क्या गर्भावस्था में धूम्रपान बन सकता है स्टिलबर्थ का कारण?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जुलाई 24, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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सिगरेट पीना शरीर के लिए हानिकारक होता है। ये न सिर्फ होने वाली मां को नुकसान पहुंचाता है बल्कि गर्भावस्था में धूम्रपान के कारण स्टिलबर्थ भी हो सकता है। स्टिलबर्थ से मतलब मरे हुए बच्चे के पैदा होने से है। सिगरेट में हानिकारक तत्व जैसे निकोटिन, कार्बन मोनो ऑक्साइड और टार होता है। स्मोकिंग प्रेग्नेंसी में कॉम्प्लिकेशन बढ़ाने का काम करती है। गर्भावस्था में धूम्रपान के कारण स्टिलबर्थ की समस्या के साथ ही अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। हैलो स्वास्थ्य के इस आर्टिकल के माध्यम से जानिए कि किस तरह से प्रेग्नेंसी के दौरान स्मोकिंग खतरनाक साबित होती है? यह गर्भ में पल रहे शिशु और गर्भवती महिला को किस तरह से नुकसान पहुंचा सकती है?

और पढ़ें : प्रेंग्नेंसी की दूसरी तिमाही में होने वाले हॉर्मोनल और शारीरिक बदलाव क्या हैं?

जानिए गर्भावस्था में धूम्रपान से कितना बढ़ता है स्टिलबर्थ का खतरा?

गर्भावस्था में धूम्रपान के कारण होने वाली संतान में खतरे को जांचने के लिए महिलाओं के खून की जांच की गई। कोटिनीन यानी निकोटीन के डेरिवेटिव्स और फीटस की गर्भनाल डोरियों का परीक्षण करने के लिए मां के खून की जांच की गई। ब्लड टेस्ट (blood test) के दौरान स्मोकिंग के कारण स्टिलबर्थ (still birth)के जोखिम को जांचा गया। इसके बाद ये नतीजे समाने आए।

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  • गर्भावस्था में धूम्रपान करने वाली महिलाओं में – 1.8 से 2.8 गुना स्टिलबर्थ का खतरा बढ़ जाता है।
  • गर्भावस्था में मरिजुआना का उपयोग करने वाली महिलाओं में- 2.3 गुना स्टिलबर्थ का खतरा बढ़ जाता है।
  • पेनकिलर का यूज करने वाली महिलाओं में- 2.2 गुना स्टिलबर्थ का खतरा बढ़ जाता है।
  • टबेको के पेसिव एक्सपोजर के कारण – 2.1 गुना स्टिलबर्थ का खतरा बढ़ जाता है।

प्लेसेंटा प्रेविया (Placenta Previa)

गर्भावस्था में धूम्रपान की वजह से प्लेसेंटा प्रेविया की स्थिति पैदा ही सकती है। इसमें नाल गर्भाशय के निचले हिस्से में विकसित होता है जो शिशु के जन्म से पहले अलग हो सकता है। प्लेसेंटा प्रेविया के कारण अत्यधिक ब्लीडिंग और मिसकैरिज की स्थिति की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही शिशु का जन्म समय से पहले ही हो सकता है। इस सिचुएशन में ज्यादातर शिशु का जन्म सी-सेक्शन द्वारा होता है।

और पढ़ें : स्टिलबर्थ का खतरा कैसे करें कम?

एक्टोपिक प्रेग्नेंसी (Ectopic pregnancy)

प्रेग्नेंसी में स्मोकिंग करने की वजह से एक्टोपिक गर्भावस्था हो सकती है। दरअसल, निकोटीन फैलोपियन ट्यूब में संकुचन की वजह बन सकता है जिससे निषेचित अंडे को गर्भाशय में पहुंचने से रोका जाता है। नतीजन, एक्टोपिक प्रेग्नेंसी यानी अस्थानिक गर्भावस्था होती है।

 पेसिव स्मोकिंग हो सकती है जानलेवा

स्मोकिंग से गर्भ में पल रहे बच्चे को खतरे के साथ ही महिला या पुरुष की फर्टिलिटी भी प्रभावित होती है। अमेरिकन सोसायटी फॉर रिपोडक्टिव मेडिसिन के अनुसार गर्भावस्था की पहली तिमाही के दौरान होने वाली मां या फिर पिता स्मोकिंग करते हैं तो बच्चे पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। सेकेंड हैंड स्मोक फीटस के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। इसके अलावा शिशु को अस्थमा और फेफड़े से संबंधित बीमारी गर्भ में ही हो सकती हैं।

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स्लो हो जाता है फीटल डेवलपमेंट

स्मोकिंग के कारण फीटस का डेवलपमेंट धीमा हो जाता है। यू एस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, स्मोकिंग के कारण अर्ली मिसकैरिज और स्टिलबर्थ के केस में इजाफा हुआ है। प्रेग्नेंसी के पहले तीन महीने के दौरान मिसकैरिज की संभावना अधिक रहती है, वहीं कुछ केस में ये 20 सप्ताह बाद भी हो सकता है। इसे स्टिलबर्थ कहते हैं।

प्लेसेंटा एबॉर्शन (Placental Abruption)

गर्भावस्था में धूम्रपान प्लेसेंटा से संबंधित जटिलताओं के लिए एक रिस्क फैक्टर जो है। इस जटिल स्थिति में नाल शिशु के जन्म से पहले गर्भाशय से अलग हो जाती है। इसकी वजह से आपातकालीन प्रसव की जरूरत भी पड़ सकती है।

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प्लासेंटा का खराब हो जाना

प्रेग्नेंसी के दौरान प्लेसेंटा फीटस को पोषण देने का काम करता है। प्लेसेंटा को फीटस की लाइफलाइन कहा जाता है। न्यूट्रिएंट्स के साथ ही प्लेसेंटा फीटस को ऑक्सिजन भी पहुंचाने का काम करता है। स्मोकिंग के कारण प्लेसेंटा यूट्रस से अलग हो सकता है जिसके कारण ब्लीडिंग अधिक होने की संभावना रहती है। कई बार मेडिकल अटेंशन न मिल पाने के कारण होने वाले बच्चे को खतरा हो सकता है। ये स्टिलबर्थ का कारण भी बन सकता है।

गर्भावस्था में धूम्रपान के कारण हो सकता है प्रीटर्म बर्थ

स्मोकिंग के कारण स्टिलबर्थ होने के साथ ही ये प्रीटर्म बर्थ का कारण भी बन सकता है। प्रीटर्म बर्थ में बच्चा समय से पहले पैदा हो जाता है। प्रीटर्म बर्थ होने से कई रिस्क हो सकते हैं।

  • मेंटल डिसेबिलिटी (mental disability)
  • विजुअल और हियरिंग प्रॉब्लम
  • सीखने व व्यवहार करने की क्षमता में समस्या
  • कॉम्प्लिकेशन के कारण बच्चे की मृत्यु

बेबी का वेट हो जाता है कम

गर्भावस्था में धूम्रपान के कारण पैदा होने वाले बच्चे का वेट कम जाता है। वेट कम होने से मतलब बच्चा छोटा होने से नहीं है। लो बर्थ वेट के कारण बच्चे में हेल्थ प्रॉब्लम के साथ ही डिसेबिलिटी की समस्या भी बढ़ जाती है। स्मोकिंग के कारण सीरियस प्रॉब्लम हो सकती है जैसे देर से डेवलपमेंट होना, सुनने या फिर देखने में समस्या, मस्तिष्क संबंधि समस्या आदि।

गर्भावस्था में धूम्रपान से शिशु में हाेने वाले जन्म दोष

प्रेग्नेंसी के दौरान स्मोकिंग करने की वजह से शिशु में कुछ जन्मजात दोष भी देखने को मिल सकते हैं। जैसे-

  • क्रैनियोफेशियल असामान्यताएं (Craniofacial abnormalities) जैसे-कटे होंठ या तालु
  • जन्मजात हृदय दोष (Congenital heart defects )
  • अन्य संरचनात्मक दिल की असामान्यताएं ( Other structural heart abnormalities )
  • प्रसव के बाद शिशु में आकस्मिक नवजात मृत्यु सिंड्रोम (sudden infant death syndrome risk) हो सकता है।

गर्भावस्था में धूम्रपान छोड़ना बहुत जरूरी है। यहां तक कि सेकेंड हैंड स्मोकिंग से भी प्रेग्नेंट महिलाओं को दूर रहना चाहिए। पैसिव स्मोकिंग भी शिशु और गर्भवती महिला के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है। इसके अलावा ई-सिगरेट भी कम हानिकारक नहीं है। प्रेग्नेंसी पीरियड में इसके सेवन से भी बचना चाहिए। प्रेग्नेंसी के समय ऐसी किसी भी चीज का सेवन न करें जो आपके शरीर के साथ ही होने वाले बच्चे पर भी बुरा असर डाले। अगर आप प्रेग्नेंसी के पहले से ही स्मोकिंग कर रही हैं या फिर आपके पति स्मोकिंग कर रहे हैं तो गर्भावस्था में धूम्रपान छोड़ने की कोशिश करें। अगर आप ऐसा नहीं कर पा रही हैं तो एक बार अपने डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। उ

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