइटिस : पेट से जुड़ी इस समस्या को इग्नोर करना हो सकता है खतरनाक!

    इसोफेगल डिस्फेजिया (Esophageal)

    इसोफेगल डिस्फेजिया (Esophageal dysphagia) को महसूस तब किया जाता है, जब आपको बार-बार लगे कि गले में आपका खाना अटका हुआ है। ये समस्या कई कारणों की वजह से हो सकती है –

    • लोअर इसोफेगस में स्पाज्म की तकलीफ
    • लोअर इसोफेगस में कसाव
    • इसोफेगस का संकरापन
    • गर्ड की समस्या के चलते इसोफेगस में सूजन

    ये सभी कारण आपको डिस्फेजिया की तकलीफ दे सकते हैं आइए अब बात करते हैं डिस्फेजिया और गर्ड (Dysphagia and GERD) के बारे में।

    और पढ़ें: एसिडिटी में आराम दिलाने वाले घरेलू नुस्खे क्या हैं?

    डिस्फेजिया और गर्ड : ये तकलीफें कुछ ऐसे जुड़ी हैं एक-दूसरे से (Dysphagia and GERD)

    डिस्फेजिया और गर्ड (Dysphagia and GERD)

    डिस्फेजिया और गर्ड (Dysphagia and GERD) एक दूसरे से कैसे जुड़े हुए हैं, यह जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। जैसा कि आप जानते हैं स्टमक एसिड्स जब बार-बार रिफ्लक्स होकर आपके इसोफेगस में आते हैं, तो इसकी वजह से इसोफेगस में जलन की समस्या होती है। एसिड रिफ्लक्स के सीवियर केस के चलते आपको डिस्फेजिया (Dysphagia) की तकलीफ भी हो सकती है एसिड रिफ्लक्स के कारण आपके इसोफेगस में दरारे आ सकती हैं, जिसकी वजह से इसोफेगस संकरा हो सकता है। इस स्थिति को इसोफेगल स्ट्रिक्चर कहते हैं।

    कई केसेस में गर्ड के कारण इसोफेगस के डैमेज हो जाता है, जिसकी वजह से डिस्फेजिया ((Dysphagia) की तकलीफ होती हैइस तरह डिस्फेजिया और गर्ड एक दूसरे से जुड़े हुए हैंआइए अब जानते हैं डिस्फेजिया की समस्या में आपको कौन से लक्षण दिखाई देते हैं

    कैसे होते हैं डिस्फेजिया के लक्षण? (Symptoms of dysphagia)

    डिस्फेजिया के लक्षण अलग-अलग लोगों में अलग-अलग तरह से हो सकते हैंकुछ लोगों को सॉलि़ड फूड निगलने में तकलीफ होती है, तो कुछ लोग तरल पदार्थ आसानी से नहीं निगल सकतेलेकिन इसके कुछ आम लक्षण भी हैं, जिसका सामना आपको डिस्फेजिया (Dysphagia) में करना पड़ सकता है जो इस प्रकार हैं –

    • निगलने में दर्द
    • गले में खराश
    • घुटन
    • खांसी
    • भोजन को गले में फंसा हुआ महसूस करना
    • चेस्ट में जलन
    • गला बैठना

    आपको जानकार हैरानी होगी कि कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे भी हैं, जो डिस्फेजिया और गर्ड (Dysphagia and GERD) की समस्या को बड़ा सकते हैं –

    आइये अब जान लेते हैं कि डिस्फेजिया और गर्ड (Dysphagia and GERD) की इस दिक्कत से कैसे बचा जा सकता है और इसका ट्रीटमेंट कैसे किया जा सकता है

    और पढ़ें: इन 5 आयुर्वेदिक फूड्स को डायट में शामिल करने से नहीं होगी सर्दियों में एसिडिटी की समस्या!

    ऐसे हो सकता है डिस्फेजिया और गर्ड का इलाज (Treatment of Dysphagia and GERD)

    डिस्फेजिया और गर्ड दोनों की समस्या एक दूसरे से जुड़ी हुई है, जिसके कारण आपको कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है ऐसी स्थिति में जरूरी है कि इसके लिए सही ट्रीटमेंट लिया जाए। डिस्फेजिया और गर्ड (GERD) की समस्या को ठीक करने के लिए आप इन ट्रीटमेंट का इस्तेमाल कर सकते हैं

    मेडिकेशन (Medication)

    डिस्फेजिया और गर्ड (Dysphagia and GERD) की समस्या को ठीक करने का ये एक सटीक इलाज हो सकता है इसमें आप प्रोटोन पंप इन्हिबिटर (PPI) का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो स्टमक एसिड को कम करके गर्ड की समस्या में आराम दिलाते हैं ये मेडिसिन इसोफेगस में आए इरोजन को भी कम करते हैं, जिसकी वजह से डिस्फेजिया की तकलीफ में आराम मिलता है इन दवाओं में शामिल है –

    • इसोमेप्रोजोल (esomeprazole)
    • लैंसोप्रोजोल (lansoprazole)
    • ओमेप्रोजोल (omeprazole)
    • पेंटोप्रोजोल (pantoprazole)
    • रेबेप्रोजोल (rabeprazole)

    इन सभी मेडिसिन्स को आप डॉक्टर की सलाह अनुसार ले सकते हैं

    और पढ़ें: कब्ज से छुटकारे में ये सप्लिमेंट्स दे सकते हैं आपका साथ

    लाइफस्टाइल में बदलाव (Lifestyle changes)

    डिस्फेजिया और गर्ड (Dysphagia and GERD)

    लाइफस्टाइल में बदलाव लाकर आप डिस्फेजिया और गर्ड की समस्या में आराम पा सकते हैं आपको कुछ बातों पर ध्यान देने की बेहद जरूरत है जैसे कि एल्कोहॉलिक बेवरेज या निकोटिन युक्त खाद्य पदार्थों से आपको दूरी बनानी होगी। स्मोकिंग और एल्कोहॉल आपके इसोफेगस में इरिटेशन पैदा कर सकते हैं और हार्टबर्न का कारण बनते हैं ऐसी स्थिति में आप डॉक्टर की सलाह से मेडिसिन लेकर और एल्कोहॉल और स्मोकिंग से दूर रहकर डिस्फेजिया और गर्ड (Dysphagia and GERD) की समस्या में आराम पा सकते हैं

    इसके बाद आती है खाने की बारी जैसा कि सभी जानते हैं हम आम तौर पर दिन में 3 बड़े मील्स लेते हैं लेकिन इसके बजाय यदि आप थोड़े थोड़े समय में छोटे मील्स लेकर खाएं, तो आपको डिस्फेजिया की तकलीफ से आराम मिल सकता है

    यदि आपको कठोर खाद्य पदार्थों को निगलने में तकलीफ होती है, तो आप लिक्विड डायट या नर्म खाद्य पदार्थों को भी खा सकते हैं ऐसे खाद्य पदार्थ, जो चिपचिपे होते हैं, आपको उन से दूसरी बनानी चाहिए, क्योंकि इसे निगलने में समस्या का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही साथ आपको खाने में भरपूर न्यूट्रिएंट्स लेने चाहिए। डिस्फेजिया और गर्ड की समस्या में आपको अपनी न्यूट्रिश्नल नीड पर ध्यान रखने की जरूरत पड़ती है, इसलिए आपको डॉक्टर की सलाह के बाद खाने में जरूरी न्यूट्रिएंट्स लेने की जरूरत पड़ सकती है

    और पढ़ें: पाचन तंत्र को करना है मजबूत तो अपनाइए आयुर्वेद के ये सरल नियम

    अब आप ने जाना कि किस तरह डिस्फेजिया और गर्ड (Dysphagia and GERD) की समस्या आपको लंबे समय तक तकलीफ दे सकती है, इसलिए डिस्फेजिया और गर्ड का सही इलाज करना बेहद जरूरी है। डिस्फेजिया एक डरा देने वाला अनुभव हो सकता है, ऐसी स्थिति में गर्ड के लक्षणों का इलाज करके हम डिस्फेजिया में आराम पा सकते हैं।

    हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

    लेखक की तस्वीर badge
    Toshini Rathod द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 09/05/2022 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड